Connect with us

छत्तीसगढ़

नारायणपुर : नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

Published

on

नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक में सामाजिक एकता, वन संरक्षण और देवस्थलों के संरक्षण पर दिया जोर

नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक

नारायणपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने यह बात आज नारायणपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।

नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि अब जंगलों की कटाई होगी या बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के नवनिर्माण का जिम्मा अब बस्तर के युवाओं के मजबूत कंधों पर टिका है और सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक

          उन्होंने कहा कि समाज के भीतर आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले लोगों और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद की स्थिति बन रही है। यह समाज के हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

        उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक स्थलों एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शासन और प्रशासन के सहयोग से देवभूमियों का सफलतापूर्वक चिन्हांकन कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर नारायणपुर में भी सभी समाज प्रमुख मिलकर एक समिति का गठन करें, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन शीघ्र पूरा हो सके और भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

        बैठक के दौरान समाज प्रमुखों द्वारा गढ़िया बाबा के देवस्थल के संरक्षण का विषय उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

        उप मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को समाज का साझा दायित्व बताते हुए कहा कि जंगलों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण एवं दोहन किया जाए तो वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों को खेती की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से इस विषय पर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।

       उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। श्री शर्मा ने कहा कि जैविक कृषि अपनाने से लोगों का खुद का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार बस्तर में सहकारी रूप से दुग्ध उत्पादन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अबूझमाड़ की पहाड़ी क्षेत्रों में स्थाई कृषि को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अबूझमाड़ के 10-10 युवाओं का दल बनाकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर ऊंचाइयों पर खेती के आधुनिक कृषि तकनीक सिखाने को कहा। उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामों में पर्यटन को विकसित करने के लिए होम स्टे विकसित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थायी आय का नया माध्यम प्राप्त हो सके।

       बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त बस्तर का समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य तैयार किया जा सकेगा।

       इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, ओरछा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मंगलूराम नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटे डोंगर की सरपंच श्रीमती संध्या पवार, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

विश्व मधुमेह दिवस पर विशेष:मीठे भ्रम से कड़वी सच्चाई तक

Published

on

स्वास्थ्य-सजग समाज की ओर एक वैज्ञानिक संकल्प

शांति सोनी
व्याख्याता योग प्रशिक्षिका
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महमंद जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

“स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, सोना-चाँदी नहीं।” — महात्मा गांधी
“जो व्यक्ति अपने शरीर का ध्यान नहीं रखता, वह अपने जीवन के उद्देश्यों को पूर्ण नहीं कर सकता।” — सुकरात
आज का युग तकनीकी प्रगति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सुविधाओं का युग है। जीवन पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है, किन्तु इन सुविधाओं के साथ हमारी जीवनशैली भी तेजी से बदल गई है। शारीरिक श्रम में कमी, अनियमित दिनचर्या, तनाव, जंक फूड, अत्यधिक स्क्रीन टाइम तथा व्यायाम से दूरी ने अनेक जीवनशैली-जनित रोगों को जन्म दिया है। इनमें मधुमेह (डायबिटीज) आज विश्व के सामने सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।
मधुमेह एक ऐसा “मौन रोग” (Silent Disease) है, जो धीरे-धीरे शरीर के लगभग प्रत्येक महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण सामान्य प्रतीत होते हैं, इसलिए अधिकांश लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप यह रोग हृदय, गुर्दे, आँखों, मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है।
इसी बढ़ती चुनौती के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष
विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। यह दिवस इंसुलिन के सह-आविष्कारक डॉ. फ्रेडरिक बैंटिंग की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मधुमेह के कारणों, लक्षणों, बचाव, समय पर जाँच तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

मधुमेह क्या है? — एक वैज्ञानिक समझ
मधुमेह केवल रक्त में शर्करा बढ़ जाने का नाम नहीं है। यह शरीर की चयापचय (Metabolic) प्रणाली का एक जटिल विकार है। सामान्यतः अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा निर्मित इंसुलिन हार्मोन भोजन से प्राप्त ग्लूकोज़ को शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाकर ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता अथवा इंसुलिन प्रभावी ढंग से कार्य नहीं करता, तब रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है और यही स्थिति मधुमेह कहलाती है।
मधुमेह के प्रमुख प्रकार
टाइप-1 मधुमेह – इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। यह प्रायः बच्चों एवं युवाओं में पाया जाता है।
टाइप-2 मधुमेह – यह सबसे सामान्य प्रकार है, जो असंतुलित जीवनशैली, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता तथा आनुवंशिक कारणों से विकसित होता है। वर्तमान में भारत में मधुमेह के अधिकांश रोगी इसी श्रेणी के हैं।
गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – यह गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं में विकसित होता है और समय पर देखभाल न होने पर माँ तथा शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

