रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की शराब घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बाद रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। इस बीच भूपेश बघेल बेटे चैतन्य से मिलने ED ऑफिस पहुंचे। बघेल के साथ उनकी बेटी और बहू भी मौजूद रही। भूपेश बघेल ने बताया कि बेटे से आधे घंटे मुलाकात हुई।
उन्होंने बेटे से कहा कि आज अगर तुम्हारे दादा जिंदा होते तो वह बहुत खुश होते, क्योंकि तुम्हारे दादा ने पूरी जिंदगी अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जेल जाते रहे। तुम भी अब इस लड़ाई में शामिल हो। बघेल ने आगे कहा कि सरकार डरा-धमकाकर और बदनाम करके विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र राजनीति में साफ दिखाई देता है। जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने सीबीआई जांच नहीं होने दी। अब वे हर मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। हर चुनाव में हार से उनका दिमाग भ्रष्ट हो गया है। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या कहें और क्या करें।
ED ऑफिस के बाहर की ये तस्वीरें देखिए-
पूर्व सीएम भूपेश बघेल बेटे चैतन्य ने मिलने ईडी ऑफिस पहुंचे।
भूपेश बघेल के साथ उनकी बेटी और चैतन्य की पत्नी भी साथ हैं।
ईडी ऑफिस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
ईडी ऑफिस के बाहर बेटे से मिलकर आते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल।
अडाणी का विरोध किया इसलिए ED को भेजा- बघेल
भूपेश बघेल ने कहा कि इस मामले में पूरी कांग्रेस पार्टी साथ खड़ी है। चैतन्य बघेल के गिरफ्तार होने के बाद सबसे पहले कॉल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आया था। आज रात दिल्ली जा रहा हूं। मेरा कार्यक्रम पहले से तय था। 22 जुलाई को हम प्रदेश स्तरीय आंदोलन में शामिल होंगे।
बघेल ने कहा कि हम विधानसभा में अडाणी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने वाले थे। रायगढ़ के तमनार में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। इसलिए सरकार ED के जरिए विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। लोगों को डरा-धमका कर फंसाना चाहती है। लोगों को बदनाम करना इनका काम है।
बता दें कि 18 जुलाई को शराब घोटाला केस में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी हुई थी। 22 जुलाई तक ED ने चैतन्य को रिमांड पर लिया है। जानकारी के मुताबिक रायपुर के ED ऑफिस के एक कमरे में चैतन्य को बंद कर रखा गया है। जहां अधिकारी केस से जुड़ी पूछताछ कर रहे हैं।
रायपुर के राजीव गांधी चौक में कांग्रेस नेताओं का धरना प्रदर्शन जारी है।
18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी ED।
एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले भूपेश
शनिवार (19 जुलाई) को इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। यहां भूपेश बघेल समेत पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद थे।
भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे नेताओं को जबरन फंसाया जा रहा है। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव को फंसाया गया। अब मेरे बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया है, जो राजनीति में भी नहीं है। एक तरफ जंगल काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई हो रही है।
पप्पू बंसल के बयान पर बेटे को अरेस्ट किया- बघेल
भूपेश बघेल ने कहा कि पप्पू बंसल खुलेआम ED दफ्तर आ रहा है, EOW ऑफिस आ रहा है। उसके बयान पर मेरे बेटे को अरेस्ट कर लिया। न हमें नोटिस मिला और न ही दफ्तर बुलाया। ED के अफसर आए और गिरफ्तार कर लेकर गए। अडाणी के खिलाफ आवाज उठाने पर ये कार्रवाई हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपक बैज ने कहा कि अगर ED, CBI, EOW जैसी कोई और एजेंसी हो, तो उन्हें भी कार्रवाई के लिए आना चाहिए। आज भूपेश बघेल के घर पर कार्रवाई हुई है। हमारे एक नेता कवासी लखमा जेल में हैं। देवेंद्र यादव जेल में सजा काटकर आए हैं।
बैज ने कहा कि इस तरह कांग्रेस नेताओं को डराकर हमारे कार्यकर्ताओं में यह संदेश दिया जा रहा है कि अगर भूपेश बघेल और बड़े नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है, तो दूसरे कार्यकर्ताओं को भी डरना चाहिए, लेकिन कांग्रेस हमसे डरने वाली नहीं है।
22 जुलाई को कांग्रेस प्रदेशभर में नाकेबंदी करेगी
22 जुलाई को प्रदेश में कांग्रेस बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है। सभी जिलों में हाईवे पर चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित और बदले की कार्रवाई बताया है। भाजपा सरकार अडाणी के लिए जल-जंगल-जमीन की लूट में सहभागी बनी हुई।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार के संरक्षण में अडाणी प्रदेश के जंगलों को कटवा रहा है। उसका विरोध करने पर केंद्र सरकार ईडी की कार्रवाई कराती है। कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता से इस कार्रवाई का विरोध करेगी।
