देश
कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई,एजेंसी। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चुनाव आयोग के ऑफिस (ECO) के बाहर भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। इधर CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है।

ममता ने X पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है, वही गंदा खेल जो भाजपा ने महाराष्ट्र और दिल्ली में खेला था।

गुवाहाटी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के और तिरुवनंतपुरम में BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने मेनिफेस्टो जारी किया।
चुनाव से जुड़े अपडेट्स
TMC के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार से अवैध रूप से वोटर बंगाल के विभिन्न जिलों में लाए जा रहे हैं। बिहार के 800 वोटरों को मेदिनीपुर में जोड़ा गया है। भाजपा बंगाल की जनसांख्यिकी बदलना चाहती है।
भाजपा ने केरलम के मेनिफेस्टो में AIIMS और तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क विकसित करने का वादा किया। पार्टी ने ‘भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड’ योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500, बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंद महिलाओं को ₹3000 पेंशन देने की घोषणा की।
भाजपा ने असम के लिए मेनिफेस्टो में लव जिहाद पर एक्शन, घुसपैठियों से कब्जाई जमीन वापस लेने, राज्य में UCC लागू करने, युवाओं को 5 साल में 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। पत्र में कुल 31 वादे किए गए हैं।
असम के लिए कांग्रेस ने 5 गारंटियां जारी की हैं। इसमें महिलाओं को नकद सहायता, सीनियर सिटिजन को पेंशन, हर परिवार को ₹25 लाख तक का हेल्थ कवर, गायक जुबीन गर्ग को 100 दिन में न्याय और 10 लाख स्वदेशी लोगों को जमीन का अधिकार देने का वादा शामिल है।
TVK चीफ विजय और उनकी पार्टी के 5 हजार कार्यकर्ताओं पर चुनाव के नियमों के उल्लंघन के आरोप में आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ।
कांग्रेस उम्मीदवार सतीशान बोले- केरल CM के साथ कभी भी बहस को तैयार
केरल में विपक्ष के नेता और कांग्रेस उम्मीदवार वी.डी. सतीशान ने CM पिनराई विजयन का उनके साथ डिबेट करने का चैलेंज स्वीकार कर लिया है। सतीशान ने कहा- पहली बार मुख्यमंत्री ने मुझसे बहस करने का प्रस्ताव रखा। मैंने मुख्यमंत्री की पहल स्वीकार कर ली है और उनसे कहा है कि जब भी और जहां भी वे समय और जगह तय करें, मैं तैयार हूं।
राहुल बोले- आज से एक-दो महीने बाद देश में वित्तीय भूकंप आएगा
केरल के कोझिकोड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को लेकर कहा कि आने वाले समय में इसका असर भारत पर पड़ेगा और एक ‘आर्थिक भूचाल’ की स्थिति बन सकती है।
राहुल गांधी ने कहा- मिडिल ईस्ट में जो घटनाक्रम चल रहा है, वह एक बड़ी त्रासदी की ओर बढ़ रहा है और यह स्पष्ट नहीं है कि इसका अंत कहां होगा। इसका सीधा असर भारत और खासकर केरल के लोगों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा- आने वाले समय में ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई में इजाफा होगा। आज से एक या दो महीने बाद देश में वित्तीय भूकंप आएगा, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं हैं। साथ ही उन्होंने केरल की LDF सरकार से भी सवाल किया कि वह लोगों को इस संभावित संकट से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है।

महुआ मोइत्रा का आरोप- BJP बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ रही
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव आयोग भाजपा से हजारों की संख्या में फॉर्म 6 स्वीकार कर रहे हैं ताकि राज्य के बाहर के लोगों को चुनाव में धांधली करने के लिए शामिल किया जा सके। आज उन्होंने मुर्शिदाबाद, मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना में सूचियों में नाम जोड़ने की कोशिश की। हम भाजपा और चुनाव आयोग को चोरी करने नहीं देंगे।
देश
बिहार- नालंदा के मंदिर में भगदड़, 9 की मौत:इनमें 8 महिलाएं, राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई नहीं
नालंदा,एजेंसी। बिहार में नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। 8 महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा।
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
दर्शन करने की जल्दी में धक्का-मुक्की मच गई। अफरातफरी के बीच कई लोग भीड़ में दब गए। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है।

