कोरबा
बालको के रेलवे रैक से सस्टेनेबिलिटी एवं उत्कृष्ट उत्पादन को मिला बढ़ावा
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने प्रचालन में पहला बोगी ओपन बॉटम रैपिड डिस्चार्ज न्यूमेटिक हाई स्पीड मॉडल-2 (बीओबीआरएनएचएसएम2) रेलवे रैक शामिल किया है। कच्चे माल की खरीद के लिए यह उत्कृष्ट आपूर्ति श्रृंखला एवं सस्टेनेबिलिटी को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेल के माध्यम से कोयले की आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाने वाले इस स्ट्रेजिक निर्णय से प्रचालन की दक्षता में वृद्धि होगी। प्रत्येक रैक लगभग 120 ट्रकों की आवश्यकता को पूरा करेगा।
भारतीय रेलवे द्वारा प्रस्तावित सामान्य प्रयोजन वैगन निवेश योजना (जीपीडब्ल्यूआईएस) के अंतर्गत शुरू की गई। इस पहल का उद्देश्य कोयला संसाधनों के वितरण को सुव्यवस्थित करना है, जो लॉजिस्टिक लागत में कमी के साथ घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीओबीआरएन वैगन में बॉटम डिस्चार्ज दरवाजे हैं जो जल्दी एवं कम समय की लागत में अनलोडिंग प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करते हैं। यह कच्चे माल प्राप्त करने के लिए औसत रोटेशन चक्र को सुचारू बनाने में मदद करता है जो बालको जैसे प्रमुख इंडस्ट्री ऑपरेशन के प्रक्रिया को सस्टेनेबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन कई फायदे हैं। रेलवे की विशाल भार क्षमता ने सड़क नेटवर्क की निर्भरता और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के बोझ को कम किया है जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में वृद्धि हुई है। यह सामग्री की आवाजाही से जुड़े कार्बन फुटप्रिंट को कम करके इंडस्ट्री ऑपरेशन को अधिक सस्टेनेबल बनाने में मदद करता है, जिससे सस्टेनेबिलिटी प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
इनोवेशन सॉल्यूशन को अपनाने पर बोलते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको बेहतर व्यावसायिक प्रदर्शन के लिए अग्रणी तकनीक और हरित समाधानों का उपयोग करने के लिए कटिबद्ध है। कंपनी में बीओबीआरएनएचएसएम2 रैक की शुरूआत सस्टेनेबल दृष्टिकोण को दर्शाता है। संयंत्र के भीतर और बाहर प्रचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए हमारे सभी प्रयास सेफ्टी और सस्टेनेबिलिटी प्रतिबद्धता के अनुरूप हैं। यह कदम सुरक्षित प्रचालन संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ हमें ऐसे भविष्य की ओर भी प्रेरित करता है जहां सस्टेनेबिलिटी हमारे व्यवसाय के हर पहलू में अंतर्निहित है।
इस स्ट्रेजिक इनोवेशन का बालको की प्रचालन उत्कृष्टता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। फिनिश्ड प्रोडक्ट (एफजी) वाहनों के लिए डिजिटल ट्रैकिंग मैकेनिज्म के कार्यान्वयन से बालको को अपने संयंत्र प्रचालन के भीतर 5.45 घंटे का सबसे कम औसत टर्न-अराउंड-टाइम (टीएटी) हासिल करने में मदद मिली है। पहले के औसत टीएटी 15 घंटे की अवधि की तुलना में एक उल्लेखनीय सुधार है। एल्यूमिनियम उद्योग में पहली बार मशीनीकृत इंगॉट लोडिंग की शुरूआत हुई है जो ग्राहक संतुष्टि को बढ़ावा देने के साथ प्रचालन में सुरक्षा वृद्धि तथा समय और संसाधन की बचत को सुनिश्चित किया है।
कंपनी ने डिजिटल नवाचार में विभिन्न पहल की शुरू किये हैं जैसे- फिनिश्ड गुड्स कंट्रोल टॉवर जिसमें 24X7 लाइव मॉनिटरिंग डैशबोर्ड शामिल है जो रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग और स्पीड मॉनिटरिंग प्रदान कर पूरे 24 घंटे बिना रूकावट संचालन सुनिश्चित हुई है। रेलवे यार्डों में केंद्रीकृत सीसीटीवी निगरानी के कार्यान्वयन से सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं में वृद्धि हुई है। इन्हीं प्रयासों से बालको को क्वालिटी सर्कल के चैप्टर कन्वेंशन में चार श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतने में मदद मिली है जो लॉजिस्टिक्स में उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नवाचार की निरंतर खोज के साथ बालको ने वैश्विक एल्यूमिनियम उद्योग में अग्रणी के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया जिससे इसके प्रचालनों के सभी पहलुओं में प्रगति और उत्कृष्टता प्राप्त हुई है।
कोरबा
अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें
कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।
बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल
मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।
जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया
अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।
कोरबा
नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।
कोरबा
ढपढप (बांकीमोंगरा) में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याओं का होगा सामूहिक विवाह, पं. धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 01 अप्रैल को भव्य आयोजन
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा, 28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा, अंतिम दिन 108 कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
कोरबा। कोरबा जिले में धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। इस वर्ष “नम: सामूहिक विवाह” का आयोजन बड़े और भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को बांकीमोंगरा क्षेत्र के ग्राम ढपढप में 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह विश्व विख्यात कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में संपन्न होगा। इस पुण्य आयोजन का आयोजकत्व अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है।
मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में वर्ष 2024 में आयोजित नम: सामूहिक विवाह की सफलता के बाद इस बार आयोजन को और व्यापक रूप दिया गया है। इस आयोजन के माध्यम से समाज के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह के बंधन में बांधकर उन्हें नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
धार्मिक आयोजन की शुरुआत 27 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और धर्मप्रेमी शामिल होंगे। कलश यात्रा के माध्यम से पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार होगा और आयोजन का शुभारंभ किया जाएगा।
28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के अगले दिन 28 मार्च से 01 अप्रैल 2026 तक छह दिवसीय श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपना सानिध्य प्रदान करेंगे। कथा के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।
01 अप्रैल को होगा 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह
कथा के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मनपसंद जीवन साथियों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करेंगी। इस भव्य समारोह में संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देंगी।
108 कन्याओं का पंजीयन, संख्या और बढ़ने की संभावना
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी एवं मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि ईश्वरीय कृपा से इतने बड़े पुण्य कार्य का आयोजन ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, इसलिए कन्याओं की संख्या बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से यह आयोजन सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रचार का एक बड़ा माध्यम बनेगा।
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