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छत्तीसगढ़

रायपुर : भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ पर्यटन का रोड शो : पर्यटन, संस्कृति और निवेश की संभावनाओं का भव्य प्रदर्शन

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ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि

ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि

रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने  सहयोगी संस्था फिक्की (FICCI) के साथ मिलकर भुवनेश्वर के मेफेयर कन्वेंशन सेंटर में भव्य छत्तीसगढ़ पर्यटन रोड शो का सफल आयोजन किया गया। इस रोड शो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों, आध्यात्मिक स्थलों, प्राकृतिक जलप्रपातों, घने वनों, वन्यजीव अभ्यारण्यों, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही पर्यटन निवेश, नए पर्यटन उत्पादों और संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि

          इस कार्यक्रम में पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंट्स, मीडिया प्रतिनिधियों और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना तथा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को और मजबूत बनाना था।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि

            छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और होटल व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने और अपने पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए निजी क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। श्री शर्मा ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच संयुक्त पर्यटन गतिविधियों और आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई गति मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे।

          छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारती दासन ने कहा कि राज्य सरकार सतत और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय जीवन, आध्यात्मिक स्थलों और रोमांचक पर्यटन गतिविधियों का अनूठा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न माध्यमों से पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर रही है तथा नई दिल्ली, कोलकाता, वडोदरा और भोपाल सहित प्रमुख शहरों में पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। जल्द ही ओडिशा में भी छत्तीसगढ़ पर्यटन का  कार्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों और पर्यटन उद्योग को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।

        छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन बोर्ड राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करने और छत्तीसगढ़ को देश के उभरते पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने ओडिशा के ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स को छत्तीसगढ़ के विभिन्न थीम आधारित पर्यटन सर्किटों और विशेष पर्यटन अनुभवों के प्रचार-प्रसार में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बी-टू-बी सत्र ने बढ़ाया आकर्षण

         कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद रोड शो सत्र में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, निवेश संभावनाओं और नए पर्यटन उत्पादों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इससे पहले आयोजित बी-टू-बी नेटवर्किंग सत्र में ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स और छत्तीसगढ़ के पर्यटन हितधारकों के बीच सार्थक संवाद हुआ। इस दौरान भविष्य में संयुक्त पर्यटन पैकेज, व्यवसायिक साझेदारी और पर्यटन प्रचार-प्रसार के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई।

पर्यटन उद्योग ने दिखाई  रुचि

         कार्यक्रम में उपस्थित ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और एडवेंचर पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में रुचि व्यक्त की। आयोजन का समापन नेटवर्किंग डिनर के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

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खेल

पहली बार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का इंडिया A में चयन:आयुष पांडेय श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे, 25 जून से होने वाले 4 दिवसीय-सीरीज में दिखेंगे

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रणजी खिलाड़ी और बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे का चयन भारतीय ए टीम में हुआ है। राज्य में यह पहली बार है, जब किसी खिलाड़ी का चयन भारतीय ए टीम के लिए हुआ है।

आयुष 25 जून 2026 से शुरू होने वाली श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज में भारत ए टीम का हिस्सा होंगे। आयुष पांडे ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में छत्तीसगढ़ की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।

उन्होंने 7 मैचों की 13 पारियों में 57.30 की औसत से 573 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आयुष का चयन दलीप ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।

वहां भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। दलीप ट्रॉफी में 2 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने 53.92 की औसत से 102 रन बनाए।

भारत A टीम क्या है?

भारत A टीम को भारतीय क्रिकेट की “दूसरी राष्ट्रीय टीम” या राष्ट्रीय टीम की फीडर टीम कहा जाता है। इसमें घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे आदि) में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर भारतीय टीम के संभावित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा में परखना होता है।

भारत A टीम का रोल क्या होता है?

