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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मद्दी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मद्दी सामाजिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का गहरा अनुभव है। मुझे विश्वास है कि उनका यह अनुभव स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के कार्यों को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अनेक नवाचारों के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता ला रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ हम बस्तर में अधोसंरचना और पर्यटन विकास के कार्यों को गति दे रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। हमने हाल ही में दुधारू पशु योजना के माध्यम से आदिवासी परिवार को दो अच्छी नस्ल की गाय प्रदान करने की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात में प्रदेश के विकास को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं और इंद्रावती एवं महानदी को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के बारे में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के साथ-साथ यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री श्रीनिवास के सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव का लाभ निश्चित ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन को मिलेगा। उन्हें पहले भी वन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला था और उन्होंने बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन किया। इस अवसर पर नई जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने श्री मद्दी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने भी संबोधित किया एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद महेश कश्यप, सांसद भोजराज नाग, विधायक राजेश मूणत, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक आशाराम नेताम, विधायक चैतराम अटामी, विधायक विनायक गोयल, विधायक धरमलाल कौशिक, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावड़े, आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

CG में दशहरा-दीपावली और शीतकालीन छुट्टियों का ऐलान:पूरे सत्र में 15 दिन बंद रहेंगे स्कूल, इस बार 3 दिन की कटौती, देखिए पूरा शेड्यूल

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस साल के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। राज्य के सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में तीनों अवसरों पर 5-5 दिन की छुट्टी रहेगी। यानी पूरे साल इन तीन छुट्टियों को मिलाकर स्कूल 15 दिन बंद रहेंगे।

दशहरा में 17 से 21 अक्टूबर तक छुट्टी

स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक दशहरा के मौके पर 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक 5 दिन का अवकाश रहेगा।

दीपावली पर 6 से 10 नवंबर तक स्कूल बंद

दीपावली के लिए 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक 5 दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इस दौरान स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी।

दिसंबर में 5 दिन की शीतकालीन छुट्टी

साल के अंत में शीतकालीन अवकाश 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2026 तक रहेगा। इस तरह दिसंबर में भी विद्यार्थियों को लगातार 5 दिन की छुट्टी मिलेगी।

पिछले साल 18 दिन का था अवकाश

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश 6-6 दिन का था। दशहरा पर 29 सितंबर से 4 अक्टूबर, दीपावली पर 20 से 25 अक्टूबर और शीतकालीन अवकाश 22 से 27 दिसंबर तक छुट्टी रही थी।

इस हिसाब से पिछले सत्र में इन तीनों अवसरों पर कुल 18 दिन का अवकाश था, जबकि 2026 में यह घटकर 15 दिन हो गया है।

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छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार के बंद गौठान में 20 गायों की लाशें:गौ-सेवक बोले- भूख-प्यास से तोड़ा दम, कुत्ते नोच रहे थे, अधिकारी बोले- वजह स्पष्ट नहीं

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बलौदाबाजार, एजेंसी। बलौदाबाजार जिले के एक गौठान में 20 से ज्यादा गायों के शव सड़ी-गली हालत में मिले हैं। कई शवों को कुत्ते नोचकर ले गए, जबकि कुछ जगहों पर गायों के सिर्फ कंकाल मिले हैं। गौ सेवकों के मुताबिक गौठान में करीब 200 मवेशी बंद थे, जहां ना तो चारा और ना ही पानी की व्यवस्था थी।

उनका दावा है कि भूख-प्यास से गायों की मौत हुई है। घटना भाटापारा ब्लॉक के सूरजपुरा गांव में बने गौठान की है। जानकारी के अनुसार ये गौठान कांग्रेस सरकार के समय बनाया गया था। फिलहाल, यह बंद पड़ा है। फसल बर्बाद करने के कारण गांव वाले आवारा मवेशियों को गौठान के अंदर बंद कर देते हैं।

प्रशासन ने फिलहाल मृत गायों की संख्या और मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है। मामले की जांच शुरू की गई है।

