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छत्तीसगढ़

कांग्रेस बोली- 200 की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदी गई:शिक्षा मंत्री ने आरोपों को बताया गलत,DEO बोले-1500-1500 में 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर लिए

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग की ओर से खरीदी गई कुर्सियों को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदी गई।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि विभाग ने 200 रुपए वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 1500-1500 रुपए में 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं।

वहीं, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपए से अधिक होती है।

स्टील कुशन चेयर खरीदी का दावा

शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्रंथालय के लिए 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं। हर चेयर की कीमत 1500 रुपए तय की गई। पूरी खरीद GeM पोर्टल के जरिए नियमों के अनुसार की गई। विभाग ने कहा कि इस खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर इनका परीक्षण किया जा सकता है।

शिक्षा मंत्री बोले- बिना जांच आरोप लगाना गलत

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपये से अधिक होती है। संबंधित कुर्सी स्टील फ्रेम और कुशन वाली है, जिसकी कीमत 1500 रुपये या उससे अधिक रहती है।

मंत्री ने यह भी कहा कि मामले की जानकारी लेने के बाद उन्हें पूरा भरोसा है कि खरीद नियमों के अनुसार हुई है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि किसी भी आरोप से पहले तथ्य जांचे जाएं।

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कोरबा

150 कर्मचारियों ने वेतन-बोनस के लिए SECL कार्यालय घेरा:गेवरा में प्रदर्शन के बाद प्रबंधन ने 6 नवंबर तक बोनस देने का आश्वासन दिया

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कोरबा। कोरबा के बंसल इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, गेवरा में कार्यरत करीब 150 कर्मचारियों के लंबित वेतन और बोनस भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने एसईसीएल गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर दीपावली से पहले बकाया भुगतान की मांग उठाई।

कर्मचारियों के समर्थन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल भी मौजूद रहे। प्रबंधन की ओर से 6 नवंबर तक सभी कर्मचारियों का बोनस भुगतान करने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

लंबे समय से लंबित है वेतन और बोनस

कर्मचारियों का कहना है कि उनका वेतन और बोनस लंबे समय से बकाया है। भुगतान नहीं होने से उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दीपावली नजदीक होने के कारण कर्मचारियों ने त्योहार से पहले राशि जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि वेतन और बोनस नहीं मिलने से त्योहार की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।

एक घंटे तक कार्यालय का घेराव

बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारियों ने मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए प्रबंधन से तत्काल भुगतान की मांग की गई। प्रदर्शन में उमागोपाल ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया।

प्रबंधन ने 6 नवंबर तक बोनस देने का दिया भरोसा

मामले को लेकर एसईसीएल प्रबंधन ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। इसके बाद प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि 6 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बोनस का भुगतान कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

मजदूरों के हितों के लिए आवाज उठाने की बात

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल ने कहा कि मजदूर दिन-रात मेहनत कर कंपनी और खदान के उत्पादन में योगदान देते हैं। ऐसे में त्योहार के समय उनका वेतन और बोनस रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपना हक पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। संगठन मजदूरों के हितों और अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।

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कोरबा

धनतेरस पर कोरबा बाजार में बूम: सोना-चांदी से लेकर आटोमोबाईल, बर्तन, कपड़ों की बम्पर खरीदी

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कोरबा। धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को कोरबा बाजार में काफी रौनक दिखी। सराफा बाजार जहां गुलजार है, वहीं आटोमोबाईल से लेकर बर्तन और कपड़ों की बम्पर खरीदी-बिक्री हुई। खासकर सराफा बाजार में सोने-चांदी से लेकर डायमण्ड की बिक्री जमकर हुई। सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव के बीच ग्राहकों ने धनतेरस पर सोना खरीदी को शुभ मानते हुए सोने के जेवर, सिक्के खरीदे, वहीं चांदी के गहने से लेकर चांदी की मूर्तियां एवं सिक्के भी खरीदे।
कनक मंदिर ज्वेलर्स सहित कई दुकानों में ग्राहकों की भीड़

समाचार लिखे जाने तक सराफा बाजार गुलजार रहा। पावर हाऊस रोड स्थित कनक मंदिर ज्वेलर्स में सुबह से लेकर समाचार लिखे जाने तक ग्राहकों की भीड़ देखी गई। कनक मंदिर ज्वेलर्स कोरबा का सबसे प्रतिष्ठित सराफा दुकान है, जहां लोगों का विश्वास अमिट सा हो गया है। कनक मंदिर ज्वेलर्स के संचालक शंकर सोनी ने बताया कि धनतेरस में लोग आभूषण खरीदना ज्यादा शुभ मानते हैं और इस बार पिछली बार से कहीं अधिक सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियों की जमकर बिक्री हुई। उन्होंने बताया कि हमारे प्रतिष्ठान में आईएसआई मार्का ज्वेलरी और आधुनिकतम डिजाईन के मनमोहक आभूषण महिलाओं को काफी पसंद आ रहे हैं और हम ग्राहकों की संतुष्टि को ही असली कमाई मानते हैं। इसीलिए हमारा ध्येय वाक्य है- स्वर्ण धन-सुरक्षित धन…। सोने में निवेश आज की जरूरत है और समय आने पर स्वर्ण धन से करेंसी धन तुरंत मिल जाता है।
आटो बाजार एवं कपड़ा बाजार भी गुलजार