  • सीनियर भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की तैयारी करना।
  • घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच की खाई को कम करना।
  • चयनकर्ताओं को यह देखने का मौका देना कि खिलाड़ी विदेशी या मजबूत विपक्ष के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
  • टेस्ट क्रिकेट के संभावित खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के मैचों में परखना।
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छत्तीसगढ़

नक्सलियों के लगाए 3 IED बरामद, डिफ्यूज किया गया:दंतेवाड़ा में हथियार समेत विस्फोटक भी बरामद, ऑपरेशन को सफल बनाकर लौटे जवान

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दंतेवाड़ा, एजेंसी। दंतेवाड़ा जिले के तोड़मा गांव के जंगलों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने तीन IED बरामद किया है। जिसे मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया गया है। इसके साथ ही जंगल में छिपाकर रखा गया विस्फोटक सामग्री, हथियार, हथियारों से जुड़ा सामान और प्रतिबंधित सामग्री का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 6 जून को मिली खुफिया सूचना के आधार पर CRPF की 195वीं बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने तोड़मा जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान द्वितीय कमान अधिकारी विक्रांत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में चलाया गया।

सर्चिंग के दौरान सुबह करीब 8:40 बजे जवानों को जंगल में संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। क्षेत्र को तत्काल घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) को बुलाया गया। जांच में दो प्रेशर कुकर IED और एक पाइप बम बरामद हुआ।

BDS टीम ने विशेषज्ञ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए तीनों विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। सुरक्षा बलों की सतर्कता से संभावित बड़ी जनहानि टल गई।

विस्फोटक डंप बरामद

ऑपरेशन के दौरान आसपास के इलाके में की गई अतिरिक्त सर्चिंग में छिपाकर रखा गया विस्फोटक और युद्ध सामग्री का बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ। बरामद सामान में BGL, 303 रायफल से संबंधित सामग्री, एयर रायफल, विभिन्न प्रकार की मैगजीन, कारतूस, वायरलेस सेट।

गन पाउडर, कोर्डेक्स वायर, डेटोनेटर, गैर-विद्युत विस्फोटक, 51 एमएम बम, दूरबीन, नक्सली वर्दी, कॉम्बैट बेल्ट, मल्टीमीटर, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट, बैटरियां, इलेक्ट्रिक स्विच और टेलीफोन वायर समेत बड़ी मात्रा में सामग्री शामिल है।

इसके अलावा नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। पुलिस का मानना है कि नक्सली इस सामग्री का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए डंप कर रखे हुए थे। ऑपरेशन पूरा होने के बाद सभी जवान सुरक्षित बेस कैंप लौट आए।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में 9 जून को कांग्रेस का प्रदर्शन:किसानों की 9 सूत्रीय मांगों पर बैलगाड़ी और पदयात्रा कर कलेक्ट्रेट का करेंगे घेराव

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में कांग्रेस ने 9 जून को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर बैलगाड़ी और पदयात्रा के माध्यम से किया जाएगा। शहर और जिला कांग्रेस कमेटी ने इस आंदोलन के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया जाएगा।

पार्टी नेताओं ने खाद-डीजल की कमी और प्रशासनिक नियमों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की घोषणा की है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और सरकारी नियंत्रण के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ग्रामीण और जिला किसान कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में एक बैठक बुलाई गई थी।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, छाया विधायक राजेंद्र साहू, विजय केशरवानी, राजेंद्र शुक्ला, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक और आत्मजीत मक्कड़ सहित कई नेता उपस्थित थे।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 9 जून को सुबह 11 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान किसान और कांग्रेस नेता बैलगाड़ियों के माध्यम से कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

इन मांगों को लेकर होगा आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने साझा बयान में कहा कि सोसायटियों और पेट्रोल पंपों पर कड़े प्रशासनिक नियम थोपकर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांगें, जिस को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का निर्णय लिया है।

उसमें बिजली कटौती बंद करने, खाद कटौती का ‘तुगलकी फरमान’ वापस कराने, खरीफ सीजन के लिए प्रति एकड़ मात्र 1 बोरी खाद की पात्रता का नियम निरस्त कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति शामिल है।

इसी प्रकार तीन किस्तों में खाद देने की नीति बंद करने, 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद देने का नियम बंद कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद सप्लाई करने, ‘सुपर फ्लॉप’ टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद करने और खाद-बीज पर प्रशासनिक नियंत्रण तत्काल हटाने की मांग प्रमूख रूप से शामिल है।

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