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बिज़नस

चीन से रिकॉर्ड स्तर पर बाहर जा रहा पैसा, एक साल में $1 ट्रिलियन भेजे गए विदेश

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बीजिंग, एजेंसी। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इन दिनों भारी कैपिटल आउटफ्लो की चुनौती से जूझ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 में चीन से करीब 1 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी विदेश भेजी गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। 2021 के बाद से देश से बाहर जाने वाले निवेश में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी निवेशक विदेशी ब्रोकर्स के जरिए पैसा बाहर भेजकर खासतौर पर Hong Kong और अमेरिकी बाजारों में निवेश कर रहे हैं। लगातार बढ़ते आउटफ्लो को देखते हुए चीनी सरकार ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

क्रॉस-बॉर्डर ट्रेडिंग पर सख्ती

22 मई को चीन ने सीमा पार स्टॉक ट्रेडिंग पर कई नई पाबंदियां लागू कर दीं। सरकार ने अवैध विदेशी ट्रेडिंग अकाउंट्स को अगले दो वर्षों में बंद करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य देश से तेजी से बाहर जा रही पूंजी पर रोक लगाना है।

तीन विदेशी ब्रोकर्स पर कार्रवाई

चीन ने तीन ऑफशोर ऑनलाइन ब्रोकरेज कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया है। इनमें Futu Holdings, टाइगर ब्रोकर्स और Longbridge Securities शामिल हैं। आरोप है कि इन कंपनियों ने बिना सरकारी अनुमति के चीनी निवेशकों को करीब 330 मिलियन डॉलर के विदेशी शेयर बेचे।

विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब पूंजी पलायन रोकने और घरेलू बाजार में निवेश बनाए रखने के लिए निगरानी और नियमों को और कड़ा कर सकता है।

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देश

आ गई टाटा की सबसे सस्ती कार, 6 एयरबैग, पेट्रोल-CNG-EV एक साथ हुई लॉन्च, कीमत सहित जानें पूरी डिटेल

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मुंबई, एजेंसी। टाटा अपने ग्राहकों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। कंपनी ने अपनी सस्ती कार टाटा टियागो के नए अवतार को लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी के सेगमेंट की पहली ऐसी कार है, जो  पेट्रोल, सीएनजी और ईवी पावरट्रेन के साथ आती है। नए टियागो को 4.69 लाख रुपए की शुरुआती की कीमत पर लॉन्च किया गया है।  कंपनी का कहना है कि यह पहले से ज्यादा सेफ है।

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नई टियागो की खासियत

नई टियागो को पहले से बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने इसें कई बदलाव किए हैं। इसमें आपको स्टैंडर्ड तौर पर 6 एयरबैग्स मिलेंगे। इसके अलावा कार को सेफ बनाने के लिए हाई स्ट्रेंथ मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कंपनी के अनुसार इस नई कार को ऐसे डिजाइन किया गया है कि इसे खराब रास्तों पर भी चलाया जा सकता है।  

फीचर्स
फीचर्स की बात करें तो कार में आपको  ब्लूटूथ कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, एएमटी वर्जन में पैडल शिफ्ट और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलेंगे। सेफ्टी के लिए भी Tiago में कई सारे सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे। नई टियागो ईवी पर कंपनी आपको लाइफ टाइम बैटरी की वारंटी दे रही है। इसे आप सिर्फ 30 मिनट में चार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा यह कार  मल्टीपल चार्जिंग ऑप्शन के साथ आती है। 

इंजन और पावर 

इंजन की बात करें तो  टियागो में 1.2 लीटर का थ्री सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 86 एचपी की पावर और जनरेट करता है। CNG वेरिएंट में इस कार से 75.5 एचपी की पावर मिलेगी। राइवल्स की बात करें तो इसका सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी वैगनआर, सेलेरियो और हुंडई आई10 से है।

कीमत

कीमत की बात करें तो Tata Tiago 2026 को कंपनी ने 4.69 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है। इसके  पेट्रोल टॉप वेरिएंट की कीमत 7.29 लाख रुपए, टाटा टियागो सीएनजी की कीमत 5.79 लाख रुपये से शुरू होकर 7.99 लाख रुपये एक्स शोरूम तक जाती है। टाटा टियागो के ईवी मॉडल की कीमत 6.99 लाख रुपये से शुरू होती है। टाटा के ग्राहक टियागो ईवी को BaaS के तहत भी खरीद सकते हैं। बैटरी एज सर्विस के तहत Tata Tiago EV की कीमतें 4.69 लाख रुपये से शुरू होती है।

