मुंबई,एजेंसी। बिटकॉइन की कीमत पहली बार रू1.08 करोड़ के पार पहुंच गई है। 2009 में इसकी वैल्यू शून्य के करीब थी। इस करेंसी से कई दिलचस्प किस्से भी जुड़े हैं।
जैसे जिस व्यक्ति ने इसे बनाया है उसे कोई नहीं जानता। उसने अपने आप को गुमनाम रखा है। बस एक रहस्यमयी नाम सामने आया- सतोशी नाकामोतो।
इसी तरह 2010 में खरीदा गया वो पिज्जा भी कोई नहीं भूल सकता, जिसे 10,000 बिटकॉइन देकर खरीदा गया था। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इसे खरीदा था।
अगर वो इंजीनियर उस समय ये पिज्जा नहीं खरीदता और ये बिटकॉइन अपने पास रखता तो इन बिटकॉइन्स की कीमत 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा होती।
यानी, अगर एक पिज्जा में 6 स्लाइस हैं तो दो पिज्जा के हिसाब से एक स्लाइस की कीमत 833 करोड़ पड़ी। यहां हम 5 चैप्टर में बिटकॉइन की दिलचस्प कहानी बता रहे हैं…
साल 2008 का समय था, दुनियाभर में आर्थिक संकट अपने चरम पर था। उस वक्त बैंकों और सरकारों पर लोगों का भरोसा डगमगा रहा था। लोग बैंकों और सेंट्रल बैंकों के फैसलों और व्यवस्था से नाराज थे। बैंकों की गलत नीतियों की वजह से कई लोग अपनी जमा-पूंजी खो बैठे।
इसी माहौल में खुद को सतोशी नाकामोतो कहने वाले एक गुमनाम शख्स ने एक नई तरह की डिजिटल करेंसी का कॉन्सेप्ट पेपर पेश किया। इसमें उन्होंने डिटेल में बताया था कि कैसे एक ऐसी करेंसी बनाई जा सकती है जो बिना किसी बैंक और सरकार के दखल के काम करे।
फिर 3 जनवरी 2009 को बिटकॉइन का पहला ब्लॉक ‘जेनिसिस ब्लॉक’ बनाया गया। यहीं से बिटकॉइन की शुरुआत हुई। बिटकॉइन का मकसद एक ऐसी करेंसी देना था जो ‘डिसेंट्रलाइज्ड’ हो, यानी जिस पर किसी एक संस्था का कंट्रोल न हो।
2008 का क्राइसिस अमेरिका के हाउसिंग बबल से शुरू हुआ था। बैंकों ने बिना सोचे-समझे होम लोन बांटे, जो लोग चुकाने में सक्षम नहीं थे। ये तस्वीर 13 अक्टूबर 2008 की है। न्यूयॉर्क शहर में लोग न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
चैप्टर-2
पहला ट्रांजैक्शन
बात 22 मई, 2010 की है। लास्जलो हैन्येज नाम के फ्लोरिडा बेस्ड एक प्रोग्रामर ने बिटकॉइन फोरम पर एक पोस्ट डाली। इसमें लिखा, ‘मैं 10,000 बिटकॉइन देकर दो पिज्जा खरीदना चाहता हूं।’ उस वक्त बिटकॉइन की कीमत इतनी कम थी कि 10,000 की वैल्यू महज 41 डॉलर थी।
लास्जलो की पोस्ट पर जेरेमी स्टर्डिवेंट नाम के एक शख्स ने जवाब दिया। जेरेमी ने पापा जॉन्स से दो पिज्जा ऑर्डर किए और लास्जलो के पते पर डिलीवर करवाए। बदले में लास्जलो ने जेरेमी को 10,000 बिटकॉइन भेजे। ये बिटकॉइन का पहला रियल-वर्ल्ड ट्रांजैक्शन था।
इसे ‘बिटकॉइन पिज्जा डे’ के नाम से जाना जाता है। उस वक्त किसी को नहीं पता था कि बिटकॉइन की कीमत भविष्य में आसमान छूएगी। आज एक बिटकॉइन की कीमत 1.08 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
क्यों खास है ये ट्रांजैक्शन?
