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अहमदाबाद प्लेन क्रैश- चेतावनी के बावजूद उड़ा ड्रीमलाइनर:विमान का संतुलन बताने वाला सेंसर फेल होने का अलर्ट था; सरकार बोली- अभी नतीजा न निकालें
नई दिल्ली,एजेंसी। 12 जून 2025 को एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट (बोइंग एआई-171) हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शुक्रवार रात करीब ढाई बजे जारी की गई।
इसमें एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसके केंद्र में है एक चेतावनी ‘STAB POS XDCR’ यानी विमान का संतुलन बताने वाला सेंसर फेल हो सकता है।
यह तकनीकी अलर्ट विमान की पिछली उड़ान (दिल्ली-अहमदाबाद) के ठीक बाद पायलट द्वारा दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद महज एक घंटे में फिर से इस विमान को उड़ान के लिए क्लियर कर दिया गया।
यह बताता है कि विमान का हॉरिजेंटल स्टेबलाइजर (पिच बैलेंस बनाने वाला पिछला पंख) किस स्थिति में है। यदि यह डेटा सही न मिले, तो ऑटोपायलट, पिच कंट्रोल और स्टॉल प्रोटेक्शन जैसी अहम प्रणालियां गलत कमांड देने लगती हैं- विशेषकर टेकऑफ और शुरुआती चढ़ाई जैसे क्रिटिकल चरणों में।
पायलट ने सुबह 11:17 बजे यह अलर्ट दिया था और 12:40 बजे विमान को उड़ान की मंजूरी दे दी गई। दोपहर 1:38 बजे यही विमान लंदन के लिए टेकऑफ करता है और महज 30 सेकंड बाद दोनों इंजन बंद हो जाते हैं।
रिपोर्ट को लेकर सरकार ने कहा है कि इस पर स्टडी की जा रही है। अभी कोई निष्कर्ष न निकालें।
टेकऑफ के 3 सेकंड में ही दोनों इंजन के फ्यूल स्विच बंद हुए
अहमदाबाद में क्रैश एअर इंडिया विमान के साथ आखिरी पलों में क्या हुआ था? एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने 15 पेज की शुरुआती रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है।
इसके अनुसार दोनों पायलट अनुभवी और उड़ान के लिए फिट थे। विमान भी फिट था। कुछ समय पहले इंजन बदले थे। हालांकि, उड़ान भरने के 3 सेकंड में ही फ्यूल स्विच बंद हो गए।
रिपोर्ट किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। लेकिन जांच की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो रही है। इंजन फ्यूल कट ऑफ होना असामान्य है। ऐसे में, तकनीकी या मानवीय चूक दोनों पर जांच बढ़ेगी।
क्रिटिकल रिकवरी सिस्टम फेल या देर से एक्टिव होना भी जांच के दायरे में है। आइए विस्तार से जानते हैं रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है…
अहमदाबाद विमान हादसा जांच रिपोर्ट जारी… तकनीकी दिक्कत थी, पर 1 घंटे में ही विमान रिलीज
- 12 जून को विमान दिल्ली से एआई 423 के रूप में अहमदाबाद पहुंचा। इसने सुबह 11:17 बजे लैंड किया।
- क्रू ने लॉग में STAB POS XDCR दर्ज किया। समाधान कर 12:10 बजे अगली उड़ान के लिए विमान रिलीज।
- इसे एआई 171 के रूप में लंदन जाना था। उड़ान दोपहर बाद 1:10 बजे थी। पायलट पर्याप्त विश्राम कर चुके थे।
- ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में क्रू पूरी तरह फिट मिला। 54,200 किलो ईंधन था। टेकऑफ वजन 2,13,401 किलो था। यह सब सीमाओं के भीतर था।
…आखिरी उड़ान, टेकऑफ तक सब सामान्य ही दिखा
- एडवांस्ड सरफेस मूवमेंट गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम के अनुसार विमान बे 34 से दोपहर 1:18:38 बजे रवाना हुआ। टैक्सी क्लियरेंस 1:25:15 बजे मिला।
- दोपहर 1:26:08 बजे विमान ने टैक्सी करना शुरू किया। टैक्सीवे R4 से रनवे 23 पर पहुंचा। विमान ने इसके बाद बैकट्रैक किया और लाइन अप हुआ।
- टेकऑफ़ की अनुमति 1:37:33 बजे मिली और विमान ने 1:37:37 बजे टेकऑफ रोल शुरू कर किया।
- ईएएफआर डेटा के अनुसार, विमान ने टेकऑफ निर्णय गति (V1) पार करते हुए 1:38:33 बजे 153 नॉट्स आईएएस (करीब 283 किमी प्रति घंटा)। विमान के एयर/ग्राउंड सेंसर्स 1:38:39 बजे एयर मोड में स्थानांतरित हो गए। यह लिफ्टऑफ की पुष्टि करता है।
- विमान के टेक ऑफ करने के इस बिंदु तक सब कुछ सही था। कहीं से भी कोई चीज असामान्य दर्ज नहीं की गई थी।
- सबसे पहले पेड़ों और फिर ऊंची चिमनी से टकराया विमान
