छत्तीसगढ़
कोल स्कैम में ‘टाइप्ड बयान’ पर विवाद:ACB-EOW चीफ समेत 3 अफसरों के खिलाफ दायर याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा-मामला हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ACB-EOW के चीफ अमरेश मिश्रा, एडिशनल एसपी चंद्रेश ठाकुर और डीएसपी राहुल शर्मा के खिलाफ दायर शिकायत को रायपुर की अदालत ने शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि, यह फैसला आरोप सही या गलत होने पर नहीं, बल्कि इस आधार पर दिया गया है कि मामले की सुनवाई का अधिकार इस अदालत के पास नहीं है।
आकांक्षा बेक की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि, कानून के अनुसार जिस अदालत में बयान या दस्तावेज पेश किए गए हों, उसी अदालत को उस पर सुनवाई का अधिकार होता है। इस मामले में धारा 164 के तहत दर्ज बयान से जुड़ा मुद्दा उठाया गया था, लेकिन इस अदालत को उस पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। इसलिए शिकायत को खारिज किया जाता है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि, एसीबी के अफसरों ने कथित रूप से फर्जी तरीके से कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए। मामला छत्तीसगढ़ कोल स्कैम केस से जुड़ा है। आरोप है कि EOW ने मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी निखिल चंद्राकर का बयान दर्ज कराने के बजाय पहले से तैयार टाइप्ड बयान कोर्ट में पेश कर दिया था।

EOW-ACB के निदेशक अमरेश मिश्रा।
कोर्ट में क्या हुई बहस ?
इस मामले की स्वीकार्यता को लेकर कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस हुई। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता रवि शर्मा ने कहा कि, यह मामला इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने तर्क दिया कि, जिन अफसरों के खिलाफ शिकायत की गई है, वे सरकारी काम कर रहे थे और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्राप्त है।
वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से वकील फैज़ल रिजवी ने कहा कि, अगर कोई अपराध हुआ है तो उसकी सूचना देना हर नागरिक का अधिकार है। यह मामला अदालत के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित अपराध से जुड़ा है। वही, इस मामले में वकील फैज़ल रिजवी ने कहा कि, वे इस आदेश के खिलाफ रिविजन याचिका दायर करेंगे।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कोल घोटाले (केस नंबर 02/2024 और 03/2024) में आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जमानत पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान EOW/ACB ने कोर्ट में कुछ दस्तावेज पेश किए। इन दस्तावेजों में सह आरोपी निखिल चंद्राकर का बयान भी शामिल था। जिसे EOW ने कोर्ट को धारा 164 के तहत रिकॉर्ड करना बताया।
शिकायतकर्ता गिरीश देवांगन के मुताबिक, कोर्ट में जब निखिल चंद्राकर के बयान की कॉपी सूर्यकांत तिवारी के वकीलों को दी गई, तो उसमें कई गड़बड़ियां सामने आईं। इससे EOW/ACB पर झूठे तरीके से साजिश रचने का शक हुआ।
गिरीश देवांगन के मुताबिक, बयान की जो प्रति कोर्ट को दी गई वह उस भाषा में नहीं है, जो आमतौर पर कोर्ट में इस्तेमाल होती है। उसमें जो फॉन्ट इस्तेमाल हुआ है, वह भी कोर्ट में इस्तेमाल होने वाला फॉन्ट नहीं है। वह फॉन्ट तो छत्तीसगढ़ की अदालतों में कभी इस्तेमाल में लाया ही नहीं जाता।
बाहर तैयार की गई फाइल को कोर्ट में जमा किया गया
गिरीश देवांगन ने आरोप लगाया कि, EOW की गड़बड़ियों से साफ जाहिर होता है कि बयान कोर्ट में नहीं बल्कि बाहर किसी कंप्यूटर पर तैयार किया गया, फिर उसे पेनड्राइव में लाकर कोर्ट में जमा कर दिया गया। मजिस्ट्रेट के सामने निखिल चंद्राकर का बयान दर्ज नहीं कराया गया, बल्कि बाहर तैयार की गई फाइल को ही उसका बयान बताकर जमा कर दिया गया।
शिकायतकर्ता गिरीश देवांगन ने कहा कि, इस तरह की गड़बड़ी से साफ पता चलता है कि, ईओडब्लू/एसीबी ने दस्तावेजों की कूटरचना (फर्जीवाड़ा) की है। इसलिए इस मामले की गंभीरता से जांच कर जरूरी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कानूनी तौर पर यह प्रक्रिया न्यायालयीन नियमों का घोर उल्लंघन माना जाता है। इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ गया कि, अगर जांच एजेंसियां इस तरह बयान तैयार करेंगी, तो निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
EOW की गड़बड़ी का कैसे हुआ खुलासा
गिरीश देवांगन के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ, जब वह खुद 12 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (सतर्कता) के सामने आवेदन दिया। उन्होंने दस्तावेजों की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञ इमरान खान से करवाई।
रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि, प्रस्तुत बयान अदालत के फॉर्मेट से मेल नहीं खाता। इसके बाद गिरीश देवांगन ने आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर के सामने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि, यह एक आपराधिक षड्यंत्र है, जिसमें झूठे साक्ष्य तैयार कर अदालत को गुमराह किया गया।
क्यों है यह मामला बड़ा ?
सीनियर एडवोकेट फैजल रिजवी के मुताबिक, यह देश में पहली बार हुआ है जब किसी जांच एजेंसी ने अभियुक्त का बयान दर्ज कराने की जगह अपने कार्यालय से टाइप किया हुआ बयान अदालत में पेश किया। यह न केवल अदालत के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (न्याय के अधिकार) का खुला उल्लंघन भी है।
फैजल रिजवी ने बताया कि, घटना ने राज्य की जांच एजेंसियों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला आने वाले समय में न्यायिक सुधारों के लिए मिसाल बन सकता है। वही इस मामले में वे आगे आदेश के खिलाफ रिविजन याचिका दायर करने की बात कही है।