प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, जिलों, प्रमुख शहरों के मुख्य मार्गों में 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चक्काजाम कर अडाणी के लूट के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी।
जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है।
ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर जिले के चार इलाकों में टाटा पावर को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसके खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने की बात कही है।
उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर जैसे इलाकों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की अनुमति मिलने से सरकारी वितरण कंपनी सीएसपीडीसीएल पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
टाटा पावर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के जरिए इन क्षेत्रों में 25 साल के लिए वितरण लाइसेंस मांगा है। आयोग ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इस मामले में 1 अक्टूबर को सार्वजनिक सुनवाई भी प्रस्तावित है।
विकास उपाध्याय की आपत्ति क्या है?
उपाध्याय का कहना है कि टाटा पावर ने आवेदन में शुरुआती पांच साल में करीब 435 करोड़ रुपए निवेश कर नेटवर्क तैयार करने की बात कही है। उनका दावा है कि इतने निवेश से प्रस्तावित क्षेत्र में नए 33 और 11 केवी सब-स्टेशन और लाइनें खड़ी करना संभव नहीं होगा। उनका आरोप है कि बाद में निजी कंपनी को सीएसपीडीसीएल के मौजूदा ग्रिड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
हालांकि यह कंपनी की ओर से दाखिल आवेदन और नियामक प्रक्रिया का हिस्सा है। उपाध्याय की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम फैसला नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
‘मलाईदार इलाका निजी कंपनी के पास चला जाएगा’
विकास उपाध्याय की सबसे बड़ी आपत्ति प्रस्तावित क्षेत्र को लेकर है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा है, इसलिए ये सीएसपीडीसीएल के लिए ज्यादा राजस्व वाले इलाके हैं।
उनका तर्क है कि अगर निजी कंपनी को इन्हीं इलाकों में वितरण का लाइसेंस मिलता है तो सरकारी कंपनी के पास कम राजस्व वाले ग्रामीण, कृषि और बीपीएल उपभोक्ता ज्यादा रह सकते हैं। इससे किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस-सब्सिडी की व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई है।
निजी कंपनी आने से बिजली महंगी होने का दावा
उपाध्याय ने निजी वितरण कंपनियों के मॉडल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भविष्य में व्हीलिंग चार्ज और दूसरे शुल्क के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में निजी बिजली वितरण के अनुभवों का भी हवाला दिया है।
यह फिलहाल उपाध्याय का राजनीतिक और नीतिगत तर्क है। टाटा पावर को लाइसेंस मिलने के बाद बिजली दर कितनी होंगी, यह अभी तय नहीं है। दरों और संबंधित शुल्क पर नियामक प्रक्रिया लागू होगी।
स्मार्ट मीटर और ‘पीएम सूर्य घर’ योजना भी मुद्दा
उपाध्याय ने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिलों में 15 से 20% तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर’ योजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की और इसे उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं बताया।
उद्योगों पर असर की आशंका
रायपुर, धरसींवा और अभनपुर को औद्योगिक क्षेत्र बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि यहां पहले से ही बिजली की लागत और दूसरी समस्याओं के कारण छोटे-बड़े उद्योग दबाव में हैं। उनके मुताबिक निजी वितरण कंपनी के आने के बाद यदि औद्योगिक बिजली की लागत बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है।
सरकार से लाइसेंस आवेदन खारिज करने की मांग
विकास उपाध्याय ने सीएसईआरसी में दाखिल टाटा पावर की याचिका को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
अब मामला नियामक प्रक्रिया में है। टाटा पावर के प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव लिए जा रहे हैं और 1 अक्टूबर की सार्वजनिक सुनवाई में संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। मुख्यमंत्री की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा की गई थी। इसी के तहत अब व्याख्याता के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इन पदों के लिए लिखित परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कराएगा। परीक्षा की संभावित तारीख 29 नवंबर 2026 रखी गई है। आवेदन कब से शुरू होंगे, इसकी जानकारी कर्मचारी चयन मंडल अलग से जारी करेगा।