- गिरते वक्त विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स परिसर में कतार में लगे पेड़ों और एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’ की उत्तर-पूर्वी दीवार से टकराया। पेड़ और बिल्डिंग ‘ए’ की दूरी 293 फीट है। विमान आगे बढ़ता गया और टूटता-बिखरता रहा तथा अन्य ढांचों और पेड़ों से टकराया।
- वर्टिकल स्टैबलाइजर व रडर
- विमान में दो एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर यानी ईएएफआर थे। पिछले हिस्से के ईएएफआर से डेटा डाउनलोड नहीं हो पाया। अगले ईएएफआर के डेटा में 49 घंटे की 6 उड़ानों का ब्योरा मिला। दो घंटे के ऑडियो में इस उड़ान से जुड़ा डेटा है। इसमें विस्तार से पता चला कि आखिरी समय में क्या हुआ।
- दायां मुख्य लैंडिंग गियर
- टक्कर और आग से विमान पूरी तरह नष्ट हो गया। टक्कर और आग से 5 इमारतों को भीषण नुकसान हुआ। इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर एक्टिव नहीं हुआ। मलबा 4 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला मिला। नीचे चित्र में ए, बी, सी, डी, ई और एफ के तौर पर चिह्नित इमारतों तक मलबा पड़ा मिला।
- एसोसिएशन ने कहा- पायलट की गलती बताने वाली रिपोर्ट पक्षपाती
- एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के बिंदु और दिशा पायलट की गलती का संकेत देते हैं। हम इसे खारिज करते हैं। योग्य, अनुभवी कर्मियों को अभी भी जांच दल में शामिल नहीं किया जा रहा है। सवाल यह भी उठता है कि रिपोर्ट बिना किसी हस्ताक्षर मीडिया में लीक कैसे कर दी गई।
- सरकार ने कहा- ये प्रारंभिक रिपोर्ट, अभी कोई निष्कर्ष न निकाला जाए
- केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, ये शुरुआती जांच रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट आने तक आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। एएआईबी स्वतंत्र संस्था है और हम उन्हें हरसंभव सहयोग दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अंतिम रिपोर्ट जल्द आएगी, ताकि हम किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंच सकें।
- अहमदाबाद प्लेन क्रैश, एक्सपर्ट बोले- पायलट ने जानबूझकर हादसा किया
- एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन मोहन रंगनाथन ने कहा कि रिपोर्ट देखकर लगता है कि हादसा जानबूझकर किया गया था। हालांकि, AAIB के पूर्व चीफ रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा ने कहा- ज्यादातर मामलों में शुरुआती जांच फाइनल रिपोर्ट से अलग होती है।
- एक्सपर्ट बोले- फ्यूल स्विच को मैनुअली ही चेंज किया जा सकता
एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन रंगनाथन ने NDTV से बातचीत में कहा कि ड्रीमलाइनर के इंजनों में फ्यूल सप्लाई को मैनुअली ही बंद किया जा सकता है। ईंधन बंद करने का और कोई तरीका नहीं है। यह काम हाथ से करना होगा। यह ऑटोमेटिक या पॉवर कट के कारण नहीं हो सकता।
फ्यूल स्विच को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इन्हें बदलने के लिए स्लॉट से बाहर निकाला जाता है। यानी गलती या अनजाने में इन्हें बंद नहीं किया जा सकता।
AAIB के पूर्व डायरेक्टर बोले- शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट में अंतर होता है
हादसे को लेकर जहां कुछ एक्सपर्ट पायलट की गलती का दावा कर रहे हैं, वहीं AAIB के पूर्व डायरेक्टर रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में विमान दुर्घटना जांच की शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट अलग-अलग होती है।
NDTV प्रॉफिट से बात करते हुए हांडा ने कहा- अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच AAIB के लिए बहुत मुश्किल होगी, क्योंकि विमान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो गया है और अंतिम रिपोर्ट आने में समय लग सकता है।
जांच कर रही टीम को दुर्घटना के सटीक कारण या शायद संभावित कारण पर विचार-विमर्श करना होगा। अभी जो रिपोर्ट आई है उसमें सिर्फ 30 सेकेंड में हुई घटनाओं के तथ्य हैं। यह कोई फाइनल रिपोर्ट नहीं है।
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है।
जांच रिपोर्ट पर अन्य एक्सपर्ट ने क्या कहा….
