छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर चक्काजाम:नगर-दुकानें भी बंद, कांग्रेस विधायक बोले- शिकायत के बाद भी डिपार्टमेंट ने नहीं लिया एक्शन
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के नैला रेलवे स्टेशन के पास पश्चिम केबिन पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। सुबह 6 बजे से चक्काजाम किया गया है। इस आंदोलन को नगर के व्यापारियों का भी समर्थन मिला है, जिसके चलते सभी दुकानें बंद हैं।
स्थानीय विधायक व्यास कश्यप ने बताया कि साल 2015 में भी रेलवे स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया गया था, तब लिखित में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि तब से लेकर अब तक बिलासपुर में रेलवे के उच्च अधिकारियों को कई ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
विधायक कश्यप ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सहमति दी थी, फिर भी कार्य में देरी हो रही है। उन्होंने इसे “दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई” बताते हुए कहा कि कुछ स्थानीय लोग विकास नहीं चाहते और अपने स्वार्थ के कारण ओवरब्रिज का निर्माण रोक रहे हैं।

चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
विधायक बोले- सांसद को जनता की पीड़ा दिखाई नहीं देती
विधायक ने सांसद कमलेश जांगड़े पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सांसद जांगड़े सक्ती क्षेत्र से आती हैं और उन्हें जांजगीर-चांपा की जनता की पीड़ा दिखाई नहीं देती। केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद सांसद महोदया को इस गंभीर समस्या से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
नैला फाटक बंद रहने से बढ़ी परेशानी
आंदोलनकारियों का कहना है कि नैला फाटक घंटों बंद रहने से आम नागरिकों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे प्रशासन केवल मालगाड़ियों को आवाजाही की अनुमति दे रहा है, जबकि यात्री ट्रेनें अक्सर रद्द रहती हैं।

विधायक व्यास कश्यप समेत पदाधिकारी भी आंदोलन में शामिल।
आंदोलनकारियों की मांगें
नैला रेलवे फाटक पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण
मिशन अस्पताल चांपा समपार पर अंडरब्रिज निर्माण
नहरिया बाबा के पास फुट ओवरब्रिज का निर्माण जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार
गोंडवाना एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस के ठहराव की मांग
कोरबा
सहायक गे्रड-3 की भर्ती हेतु पात्र-अपात्र की सूची जारी
दावा-आपत्ति 04 मई से 18 मई तक आमंत्रित
कोरबा। कार्यालय कलेक्टर (महिला एवं बाल विकास विभाग) कोरबा द्वारा सीधी भर्ती सहायक ग्रेड-03 की नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें निर्धारित तिथि व समय तक प्राप्त आवेदनों से पात्र-अपात्र सूची जारी कर दी गई है। सूची अनुसार अभ्यर्थी अपना दावा आपत्ति आवेदन/अभ्यावेदन 04 मई से 18 मई 2026 तक कार्यालयीन समय सायं 05.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कोरबा में रजिस्टर्ड डाक/कुरियर अथवा स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है। नियत तिथि एवं समय के उपरांत प्राप्त होने वाले अभ्यावेदन पर कोई विचार नहीं किया जावेगा। दावा आपत्ति हेतु पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की सूची कार्यालय के सूचना पटल व जिला के वेब साईट www.korba.gov.in में अवलोकन किया जा सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु मो.नं.7974543179 पर संपर्क किया जा सकता है।
कोरबा
जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत रेडियोग्राफर संविदा पद पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरबा के द्वारा जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत रेडियोग्राफर के 06 पदों (अनारक्षित 02, अ.जा. 01, अ.पि.व. 01, अ.ज.जा. 02) पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। उक्त रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 12. मई 2026 को शाम 05 बजे तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।
उक्त विज्ञापन का विवरण कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरबा के सूचना पटल एवं जिले के शासकीय वेबसाईट www.korba.gov.in मे उपलब्ध है। जिसका अवलोकन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए मो.नं. 7787859800 पर संपर्क किया जा सकता है।
कोरबा
माहौल ऐसा विकसित किया जाए कि महिलाएं सहजता से शिकायत कर सकें
महिला आयोग की अध्यक्ष की उपस्थिति में कार्यस्थल पर लैंडिग उत्पीड़न अधिनियम अंतर्गत प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
कोरबा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की उपस्थिति में आज कलेक्टोरेट ऑडिटोरियम में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम विषय पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन का आयोजन किया गया। प्रषिक्षण में आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं एक सदस्य शामिल हुए।

अध्यक्ष ने समिति के सदस्यों को बताया कि कार्यालयों में गठित आंतरिक शिकायत समिति का दायित्व है कि वे कार्य स्थल पर महिलाओं को कार्य करने का सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करायें एवं शिकायत प्राप्त होने पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करते हुए दोषियों के विरूद्ध उचित कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने समिति को न्यायालय की तरह अधिकार प्राप्त होने की जानकारी देते हुए कहा कि आंतरिक शिकायत समिति एक मजबूत समिति है वह कानून के हिसाब से काम करती है। यह समिति पुरूषों को भी न्याय दे सकती है। समिति के पास महिलाओं की शिकायत तभी पहुंचेगी जब निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सुरक्षित वातावरण में सहानुभूति के साथ सुनवाई होगी। समिति को जांच एवं कार्यवाही के दौरान कार्यालय प्रमुख से अनुमति लेने की आवश्यकता भी नहीं होती। जो निर्णय समिति की होती है उसका पालन करने की बाध्यता होती है। उन्होंने बताया कि आंतरिक शिकायत समिति का प्रमुख उद्देष्य कार्य स्थल में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाना और पीड़ित को न्याय दिलाना है। इस कार्य में समिति के पूरे सदस्य की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष श्रीमती रहाटकार ने गैर सरकारी एवं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं, घरेलू कर्मचारी, ईंट भट्टा, भवन निर्माण सहित अन्य कार्यों में संलग्न महिला कर्मचारियों के प्रति अपराध रोकने स्थानीय समिति का गठन करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जन सुनवाई के माध्यम से पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुना और निराकरण के निर्देष दिये। इस दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित पार्षदगण उपस्थित थे।
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