8 विषयों में पद, हिंदी-अंग्रेजी के सबसे ज्यादा
व्याख्याता के 854 पदों को 8 विषयों में बांटा गया है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के 120-120 पद हैं। वहीं भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र के 100-100 पद हैं।
विषयवार पद
हिंदी: 120 पद
अंग्रेजी: 120 पद
संस्कृत: 120 पद
भौतिकी: 94 पद
राजनीति शास्त्र: 100 पद
इतिहास: 100 पद
भूगोल: 100 पद
अर्थशास्त्र: 100 पद
कुल: 854 पद
ई-संवर्ग में 424 और टी-संवर्ग में 430 पद
जारी विज्ञापन के मुताबिक 854 पदों में से 424 पद ई-संवर्ग की शालाओं और 430 पद टी-संवर्ग की शालाओं में भरे जाएंगे। योग्यता और उम्र की जानकारी विस्तृत विज्ञापन में
भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य जरूरी शर्तों की जानकारी विस्तृत विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम भी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
आवेदन की तारीख अभी तय नहीं
विभाग ने बताया है कि व्याख्याता भर्ती का विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। आवेदन की शुरुआत की तारीख की जानकारी CGSSB अलग से जारी करेगा। इसके बाद अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन कर सकेंगे।
रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में विकास कार्यों को गति देने के लिए भूमिपूजन-लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार को पंजरी प्लांट स्थित ऑडिटोरियम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कुल 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। वहीं उपमुख्यमंत्री ने शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राज्यगीत और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण हो चुके आवासों की प्रतिकात्मक चॉबी भी सौंपी गई।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रायगढ़ जिले को विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ नगर निगम की ओर से लगभग 10 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सूची उन्हें दी गई है। इन कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने 4 अतिरिक्त कामों की घोषणा की
चार अतिरिक्त कामों की घोषणा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शहर के विकास के लिए चार अतिरिक्त कामों की घोषणा की।
इनमें संजय मार्केट के निर्माण व उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपए, रामलीला मैदान के विकास, मंच व पवेलियन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए, तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपए व केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल है।
ऑडिटोरियम में लोकापर्ण व भूमिपूजन का कार्यक्रम का आयोजित किया गया
लगातार विकास के काम किए जा रहे हैं
कार्यक्रम में वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी दिल्ली से वर्चुअली रूप से जुड़े थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई सालों में नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है।
वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल समेत विभिन्न कामों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का उल्लेख किया।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी
वित्तमंत्री ने कहा कि रायगढ़ के रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन व पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है।
इसके अलावा तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा-चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर और कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन समेत विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने रायगढ़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की जानकारी भी दी।
इन कामों का हुआ भूमिपूजन-लोकार्पण
नगर निगम रायगढ़ के अंतर्गत भूमिपूजन वाले कामों में 15वें वित्त आयोग से 28 सड़क, नाली, उद्यान समेत अन्य विकास कामों के लिए 10.55 करोड़ रुपए, केवड़ाबाड़ी चौक से मरीन ड्राइव कैनाल लिंक रोड के लिए 25.63 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 42 में आईएसबीटी निर्माण के लिए 20.75 करोड़ रुपए शामिल हैं।
वहीं 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से टाउन हॉल में 20 लाख लीटर पानी टंकी के निर्माण काम का लोकार्पण किया गया। इसी तरह लोक निर्माण विभाग के तहत 67.80 करोड़ रुपए के चार कामों का भूमिपूजन हुआ।