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बिज़नस

Tech जगत में हाहाकार: इस मशहूर कंपनी ने अमेरिका में की बड़ी छंटनी, चली गई सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी

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न्यू जर्सी, एजेंसी। दुनिया की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन निर्माता कंपनी सैमसंग ने अमेरिका में अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी छंटनी करने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपने मोबाइल, डिस्प्ले, टेलीविजन और होम अप्लायंसेज (कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स) विभागों से जुड़े कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस छंटनी का सबसे बड़ा असर अमेरिका के न्यू जर्सी और टेक्सास राज्यों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ा है। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैश्विक मंदी और चीनी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच यह फैसला लिया गया है।

बता दें कि कंपनी ‘सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका’ (SEA) के अपने मुख्य मुख्यालय (हेडक्वार्टर) को न्यू जर्सी से हटाकर टेक्सास शिफ्ट कर रही है। इस बड़े बदलाव के कारण कंपनी ने न्यू जर्सी के कर्मचारियों को टेक्सास ट्रांसफर होने का विकल्प दिया था।

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जो कर्मचारी पारिवारिक या अन्य कारणों से टेक्सास जाने को तैयार नहीं हुए कंपनी ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आंकड़ों के मुताबिक न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स कार्यालय में 739 पदों पर सीधा असर पड़ा है। वहीं टेक्सास के प्लानो कार्यालय में मोबाइल डिवीजन के करीब 100 कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है।

वहीं सैमसंग के अलग-अलग विभागों का आर्थिक गणित इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति के कारण सैमसंग के सेमीकंडक्टर (चिप) कारोबार का प्रदर्शन बेहद शानदार है। एआई चिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग से कंपनी का मुनाफा तेजी से बढ़ा है और कंपनी ने नए चिप प्लांट के लिए अरबों डॉलर के निवेश की घोषणा की है।

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इसके ठीक उलट, सैमसंग का स्मार्टफोन, टीवी और घरेलू उपकरणों का बाजार काफी दबाव में है। प्रीमियम सेगमेंट में जहां ‘एप्पल’ (Apple) से सीधी टक्कर है वहीं बजट और मिड-रेंज टीवी बाजार में ‘TCL’ और ‘Hisense’ जैसी चीनी कंपनियों ने सैमसंग के शेयर पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा एआई के कारण चिप्स महंगे होने से उत्पादों की निर्माण लागत भी बढ़ गई है।

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जानकारी के लिए बता दें कि सैमसंग का यह कदम कोई अकेला मामला नहीं है बल्कि पूरी वैश्विक टेक इंडस्ट्री इस समय ‘कॉस्ट कटिंग’ (खर्चों में कटौती) के दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ समय में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), अमेजन (Amazon), मेटा (Meta), टेस्ला (Tesla) और ओरेकल (Oracle) जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।

इन सभी कंपनियों का मुख्य फोकस अब पारंपरिक श्रम बल (Human Resource) को कम करके अपना पूरा निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक तकनीकों में लगाने पर है।

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देश

Accenture ने बदला सैलरी इंक्रीमेंट का नियम, कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा फायदा

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक आईटी सर्विस कंपनी Accenture ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने सैलरी इंक्रीमेंट सिस्टम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का केवल 50% हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी 50% राशि एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में दी जाएगी।

जून 2026 के सैलरी रिवीजन से लागू हुआ नया सिस्टम

कंपनी के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस साल जून के मेन सैलरी रिवीजन साइकल में ये नया सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत, टैलेंट और ग्रुप लीड पात्र कर्मचारियों के लिए कुल सैलरी इंक्रीमेंट का प्रतिशत तय करेंगे, जिसे बाद में दो बराबर-बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी को 10 प्रतिशत का सैलरी इंक्रीमेंट मिलता है, तो 5 प्रतिशत उसके बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा और बाकी का 5 प्रतिशत उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में सैलरी के साथ ही दे दिया जाएगा। 

कंपनी ने बताया बदलाव का उद्देश्य

Accenture का कहना है कि इस मॉडल से कर्मचारियों को तुरंत अतिरिक्त नकद राशि (Immediate Cash Benefit) मिलेगी, जिसे कई कर्मचारी प्राथमिकता देते हैं। साथ ही, बेसिक वेतन पर दीर्घकालिक वित्तीय भार सीमित रहने से कंपनी अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे सकेगी।

