देश
CIL की अप्रैल में कोयला नीलामी मात्रा मार्च के मुकाबले 6% घटकर 3.05 करोड़ टन
नई दिल्ली, एजेंसी। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अप्रैल में ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से 3.05 करोड़ टन (एमटी) कोयला पेश किया। यह मार्च में पेश 3.25 करोड़ टन के मुकाबले छह प्रतिशत कम है। यह गिरावट पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आई है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बिजली संयंत्रों को कोयले का इस्तेमाल बढ़ाना पड़ा है। सीआईएल के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में पेश कुल कोयले में से महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने 94 लाख टन की नीलामी की। इसके बाद साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 56 लाख टन, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने 46 लाख टन, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने 44 लाख टन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 30 लाख टन की नीलामी की।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने कोयले की पेशकश ‘सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक’ (एसडब्ल्यूएमए) नीलामी के माध्यम से की। यह 2022 में शुरू किया गया एकीकृत और सरल ई-नीलामी मंच है। कोल इंडिया की देश के घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। कोयला मंत्रालय के अधीन महारत्न सार्वजनिक उपक्रम सीआईएल बिजली संयंत्रों, स्पंज आयरन निर्माताओं और अन्य उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नियमित ई-नीलामी आयोजित करती है।
कंपनी ने पहले यह भी कहा था कि अब बांग्लादेश, भूटान और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के खरीदार सीधे उसकी ऑनलाइन कोयला नीलामी में भाग ले सकते हैं जिससे बिचौलियों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस कदम से अतिरिक्त कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग, पारदर्शिता में वृद्धि एवं वैश्विक बाजार में एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सीआईएल के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रहा जो 2024-25 में 78.11 करोड़ टन था। वहीं, मार्च महीने में उत्पादन 8.58 करोड़ टन से घटकर 8.45 करोड़ टन रह गया।
देश
चुनाव खत्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया- पीएम मोदी की अपील पर अखिलेश ने कसा तंज
लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता से कम खर्च करने और खाने के तेल की खपत कम करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर तंज करते हुए सोमवार को कहा कि यह गुजारिश सरकार की अपनी असफलता की ‘स्वीकारोक्ति’ है। यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तेलंगाना में एक रैली में आम जनता से पश्चिम एशिया में युद्ध से उपजे हालात में ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने और सोने की खरीद तथा विदेश यात्रा को एक साल के लिए टालने जैसे कई उपाय सुझाए जाने पर तंज करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया!

‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी?
दरअसल, देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील पर कटाक्ष करते हुए कहा, “सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है।
अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं भाजपाई
भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक।” यादव ने सवाल करते हुए कहा, “वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हजारों चार्टर हवाई यात्राएं कीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में वीडियो कॉन्फ्रेंस से ही प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही हैं क्या?” उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना करते हुए कहा, “ये अपील भाजपा सरकार की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है। दरअसल वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया।
‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा सरकार हट कर किया काम
सपा प्रमुख ने कहा कि इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफ़रातफ़री फैलाना नहीं। यादव ने कहा कि भाजपा के लोग अगर सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो अपनी नाकामी को स्वीकार करें। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वैसे भी इन हालात की असली वजह विदेश नीति के मामले में देश की परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा सरकार का हटकर कुछ गुटों के पीछे, कुछ ख़ास वजहों और दबावों की वजह से चलना है।
अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को महंगाई, बेरोज़गारी और मंदी की मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा ने चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित कर दिया है, नफरत फैला कर समाज के सौहार्द को बर्बाद कर दिया है, अपने चाल-चलन से भाजपाइयों ने संस्कृति-संस्कार को कलुषित कर दिया है, साधु-संतो पर प्रहार और आरोप लगाकर धर्म तक को नहीं छोड़ा है और अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं।”
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों को दी सलाह
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बुरे असर से लोगों को बचाने की अपनी सरकार की कोशिशों का रविवार को जिक्र करते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने और सोने की खरीद तथा विदेश यात्रा को एक साल के लिए टालने जैसे कई उपाय सुझाए। मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया।
तेल की खपत कम करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोविड-19 महामारी के दौरान हमने घर से काम करना, वर्चुअल मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस और कई दूसरे तरीके अपनाए थे। हमें उनकी आदत हो गई थी। आज के समय की जरूरत है कि हम उन तरीकों को फिर से अपनाएं।” उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाने के तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल घटाने, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की भी अपील की।
देश
‘विदेशी आक्रांता’ भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके, सोमनाथ संकल्प महोत्सव में CM Yogi की हुंकार
वाराणसी, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि ‘विदेशी आक्रांता’ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने के प्रयास में नाकाम रहे, क्योंकि सनातन भारत की चेतना में बसता है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। योगी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत वाराणसी में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सनातन को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन वे भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके।

उन्होंने कहा, “मोहम्मद गोरी से लेकर मुगलों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की कोशिश की।” योगी ने कहा, “औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया और यहां गुलामी का प्रतीक एक ढांचा खड़ा कर दिया, लेकिन वह भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सका। वह यह नहीं समझ सका कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि खुद भारत की चेतना में बसता है। भारत अपनी आत्मा को शाश्वत और अमर मानता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद ही धूल में मिल गए और आज उन आक्रांताओं को कोई याद नहीं करता, लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान की गाथा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के पुनरुत्थान का विरोध करती हैं। योगी ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था, उन्हीं लोगों ने बाद में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में भी बाधाएं खड़ी कीं।
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PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद सरकार ने दिया अपडेट, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को साफ किया कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि global level पर जारी उथल-पुथल और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच नागरिकों को ऊर्जा बचाने की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

पश्चिम एशिया के हालात को लेकर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और रिफाइनरी) Sujata Sharma ने कहा कि दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके बावजूद भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 14 लाख बुकिंग के मुकाबले 1 करोड़ 26 लाख LPG सिलेंडर घरों तक पहुंचाए गए। वहीं कमर्शियल LPG की बिक्री 17 हजार टन से अधिक रही, जबकि ऑटो LPG की बिक्री 762 टन से ज्यादा दर्ज की गई।
सरकार ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने और सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील भी दोहराई गई।
सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि जहां संभव हो वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारपूलिंग अपनाएं, माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दें, ताकि ऊर्जा की बचत की जा सके।
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