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कोरबा

सुनालिया पुल में अंडरपास निर्माण हेतु लोगों के व्यवस्थापन के लिए डीएमएफ से 3 करोड़ से अधिक राशि की दी गई स्वीकृति

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लोगों के परिसंपत्ति मूल्यांकन कार्य पूर्ण, यथाशीघ्र मुआवजा वितरित कर स्थानांतरित करने के दिए निर्देश

शहर में आवागमन की सुगमता के लिए सुनालिया पुल अंडरपास निर्माण कार्य तेजी से कराना आवश्यक : कलेक्टर अजीत वसंत

ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता के लिए विशेष प्रयास करने हेतु अधिकारियों को किया निर्देशित

एसडीएम को गैस एजेंसियों की बैठक लेकर विभागीय समन्वय से योजना को सुगमता पूर्वक लागू कराने के दिए निर्देश

04 नवंबर से जिले के कटघोरा, पाली और कोरबा ग्रामीण के स्कूलों में नाश्ता वितरण हेतु आवश्यक तैयारियां करें पूर्ण  

समय सीमा की बैठक में हुई विभागीय कार्यों की समीक्षा

कोरबा ।कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने जिले में स्वीकृत महत्वपूर्ण विकास कार्यों एवं जनहितकारी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित विभागों से कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शहर के प्रमुख स्थान सुनालिया नहर पुल मुख्य मार्ग पर बनने वाले वाई शेप अंडरपास के कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सुनालिया नहर पुल के आस पास निवासरत लोगों के व्यवस्थापन हेतु प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 3 करोड़ 30 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही लोगों के परिसम्पत्ति निर्धारण का मूल्यांकन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसलिए लोगों को स्थानांतरित का कार्य तेजी से पूर्ण करे। कलेक्टर ने कहा कि सुनालिया रेल्वे क्रासिंग शहर के यातायात का महत्वपूर्ण स्थान है, जहां रेलवे क्रॉसिंग के बंद हो जाने से शहर में वाहनों के जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। शहर में आवागमन की सुगमता के लिए सुनालिया पुल अंडरपास का कार्य तेजी से कराना आवश्यक है। कलेक्टर ने एसडीएम कोरबा को आगामी 15 दिवस के अंदर लोगों को मुआवजा वितरित कर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। जिससे निर्माण कार्य शीघ्रता से प्रारंभ किया जा सके।

विभागों को पुराने वाहनों के स्क्रैप हेतु समयावधि में पोर्टल में वाहनों की एंट्री करने के दिए निर्देश –
कलेक्टर ने 15 साल पुरानी सरकारी वाहनों के स्क्रैप प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को निर्धारित समयावधि में एमएसटीसी पोर्टल में आईडी बनाकर ऐसे वाहनों की एंट्री कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिससे समय पर ऐसे वाहनों की नीलामी पूर्ण हो सके। उन्होंने खाद्य अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण में मिलने वाली अनियमितता की शिकायत पर तत्काल जांच कर गंभीरता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले उचित मूल्य दुकान संचालकों पर दंडात्मक कार्यवाही करने की बात कही। उन्होंने विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्य करते हुए स्वीकृत पदों पर नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के निलंबित कर्मचारियों की विभागीय जांच भी समय में पूर्ण करने के लिए कहा। जिस पर कर्मचारी के संबंध में उचित कार्यवाही की जा सके। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। जिससे ग्रामीण साइबर क्राइम अंतर्गत ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लॉटरी, इनाम जैसे धोखाधड़ी से सचेत हो सकें। इस हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों में लोगों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी शासकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी एवं आश्रम छात्रावासां में भोजन तैयार करने हेतु डीएमएफ से गैस सिलेण्डर एवं रिफलिंग की व्यवस्था कराई गई है। आगामी माह से इन संस्थाओं में जलावन हेतु गैस का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सभी एसडीएम को अनुविभाग स्तर पर गैस एजेंसियों की बैठक लेकर संभावित समस्याओं पर चर्चा कर समाधान हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही संबंधित विभागों को विभागीय समन्वय स्थापित कर योजना को सुगमता पूर्वक लागू कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोरबा शहरी एवं पोड़ी-उपरोड़ा के शासकीय विद्यालयों में संचालित नाश्ता वितरण योजना का आगामी 04 नवंबर से जिले के कटघोरा, पाली, करतला और कोरबा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में योजना प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस हेतु अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के लिए कहा।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित आश्रम-छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों की संस्थावार सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। जिससे इन संस्थाओं में पीवीटीजी वर्ग के पात्र युवाओं की नियुक्ति की जा सके। उन्होंने सीएमएचओ को डीएमएफ अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने एवं आवश्यकता वाले स्वास्थ्य केंद्रों में पोस्टमार्टम कक्ष निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा।

पीवीटीजी को योजनाओं से करें लाभान्वित, पीएम जनमन आवास को गंभीरता से कराएं पूर्ण –
पीएम जनमन योजना अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को वनाधिकार पत्र, बैंक खाता, आयुष्मान, पीएम किसान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। पीएम जनमन आवास निर्माण कार्य के अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने पीवीटीजी लोगों के आवास निर्माण कार्य को प्राथमिकता से लेते हुए विशेष ध्यान देने एवं यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जिले में आयुष्मान कार्ड निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शत प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु निर्देशित किया। इस हेतु स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाने एवं जनपदों के बड़े ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर वंचित लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्यों में प्रगति लाएं। उन्होंने शासकीय कार्यों के लिए दी गई राशि का गबन करने वाले सरपंचों से वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश एसडीएम को दिए। साथ ही निरस्त कार्यों की राशि भी वापस लेने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने जिले में लगाए गए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त हुए आम नागरिकों की महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं के निराकरण में भी प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बैठक में बाजार शेड निर्माण, हॉस्टल तक पहुंच मार्ग, वृद्धाश्रम, पीएम जनमन, विद्युत विहीन ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, सामुदायिक भवन सह ऑफिस कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, आवास मित्रों की भर्ती प्रक्रिया, पेंशन एवं आधार सीडिंग, आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों पर भर्ती सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विभागवार लंबित टीएल प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रकरणों को शीघ्रता से निराकृत करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में प्रभारी जिला पंचायत सीईओ व निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ कोरबा अरविंद पीएम व डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत, अपर कलेक्टर दिनेश नाग व अनुपम तिवारी, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ सहित सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई

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आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है।  नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।

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कोरबा

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित

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मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,

प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

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कोरबा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को

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कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।

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