कोरबा
मीना जैन मेमोरियल हास्पिटल का भव्य शुभारंभ
मॉं के नाम से हास्पिटल प्रारंभ करना मॉं के प्रति अगाध श्रद्धा एवं प्रेम का प्रतीक- अरूण साव
जिले के सबसे बड़े एवं अत्याधुनिक संसाधन युक्त हास्पिटल के लोकार्पण के साक्षी बने उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजूदेवी राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित हजारों की संख्या में पहुंचे दिग्गज, जिले भर के चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक

कोरबा। कोरबा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रिंस जैन एवं टीम डॉ. प्रदीप जैन, डॉ. आकांक्षा जैन, डॉ. निखील जैन, डॉ. शेफाली जैन द्वारा नया बस स्टैण्ड, विशाल मेगामार्ट के सामने टीपी नगर स्थित नवनिर्मित जिले के सबसे बड़े सुपरस्पेशियलिटी हास्पिटल मीना जैन मेमोरियल हास्पिटल का भव्य शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस पूण्य अवसर पर पूज्यगुरू माता 105 आर्यिका श्री अखण्डमती माता जी एवं अभेदमती माताजी की पूण्य उपस्थिति में फीता काटकर अरूण साव ने इस अस्पताल को जनता को समर्पित किया। शुभारंभ अवसर को अरूण साव सहित प्रदेश के उद्योग मंत्री एवं कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, पूर्व अध्यक्ष अशोक चावलानी, जोगेश लाम्बा, राजेन्द्र पाण्डेय, जिला चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष योगेश जैन सहित कोरबा के दिग्गज व्यक्तित्व, सीएचएमओ डॉ. एस एन केसरी, आयुष विभाग के पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रदीप जैन, जिला आयुर्वेद अधिकारी उदय शर्मा सहित शहर के नामी अस्पतालों के संचालक, शहर के ख्यातिलब्ध व्यापारी, उद्योगपति, समाजसेवक, आम से लेकर खास नागरिक हजारों की संख्या में सुशोभित किए।

मॉं के नाम से हास्पिटल प्रारंभ करना मॉं के प्रति अगाध श्रद्धा एवं प्रेम का प्रतीक- अरूण साव

शुभारंभ अवसर को अपना स्वर्णीम पल देते हुए मुख्य अतिथि अरूण साव ने बड़े मार्मिक ढंग से सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया में मां से बढ़कर कोई नहीं। यह अस्पताल डॉ. प्रिंस जैन की मां श्रीमती मीना जैन को समर्पित है और यह मां के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है। मां जहां भी होगी, डॉ. प्रिंस जैन को अपना पूरा आशीर्वाद दे रही होंगी। इतने बड़े और अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त इस अस्पताल के लोकार्पण का सौभाग्य हमें मिला है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। कोरबा को इसका बड़ा लाभ होने वाला है और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एमजेएम हास्पिटल माइलस्टोन साबित होगा। हम डॉ. प्रिंस जैन और उनकी टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हैं कि सेवा का यह प्रकल्प कोरबा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र का आधार स्तंभ बनेगा। इस अवसर पर मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, सीएचएमओ डॉ. एस एन केसरी, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. व्ही के अग्रवाल, डॉ. प्रदीप जैन, पप्पु जैन सहित उपस्थित अतिथियों ने बधाई देकर सतत सफलता की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।
जान जोखिम में डालकर डॉ. प्रिंस जैन ने सैकड़ों जिंदगियां बचाई- अरूण साव

अपने उद्बोधन में अरूण साव ने देश-दुनिया के सबसे बड़े संकट काल को भी याद किया और कहा कि कोरबा में जब यह संकट कोरोना के रूप में आया तब डाक्टर प्रिंस जैन के योगदान को कोरबावासी याद करेंगे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर टीम के साथ सैकड़ों जिंदगियां बचाई। ऐसे चिकित्सक अब 24 घंटे उपलब्ध रहकर कोरबा को एक बढ़िया चिकित्सा सेवा देंगे और मानवता की सेवा में नया आयाम गढ़ेंगे।
आसमान से पहुंचा आशीर्वाद
लोकार्पण होते ही इस अस्पताल की सफलता के लिए आसमान से भी आशीर्वाद पहुंचा। जैसे ही अतिथियों ने अस्पताल का लोकार्पण किया, जमकर बारिश होने लगी। उपस्थित लोगों ने इसे शुभसंकेत माना और इस पावन चिकित्सा कार्य के लिए प्रकृति ने भी अपना आशीर्वाद डॉ. प्रिंस जैन एवं टीम पर उड़ेला।
श्रीमती मीना जैन की मूर्ति लोकार्पित






