Connect with us

छत्तीसगढ़

चंद्राकर बोले- कांग्रेस दफन होगी तो 4 नेता कांधा देंगे:बैज बोले- गिद्ध के इंतजार से शेरों की मौत नहीं होती, हमारे कार्यकर्ता बब्बर शेर

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आज बुधवार को भाजपा संविधान हत्या दिवस मना रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेताओं पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी पलटवार करते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया है।

अजय चन्द्राकार ने कहा कि आपातकाल और 1984 का सिख दंगा कांग्रेस के ताज में नगीने हैं। कांग्रेस के डीएनए में लोकतंत्र की हत्या, असुरक्षा और विरोधियों की हत्या का इतिहास है। वहीं दीपक बैज ने कहा कि संविधान पर सबसे बड़ा खतरा आज मंडरा रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सीनियर विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर पलटवार किया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सीनियर विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर पलटवार किया है।

बैज ने कहा कि चुनी हुई सरकार को गिराना, विधायकों की खरीद फरोख्त करना, विपक्षीय नेताओं को डराना धमकाना, केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग करने का काम कर रही है। यह आपातकाल नहीं तो और क्या है? भाजपा की सरकार में अघोषित आपातकाल लगा हुआ। बीजेपी नाकामियों को छुपाने के लिए नौटंकी करती है।

लंगड़े घोड़े को गोली मारकर दफन कर दिया जाता है- चंद्राकर

सचिन पायलट के बयान कांग्रेस में सभी अश्वमेध के घोड़े हैं पर अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी नहीं अस्तबल है। इनकी घोड़े से मुक्ति नहीं हो रही है। अश्वमेध का घोड़ा है कि किसका घोड़ा है, लेकिन है सभी घोड़े ही। अजय ने कहा कि घोड़ा जब लंगड़ा हो जाता है तो उसे गोली मारकर दफन कर दिया जाता है। इसलिए लंगड़े घोड़े को गोली मार देनी चाहिए उनकी भूमिका वैसी ही है।

अजय चन्द्राकार ने कहा- आपातकाल और 1984 का सिख दंगा कांग्रेस के ताज में नगीने हैं।

अजय चन्द्राकार ने कहा- आपातकाल और 1984 का सिख दंगा कांग्रेस के ताज में नगीने हैं।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अजय चंद्राकर पर निशान साधते हुए कहा कि पार्टी में अपना नंबर बढ़ाने के लिए अजय चन्द्राकर बयानबाजी कर रहे हैं। बीजेपी में लंगड़े घोड़े की फौज ज्यादा है।भाजपा में लंगड़े घोड़े से ज्यादा खराब स्थिति अजय चंद्राकर की है।

गिद्ध का इंतजार करने से शेरों की मौत नहीं होती- दीपक

अजय चंद्राकर के कांग्रेस को कंधा देने वाले बयान पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने कहा- किसी गिद्द का इंतजार करने से शेरों की मौत नहीं होती है। कांग्रेस में सभी बब्बर शेर है। भाजपा गिद्ध की तरह इंतजार कर रही है, लेकिन उन्हें अभी बहुत इंतजार करना पड़ेगा।

दरअसल, बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए अजय चन्द्राकर ने कांग्रेस के नेताओं भूपेश बघेल, चरण दास महंत, दीपक बैज और टीएस सिंहदेव पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस दफन होगी तो चारों अपने कंधे पर उसे ले जाएंगे। सद्गति के लिए इसकी जरूरत है।

अंतरकलह की बातों को किया खारिज

बैज ने कांग्रेस के भीतर अंतरकलह के सवालों को खारिज करते हुए कहा हमने विधायकों, प्रकोष्ठ प्रमुखों और संगठन से जुड़े हर व्यक्ति से फीडबैक लिया है। कांग्रेस पूरी मजबूती से मैदान में है। कौवा कान ले गया ये कहने से हकीकत नहीं बदल जाती।

अमित शाह के दौरे को लेकर साधा निशाना

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार खाद बीज उपलब्ध नहीं करवा पा रही है, डीएपी की कमी है। डबल इंजन की सरकार फेल नजर आ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री का किसानों के लिए एक शब्द ना बोलना इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है। किसानों के लिए बड़ी लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ेगी। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ेगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

पार्षद अमिला राकेश पटेल के प्रयासों से नराईबोध में थमा बच्चों का इंतजार, स्कूल बस सेवा हुई बहाल

Published

on

​कोरबा/गेवरा। नगर पालिका बांकीमोगरा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 29 के नराईबोध, भिलाई बाजार में स्कूली बच्चों के लिए खुशहाली की नई किरण जगी है। क्षेत्र की पार्षद अमिला राकेश पटेल के अथक प्रयासों और सतत जनहितकारी विजन के फलस्वरूप स्कूल बस सुविधा का संचालन सुचारु रूप से प्रारंभ हो गया है ।

प्रबंधन और जनप्रतिनिधि के समन्वय की जीत

लंबे समय से बस सुविधा के अभाव में बच्चों और अभिभावकों को हो रही परेशानियों को देखते हुए पार्षद अमिला राकेश पटेल ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने एसईसीएल (SECL) गेवरा प्रबंधन के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा, उनके इस सकारात्मक दबाव और सार्थक चर्चा का परिणाम बस सेवा के पुनः शुरू होने के रूप में सामने आया है ।

​SECL प्रबंधन का आभार

बस सेवा की शुरुआत होने पर पार्षद अमिला राकेश पटेल ने एसईसीएल गेवरा प्रबंधन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है ।

उन्होंने कहा शिक्षा ही भविष्य की नींव है और बच्चों को स्कूल जाने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, मैं एसईसीएल गेवरा प्रबंधन को दिल की गहराइयों से धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने हमारी मांग को संवेदनशीलता से सुना और इस सामाजिक जिम्मेदारी को बखूबी निभाया ।

​ग्रामीणों ने किया स्वागत

प्रबंधन के इस कदम और पार्षद की सक्रियता का क्षेत्र के ग्रामीणों ने जबरदस्त उत्साह के साथ स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अमिला राकेश पटेल के नेतृत्व में वार्ड 29 विकास और जन-सुविधाओं के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। बस सुविधा शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी ।

Continue Reading

कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

Published

on

कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

Continue Reading

कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

Published

on

कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

Continue Reading
Advertisement

Trending