ये पहला मौका था जब बिटकॉइन को किसी फिजिकल आइटम, यानी पिज्जा के लिए इस्तेमाल किया गया।
ऐसे में सबसे पहले पता चला कि बिटकॉइन सिर्फ डिजिटल कोड नहीं, बल्कि असल में पैसे की तरह काम कर सकता है।
आज के हिसाब से 10,000 बिटकॉइन की कीमत 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है। लोग मजाक में कहते हैं कि ये ‘दुनिया के सबसे महंगे पिज्जा’ थे।
चैप्टर-3
गुमनाम फाउंडर
बिटकॉइन का फाउंडर कौन है किसी को नहीं पता। बस एक रहस्यमयी नाम सामने आया- सतोशी नाकामोतो। कोई नहीं जानता कि ये शख्स था, कोई ग्रुप था, या बस एक नाम।
2008 में सतोशी ने एक ऑनलाइन क्रिप्टोग्राफी मेलिंग लिस्ट पर एक व्हाइटपेपर पोस्ट किया था, जिसका टाइटल था- ‘बिटकॉइन: अ पीयरॉ-टू-पीयर इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम।’ ये वो पहला मौका था जब किसी ने सतोशी नाम सुना।
जनवरी 2009 में, सतोशी ने बिटकॉइन का पहला सॉफ्टवेयर रिलीज किया और नेटवर्क शुरू किया। उन्होंने खुद पहला बिटकॉइन ब्लॉक माइन किया। सतोशी फोरम्स पर एक्टिव रहे, डेवलपर्स के साथ बातचीत करते, बिटकॉइन को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देते।
लेकिन फिर, 2011 में वो अचानक गायब हो गए। एक आखिरी ईमेल में उन्होंने लिखा, ‘मैं अब दूसरी चीजों पर काम कर रहा हूं। बिटकॉइन अच्छे हाथों में है।’ आज तक कोई नहीं जानता कि सतोशी नाकामोतो कौन थे।
कुछ का मानना है कि वो एक जापानी प्रोग्रामर थे, तो कुछ कहते हैं कि ये कई लोगों का ग्रुप था। उनके वॉलेट में करीब 10 लाख बिटकॉइन्स हैं, जो आज अरबों डॉलर के हैं, लेकिन वो कभी छुए नहीं गए।
हंगरी में बुडापेस्ट के ग्राफिसॉफ्ट पार्क में सतोशी नाकामोतो की एक मूर्ति लगी है। ये मूर्ति उस अनजान शख्स को सम्मान देने के लिए है, जिसने बिटकॉइन और इसके पीछे की ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी बनाई।
सतोशी की गुमनामी ने बिटकॉइन को और भी रहस्यमयी बना दिया, लेकिन उनकी बनाई ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ने दुनिया बदल दी। उनकी गुमनामी की 3 बड़ी वजह हो सकती है:
1. सिक्योरिटी की चिंता:
सतोशी ने बिटकॉइन को एक ऐसी करेंसी के तौर पर बनाया जो सरकारों और बैंकों के कंट्रोल से बाहर है। ये सिस्टम दुनिया की फाइनेंशियल व्यवस्था को चुनौती देने वाला है। अगर सतोशी अपनी असली पहचान बताते, तो…
कई देशों की सरकारें और सेंट्रल बैंक सतोशी के पीछे पड़ सकते थे। सब उन्हें मारने या गिरफ्तार कर लेने की कोशिश करते।
माना जाता है सतोशी के पास करीब 10 लाख बिटकॉइन हैं। अगर उनकी पहचान सामने आती तो अपराधी उन्हें निशाना बना सकते थे।
2. डिसेंट्रलाइजेशन की मंशा:
एक थ्योरी ये भी है कि सतोशी बिटकॉइन को डिसेंट्रलाइज्ड रखना चाहते थे। यानी सरकार, बैंक और यहां तक कि खुद के कंट्रोल से भी बाहर। अगर वो अपनी पहचान बताते और बिटकॉइन का ‘फेस’ बन जाते।
ऐसे में लोग बिटकॉइन को उनके नाम से जोड़ने लगते। उनकी हर बात को बिटकॉइन की दिशा तय करने वाली माना जाता, जो उसके मूल विचार के खिलाफ था। सतोशी चाहते थे कि बिटकॉइन कम्युनिटी खुद इसे आगे बढ़ाए।
3. साजिशों और अटकलों से बचना: अगर सतोशी अपनी पहचान बताते, तो लोग उनके इरादों पर सवाल उठाते। क्या वो बिटकॉइन को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या वो किसी सरकार या बड़ी कंपनी के लिए काम कर रहे हैं?