आज नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। उनकी सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था, जबकि मंदिर में जुटी 25 हजार की भीड़ के लिए एक भी पुलिस वाले की तैनाती नहीं थी।
हादसे के बाद पटना कमिश्नर को बिहार शरीफ भेजा गया है। सीएम ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। दीपनगर थाने के SHO राजमणि को सस्पेंड कर दिया गया है।
सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 6 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। वही केंद्र सरकार ने 2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।
हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें…

हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

ई-रिक्शा से घायल महिला को अस्पताल लाया गया।

हॉस्पिटल में घायल को सीपीआर देते डॉक्टर।

पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर लोगों की भीड़ है।
हादसे से जुड़ी बड़ी बातें –
- नालंदा पहुंचे DGP विनय कुमार ने कहा कि मंदिर परिसर में बहुत कमियां हैं। निश्चित तौर पर यहां पुलिस की टीम होनी चाहिए थी। SHO को संस्पेंड किया गया है।
- चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते पटना और आसपास के इलाकों से भी दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस वजह भीड़ बहुत बढ़ गई।
- मंदिर परिसर छोटा था। भीड़ को कंट्रोल करने के इंतजाम नहीं थे। लोगों में पहले दर्शन करने की होड़ लग गई।
- लोग कतार में लगने की जगह आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग भीड़ के नीचे दब गए।
- मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस को पहुंचने में भी देर हुई।
दर्शन की जल्दबाजी में मची भगदड़
महिला भक्तों ने बताया कि चैत्र महीने का ये आखिरी मंगलवार है। यहां मेला लगा था। भीड़ ज्यादा हो गई। मंदिर का गर्भगृह भी छोटा है। लोग जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में थे। कोई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाह रहा था।
दूसरे श्रद्धालु ने बताया, ‘सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। मंदिर के अंदर भारी भीड़ थी। पुलिस का जवान अंदर तैनात नहीं था। भीड़ को डायवर्ट करने या दो लाइनों में बांटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंदिर के पुजारी ही जल्दी-जल्दी दर्शन कर निकलने को कह रहे थे। इस बीच एक महिला को चक्कर आ गया, जिससे वो वहीं गिर पड़ी। कुछ लोग उसे संभालने लगे, और भीड़ को पीछे करने की कोशिश की। इस दौरान भगदड़ मच गई।’
40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
मंदिर में मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया, ‘भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश पड़ीं थीं। कुछ दर्द से चिल्ला रहीं थीं। लोगों ने पुलिस को खबर की। पहले 2-3 पुलिस वाले पहुंचे। उनके साथ मिलकर श्रद्धालुओं ने घायल महिलाओं को किनारे लिटाया। कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। घटना के करीबब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस पहुंची और पुलिस के कुछ अफसर भी आए। इसके बाद घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। महिलाओं को उठाते समय ही लग रहा था कि उनमें से कुछ की मौत हो गई है।’

भगदड़ के बाद मंदिर के पास के तालाब में पूजा सामग्री की दुकानों के सामान गिरे पड़े हैं।
लापरवाही के तीन बड़़े कारण
1. मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्था नहीं की
आज चैत्र का आखिरी मंगलवार है। मघड़ा शीतला मंदिर में इस दिन हर साल भीड़ होती है, मंदिर प्रबंधन को इस बात की जानकारी थी, इसके बाद भी भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग तक नहीं की गई थी। सुबह 8 से 9 बजे के बीच भीड़ अव्यवस्थित हो गई।
2. चोर दरवाजे से दर्शन कराए जा रहे थे
बढ़ती भीड़ को कंट्रोल करने की बजाए मंदिर प्रबंधन और वहां मौजूद पुजारी फायदा उठा रहे थे। वे लोगों से पैसा लेकर पीछे के दरवाजे से माता का दर्शन कराने लगे। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था, ये अपनी मनमानी कर रहे थे। इसके कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई।
3. 25 हजार की भीड़, पुलिस- प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं
मंदिर परिसर में न तो सुरक्षा का कोई इंतजाम था और न ही भीड़ को कंट्रोल करने के लिए किसी पुलिसकर्मी को तैनात किया गया था। मेले की पहले से जानकारी होने के बाद भी प्रशासन की तरफ से यहां किसी मजिस्ट्रेट को तैनात नहीं किया गया था। घटना स्थल से 30KM की दूरी पर राष्ट्रपति आने वाली थीं, वहां 8 जिले के ढाई हजार जवान तैनात किए गए थे।

राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, नालंदा पहुंचने से डेढ़ घंटे पहले हादसा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने नालंदा पहुंचीं। राष्ट्रपति सुबह 11.20 से शाम 4.50 बजे तक नालंदा में रहेंगी।
उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। नालंदा के अलावा जहानाबाद, गया, पटना समेत 8 से अधिक जिलों से ढाई हजार से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया है।
नालंदा के डीएम ने दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल सर्विसेज को हाई अलर्ट पर रखा गया था। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों और मेडिकल कर्मियों की तैनात की गई थी।
छत्तीसगढ़
एमपी-छत्तीसगढ़, राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन:सीएम बोले- राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी, राजस्थान के स्पीकर ने कहा- विरोध तार्किक हो
भोपाल/रायपुर, एजेंसी। मध्य प्रदेश विधानसभा में चल रहे युवा विधायक सम्मेलन में 3 राज्यों के 50 से ज्यादा MLA मौजूद हैं। इनको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जनता के बीच बने रहने के लिए विनम्रता बनाए रखें। इलाके की अच्छाई के साथ कमजोरी को भी समझें। राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी है। आज के दौर में दुनिया हमारी तरफ देख रही है कि भारत किस तरह 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी बात रखते हुए छात्र संघ चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा- हमारे यहां छात्र संघ चुनाव बंद हो गए। नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है। कॉलेज के समय युवाओं के अंदर आग होती है सिस्टम से लड़ने की। वहां से शुरुआत होती है सोचविचार की और सिस्टम से लड़ने की। लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब इस देश में डेमोक्रेसी मजबूत रहेगी।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- संसदीय लोकतंत्र में जो कठिनाई आती हैं, उनसे नई परिस्थितियों का निर्माण होता है। विरोध तार्किक प्रक्रिया होनी चाहिए। हमारा प्रतिनिधित्व सार्थक सेवा की ओर बढ़े। हम सब मिलकर नागरिकों और विधायिका के बीच संवाद करें। हम पूरा समय सदन में बैठने का स्वभाव बनाएं। अनुभवी लोगों के भाषण सुनें।

- युवा विधायकों का स्वागत पारंपरिक लोक नृत्य से किया गया। इसके बाद ग्रुप फोटो खींचा गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।
- दो दिन तक चलने वाले युवा विधायक सम्मेलन में कुल पांच सत्र होंगे। पहले दिन यानी आज तीन सत्र होंगे। इनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के विजन तक पहुंचने में युवा विधायकों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
- 31 मार्च को सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश समापन सत्र में शामिल होंगे। एमआईटी, पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी संबोधन देंगे।

युवा विधायकों का स्वागत लोक नृत्य से किया गया।

विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विधायकों को गमछा ओढ़ाया गया।

विधायकों का सीएम डॉ. मोहन सिंह और स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ग्रुप फोटो खींचा गया।

सम्मेलन में तीन राज्यों के 45 विधायक मौजूद हैं।

सीएम मोहन यादव ने कहा- भारत 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है।