मीना जैन मेमोरियल हास्पिटल के मुख्य द्वार पर श्रीमती मीना जैन की दिव्य मूर्ति का लोकार्पण अतिथियों के करकमलों से सम्पन्न हुआ। अतिथियों ने मूर्ति अनावरण के बाद दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित कर प्रणाम किया और सभी ने अस्पताल की सफलता के लिए कामना की। डॉ. प्रिंस जैन ने कहा कि मां का नाम आते ही मन में अद्भूत ऊर्जा का संचार होता है और पीड़ित लोगों की सेवा में मन लगता है। मां की मूर्ति हमें चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नीत नये आयाम गढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
लोकार्पित एमजेएम हास्पिटल में उपलब्ध सुविधाएं

डॉ. प्रिंस जैन ने बताया कि इस हास्पिटल में 100 बिस्तर की सुविधा है और मरीजों को 24 घंटे चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध रहेगी।
22 आईसीयू की सुविधा रहेगी
24 घंटे इमरजेंसी आपरेशन, डिलीवरी की सुविधा
क्रिटिकल केयर
स्त्री एवं प्रसूति की सुविधा
कार्डियोलाजि, कार्डियक एम्बुलेंस, माड्युलर ओटी/सर्जरी।
डायलिसिस की सुविधा, 24 घंटे पैथोलाजी की सुवधा
शिशुरोग विशेषज्ञ की सुविधा।
कोरबा
सुशासन तिहार के अंतर्गत जटगा में लगा जनसमस्या निवारण शिविर, ग्रामीणों को मिला त्वरित समाधान का लाभ
कोरबा। सुशासन तिहार के अवसर पर आज पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत जटगा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुँचकर अपनी समस्याएँ दर्ज कराईं और विभिन्न विभागों द्वारा त्वरित निराकरण का लाभ प्राप्त किया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पवन कुमार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी तंवर, जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति मरावी, जनपद सदस्य श्रीमती श्यामा पेन्द्रो (कारीमाटी), रघुराज सिंह (जटगा), पवन सिंह पोया, एसडीएम मनोज कुमार बंजारे तथा सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप मरावी शामिल हुए। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों में जटगा की सरपंच अविन्दा मरकाम, मातिन की श्रीमती ललिता बाई, घुमानीडांड के कृष्ण कुमार धनुहार, नवापारा की मालती बाई मरकाम, मेरई के अर्जुन सिंह नेटी, अमलीकुडा की सोनिया श्याम, केशलपुर की रामबाई कंवर, धवलपुर की लक्ष्मी मरकाम, कारीमाटी के गंगाराम मरकाम तथा कटोरी नगोई की उत्तरा देवी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

अतिथियों ने संबोधन में कहा कि इस तरह के शिविर जनहित में अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि सभी विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होते हैं, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। ऐसे शिविरों से आम जनता में जागरूकता बढ़ती है तथा समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध और सकारात्मक निराकरण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की आवश्यकता बताई।
शिविर में हितग्राहियों को सामग्री वितरण भी किया गया। जिनमें प्रमुख रूप से मनरेगा के अंतर्गत 14 हितग्राहियों को जॉब कार्ड वितरित किए गए। पंचायत तथा खाद्य विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को राशन कार्ड प्रदान किए गए।
शिविर में कुल 518 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 74 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। यह जनसमस्या निवारण शिविर पूरे कलस्टर के 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुआ। इनमें जटगा, मातिन, घुमानीडांड, नवापारा, सासिन, मेरई, अमलीकुडा, केशलपुर, धवलपुर, सेन्दुरगढ़, कारीमाटी, रावा और कटोरी नगोई के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लिया।
कोरबा
सीएम हेल्पलाइन का शुभारंभ शीघ्र- कलेक्टर कुणाल दुदावत
सीएम हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन के हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की कलेक्टर ने ली बैठक
पोर्टल से प्राप्त आवेदनों को गम्भीरता से लेने व समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश
आमजन की शिकायतों का सीएम हेल्पलाइन से होगा समयबद्ध समाधान, 24 घंटे सातों दिन सक्रिय रहेगी हेल्पलाइन
कोरबा। राज्य में शीघ्र प्रारंभ होने वाले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पोर्टल से प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया। इस हेतु विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों में पोर्टल संचालन हेतु एक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने की हिदायत दी। साथ ही आवेदनों के निराकरण में समयावधि पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। जिला कार्यालय के शिकायत शाखा में सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ तैयार करने हेतु निर्देशित किया।

बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए ऑनलाईन शिकायत पंजीयन एवं विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग व निराकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया को समझाया एवं पोर्टल के विभिन्न लेयर व उनके कार्यों की भी जानकारी दी।

कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही। श्री दुदावत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 सहित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक मल्टी चैनल के किसी भी माध्यम से कॉल करके, 24 x7 दिन अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की पूरी स्थिति किस विभाग में, किस अधिकारी के पास लंबित है और कार्यवाही हुई या नहीं, इसके साथ ही समाधान में कितना समय लगेगा इसके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक तुरंत पहुंचाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसमें नागरिकों का फीडबैक की सुविधा होगी। समाधान होने के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। व्यक्ति अगर समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण किरण, सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा
अंधेरों में भी रोशनी खोजती शिवांगी, हौसलों की वो उड़ान जो कई जिंदगियाँ रोशन करेगी
कलेक्टर ने कम्प्यूटर सेट देकर दृष्टिबाधित शिवांगी का हौसला बढ़ाया
कोरबा। जिले के गेवरा बस्ती की दृष्टिबाधित दिव्यांग शिवांगी आज उन सभी लोगों के लिए मिसाल बन चुकी है जो जीवन की कठिनाइयों के सामने हार मान लेते हैं। बचपन में खिलखिलाती शिवांगी को क्या पता था कि बढ़ती उम्र के साथ उसकी आँखों की रोशनी धीरे-धीरे हमेशा के लिए धुंधली होती जाएगी। मासूम उम्र में शुरू हुआ यह संघर्ष समय के साथ पहाड़ सा बन गया, लेकिन शिवांगी का हौसला कभी नहीं टूटा।

शिवांगी ने बाकी बच्चों की तरह स्कूल जाना शुरू किया था, पर कुछ वर्षों बाद उसे महसूस होने लगा कि दृश्यों की दुनिया उससे दूर जा रही है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे माता-पिता उसे लेकर जगह-जगह अस्पतालों में गए, दिल्ली तक ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कह दिया कि रेटिना की समस्या के कारण धीरे-धीरे दृष्टि पूरी तरह चली जाएगी। और एक दिन ऐसा भी आया जब कक्षा दसवीं में पहुंचते-पहुंचते उसकी आँखों की रोशनी पूरी तरह बुझ गई।
सपने केवल उसके नहीं टूटे, बल्कि उसके माता-पिता के भी बिखर गए। दसवीं की परीक्षा उसने सहयोगी लेखक की मदद से पास की, लेकिन आगे का रास्ता और कठिन होता जा रहा था। वह आगे बढ़ना चाहती थी, अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी, पर परिवार की आर्थिक परिस्थितियाँ उसके हर सपने पर विराम लगा देती थीं। फिर भी शिवांगी ने हार नहीं मानी। उसने रायपुर जाकर कंप्यूटर प्रशिक्षण लिया, जहाँ उसने एमएस ऑफिस, पॉवर पॉइंट, एक्सेल जैसी तकनीकें सीखी और एनबीडीए सॉफ्टवेयर के माध्यम से कमांड सुनकर कंप्यूटर चलाने की कला भी सीखी। अंधेरा था, पर उसके भीतर का उजाला उससे कहीं अधिक चमक रहा था।
अपनी संघर्ष-कथा और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति को लेकर जब शिवांगी जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत के पास पहुंची, तो उसने स्वरोजगार के लिए एक कंप्यूटर की मांग रखी। कलेक्टर दुदावत ने उसकी लगन, संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा को देखकर न केवल उसकी बात सुनी बल्कि उसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया। यह आश्वासन जल्द ही हकीकत में बदल गया और शिवांगी को कंप्यूटर सेट प्रदान किया गया।
आज शिवांगी के लिए यह कंप्यूटर केवल मशीन नहीं, बल्कि नई जिंदगी की नई शुरुआत है। यह उसके अंधेरे में बुझी उम्मीदों को फिर से जगाने वाला दीपक है। वह अब प्रिंटिंग से संबंधित काम शुरू करके आत्मनिर्भर बनने की तैयारी में है। उसकी माँ राजेश्वरी सारथी, जो वर्षों से बेटी और बेटे की बीमारी को लेकर चिंतित रहती थीं, आज आश्वस्त हैं कि उनकी बेटी अब अपने पैरों पर खड़े होने की राह पर है। उनका कहना है कि कलेक्टर ने उनकी फरियाद सुनी और उनकी बेटी को नई दिशा दी, जिसके लिए वे आभारी हैं। शिवांगी खुद कहती है कि कंप्यूटर पाकर वह बेहद खुश है और इससे वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेगी।
शिवांगी की कहानी हमें सिखाती है कि इंसान की आंखें भले न देख पाएं, पर उसका हौसला कभी अंधा नहीं होता। उसका साहस, उसकी ललक और सीखने की उसकी जिद हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है जो किसी कठिनाई के कारण अपने सपनों से दूर हो जाता है। शिवांगी ने साबित किया है कि अंधेरा बाहर हो सकता है, भीतर नहीं, और जब भीतर उजाला हो तो रास्ते खुद-ब-खुद रोशन होते जाते हैं। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी श्री हरीश सक्सेना और मुकेश दिवाकर भी उपस्थित रहे।
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