Connect with us

देश

ग्लोबल मार्केट में सोने में बड़ी गिरावट, 2 महीने के निचले स्तर पर आई कीमतें

Published

on

मुंबई, एजेंसी। गुरुवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच डॉलर मजबूत हुआ और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई, जिस का असर गोल्ड पर पड़ा। इसी के चलते वैश्विक बाजार में सोना दो महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

स्पॉट गोल्ड करीब 1.37% गिरकर 4,387 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी बड़ी गिरावट देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। इंटरनेशनल मार्केट में आई इस गिरावट का असर भारतीय कमोडिटी मार्केट में भी देखने को मिल सकता है। भारत में बकरीद के कारण आज MCX पर सुबह का कारोबार बंद है।

तेल की तेजी से बढ़ी महंगाई की चिंता

अमेरिका द्वारा ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर किए गए हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2% की तेजी आई। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है, जिसका असर ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महंगाई बढ़ती है, तो Federal Reserve System ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि इससे डॉलर मजबूत होता है और गोल्ड की मांग कमजोर पड़ती है।

फेड के बयान पर बाजार की नजर

फेड अधिकारी लिसा कुक ने कहा कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की जरूरत नहीं है, लेकिन महंगाई बढ़ने की स्थिति में दरें बढ़ाई जा सकती हैं। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है, जो आगे सोने और अन्य कीमती धातुओं की दिशा तय कर सकते हैं। सोने के साथ-साथ चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। 

Continue Reading

देश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया इस्तीफे का ऐलान, मुख्यमंत्री आवास पहुंचे शिवकुमार

Published

on

बेंगलुरु, एजेंसी।  कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आवास पर आयोजित नाश्ते के दौरान अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को अपने पद छोड़ने के फैसले की जानकारी दी। नाश्ते की बैठक में उनके वर्तमान उप मुख्यमंत्री और संभावित उत्तराधिकारी डी.के. शिवकुमार और अन्य मंत्रिमंडल के सहयोगी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई एक तस्वीर में, सिद्धारमैया भावुक शिवकुमार को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में, मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार शिवकुमार सिद्धारमैया के पैर छूते और उनका आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, पार्टी उच्च कमान द्वारा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने के लिए कहे जाने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से नियुक्ति का अनुरोध किया।

हालांकि, लोक भवन सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने अभी तक राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय नहीं मांगा है, जो निजी कारणों से अपने गृह नगर इंदौर के लिए रवाना हो गए हैं। दक्षिणी राज्य में नए मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा में राजनीतिक माहौल गरमा रहा है। बुधवार को कर्नाटक के प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने राज्य में अपने विधायक दल की बैठक नहीं बुलाई है और अभी तक कोई अन्य निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे पर अटकलें न लगाने का अनुरोध किया।

विधानसभा दल अपने नेता का चयन करता है, जो मुख्यमंत्री पद के लिए स्वाभाविक पसंद होता है। बुधवार को यहां पहुंचे सुरजेवाला ने सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कांग्रेस हाई कमांड ने कथित तौर पर सिद्धारमैया को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा और उन्हें राज्यसभा सीट के साथ पार्टी में एक केंद्रीय भूमिका की पेशकश की। खबरों के अनुसार, सिद्धारमैया ने तुरंत केंद्रीय भूमिका स्वीकार नहीं की है।

कुछ सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी से सीधे संदेश मिलने के कारण पद छोड़ने का फैसला किया होगा। मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि यदि लोकसभा में विपक्ष के नेता उनसे ऐसा करने को कहेंगे तो वे पद छोड़ देंगे। मंगलवार को पार्टी द्वारा सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया गया, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे, पार्टी के महासचिव के सी वेणुगोपाल और सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं।  

Continue Reading

देश

PM मोदी और मायावती ने दी बकरीद की मुबारकबाद, BSP सुप्रीमो बोलीं-‘हमारी सरकार में रहा कानून का राज’

Published

on

लखनऊ, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ईद उल-अजहा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि यह पर्व समाज में भाईचारे एवं खुशी की भावना को और गहरा करेगा। ईद उल-अजहा यानी बकरीद गुरुवार को देश के अधिकांश हिस्सों में मनाई जा रही है। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ईद उल-अजहा की बधाई ! यह पर्व हमारे समाज में भाईचारे व खुशी की भावना को और गहरा करे। सभी की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए कामना करता हूं।

मायावती ने दी बकरीद की मुबारकबाद, शांति और भाईचारे से त्योहार मनाने की अपील 
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मायावती ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ईद-उल-अजहा, अर्थात आम बोलचाल की जुबान में बकरीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद। साथ ही समस्त देशवासियों के खुश व खुशहाल जिन्दगी की शुभकामनाएं।” उन्होंने अपील की कि सभी, पर्व व त्योहार पूरी शान्ति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाए जाएं।

मायावती ने कहा कि यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर रहेगा, ताकि देश-प्रदेश के विकास और यहां के लोगों की तरक्की पर पूरी ऊर्जा, शक्ति व संसाधन लग सकें।” पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में रही बसपा की चारों सरकारों में हमेशा ‘कानून द्वारा कानून का राज’ रहा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकारें पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी और ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली बेहतरीन सरकारें थीं।

Continue Reading

देश

स्पेस में ISRO की बड़ी खोज, Chandrayaan-2 ने चांद के साउथ पोल पर खोज डाली ‘बर्फ’

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। एक नए अध्ययन में चंद्रमा के south polar क्षेत्र के कुछ सबसे ठंडे गड्ढों (crater) के नीचे बर्फ मौजूद होने के मजबूत संकेत मिलने का दावा किया गया है। अध्ययन में Double Shadowed Craters पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो चंद्रमा के स्थायी रूप से छायायुक्त क्षेत्रों (psr) के भीतर स्थित विशेष प्रकार के गड्ढे हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इस अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे भविष्य में, पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह की सतह पर उतरने के संभावित स्थलों और स्थानीय संसाधन उपयोग गतिविधियों के लिए बर्फ युक्त क्षेत्रों की पहचान में मदद मिल सकती है। यह अध्ययन अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के वैज्ञानिकों ने किया है।

विश्लेषण के लिए वैज्ञानिकों ने Chandrayaan-2 Orbiter के ‘Dual Frequency Synthetic Aperture Radar’ (DFSAR) से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन किया। यह एक प्रकार की मानचित्रण तकनीक है, जिसमें दो अलग-अलग रेडियो तरंग आवृत्तियों का उपयोग कर सतह की विस्तृत तस्वीरें ली जाती हैं। इसरो ने कहा कि स्थायी रूप से छायायुक्त क्षेत्र लगातार सूर्य के प्रकाश और ऊष्मीय विकिरण से सुरक्षित रहने के कारण अत्यधिक ठंडे बने रहते हैं। यही वजह है कि इन्हें लंबे भू-वैज्ञानिक कालखंड तक जल-बर्फ को सुरक्षित रखने के लिए अनुकूल माना जाता है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677