छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा में अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई:जिला प्रशासन ने 5 हाईवा वाहन जब्त किए, दो ड्राइवर पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर राजस्व और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न रेत घाटों पर अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत केवा, भादा और नवापारा घाटों पर जांच की गई। अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर 5 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। जब्त किए गए सभी वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जांजगीर पुलिस लाइन में रखा गया है।

कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर BNS के तहत कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान मौके पर शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप मेंगाड़ी के ड्राइवर जोहन कुमार और संतोष मिरी के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा:जिला प्रशासन
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन और रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों को खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़
तीन राजों की संयुक्त बैठक में सामाजिक विकास एवं संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण पर हुई विस्तृत चर्चा
खैरा/जयरामनगर। ठेठवार यादव समाज धनिया राज के अंतर्गत ग्राम खैरा (जयरामनगर) में 07 जून 2026 को दोपहर 2:00 बजे बरतोरी राज, लवन राज एवं धनिया राज की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तीनों राजों के राज प्रमुख, अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, ठेंगहा सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं आम रैयत उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान समाज की विभिन्न समस्याओं एवं प्राप्त आवेदनों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित समाजबंधुओं ने समाजहित के विषयों पर अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। साथ ही सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती तथा समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अनुशासन, पारस्परिक सहयोग एवं संगठनात्मक मजबूती में निहित है। समाज के प्रत्येक सदस्य को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहकर संगठन को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
बैठक में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। युवाओं ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक विकास तथा समाज की भावी योजनाओं को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि समाज का उज्ज्वल भविष्य युवाओं की सकारात्मक सोच, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सामाजिक सहभागिता पर निर्भर करता है। युवा वर्ग समाज की अमूल्य धरोहर है, जिसे संगठन की मुख्यधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
बैठक में समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन हेतु निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। साथ ही समाज के आर्थिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया। वरिष्ठजनों ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा एवं संगठनात्मक एकजुटता को समाज की प्रगति का आधार बताया।
इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने यह भी संकल्प लिया कि समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाने, युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
उपस्थित सभी सदस्यों ने समाज के हित में मिल-जुलकर कार्य करने एवं सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “संगठन में शक्ति, एकता में प्रगति और शिक्षा में समृद्धि” रहा, जिसे उपस्थित समाजबंधुओं ने पूर्ण समर्थन प्रदान किया।
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई तथा समाज के विकास एवं संगठन की मजबूती हेतु आवश्यक सुझावों एवं निर्णयों पर सहमति व्यक्त की गई।
ठेठवार यादव समाज बरतोरी राज, धनिया राज एवं लवन राज, एकता, शिक्षा, संस्कार और संगठन ही समाज की* वास्तविक पहचान एवं प्रगति का आधार हैं।”
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में घरेलू सिलेंडर रू.29 महंगा:रायपुर में रू.1013 में मिलेगा, 3 महीने में रू.89 की बढ़ोतरी, हफ्तेभर पहले कॉमर्शियल गैस के दाम बढ़े थे
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 29 रुपए तक बढ़ गई है। रायपुर में पहले 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 984 रुपए में मिल रहा था, जो अब 1013 रुपए का हो गया है। नई दरें आज (रविवार) से लागू कर दी गई हैं।

पिछले 3 महीनों में यह दूसरी बार है, जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इस तरह तीन महीने के अंदर घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपए महंगा हो चुका है।
वहीं, करीब एक हफ्ते पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी लगभग 53 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा लागत बढ़ने और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण एलपीजी की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी है।
कंपनियों को अब भी नुकसान का दावा
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू सिलेंडर पर करीब रू.703 का नुकसान हो रहा था। दाम बढ़ने से बावजूद सिर्फ आंशिक भरपाई होगी।
2026 से पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में रू.50 का इजाफा किया था। 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम रू.31 तक बढ़ाए गए थे। 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में भी रू.11 का इजाफा किया गया था, जिससे इसकी कीमत रू.821.50 हो गई।
LPG से पहले पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े
पिछले कुछ हफ्तों में पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े हैं। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर रू.7.50 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं, जबकि CNG करीब रू.6 प्रति किलो महंगी हुई है। कंपनियों को पेट्रोल पर करीब रू.11 प्रति लीटर और डीजल पर रू.33.6 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
इसके बावजूद कंपनियों का दावा है कि पेट्रोल-डीजल अभी भी लागत से कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। कच्चे तेल के महंगे होने का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनियां खुद उठा रही हैं।
कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत देखी जाती है।
- डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत का असर पड़ता है।
- गैस आयात, ढुलाई, बॉटलिंग प्लांट और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च जोड़ा जाता है।
- तेल कंपनियां लागत और बाजार की स्थिति देखकर कीमत तय करती हैं।
- सरकार की टैक्स और सब्सिडी संबंधी नीतियों का भी असर पड़ता है।
कोरबा
विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रद्धा महिला मंडल द्वारा वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
बिलासपुर/कोरबा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्साह, उमंग एवं संकल्प के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वसंत क्लब परिसर में श्रद्धा महिला मंडल की माननीय अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन द्वारा गत 4 जून को पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल की उपाध्यक्षगण एवं अन्य सदस्याओं ने भी पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों एवं कर्मचारियों को फलदार पौधे तथा पर्यावरण अनुकूल जूट के थैले वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
अपने संबोधन में श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने सभी से अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।
उन्होंने श्रद्धा महिला मंडल की सभी क्षेत्रों में संचालित समितियों को आगामी मानसून सत्र के दौरान कम से कम 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया तथा इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक रूप देने पर बल दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल की पदाधिकारीगण, सदस्याएं एवं एसईसीएल के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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