प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर नहीं होगा लागू

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह 50:50 मॉडल प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। ऐसे कर्मचारियों की पूरी वेतन वृद्धि पहले की तरह उनकी बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी।

बोनस पर नहीं पड़ेगा असर

Accenture ने यह भी साफ किया है कि जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले वार्षिक बोनस का विकल्प नहीं होगा। बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और एकमुश्त भुगतान- दोनों को वित्त वर्ष 2025-26 की पात्र आय (Eligible Earnings) का हिस्सा माना जाएगा और इन्हीं के आधार पर बोनस की गणना की जाएगी।

इसके अलावा, Voluntary Equity Investment Program (VEIP) और Employee Share Purchase Plan (ESPP) से जुड़े कर्मचारियों के लिए एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य नियमों के अनुसार आवश्यक कटौतियां लागू होंगी। 

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देश

सोने-चांदी में गिरावट से न घबराएं, रॉबर्ट कियोसाकी बोले- खरीदारी का है सही मौका

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मुंबई, एजेंसी। सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के बीच मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों को घबराने के बजाय इसे खरीदारी का अवसर बताया है। कियोसाकी इन कीमती धातुओं को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं। उनका मानना है कि कीमती धातुओं में लंबी अवधि की तेजी का रुख बरकरार है और मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है।

घरेलू बाजार में आई नरमी

बीते कुछ दिनों में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इससे दोनों धातुएं अपने हालिया रिकॉर्ड स्तरों से नीचे आ गई हैं।

कियोसाकी ने क्या कहा? 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की गई अपनी हालिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा कि बाजार में आने वाली ऐसी गिरावटें सामान्य हैं, निवेशकों को इस गिरावट से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कियोसाकी ने कहा कि निवेशकों को घबराकर जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए।

उन्होंने मशहूर निवेशक जिम रॉजर्स के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में भविष्य में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। उनके अनुसार, लंबी अवधि के बुल मार्केट के दौरान इस तरह के उतार-चढ़ाव स्वाभाविक होते हैं।

‘गिरावट में खरीदारी का मौका’

कियोसाकी ने निवेशकों को सलाह दी कि बाजार में गिरावट के दौरान पैनिक सेलिंग करने के बजाय निवेश के अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने लिखा कि कम कीमतों पर खरीदारी करना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

पहले भी जता चुके हैं तेजी की उम्मीद

यह पहली बार नहीं है जब कियोसाकी ने सोने और चांदी को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। जून में भी उन्होंने कहा था कि मौजूदा गिरावट अस्थायी है और आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। उस समय उन्होंने सोने के 35,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना भी जताई थी।

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HDFC, एक्सिस बैंक में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 443 अंक टूटा

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मुंबई, एजेंसी। स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ मार्जिन संबंधी दबाव को लेकर एचडीएफसी और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के शेयरों में बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 443 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 96 अंक के नुकसान में रहा।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक यानी 0.57 प्रतिशत टूटकर 77,708.52 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 783.16 अंक टूटकर 77,368.29 अंक पर आ गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 95.80 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 24,238.50 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में, एक्सिस बैंक सबसे अधिक नुकसान में रहा। बीते शनिवार को तिमाही नतीजों के बाद इसमें 5.48 प्रतिशत की गिरावट आई।

वहीं एचडीएफसी बैंक में 5.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ”एचडीएफसी बैंक ने खासकर शुद्ध ब्याज मार्जिन के मोर्चे पर निराश किया है।”

मारुति, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में ट्रेंट, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और भारती एयरटेल शामिल हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इसका कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों की अगुवाई में बिकवाली के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।”

उन्होंने कहा, ”एचडीएफसी बैंक में तेज गिरावट ने नुकसान को और बढ़ा दिया। उम्मीद से कमजोर शुद्ध ब्याज मार्जिन ने निवेशकों को निराश किया। इससे बैंक क्षेत्र और शेयर बाजार पर दबाव पड़ा।” वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.06 डॉलर प्रति बैरल पर पर रहा।

एशिया के अन्य बाजारों में, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.46 प्रतिशत टूट गया। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 376.41 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 964.58 अंक चढ़ा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 261.55 अंक का लाभ रहा था।

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