सिविल एविएशन सुरक्षा परिषद (भारत सरकार) के पूर्व सदस्य सनत कौल ने कहा- एआई-171 की प्रारंभिक रिपोर्ट से साफ है कि टेकऑफ के दौरान अचानक फ्यूल सप्लाई रुक गई। वॉयस रिकॉर्डर बताता है कि न पायलट और न ही को-पायलट ने स्विच बंद किया। ऐसे में स्पष्ट है कि यह फ्यूल कटऑफ विमान की किसी आंतरिक तकनीकी गड़बड़ी से हुआ।
ऑस्ट्रेलिया के एविएशन कंसल्टेंट नील हैंसफोर्ड ने कहा- मैंने नौ एयरलाइनों का संचालन किया है, कभी नहीं सुना कि टेकऑफ के दौरान पायलट खुद ईंधन सप्लाई बंद करें- वो भी दोनों इंजनों की। इतने अनुभवी पायलट ऐसा नहीं करते। जरूरी है कि जांचकर्ता, पायलटों का निजी या मनोवैज्ञानिक पक्ष भी देखें। यह सिर्फ सिस्टम फेल नहीं हो सकता।
अमेरिका की एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट मेलिसा चेन ने कहा- ये स्विच ‘गार्डेड’ होते हैं- यानी इन्हें गलती से मूव नहीं किया जा सकता, उन्हें पहले खींचना होता है, फिर मूव। ऐसी डिजाइन एयरबस में भी होती है। अगर कोई पायलट इन्हें मूव करता है, तो वह ‘गलती’ नहीं मानी जा सकती। अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं, जिनकी जांच कराया जाना जरूरी है।
एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट मार्क डी मार्टिन ने कहा- टेकऑफ के ठीक बाद फ्यूल कटऑफ स्विच खुद बंद होना एक वैश्विक चिंता का विषय है। बोइंग 787 ऑपरेटरों को पूरी प्रणाली की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए। यह एक सामान्य खराबी नहीं है। पायलटों की भूमिका संदिग्ध नहीं लगती। डिजाइन या लॉजिक फेल्योर संभव।
पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे।
15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली। इस समय तक रिपोर्ट में Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन को लेकर किसी ऑपरेटर के लिए कोई चेतावनी या कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। साथ ही रिपोर्ट में मौसम, बर्ड-हिट और सबोटाज जैसे किसी भी कारण का जिक्र नहीं है। - तकनीकी दिक्कत थी, पर 1 घंटे में ही विमान रिलीज
- 12 जून को विमान दिल्ली से एआई 423 के रूप में अहमदाबाद पहुंचा। इसने सुबह 11:17 बजे लैंड किया।
- क्रू ने लॉग में STAB POS XDCR दर्ज किया। समाधान कर 12:10 बजे अगली उड़ान के लिए विमान रिलीज।
- इसे एआई 171 के रूप में लंदन जाना था। उड़ान दोपहर बाद 1:10 बजे थी। पायलट पर्याप्त विश्राम कर चुके थे।
- ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में क्रू पूरी तरह फिट मिला। 54,200 किलो ईंधन था। टेकऑफ वजन 2,13,401 किलो था। यह सब सीमाओं के भीतर था।
- आखिरी उड़ान, टेकऑफ तक सब सामान्य ही दिखा
- एडवांस्ड सरफेस मूवमेंट गाइडेंस एंड कंट्रोल सिस्टम के अनुसार विमान बे 34 से दोपहर 1:18:38 बजे रवाना हुआ। टैक्सी क्लियरेंस 1:25:15 बजे मिला।
- दोपहर 1:26:08 बजे विमान ने टैक्सी करना शुरू किया। टैक्सीवे R4 से रनवे 23 पर पहुंचा। विमान ने इसके बाद बैकट्रैक किया और लाइन अप हुआ।
- टेकऑफ़ की अनुमति 1:37:33 बजे मिली और विमान ने 1:37:37 बजे टेकऑफ रोल शुरू कर किया।
- ईएएफआर डेटा के अनुसार, विमान ने टेकऑफ निर्णय गति (V1) पार करते हुए 1:38:33 बजे 153 नॉट्स आईएएस (करीब 283 किमी प्रति घंटा)। विमान के एयर/ग्राउंड सेंसर्स 1:38:39 बजे एयर मोड में स्थानांतरित हो गए। यह लिफ्टऑफ की पुष्टि करता है।
- विमान के टेक ऑफ करने के इस बिंदु तक सब कुछ सही था। कहीं से भी कोई चीज असामान्य दर्ज नहीं की गई थी।
- APAI ने कहा- पायलट्स की बातचीत से किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (APAI) ने एजेंसी PTI को लेटर लिखा है। इसमें कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट से लग रहा है कि क्रैश में पायलट्स की गलती है। हम इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं। हम निष्पक्ष और सबूत आधारित जांच की मांग करते हैं।
APAI ने कहा- जांच रिपोर्ट बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के साइन और जानकारी के मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता की कमी है। जांच की विश्वसनीयता पर सवाल है। जनता का विश्वास कम हो रहा है। योग्य, अनुभवी कर्मचारियों विशेषकर लाइन पायलटों को अभी भी जांच टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है। - फ्यूल स्विच का काम और तकनीक

फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं।
फ्यूल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (‘रन’ पोजिशन) या बंद करना (‘कटऑफ’ पोजिशन) है।
हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे – एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए।
रन पोजिशन: जब स्विच ‘रन’ पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है।
कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को ‘कटऑफ’ पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है।
फ्यूल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए – पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना, और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए।
विमान के उड़ते ही रैम एयर टर्बाइन खुली
AAIB ने CCTV फुटेज में RAT को चालू होने की पुष्टि की है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजन बंद होते ही रैम एयर टर्बाइन (RAT) खुल गया। यह एक छोटी प्रॉपेलर जैसी डिवाइस होती है। यह हवा की गति से घूमती है और बिजली और हाइड्रॉलिक पावर पैदा करती है। खासतौर पर तब जब विमान की मेन पावर कट हो जाए, या हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल हो जाए। RAT विमान को कम से कम नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम को थोड़ा बहुत चालू रखने में मदद करता है।
सबसे पहले पेड़ों और फिर ऊंची चिमनी से टकराया विमान गिरते वक्त विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स परिसर में कतार में लगे पेड़ों और एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’ की उत्तर-पूर्वी दीवार से टकराया। पेड़ और बिल्डिंग ‘ए’ की दूरी 293 फीट है। विमान आगे बढ़ता गया और टूटता-बिखरता रहा तथा अन्य ढांचों और पेड़ों से टकराया।
लैंडिंग गियर 345 फीट और पंख 670 फीट दूर जा गिरा बाएं मुख्य लैंडिंग गियर और बाएं पंख का बाहरी और मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ से टकराया और 345 फीट दूर गिरा। पंख का मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ की चौथी मंजिल के उत्तरी कोने में फंसा मिला। पंख का अंदरूनी भाग बिल्डिंग ‘ए’ से 670 फीट दूर दक्षिण-पश्चिम में पड़ा मिला था। डेटा के अनुसार, इंजन 1 का फ्यूल कटऑफ स्विच कटऑफ से रन स्थिति में स्थानांतरित हुआ। लगभग 01:38:54 बजे एपीयू इनलेट डोर खुलने लगा। ये एपीयू ऑटो स्टार्ट लॉजिक के अनुरूप था।
8 डिग्री नोज अप की स्थिति में था विमान
इमारतों और विमान पर मिले निशान संकेत देते हैं कि टक्कर के समय विमान की स्थिति संभवतः ‘नोज-अप’ यानी लगभग 8 डिग्री ऊपर उठी हुई नाेज की थी। वहीं, पंख क्षैतिज स्थिति में थे।
लैंडिंग गियर डाउन मिला; थ्रस्ट लीवर जल गया
लैंडिंग गियर लीवर डाउन मिला। थ्रस्ट लीवर जल गया। ईएएफआर डेटा बताता है कि टक्कर तक थ्रस्ट लीवर आगे यानी टेकऑफ थ्रस्ट की स्थिति में थे। रिवर्सर लीवर मुड़े थे लेकिन ‘स्टोव्ड’ स्थिति में थे।
फ्लैप का हैंडल टेकऑफ की सेटिंग में ही मिला
फ्लैप हैंडल असेंबली को आग की वजह से काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था। हालांकि, जांच में हैंडल 5 डिग्री की फ्लैप स्थिति में मजबूती से मिला। यह स्थिति सामान्य टेकऑफ फ्लैप सेटिंग के अनुसार थी। इस स्थिति की ईएएफआर डेटा से पुष्टि हुई थी।
बोइंग बोला- जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहे बोइंग ने रिपोर्ट आने के बाद अपने बयान में कहा, ‘हमारी संवेदनाएं एअर इंडिया फ्लाइट 171 के यात्रियों, क्रू मेंबर्स और अहमदाबाद में प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं। हम जांच एजेंसियों और अपने कस्टमर के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।’ यह बयान AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद आया है।
फ्यूल स्विच क्यों है इतना अहम? ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों में रन और कटऑफ नाम के दो पोजिशन होते हैं। अगर विमान हवा में है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो जाती है और बिजली सप्लाई भी रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो सकते हैं।
खेल
