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कोरबा

कलेक्टर  ने ली समय-सीमा बैठक, विभागीय कार्यों की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा

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कमजोर छात्रों के लिए रिमेडियल क्लास की शुरुआत, कलेक्टर ने सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

समिति स्तर पर सतत निगरानी के साथ धान उठाव प्राथमिकता से करने हेतु किया निर्देशित

एसआईआर कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर के सख्त निर्देश

शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर आमजनों को दिलाए लाभः- कलेक्टर

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में  विभागीय कामकाज एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने टीएल के विभागवार लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर वसंत ने जिले में एसआईआर की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए फील्ड स्तर पर कार्यों की सतत समीक्षा की जाए साथ ही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूर्ण हो सके।


समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को समिति स्तर पर सतत एवं प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी पर नियमित मॉनीटिरिंग करने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या समस्या की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को धान विक्रय में  किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएं। सभी समितियों में उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध होनी चाहिए। धान की तौल, भंडारण एवं उठाव की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जाए तथा खरीदे गए धान का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि समितियों में अव्यवस्था की स्थिति न बने। कलेक्टर ने विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में धान का उठाव प्राथमिकता से सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिससे भंडारित धान को नुकसान से बचाया जा सके। इस हेतु संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करते रहने के निर्देश दिए।


जिले के  दूरस्थ, वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्रों के अविद्युतीकृत गांवो में विद्युत आपूर्ति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान विद्युत विभाग कटघोरा ग्रामीण संभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि डिवीजन अंतर्गत दूरस्थ विद्युतविहीन क्षेत्रों में डीएमएफ से विद्युत आपूर्ति पहुँचाई गई है, वहीं शेष ऐसे क्षेत्रों में शीघ्र विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने जिले में अर्धवार्षिक परीक्षा उपरांत कमजोर छात्रों के लिए 22 दिसंबर से रिमेडियल क्लास प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विकासखंडों में कक्षा संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण रखने को कहा। उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक आवास की व्यवस्था, वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए एवं रेमिडियल क्लास के लिए छात्रों के पालकों की सहमति सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने रिमेडियल क्लास हेतु योग्य विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं का चयन कर कक्षा संचालन कराने की बात कही। साथ ही नियुक्त व्याख्याता की मूल शाला की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस बात का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने स्कूली छात्रों का आपार आईडी बनाने का कार्य भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति हेतु हैंडपंप की आवश्यकता वाले स्कूलों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने निर्देशित किया।  
पीएम सूर्यघर योजना की क्रियान्वयन स्थिति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए तथा प्रगतिरत कार्यो को शीघ्र पूर्ण कर निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के लिए कहा। कलेक्टर वसंत ने आंगनबाड़ी के बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को 15 दिनों के भीतर आवश्यक  दस्तावेज अहर्ता वाले प्रकरण को दर्ज कर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। बाल संप्रेक्षण गृह की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके  ब्लॉक का शीघ्रता से विभाग को हैंडओवर करने एवं लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में डीएमएफ से की जाने वाली विशेषज्ञों की नियुक्ति एवं चिकित्सकीय उपकरण खरीदी कार्य को पारदर्शिता के साथ जल्दी पूरा करने कहा। पंचायतो में  डीएमएफ की राशि वसूली कार्य को भी गम्भीरता से पूर्ण करने की बात कही।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा तन्मय खन्ना, वनमण्डलाधिकारी कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई

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आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है।  नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।

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कोरबा

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित

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मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,

प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

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कोरबा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को

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कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।

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