कोरबा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आज जिले भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कलेक्टोरेट परिसर सहित जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में दीप प्रज्वलित कर परिसर को रोशन किया गया।
कलेक्टोरेट भवन में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कलेक्टोरेट भवन एवं परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष भी दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक कलेक्टर विशाल जायसवाल एवं ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी प्रकार जिला पंचायत भवन, नगर पालिक निगम कार्यालय सहित अन्य शासकीय कार्यालयों एवं भवनों में भी दीप प्रज्वलित किए गए। जिले के जनपद मुख्यालयों में जनपद पंचायत कार्यालयों तथा अन्य विकासखंड स्तरीय शासकीय कार्यालयों छात्रावासों में भी दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित कर सेवा संकल्प अभियान के प्रति सहभागिता प्रदर्शित की गई। जिले में स्व-सहायता समूहों, स्काउट गाइड सहित अन्य संस्थाओं तथा बांगो डैम में भी सेवा संकल्प अभियान के तहत दीप प्रज्वलित किया गया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कलेक्टर के प्रति राजेश ने जताया आभार, देवशरण पैकरा के निलंबन के बाद निशांक कुमार कालेश को जेंजरा का अतिरिक्त प्रभार
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा कृषि विभाग में किसानों से जुड़े कार्यों को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बाद विभाग ने नई प्रशासनिक व्यवस्था की है। देवशरण पैकरा के निलंबन के बाद जेंजरा क्षेत्र के लिए निशांक कुमार कालेश को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नई व्यवस्था के बाद राजेश यादव ने प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है।
राजेश यादव ने इस त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम तथा जिला कलेक्टर, कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय पर वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से जेंजरा क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कटघोरा के पत्र क्रमांक 327 दिनांक 17.08.2026 के आधार पर उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा आदेश क्रमांक 3921 के तहत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को निलंबित किया गया था। उन पर 01 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक बिना सूचना लगातार अनुपस्थित रहने तथा मोबाइल बंद रहने का मामला सामने आया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पोंड़ी-उपरोड़ा निर्धारित किया गया था।
सवाल उठा तो विभाग ने की नई व्यवस्था
देवशरण पैकरा के पास कटघोरा जेंजरा क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी था। उनके निलंबन के बाद जेंजरा क्षेत्र में किसानों से जुड़े कार्यों के संचालन को लेकर राजेश यादव ने तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था की मांग उठाई थी।
राजेश यादव ने बताया कि कृषि विभाग के मीटिंग एजेंडा दिनांक 09.09.2026 में किसानों से जुड़े करीब 20 महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इनमें फसल विविधीकरण, बीज उत्पादन, KCC, धान के बदले अन्य फसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की e-KYC, आधार एवं लैंड सीडिंग, Farmer ID सैचुरेशन, AgriStack, FRA, संदिग्ध प्रकरणों की जांच, भूमिहीन किसानों की सूची, स्प्रिंकलर सेट तथा DMT कोदो के प्रमाण-पत्र एवं भौतिक सत्यापन जैसे कार्य शामिल हैं।
मामले को लेकर उठाए गए सवालों के बाद उप संचालक कृषि, जिला कोरबा डी.पी.एस. कंवर ने 16.09.2026 को आदेश क्रमांक 3950/3961 जारी कर नई व्यवस्था की।
निशांक कुमार कालेश को जेंजरा का प्रभार
नए आदेश के अनुसार निशांक कुमार कालेश को कटघोरा एवं जेंजरा (अतिरिक्त क्षेत्र), विकासखंड कटघोरा का प्रभार सौंपा गया है।
वहीं सुधीर कुमार विंध्यराज को पोंड़ी-उपरोड़ा के साथ बिंझरा एवं नगोईबछेरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
किसानों की समस्या का समाधान हुआ तो आंदोलन स्थगित
नई व्यवस्था पर राजेश यादव ने कहा, “यह किसानों की जीत है। मेरा उद्देश्य आंदोलन करना नहीं, बल्कि किसानों का काम कराना था। विभाग ने किसानों के हित में जेंजरा के लिए नए अधिकारी की व्यवस्था की है। इसलिए प्रस्तावित आंदोलन को तत्काल स्थगित करता हूं।”
उन्होंने कहा, “उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और जिला कलेक्टर, कोरबा का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि किसानों से जुड़े इस विषय पर त्वरित कार्रवाई हुई। किसान हित सर्वोपरि है।”
राजेश यादव ने कहा, “विष्णु देव साय सरकार सुशासन और किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अब नवनियुक्त अधिकारी से अपेक्षा है कि जेंजरा और कटघोरा क्षेत्र के किसानों से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। मैं स्वयं इन कार्यों की प्रगति की जानकारी लेता रहूंगा। यदि भविष्य में फिर लापरवाही सामने आती है, तो किसानों के हित में आंदोलन का रास्ता खुला रहेगा।”
कोरबा, 18 सितंबर 2026। मध्य भारत में कैंसर उपचार के प्रमुख केंद्र बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने रायपुर में चौथे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ स्तन संरक्षण और स्तन पुनर्निर्माण की लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन के साथ किया। इस दौरान देशभर से आए 50 से अधिक सर्जन और चिकित्सकों ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को देखा और स्तन कैंसर के उपचार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन का नेतृत्व मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शलाका जोशी, प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जन डॉ. दुष्यंत जायसवाल और कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ स्तन कैंसर सर्जन डॉ. संजीत कुमार अग्रवाल ने किया।