लक्षण जिन्हें कभी न करें नज़रअंदाज़
अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार मूत्र आना
लगातार थकान रहना
धुंधला दिखाई देना
घावों का देर से भरना
अचानक वजन कम होना
बार-बार संक्रमण होना
इन लक्षणों की अनदेखी भविष्य में गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। इसलिए समय-समय पर रक्त शर्करा की जाँच अत्यंत आवश्यक है।
समय रहते नियंत्रण क्यों आवश्यक है?
अनियंत्रित मधुमेह हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, गुर्दा विफलता, अंधत्व, स्ट्रोक, पैरों में घाव तथा तंत्रिका क्षति जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि संतुलित जीवनशैली अपनाकर इन जटिलताओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार
मधुमेह से बचाव के लिए दवा से अधिक आवश्यक है अनुशासित जीवनशैली—
संतुलित एवं पौष्टिक भोजन
नियमित योग एवं व्यायाम
प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट शारीरिक गतिविधि
तनाव प्रबंधन एवं ध्यान
7–8 घंटे की पर्याप्त नींद
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त शर्करा की जाँच
मधुमेह नियंत्रण में योग की महत्त्वपूर्ण भूमिका
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने, तनाव कम करने तथा चयापचय को संतुलित रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
उपयोगी योगासन
सूर्य नमस्कार, मंडूकासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन तथा वज्रासन।
प्रभावी प्राणायाम
अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, नाड़ी शोधन तथा प्रतिदिन 10–15 मिनट ध्यान।
विद्यालयों की भूमिका : स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में प्रत्येक शनिवार आयोजित स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, ध्यान, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना ही भविष्य के स्वस्थ भारत की मजबूत नींव है।
प्रेरक संदेश
“योग अपनाएँ, मधुमेह भगाएँ।”
“स्वस्थ तन, शांत मन—यही है जीवन का सच्चा धन।”
“प्रतिदिन योग करेंगे हम, मधुमेह-मुक्त बनेगा जन-जन।”
निष्कर्ष
मधुमेह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार का संकेत है। यदि हम संतुलित आहार, नियमित योग, व्यायाम, तनावमुक्त जीवन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो मधुमेह सहित अनेक जीवनशैली-जनित रोगों से बचाव संभव है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं। आइए, इस विश्व मधुमेह दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें—”स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, योग को दिनचर्या बनाएँ और मधुमेह-मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।”

Continue Reading

कोरबा

तलाकशुदा पति ने पूर्व पत्नी को एयर गन से धमकाया:कोरबा में घर पहुंचकर पिस्टल बताकर बनाया डर का माहौल, पति और मामा गिरफ्तार

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तलाक के बाद पूर्व पत्नी को एयर गन दिखाकर धमकाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हंड्रेड बेड कॉलोनी में आरोपी पति ने महिला के घर पहुंचकर पहले विवाद किया, फिर उसे थप्पड़ मारा और एयर गन को असली पिस्टल बताकर डराने की कोशिश की।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसके मामा को गिरफ्तार कर लिया।

लव मैरिज के बाद हुआ था तलाक

नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, बिलासपुर निवासी सतीश कश्यप और पीड़िता ने एक वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और अदालत से उनका कानूनी तलाक हो गया।

पुलिस के मुताबिक, तलाक के बाद भी सतीश लगातार अपनी पूर्व पत्नी से मिलने और विवाद करने उसके घर पहुंचता था।

घर पहुंचकर किया हंगामा

पीड़िता चिकित्सा विभाग में कार्यरत है और सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित हंड्रेड बेड कॉलोनी में अपने पिता के साथ रहती है। महिला के पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले सतीश अपनी मां और मामा के साथ घर आया था। वकील के पास जरूरी लिखापढ़ी पूरी होने के बाद सभी चले गए थे।

इसके बावजूद सतीश दोबारा घर पहुंच गया। उस समय महिला खुद को कमरे में बंद कर बैठी थी, लेकिन आरोपी उससे मिलने की जिद करने लगा। जब महिला बाहर आई तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

एयर गन को पिस्टल बताकर दी धमकी

विवाद के दौरान आरोपी ने अपने पास रखी एयर गन निकालकर उसे असली पिस्टल बताया और महिला को डराने-धमकाने लगा। महिला ने तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर एयर गन को असली हथियार की तरह दिखाकर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया था।

पति और मामा दोनों गिरफ्तार

पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद मामा पर भी सहयोग और उकसाने का आरोप पाया गया, जिसके बाद उसे भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और भय उत्पन्न करने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Continue Reading

कोरबा

सक्ती जिले में दिनदहाड़े महिला की गोली मारकर हत्या: राजेश यादव ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की उठाई मांग

Published

on

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने सक्ती जिले के ग्राम जोंगरा में एक महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या की घटना को अत्यंत जघन्य, हृदयविदारक एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया है।

इस संबंध में श्री यादव ने आज छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री को पत्र प्रेषित कर घटना में शामिल सभी आरोपियों की अति शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं त्वरित जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

श्री यादव ने कहा कि दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसी घटनाओं से आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। यदि अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो समाज में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की जघन्य वारदात करने का दुस्साहस न कर सके।

श्री यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार इस गंभीर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करेगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677