कोरबा
18 वर्ष से अधिक सभी पीवीटीजी परिवारों के बैंक में खाता खोलें : कलेक्टर
सभी बच्चों को आयुष्मान कार्ड बनाने डीपीओ और डीईओ को दिए निर्देश
बैंक खाते खुलने से योजनाओं का लाभ उठाने होगी आसानी
समय सीमा की बैठक में हुई विभागीय कामकाज की समीक्षा
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक में जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के 18 वर्ष आयु से अधिक सदस्यों के बैंक खाते खोलने के निर्देश दिए ताकि उन्हें शासन की योजनाओं से सम्बंधित लाभ उनके खाते के माध्यम से मिल सके। कलेक्टर ने जनपद सीईओ,लीड बैंक मैनेजर, सहायक आयुक्त सहित एसडीएम को पीवीटीजी के खाता खोलने और निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने,स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग,स्कूल शिक्षा विभाग,ईडीएम को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी, स्कूलों में पढ़ाई करने वाले सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बन जाएं, इस दिशा में कार्य करें। उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनाने और पात्र विद्यार्थियों का जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी निर्देश देते हुए जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम आयुक्त को उक्त कार्य का मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्यवाही और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को दिए।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वसंत ने डीएमएफ से मानदेय आधार में जिले में पीवीटीजी को दी गई नौकरी के पश्चात इनके कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए सम्पूर्ण वस्तुस्थिति की जानकारी सहायक आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनविहीन प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला को भवन उपलब्ध कराने जानकारी प्रस्तुत करने, आंगनबाड़ी का विधुतीकरण, शेष गांवों में विद्युत आपूर्ति, शासकीय कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक माह से अधिक समय से अनुपस्थित शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संजय नगर रेल्वे क्रॉसिंग में अंडरपास निर्माण कार्य में अभी तक के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और सम्बंधित विभाग को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिर्रा-श्यांग मार्ग का प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए। उन्होंने पीएम जनमन,दर्री डेम में वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी,भू-अर्जन के प्रकरणों में वर्ष 1980 तक रिकार्ड अपडेटशन डाटा तैयार करने,सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को वन अधिकार के हितग्राहियों का डिजिटाइजेशन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारी को ई केवाईसी,खाद- बीज वितरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि राजस्व से सम्बंधित प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने तहसीलदारों के साथ समन्वय कर नक्शा-बटांकन सहित अन्य कार्य में प्रगति लाएं। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि डीएमएफ से ग्राम पंचायतों में पात्र हितग्राहियों को सिलाई मशीन दी गई है, यह जाँच कर लेवे कि मशीन संबंधित हितग्राहियों को प्राप्त हुई है या नहीं। उन्होंने सिलाई मशीन में किसी प्रकार की खराबी आने पर सम्बंधित सप्लायर से ठीक कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में राशन वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो,यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि डीएमएफ अंतर्गत पुराने कार्यों में प्रथम किश्त प्राप्त कर कार्य नहीं करने वालों की सूची 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने कार्य में रुचि नहीं लेने वाले सचिवों के विरुद्ध जाँच कर कार्यवाही के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए। इस दौरान कोरबा डीएफओ अरविंद पीएम,कटघोरा कुमार निशांत,जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।
पात्र व्यक्ति को नौकरी देने शिविर लगाने के निर्देश –
कलेक्टर ने एसईसीएल अंतर्गत भू विस्थापित अंतर्गत नौकरी के लिए लंबित पात्र व्यक्तियों को एसईसीएल में नौकरी देने 15 अगस्त से पूर्व शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसईसीएल के अधिकारियों को सभी दस्तावेज के साथ शिविर में उपस्थित होने,एसडीएम को तहसीलदार, पटवारियों के साथ दस्तावेज के साथ उपस्थित होने के निर्देश देते हुए शीघ्र ही शिविर स्थल का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों में गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए समाधान के निर्देश दिए हैं।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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