कोरबा में महिन्द्रा की गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। महिन्द्रा के नई वर्जन की गाड़ियां कोरबा के शो रूम आटो सेंटर टी पी नगर कोरबा में तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं, जिसके कारण महिन्द्रा की गाड़ियां लोगों को पसंद आ रही हैं। महिन्द्रा की गाड़ियां सुरक्षित एवं मजबूत होने के साथ-साथ कम्फर्टेबल होती हैं और आज के दौर में महिन्द्रा गाड़ियों की बिक्री में काफी उछाल आ रहा है।
दिवाली में लोग नए कपड़े पहनते हैं और आज धनतेरस में कपड़ों की खरीदी भी जमकर हुई। कपड़ा के कई बड़े-बड़े शो रूम ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
बर्तन दुकानों में भी भीड़ देखी गई, क्योंकि जो लोग जेवर नहीं खरीद सकते, वे धनतेरस में बर्तन खरीदकर धनतेरस में पूजा करते हैं।
सड़क पर रेलमपेल भीड़: पुलिस सड़क पर उतरी
सड़क पर धनतेरस में रेलमपेल भीड़ देखी गई और कई जगह दुकानों के सामने पार्किंग न होने के कारण लोग अपनी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी करते देखे गए, जिसके कारण कई जगह जाम की स्थिति निर्मित हो गई। सड़क में यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शहर में कोतवाली पुलिस, टी पी नगर में चौकी पुलिस, निहारिका क्षेत्र में सिविल लाईन पुलिस सड़क पर उतर कर व्यवस्था दुरूस्त करते नजर आई।

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कोरबा

कोरबा प्रेस क्लब ने कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन: डिजिटल पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली और भयादोहन पर प्रभावी कार्यवाही की मांग

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कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब द्वारा डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म की आड़ में हो रही कथित अनियमितताओं, आपराधिक गतिविधियों, व्यक्तिगत प्रताड़ना, भयादोहन (ब्लैकमेलिंग) और अवैध वसूली पर रोक लगाने के संबंध में एक कड़ा रुख अपनाया गया है। इस संबंध में कोरबा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा आज कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान, संरक्षक कमलेश यादव, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, सचिव दिनेश राज, उप सचिव हरीश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य नवाब हुसैन, राजेश मिश्रा (मिठ्ठू) सहित सम्माननीय सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

ज्ञापन के माध्यम से प्रेस क्लब ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी है कि वर्तमान में इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर स्वयं को पत्रकार या समाचार पोर्टल संचालक बताने वाले कुछ तथाकथित लोगों की गतिविधियां चिंता का विषय बन गई हैं। आम नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को डरा-धमकाकर विज्ञापन या अन्य माध्यमों से अवैध वसूली करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
प्रेस क्लब ने विशेष रूप से यह चिंता जताई है कि कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भी पोर्टल शुरू कर पत्रकारिता की आड़ में अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। कुछ मामलों में ऐसे लोगों के खिलाफ थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसी प्रवृत्तियों से न केवल आम नागरिक और कारोबारी वर्ग प्रभावित हो रहा है, बल्कि जिम्मेदारी से कार्य कर रहे वास्तविक पत्रकारों की साख पर भी आंच आ रही है।

कोरबा प्रेस क्लब द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें और सुझाव
भयादोहन पर कार्रवाई: किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध समाचार प्रसारित करने की धमकी देकर विज्ञापन या आर्थिक लाभ मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा शिकायतकर्ताओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
प्रेस लिखे वाहनों की जांच: जिले में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों पर ‘प्रेस’ लिखकर घूमने वाले व्यक्तियों और उनके वाहनों की जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनका उपयोग वास्तविक पत्रकारिता के लिए हो रहा है या इसकी आड़ में अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
फर्जी आईडी की जांच: कुछ संस्थाओं द्वारा निजी संबंधों या लाभ के उद्देश्य से फर्जी आईडी जारी किए जाने की आशंका की जांच की जाए और गलत दस्तावेज का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई हो।
भ्रामक एवं एकपक्षीय सामग्री पर कानूनी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भ्रामक सूचना फैलाने या किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वास्तविक पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा: किसी भी नियामक व्यवस्था को लागू करते समय वास्तविक डिजिटल पत्रकारों, स्वतंत्र पत्रकारों और समाचार संस्थानों के अधिकारों का संरक्षण किया जाए, तथा कार्रवाई का आधार किसी की आलोचनात्मक खबर के प्रति असहमति न होकर प्रमाणित गैरकानूनी गतिविधि होनी चाहिए।
कोरबा प्रेस क्लब ने मांग की है कि इन विषयों को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तर पर संबंधित विभागों, पुलिस प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।

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