वैभव सूर्यवंशी की फास्टेस्ट फिफ्टी से इंडिया-A चैंपियन:29 गेंदों पर 94 रन बनाए, फाइनल में श्रीलंका-A को 66 रन से हराया
दांबुला, एजेंसी। इंडिया-ए ने फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर ट्राई सीरीज अपने नाम कर ली। इंडिया-ए ने दांबुला में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारत की जीत के हीरो 15 साल के वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली। 10 चौके और 8 छक्के भी लगाए। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 50 ओवर क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। कप्तान तिलक वर्मा ने 67, ऋतुराज गायकवाड ने 40 और अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन का योगदान दिया।

378 रन का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की शुरुआत खराब रही। टीम के लिए वनुजा सहान ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए। सदीरा समरविक्रमा ने 52 रन की पारी खेली। भारत-ए के लिए यश ठाकुर और विप्रज निगम ने 3-3 विकेट लिए।
वैभव ने 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
वैभव से पहले 50 ओवर की क्रिकेट में फास्टेस्ट हाफ सेंचुरी श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने ने बनाई थी। उन्होंने 2006 में रागामा क्रिकेट कल्ब की ओर से खेलते हुए 12 बॉल पर फिफ्टी पूरी की थी। सीनियर लेवल पर 50 ओवर की क्रिकेट में दो तरह के मैच होते हैं। लिस्ट-ए और वनडे इंटरनेशनल। हर वनडे इंटरनेशनल अपने आप में एक लिस्ट-ए मैच भी होता है।
वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स और मैथ्यू फोर्ड के नाम है। दोनों बल्लेबाजों ने 16-16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ने 18 जनवरी 2015 को जोहानसबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था। इसके बाद उन्होंने 44 गेंदों में 149 रन बनाए थे।
वहीं, 23 मई 2025 को डबलिन में वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड ने आयरलैंड के खिलाफ फिफ्टी लगाकर डिविलियर्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
उतार-चढ़ाव भरा रहा भारत का सफर
इंडिया-ए का ट्राई सीरीज में सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन टीम ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। भारत-ए ने अपने पहले मैच में श्रीलंका-ए को 8 रन से हराया, जबकि दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान-ए से 4 रन से हार गई। तीसरे मैच में श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में मात दी। इसके बाद टीम ने वापसी करते हुए अफगानिस्तान-ए को 101 रन से हराया और फाइनल में जगह बनाई।
प्लेइंग-XI
भारत-ए: वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या, ऋतुराज गायकवाड, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र, सूर्यांश शेडगे, अनुकुल रॉय, निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अशोक शर्मा, यश ठाकुर।
श्रीलंका-ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, रविंदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराच्चिगे (कप्तान), नुवानिदु फर्नांडो, वनुजा सहान, मोहम्मद शिराज, दुलाज समुधिता, विजयकांत वियासकांत, कुगाथस माथुलन।
देश
चंपत राय समेत 150 लोगों को अयोध्या न छोड़ने चेतावनी:योगी को कल राममंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट देगी SIT, 7 पेन ड्राइव में सबूत
अयोध्या, एजेंसी। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) सीएम योगी को शुरुआती रिपोर्ट कल, सोमवार को दे सकती है। रविवार शाम टीम सीएम योगी से मिलने पहुंची थी। लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। सीएम पहले से प्रस्तावित मानसून सत्र समेत अन्य मीटिंग में व्यस्त थे।
एसआईटी ने 7 पेन ड्राइव में डेटा सुरक्षित किया है। 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक कहीं बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है। इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी शामिल हैं।
SIT ने राम मंदिर में दबदबा रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगभग हर दिन पूछताछ की। टीम ने उसके करीबियों, रिश्तेदारों और उनकी संपत्तियों की भी जानकारी हासिल की है।