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देश

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से वाहनों की मांग हो सकती है प्रभावितः टीएमपीवी सीईओ

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नई दिल्ली, एजेंसी। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश चंद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ईंधन कीमतों में हुई बढ़ोतरी का कुल खपत एवं वाहन मांग पर पड़ने वाले असर पर नजर रखना जरूरी है और चालू वित्त वर्ष के लिए यात्री वाहन बिक्री 10 प्रतिशत बढ़ने के अनुमान में कोई बदलाव अभी जल्दबाजी होगी। 

चंद्रा ने टाटा मोटर्स की हैचबैक कार ‘टियागो’ की अगली पीढ़ी की पेशकश के मौके पर कहा कि ईंधन कीमतों में 10 दिन के भीतर चार बार बढ़ोतरी होने से उपभोक्ता धारणा और मांग पर अंतिम प्रभाव का आकलन करना मुश्किल हो गया है। यात्री वाहन विनिर्माता टीएमपीवी ने ‘नेक्स्ट जेन टियागो’ को पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ पेश किया है। इसकी शुरुआती शोरूम कीमत क्रमशः 4.69 लाख रुपये, 5.79 लाख रुपए और 6.99 लाख रुपए है। 

चंद्रा ने मौजूदा परिदृश्य के बारे में पूछे जाने पर कहा, “ईंधन कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। पिछले 10 दिन में चार बार कीमतें बढ़ी हैं लिहाजा यह कह पाना मुश्किल है कि यह सिलसिला कहां पर रुकेगा। यह ऐसा पहला कारक है, जो उद्योग पर असर डाल सकता है और दबाव बना सकता है।” 

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देश

IBC कानून आने के बाद हो चुकी है चार लाख करोड़ रुपए की वसूलीः आईबीबीआई प्रमुख

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) लागू होने के 10 साल के भीतर कर्ज समाधान प्रक्रियाओं के जरिये कर्जदाताओं को चार लाख करोड़ रुपए से अधिक की वसूली हुई है। भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के प्रमुख रवि मित्तल ने बताया कि मार्च, 2026 तक इस कानून के तहत 1,419 मामलों में समाधान योजनाएं लागू हुईं, जिनसे कर्जदाता चार लाख करोड़ रुपए से अधिक बकाया की वसूली करने में सफल रहे। यह राशि उनके ‘उचित मूल्य’ का 95 प्रतिशत और ‘परिसमापन मूल्य’ का 167 प्रतिशत है।

मित्तल ने आईबीसी कानून लागू होने के 10 साल पूरे होने पर जारी अपने संदेश में कहा कि इस कानून का निवारक प्रभाव भी स्पष्ट है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष दाखिल 30,000 से अधिक मामले प्रवेश-पूर्व चरण में ही समझौते या वापसी के जरिये निपटा लिए गए। इन मामलों में करीब 14 लाख करोड़ रुपये की राशि शामिल थी। आईबीबीआई प्रमुख ने कहा कि ये समझौते दर्शाते हैं कि आईबीसी ने कर्जदाता और कर्जदार के बीच संबंधों को बदला है और औपचारिक दिवाला प्रक्रिया से पहले ही वित्तीय संकट के समाधान को बढ़ावा दिया है। मार्च, 2026 तक कुल 8,987 मामलों को एनसीएलटी में स्वीकार किया गया, जिनमें से 7,102 मामलों का निपटान हो चुका है। 

बंद हो चुके मामलों में 4,099 कंपनियां (करीब 58 प्रतिशत) सफलतापूर्वक फिर खड़ी हो गईं, जबकि 3,003 मामलों में उन्हें बंद कर दिया गया। मित्तल ने कहा कि पुनरुद्धार वाली कंपनियों में से 1,388 मामलों का निपटारा अपील, समीक्षा या समझौते के जरिये हुआ, जबकि 1,292 मामलों को वापस ले लिया गया। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने भी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आईबीसी ने भारत में कारोबारी संकट के समाधान के तरीके को बदल दिया है। सीतारमण के कार्यालय ने कहा कि इस कानून ने पहले की जटिल और कर्जदार के नियंत्रण वाली प्रक्रिया को बदलकर एक ऐसी प्रणाली बनाई है, जिसमें कर्जदाता प्रमुख भूमिका निभाते हैं और मामलों का समाधान तय समय में होता है। 

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