कोरबा। स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) के तत्वावधान में आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ श्रद्धा, गंभीरता और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ट्रांसपोर्ट नगर चौक से आशीर्वाद प्वाइंट तक एक भव्य मौन जुलूस निकाला गया और आशीर्वाद प्वाइंट पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विभाजन की दर्दनाक स्मृतियों, विस्थापन की पीड़ा और शहीदों के बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
मौन जुलूस में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश
दोपहर 12 बजे ट्रांसपोर्ट नगर चौक से प्रारंभ हुए मौन जुलूस में कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा के सदस्यों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने हाथों में तिरंगा थामे भागीदारी निभाई। जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए आशीर्वाद प्वाइंट पहुंचा, जहां उपस्थित जनसमूह ने मौन रहकर 14 अगस्त 1947 के उस विभाजन की पीड़ा को नमन किया, जिसमें लाखों लोग अपने घर-परिवार, जमीन-जायदाद और रिश्तों से बिछड़ गए थे। इस मौन यात्रा में राष्ट्रप्रेम, त्याग और एकता का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
दीप प्रज्वलन और संगोष्ठी
आशीर्वाद प्वाइंट पर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. राजीव सिंह ने अपनी प्रभावशाली वाणी से किया, जिन्होंने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और विभाजन दिवस की ऐतिहासिक महत्ता को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। संगोष्ठी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने अपने प्रेरक उद्बोधनों से जनसमूह को विभाजन की ऐतिहासिक सच्चाइयों से अवगत कराया और एक अखंड एवं सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
मुख्य वक्ताओं के प्रेरक संबोधन
मुख्य वक्ता — भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडे
श्रीमती पांडे ने कहा कि भारत का विभाजन केवल एक भौगोलिक घटना नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों परिवारों के जीवन पर पड़ा गहरा घाव है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उस समय माताएं अपने बच्चों को खो बैठीं, बहनें अपने भाइयों से बिछुड़ गईं और बुजुर्ग अपने पैतृक घरों से दूर होकर अनजान धरती पर नए सिरे से जीवन शुरू करने को विवश हुए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमें इस इतिहास को केवल किताबों में नहीं, बल्कि दिल में संजोना चाहिए, ताकि ऐसी त्रासदी फिर कभी न हो। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा इस दिन को मनाने का उद्देश्य सिर्फ अतीत को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को मजबूत बनाना है। श्रीमती पांडे ने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि वे देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि मानें, समाज में भाईचारे को बढ़ावा दें और राष्ट्रहित के लिए हर संभव योगदान दें। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा हमें एक मजबूत, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देती है।
छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन का संबोधन
लखन लाल देवांगन ने कहा कि भारत का विभाजन मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। लाखों निर्दोष लोगों की हत्या, करोड़ों का विस्थापन और अनगिनत स्त्रियों-बच्चों की पीड़ा — यह सब हमें उस समय की भयावहता का स्मरण कराते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की कीमत केवल अंग्रेज़ों के शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि अपने भाइयों और बहनों की कुर्बानी भी है। भाजपा इन स्मृतियों को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए यह आयोजन करती है, ताकि देश में एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय गौरव का भाव सदा जीवित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश न केवल आर्थिक और सैन्य दृष्टि से सशक्त हो रहा है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना भी पुनर्जीवित हो रही है।
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी का संबोधन
गोपाल मोदी ने कहा कि यह स्मृति दिवस हमारे संकल्पों को दृढ़ करने का अवसर है। विभाजन के समय शरणार्थियों ने अपने खून-पसीने से देश का पुनर्निर्माण किया और आज हमें उसी आत्मबल को अपनाना होगा। भाजपा कोरबा जिला हर वर्ष इस दिन को उसी गरिमा और गंभीरता से मनाएगी, ताकि विभाजन के सबक और एकता का संदेश समाज में जीवित रहे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भारी संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल का संबोधन
प्रेमचंद पटेल ने कहा कि 14 अगस्त 1947 हमारे इतिहास का वह दिन है, जो स्वतंत्रता की खुशी के साथ-साथ विभाजन के दर्द को भी संजोए हुए है। लाखों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, करोड़ों लोग विस्थापित हुए और अनगिनत सपनों को विराम लग गया। यह दिन केवल इतिहास याद कराने के लिए नहीं, बल्कि यह चेतावनी देने के लिए भी है कि विभाजनकारी ताकतों को कभी सिर न उठाने दें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास से प्रेरणा लें और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, अशोक चाव्लानी, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, जोगेश लांबा, ज्योति नंद दुबे, एमडी मखीजा, कमल लाल मनवाणी, ठाकुरदास मनवाणी, चंदन दास केसरवानी, मनोज जेठानी, इंद्र लाल, राधाकृष्ण, आर दास मोटवानी, सुभाष कुमार मनवाणी, अमर गंगवानी, रमेश, परशराम रामानी, संतोष कुमार, मंडल अध्यक्ष राजेश राठौर, मनीष मिश्रा, योगेश मिश्रा, किशन सवा, अभिषेक गर्ग, उदय शर्मा, सरजू अजय, पार्षद गण, नरेंद्र देवांगन, हितानंद अग्रवाल, राकेश वर्मा, सुशील गर्ग, दिनेश वैष्णव, संजीव शर्मा, टेकचंद अग्रवाल, रामकुमार त्रिपाठी, अजय चंद्रा, लकी नंदा, प्रदीप दीपक चढ़ा, उदय श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, पवन सिन्हा, श्रीधर द्विवेदी, मिलाप बरेट, अजय, गोरेलाल, अनिल वस्त्रकर सहित महिला मोर्चा, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, जनपद के समस्त जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
संगोष्ठी के अंत में विभाजन पीड़ितों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। तत्पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। भाजपा जिला कोरबा ने संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में भी इस दिन को उसी गंभीरता और राष्ट्रीय भाव से मनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इतिहास से सीख लेकर भारत की अखंडता को मजबूत करें।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
घर में मचा कोहराम
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।
सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
देर रात घर में घुसकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजन ही निकला आरोपी
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।
सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव
घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।
कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।