इस 6 दिन में टीम ने कई जरूरी दस्तावेज जैसे- सीसीटीवी फुटेज, चढ़ावे के संबंध में गहरी जानकारी, चढ़ावा की गिनती करने का तरीका, बैंक में पैसा ले जाने का तरीका सहित एक-एक बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की। छठे दिन शनिवार को टीम ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों की जानकारी हासिल की। इन सब जांच के बाद टीम सारे सबूत अपने साथ लेकर गई है।

2021 तक के रिकॉर्ड खंगाले
SIT ने मंदिर के दानपात्रों की धनराशि के उपयोग, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े मामलों की भी जांच की। 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले। बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर कार्रवाई लगभग तय है। दोनों को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा, मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी पद से हटाया जा सकता है।
अब तक 2 करोड़ की बरामदगी
चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है।
सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था
सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। पार्टी प्रमुख अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए।
चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली।
नृपेंद्र मिश्रा बोले- राम मंदिर चढ़ावे पर डाका डाला गया
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर खुलेआम डाका डाला गया। मंदिर का पूरा मैनेजमेंट बदल देना चाहिए। ये लोगों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। बैंक के लोगों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। इससे बड़ी लापरवाही क्या ही हो सकती है।
ये बातें नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को ABP न्यूज से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा- काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े सबूत से मालूम पड़ता है कि पूरी व्यवस्था में निगरानी करीब शून्य थी और विजिलेंस का गंभीर अभाव था। जबकि, बैंक और ट्रस्ट के बीच हुए समझौते में स्पष्ट रूप से तय था कि दान की गिनती और उसका हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी बैंक की होगी।
अयोध्या में योगी ने कहा था- अपराधी कोई भी हो, नहीं बचेगा
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे। हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। CM योगी ने कहा- विपक्ष के लोग राम का नारा लगाने पर गोली चलवाते थे। इनके दोगले चरित्र को तो देखिए। राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही।
योगी ने जनसभा में कहा- सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे।
देश
PM Modi ने कोलकाता के रेड रोड से किया 12वें International Yoga Day का नेतृत्व, हजारों लोग हुए शामिल
कोलकाता, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के रेड रोड से 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया जहां हजारों लोगों ने उनके साथ सुबह योगाभ्यास किया। मोदी ने ‘सामान्य योग प्रोटोकॉल’ सत्र में हिस्सा लेते हुए इस प्रतिष्ठित स्थल पर हजारों लोगों के साथ योगासन किए।


इस स्थल के एक ओर भारतीय सेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय और दूसरी ओर विशाल मैदान है।
इस वर्ष योग दिवस की थीम बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग है जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण, भावनात्मक दृढ़ता और वृद्धावस्था में सक्रियता को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार दुनियाभर में लगभग 2,500 स्थानों पर योग दिवस समारोह आयोजित करने की योजना है।

इनमें 210 से अधिक भारतीय दूतावास भाग ले रहे हैं। यह आयोजन स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक कल्याण के वैश्विक अभियान के रूप में योग की स्वीकार्यता की पुष्टि करता है।

बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाने के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी। तब से मोदी नयी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम समेत विभिन्न स्थानों से योग दिवस समारोह का नेतृत्व कर चुके हैं।
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