गौठान में बछड़ा भूख-प्यास से तड़पता मिला।

गौठान में बछड़ा भूख-प्यास से तड़पता मिला।

गौठान के अंदर गायों के शव पड़े हुए मिले।

गौठान के अंदर गायों के शव पड़े हुए मिले।

कुछ गायों के तो सिर्फ कंकाल मिले हैं।

कुछ गायों के तो सिर्फ कंकाल मिले हैं।

क्या है पूरा मामला

गौ सेवक अभिषेक उपाध्याय के मुताबिक, वे एक घायल गाय की तलाश करते हुए रात में गौठान पहुंचे थे। वहां गौठान के सामने दो गायें मरी पड़ी थीं, जिन्हें आवारा कुत्ते नोच रहे थे। उन्होंने बताया कि गौठान के अंदर जाने पर करीब 200 गायें भूखी-प्यासी हालत में पड़ी मिलीं। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया।

गौ सेवकों का आरोप है कि गौठान में पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और गायों वहां छोड़ दिया गया था। इसी वजह से 15 से 20 गायों की मौत हुई है। गौ सेवकों ने इसे पशु क्रूरता का मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अधिकारी और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही भाटापारा तहसीलदार यशवंत राज, जनपद पंचायत सीईओ हिमांशु वर्मा और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने मृत गायों के शवों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि गायों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।

कुछ दिन पहले सूअरों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले टेहका गांव में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से 100 से ज्यादा सूअरों की मौत हुई थी। इसके बाद अब सूरजपुरा गौठान में गायों की मौत की घटना सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, अधिकारी गायों की मौत के कारण और मृत पशुओं की वास्तविक संख्या की जांच कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़- 36 में से 20 कांग्रेस नेताओं का निष्कासन रद्द:कुकरेजा-डोंगरे समेत कई की घर वापसी पक्की, अमित-रेणु जोगी, बृहस्पति पर फैसला बाकी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी से बाहर निकाले गए 20 नेताओं का निष्कासन रद्द कर दिया गया है। शनिवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में 36 निष्कासित नेताओं की घर वापसी पर विचार हुआ। जिनका निष्कासन रद्द किया गया है, उनमें कुकरेजा-डोंगरे समेत कई नेता शामिल हैं।

बाकी बचे 16 नेताओं के निष्कासन पर मंथन अभी जारी है। इनमें अमित जोगी, रेणु जेगी और बृहस्पति सिंह शामिल हैं। आदेश के बाद सभी संबंधित नेताओं के लिए पार्टी में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है।

पहली सूची में रायपुर, राजनांदगांव और मुंगेली के नेता शामिल हैं। रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है। वहीं, मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा को भी राहत दी गई है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आनंद कुकरेजा का निष्कासन रद्द कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आनंद कुकरेजा का निष्कासन रद्द कर दिया है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण हुए थे निष्कासित

रायपुर उत्तर विधानसभा से 2023 में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अजीत कुकरेजा के पिता आनंद कुकरेजा को कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

इससे पहले कांग्रेस ने अजीत कुकरेजा को भी पार्टी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के मामले में निष्कासित किया था। इसके बाद उनके पिता आनंद कुकरेजा पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कार्रवाई की गई थी। आनंद कुकरेजा समेत 14 लोगों को निष्कासित किया गया था।

गरियाबंद से 5 नाम, राजनांदगांव से 8

गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू का निष्कासन रद्द किया गया है। कोंडागांव से सुशील सोनी का नाम सूची में शामिल है।

राजनांदगांव जिले के सबसे ज्यादा नेताओं को इस फैसले से राहत मिली है। यहां सगीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर और शशांक डोंगरे का निष्कासन रद्द किया गया है। इसके अलावा अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा के नाम भी सूची में शामिल हैं।

PCC की ओर से जारी सूची देखें

तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अनुशासन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार संबंधित कांग्रेसियों का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से आदेश जारी किया गया है।

पार्टी की ओर से जारी यह पहली सूची है। इससे पहले अलग-अलग कारणों से निष्कासित किए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में वापस लेने की प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की गई है। आदेश के बाद इन नेताओं की पार्टी संगठन में दोबारा सक्रिय भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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