देश
अंगोला से LPG खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां:जहाजों को होर्मुज से नहीं गुजरना होगा, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की प्लानिंग
नई दिल्ली,एजेंसी। ईरान जंग की वजह से भारत में आई गैस की कमी से निपटने के लिए सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से रसोई गैस (LPG) खरीदने का ऑप्शन तलाश रही है।
इसी वजह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से LPG खरीदने पर बातचीत कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लंबे समय का समझौता करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा चल रही है।
दरअसल, भारत की 92% LPG खाड़ी देशों से आती है। भारत सरकार इस निर्भरता घटाना चाहती है। ऐसे में अगर अंगोला से करार हो जाता है तो जहाज अटलांटिक और अरब सागर से होते हुए सीधे भारत पहुंचेंगे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरना होगा।

अंगोला से LPG क्यों खरीद रहा भारत?
भारत और अंगोला के बीच पहले से तेल और गैस का व्यापार होता रहा है, इसलिए दोनों देशों के बीच भरोसा और सप्लाई सिस्टम पहले से बना हुआ है। इसी वजह से नई डील करना आसान हो जाता है।
अंगोला में गैस उत्पादन होता है और वहां LPG के लिए जरूरी प्रोपेन और ब्यूटेन भी मिलते हैं, जिससे भारत को सीधे गैस मिल सकती है।
सप्लाई के लिहाज से भी अंगोला सही विकल्प है, क्योंकि समुद्र के रास्ते गैस 12 से 18 दिन में भारत पहुंच सकती है और वहां एक्सपोर्ट की अच्छी सुविधा भी मौजूद है। अंगोला में एनर्जी सेक्टर सरकार के कंट्रोल में है, जिससे सरकारी स्तर पर समझौता करना आसान होता है।
डील हुई तो भारत में पहली बार अंगोला से LPG आएगी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अफ्रीका से गैस सप्लाई अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन जल्दी भारत पहुंच सकती है। ऐसे में अंगोला भारत के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है। अगर यह करार होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस सप्लाई करेगा।
भारतीय कंपनियां LPG के लिए करीब एक साल और LNG के लिए कम से कम 10 साल का करार करने पर विचार कर रही हैं।
अंगोला के पास करीब 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG सप्लाई करता रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG सप्लायर था।
ऑस्ट्रेलिया-अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी
भारत सिर्फ अंगोला ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस इम्पोर्ट के ऑप्शन तलाश रहा है, ताकि किसी एक रीजन पर निर्भरता कम की जा सके।
इस गैस संकट का असर उर्वरक (फर्टिलाइजर) और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और भारत को महंगे दामों पर गैस -खरीदनी पड़ सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में दो बड़े जहाज करीब 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना हुए हैं।

भारत की 92% LPG खाड़ी के 4 देशों से आती है
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 60% इंपोर्ट करता है। वहीं, करीब 50% LNG भी इंपोर्ट करता है। अभी तक ज्यादातर LPG आयात फारस की खाड़ी के देशों UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से होता है।
खास बात यह है कि इन सभी देशों से आने वाली गैस एक ही रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यह सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार यहीं से होता है।
2024-25 में भारत के करीब 92% LPG आयात इन्हीं चार खाड़ी देशों से आए। इनमें यूएई सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी बढ़कर 40% से ज्यादा हो गई है। वहीं, कतर और सऊदी अरब की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।
भारत में LPG की मांग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं
भारत में LPG की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू उत्पादन लगभग नहीं बढ़ रहा। यही वजह है कि देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाना पड़ रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम भी बढ़ गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने साल 2024-25 में 20.67 मिलियन टन LPG आयात किया, जो 2019-20 के 14.81 मिलियन टन के मुकाबले करीब 40% ज्यादा है।
दूसरी तरफ भारत का घरेलू उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है। 2019-20 में देश ने 12.82 मिलियन टन LPG का उत्पादन किया था, जो 2024-25 में घटकर करीब 12.79 मिलियन टन रह गया। यानी उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
2024-25 में भारत ने 31.32 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल किया, जो 2019-20 के मुकाबले करीब 19% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में गैस कनेक्शन बढ़ने की वजह से हुई है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए हैं। अब देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव गैस कनेक्शन हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
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