गुमनाम रहकर उन्होंने ऐसी सारी अटकलों से बचने की कोशिश की। इससे बिटकॉइन का फोकस उनकी पहचान की बजाय टेक्नोलॉजी और इसके मकसद पर रहा।
चैप्टर-4
टेक्नोलॉजी
बिटकॉइन एक डिजिटल कोड है जो आपके डिजिटल वॉलेट में रहता है। जैसे आप व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं, उसी तरह बिटकॉइन को आप इंटरनेट के जरिए दुनिया में कहीं भी भेज सकते हैं। इसकी कुल संख्या 21 मिलियन है। इससे ज्यादा बिटकॉइन कभी नहीं बनेंगे।
यह ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करता है। कल्पना करें कि एक बहीखाता है, जिसमें दुनिया भर के बिटकॉइन लेनदेन लिखे जाते हैं। इस बहीखाते को ब्लॉकचेन कहते हैं और यह हजारों कंप्यूटरों पर एक साथ मौजूद होता है।
ब्लॉकचेन एक डिजिटल कॉपी की तरह है जो जानकारी, जैसे लेनदेन को रिकॉर्ड करती है। इसे हर कोई देख सकता है, लेकिन कोई बदल या मिटा नहीं सकता। यह कई कंप्यूटरों पर साझा होती है, इसलिए यह सुरक्षित और भरोसेमंद है।
जब आप किसी को बिटकॉइन भेजते हैं, यह लेनदेन ब्लॉकचेन में दर्ज होता है। इसे जांचने और सुरक्षित करने का काम “माइनर्स” करते हैं, जो अपने कंप्यूटरों की ताकत से गणितीय समस्याएं हल करते हैं। बदले में, उन्हें नए बिटकॉइन मिलते हैं।
माइनिंग को एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए एक ताला है और उसकी लाखों चाबियां है। अब इस ताले को खोलने के लिए सभी चाबियों को एक-एक कर लगाकर देखना होगा। जो ताले को सबसे पहले खोलेगा उसे बिटकॉइन मिलेगा।
ब्लॉकचेन कैसे काम करती है?
ब्लॉकचेन को ब्लॉकों की एक श्रृंखला के रूप में सोचें। प्रत्येक ब्लॉक कॉपी का एक पेज है जिसमें लेनदेन की सूची होती है (जैसे, आदित्य ने विक्रम को 100 रुपए भेजे)।
जब ब्लॉक भर जाता है, तो उसे लॉक कर दिया जाता है और पिछले ब्लॉक से जोड़ दिया जाता है। नोड्स नामक कंप्यूटर इस जानकारी को जांचते और स्टोर करते हैं, यह सुनिश्चित करके कि यह सही और सुरक्षित है।
ब्लॉकचेन बहुत सुरक्षित भी है, क्योंकि यह डेटा को बचाने के लिए गणित और कोड का उपयोग करता है। चूंकि कई कंप्यूटर ब्लॉकचेन की कॉपी रखते हैं, इसे हैक करना मुश्किल है।
चैप्टर-5
सबसे ज्यादा बिटकॉइन
कहते हैं सतोशी ने शुरुआती दिनों में करीब 11 लाख बिटकॉइन माइन किए। उनके 22,000 वॉलेट्स में ये कॉइन आज भी रखे हुए हैं। इसकी कीमत अब 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
ब्लूमबर्ग की दिसंबर 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब इतने ही बिटकॉइन अमेरिकी स्पॉट ETFs के पास हैं। हालांकि, इन दोनों में से ज्यादा कॉइन किसके पास है इसका सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल है।
नई दिल्ली, एजेंसी। INDIA ब्लॉक शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मॉक संसद आयोजित करेगा। इसमें राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘महाभियोग’ चलाएंगे।
इस कार्यक्रम में राहुल, प्रियंका समेत कई विपक्षी नेता शामिल होंगे। यह कार्यक्रम 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले किया जा रहा है। विपक्ष SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में CEC के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
पब्लिक महाभियोग में जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ विरोध जताते हैं।
पब्लिक महाभियोग की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। प्रक्रिया की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।
प्रियंका गांधी वाड्रा गुरुवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचीं। उन्होंने 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली की तैयारियों का जायजा लिया।
INDIA ब्लॉक में शामिल हो सकती है CJP, कार्यकर्ताओं से फीडबैक मांगा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली का समर्थन किया है। CJP नेता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी समर्थक रामलीला मैदान में होने वाली रैली में शामिल हो सकते हैं। CJP ने INDIA ब्लॉक में शामिल होने के संकेत भी दिए हैं। इस पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक मांगा है।
वहीं, राहुल गांधी ने गुरुवार को छात्र संगठनों से भी 1 नवंबर के दिल्ली चलो मार्च में आने की अपील की है। उन्होंने X पर वीडियो जारी कर कहा कि पुलिस-लाठीचार्ज की चिंता नहीं करें। घबराने की जरूरत नहीं है।
INDIA ब्लॉक और CJP दोनों ही SIR और वोटरों के नाम काटे जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राहुल बोले- ये किसी राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं
राहुल ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को बचाने का मार्च है। यह मार्च भारतीय संविधान और राष्ट्र की रक्षा के लिए है। एक नवंबर का मार्च लोकतंत्र बचाने, वोट चोरी रोकने और संविधान की रक्षा के लिए है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि देश के लोकतंत्र, संविधान, विचारों और अपनी बात रखने की आजादी पर हमला हो रहा है तो उसे इस मार्च में शामिल होना चाहिए।
विपक्ष की SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 6 बैठकें-प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक के नेता SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 बार प्रदर्शन कर चुके हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रयागराज, एजेंसी। प्रयागराज में नीले ड्रम में 5 करोड़ रुपए कैश मिला है। 500-500 रुपए की गड्डियां कपड़े में लपेटी गईं और इन्हें जमीन में गाड़कर रखा गया था। मामला प्रयागराज से 32 किमी दूर बरईपुर गांव में राकेश यादव के घर का है। बुधवार रात को पुलिस ने रकम बरामद की।
5-6 दिन पहले राकेश का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। राकेश के खिलाफ FIR दर्ज हुई। पुलिस पहुंची तो राकेश की दरोगा से बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो घर के अंदर करोड़ों रुपए छिपाने की कहानी सामने आई।
नीले ड्रमों में रुपए भरने के बाद उन्हें ढक्कन से बंद कर दिया गया था।
कैश मिलने के बाद पुलिस ने घर को सील कर दिया है।
पुलिस ने गांव की बिजली काटकर मारी रेड
नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में राकेश यादव उर्फ महाकाल का पुश्तैनी मकान है। पुलिस को राकेश के घर में चोरी के रुपए जमीन में गाड़कर रखने का इनपुट मिला था। यह बात पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंची।
इसके बाद बुधवार शाम 6 बजे डीसीपी (गंगानगर) सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इससे पहले पुलिस ने पूरे गांव की बिजली कटवा दी। फिर सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद रहे।
साढ़े 4 घंटे तक चला सर्च अभियान
पुलिस के मुताबिक, घर की तलाशी के दौरान जमीन में दबाकर रखे गए 3 नीले ड्रम मिले। इसमें कपड़े से लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने कैश को कब्जे में लेकर घर सील कर दिया और घेराबंदी कर दी।
करीब साढ़े 4 घंटे तक घर में सर्च अभियान चलाने के बाद पुलिस साढ़े 10 बजे लौट गई। पुलिस ने राकेश यादव के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया है। पूरे परिवार को पुलिस टीमें अपने साथ ले गई हैं।
घर के चारों तरफ 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। राकेश के घर के साथ उसके बगीचे और खाली जमीन को भी पुलिस ने रिबन से घेर दिया है।
नवाबगंज के बरईपुर गांव में 3 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। इसके बाद राकेश यादव के घर पर रेड मारी गई।
गांववालों का दावा- कुछ साल में खरीदी गई 22 बीघा जमीन
गांववालों ने बताया कि राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहकर एक सर्राफा व्यापारी के घर काम करता था। कोविड के समय वह अपने बरईपुर स्थित घर चला आया।
इसके बाद उसने 22 बीघा जमीन खरीदी। इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। फिर करीब 1 करोड़ रुपए लगाकर घर बनवाया। दो ट्रैक्टर के साथ DJ और पिकअप खरीदा। फिर यहीं पर सीमेंट-सरिया का कारोबार करने लगा।
राकेश 2 भाइयों के साथ गांव में रहता है
राकेश 6 भाई हैं। इनमें राकेश, राजेश और लवकुश तीनों गांव में रहते हैं, जबकि तीन अन्य छोटू, राजेंद्र, अभिषेक बाहर रहते हैं। पिता राम आधार की मौत हो चुकी है।
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया-
बुधवार को रात होने की वजह से सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। राकेश के घर के आसपास पुलिस तैनात की गई है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपए मिले हैं।
जयपुर/लखनऊ/भोपाल/पटना, एजेंसी। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब भले ही कमजोर पड़ गया है लेकिन देश भर में इसका असर जारी है। चक्रवात ने सबसे ज्यादा ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तबाही मचाई है। दोनों राज्यों में करीब 6 लोगों की मौत हुई है।
ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार 4 दिनों से भारी बारिश हो रही है। करीब 300 गांवों में बाढ़ आ गई है। राज्य सरकार इन इलाकों में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से निकालने की तैयारी कर रही है। राज्य में अब तक करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वहीं, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक रेलवे पुल पानी में डूब गया है, जिसके चलते दोनों ओर से ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन फंसे यात्रियों को सड़क के रास्ते निकालने की तैयारी कर रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में हजारों पेड़ गिर गए हैं। कई पुल और सड़कें भी बह गई हैं।
चक्रवात के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत 15 राज्यों में भी बुधवार रात से बारिश हो रही है। इन राज्यों में अगले दो दिन बारिश जारी रह सकती है। तेज बारिश की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखे गए हैं।
चक्रवात अब डीप डिप्रेशन में बदला
चक्रवात अर्नब मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात अर्नब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। गुरुवार सुबह तक इसके डिप्रेशन और शाम तक कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
देशभर से मौसम की तस्वीरें
ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार 4 दिनों से हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं।
ओडिशा के पुरी में समुद्र में लहरें ऊंची उठ रही हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा के गजपति में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
तमिलनाडु के थूथुकुडी में मछुआरे गुरुवार को लगातार चौथे दिन समुद्र में नहीं उतरे।
ओडिशा के गजपति जिले में पानी के तेज बहाव में कई सड़कें बह गईं।
दिल्ली-NCR में आज बादल छाए हैं। गाजियाबाद में सुबह हल्की बारिश हुई।
उत्तराखंड के केदारनाथ में गुरुवार सुबह बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
सिक्किम के पाक्योंग जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई।
सैटेलाइट मैप में देखें देशभर का मौसम
राज्यों में मौसम का हाल…
मध्य प्रदेश: भोपाल-ग्वालियर समेत 12 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
चक्रवात अर्नब के असर से मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। गुरुवार को इसका असर और बढ़ने की संभावना है। मौसम केंद्र ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा, ग्वालियर सहित 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान: 27 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, रात का पारा 10 डिग्री तक पहुंचा
राजस्थान के 27 जिलों में गुरुवार को तेज बारिश का अलर्ट है। बुधवार देर शाम भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बादल छाए और देर रात हल्की बारिश हुई। मौसम में बदलाव से ठंड बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में जयपुर, पिलानी, सीकर, बाड़मेर और चूरू समेत लगभग सभी शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीकर और फतेहपुर में रात का तापमान गिरकर 10 डिग्री तक पहुंच गया।
उत्तराखंड: 5 जिलों में बारिश, केदारनाथ में बर्फबारी से हेलीकॉप्टर सेवा रोकी
उत्तराखंड में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखने लगा है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। केदारनाथ में सुबह बर्फबारी के बाद बारिश हुई। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर सेवा रोक दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने प्रदेश के 10 जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा: 4 जिलों में बारिश, 15 जिलों में अलर्ट; सामान्य से 181% ज्यादा बारिश
हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कई इलाकों में गुरुवार सुबह बारिश हुई। बूंदाबांदी के बाद आसमान में काले बादल छा गए। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। करनाल और यमुनानगर में आंधी चलने की आशंका है।
बिहार: पटना, समस्तीपुर सहित 3 जिलों में बारिश, 26 जिलों में अलर्ट
बिहार के पटना, समस्तीपुर और आरा में गुरुवार सुबह से हल्की बारिश हो रही है, जबकि नालंदा और बेगूसराय में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की आशंका है।
पंजाब-चंडीगढ़: 2 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की भी आशंका
पंजाब और चंडीगढ़ में आज से दो दिन मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान कई जगह बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। बुधवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया। फरीदकोट में सबसे ज्यादा 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।