डेमोन्स्ट्रेशन के दौरान स्तन संरक्षण सर्जरी में ट्यूम र के साथ उसके आसपास के स्वस्थ ऊतक का एक हिस्सा निकालते हुए स्तन के अधिकांश हिस्से को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसमें कैंसर सर्जरी के साथ प्लास्टिक सर्जरी की तकनीकों का भी उपयोग किया गया, जिससे बचे हुए स्तन ऊतक को व्यवस्थित कर उसके आकार और स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलती है।
इसका का उद्देश्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को साझा करने के साथ चिकित्सकों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान करना था। इस दौरान सर्जिकल योजना, उपचार के विकल्पों और मरीज-केंद्रित निर्णयों पर भी चर्चा हुई।
भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर डॉ. शलाका जोशी ने कहा, “स्तन कैंसर आज दुनिया और भारत में महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। भारत में इस बीमारी से जूझ रही कई महिलाएँ देर से उपचार के लिए पहुँचती हैं, जिससे उपचार अधिक जटिल और परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। बेहतर परिणामों के लिए जागरूकता, शुरुआती पहचान, सही निदान, उचित उपचार और पुनर्वास तक देखभाल की निरंतरता जरूरी है। मरीजों के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्षमता को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव जैसे मंच चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों को देखने, जटिल मामलों पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।”
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन में स्तन पुनर्निर्माण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बालको मेडिकल सेंटर की कंसल्टेंट, प्लास्टिक, पुनर्निर्माण एवं एस्थेटिक सर्जन डॉ. इशिता कात्याल ने कहा, “कैंसर उपचार का उद्देश्य केवल बीमारी को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है। स्तन पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा प्रयास स्तन के प्राकृतिक स्वरूप और संतुलन को यथासंभव बनाए रखना है, ताकि मरीज आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीएमसी में स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक का शुभारंभ किया। यह पहल क्षेत्र में व्यापक स्तन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के बीएमसी के प्रयासों का हिस्सा है। महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के नेतृत्व में संचालित यह क्लिनिक विभिन्न विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर स्तन स्वास्थ्य प्रबंधन, कैंसर उपचार, स्तन पुनर्निर्माण और कॉस्मेटिक ब्रेस्ट सर्जरी की सभी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
इसके बारे में सर्जन आरती सरीन (सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल), पूर्व महानिदेशक, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएँ ने कहा, “कैंसर उपचार में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। व्यापक स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक इस क्षेत्र में स्तन स्वास्थ्य से जुड़ी संपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कैंसर की रोकथाम, नियमित जाँच, शुरुआती निदान, समय पर उपचार और पुनर्निर्माण के साथ पोषण, फिजियोथेरेपी और लिम्फेडेमा प्रबंधन जैसी सहायक सेवाएँ भी शामिल होंगी।”
इस पर डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, बालको मेडिकल सेंटर ने कहा, “कैंसर उपचार से जुड़ी विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं को एक साथ लाकर हमारा उद्देश्य मध्य भारत में उपचार की निरंतरता को मजबूत करना और महिलाओं को निदान एवं उपचार से लेकर स्वस्थ होने तक उनकी पूरी उपचार यात्रा में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। यह दृष्टिकोण क्षेत्र में अधिक सुलभ और मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देगा।”
चौथा वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव क्षेत्र में कैंसर उपचार की विशेषज्ञ क्षमताओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सहयोग और निरंतर सीखने को बढ़ावा देने की बीएमसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के अग्रणी विशेषज्ञों और क्षेत्रीय चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन मध्य भारत में कैंसर उपचार से जुड़ी जानकारी और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार की संध्या जिला पंचायत कार्यालय कोरबा में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत कार्यालय परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। वहीं, स्व सहायता समूह की दीदियों ने सेवा संकल्प अभियान की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाकर कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, सहायक कलेक्टर इशांत जायसवाल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी तरुण किरण सहित जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।
सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य विगत 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना तथा ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा सेवा और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा कोरबा जिले के समस्त नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 11 प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक परिवार स्तर पर भी ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने की पहल की गई। राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों एवं गैस केंद्रों के माध्यम से भी दीप प्रज्ज्वलन कर अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित की गई।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से जनसेवा के प्रति कृतज्ञता, सामूहिक सहभागिता और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका का संदेश दिया गया। जिलेभर में दीपों की रोशनी के साथ सेवा, समर्पण और विकास के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।