कोरबा
प्रशासन के झूठे आश्वासनों से सर्वमंगला क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश, 5 जून को सुशासन तिहार का करेंगे विरोध, कलेक्टर व निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक प्राचीन रानी गुफा एवं हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा धूल-मिट्टी की सफाई न होने से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने आज जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम कोरबा को आंदोलन की अंतिम चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि दो दिवस के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आगामी 5 जून 2026 को खैरभवना में आयोजित होने वाले शासकीय सुशासन तिहार का कड़ा विरोध और सामूहिक घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन कोरबा की होगी ।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी इस जायज मांग को लेकर लगातार शांतिपूर्ण आवेदन-निवेदन धरना और आंदोलन करते आ रहे हैं। दो वर्ष पूर्व रेलवे पुल निर्माण की ठेका कंपनी द्वारा क्षेत्र के आस्था के प्रमुख केंद्र रानी गुफा और हनुमान मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था। तत्कालीन पटवारी नम्रता राजवाड़े द्वारा इस स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा भी तैयार किया गया था, इसके बाद कई तहसीलदारों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने स्वयं मौके पर आकर जीर्णोद्धार का ठोस आश्वासन दिया था परंतु आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ ।
विवाद गहराने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना नहर विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कटघोरा में बाकायदा एक आधिकारिक बैठक भी आयोजित हुई थी, इस बैठक में अधिकारियों द्वारा जल्द ही समस्या के स्थायी निराकरण का भरोसा दिलाए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित किया था, इसके बावजूद प्रशासन उदासीन बना रहा, पुनः आंदोलन किए जाने पर एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा के अधिकारियों सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद द्वारा एक सप्ताह के भीतर सड़क से धूल-मिट्टी की सफाई और पानी टैंकरों से छिड़काव करने का बाकायदा लिखित आश्वासन पत्र (आश्वासन पत्र दिनांक 23/12/2024) दिया गया था, लेकिन वह वादा भी आज पर्यंत तक खोखला साबित हुआ ।
धूल के गुबार से छात्र और राहगीर परेशान, रोज हो रही दुर्घटनाएं
सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग पर पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमा है, जिसकी सफाई नहीं की गई है। इस मार्ग का उपयोग पाली, पडनिया, सोनपुरी, खैरभवना, कनबेरी, जटराज, भलपहरी, जपेली, तरदा, भादा, रिस्दी सहित दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण प्रतिदिन कोरबा शहर आने-जाने के लिए करते हैं।अत्यधिक धूल उड़ने के कारण सड़क पर सामने कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं ।
पडनिया से शिवरतन, जटराज से टिकेश्वर, पाली से संदीप, खैरभवना से जागेश्वर, कनबेरी से विमल, सोनपुरी से संतोष व अन्य का कहना है कि जब क्षेत्र में आस्था के केंद्रों को उजाड़ दिया गया है और जनता धूल के गुबार में जीने को मजबूर है तो ऐसे में प्रशासन किस बात का सुशासन तिहार मना रहा है? ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर को भी इस ज्ञापन की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की है और इस बार ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।




कोरबा
वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़ का 10 दिवसीय नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ, 3 जून को होगा भव्य उद्घाटन
जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा को नई दिशा देने जुटेंगे प्रदेशभर के आचार्य, शिक्षण, संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर होगा विशेष प्रशिक्षण
कोरबा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार एवं संस्कारयुक्त शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित 10 दिवसीय नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग-2026 का शुभारंभ 2 जून की सायंकाल से कोरबा में होने जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग 13 जून प्रात: तक संचालित होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आचार्य सहभागी बनेंगे।
इस प्रशिक्षण वर्ग का भव्य उद्घाटन समारोह 3 जून 2026, बुधवार को प्रात: 10 बजे सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी (पूर्व), कोरबा में आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आयोजन को सफल बनाने के लिए वनांचल शिक्षा सेवा न्यास के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लगातार जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन करेंगे। वहीं नमामि हसदेव सेवा समिति, कोरबा के संरक्षक श्रेष्ठ सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्ता विद्या भारती मध्य क्षेत्र, भोपाल के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर होंगे। वे नवीन आचार्यों को भारतीय शिक्षा दर्शन, संस्कार आधारित शिक्षण, राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका तथा समाज जीवन में शिक्षा के महत्व पर मार्गदर्शन देंगे।
वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण वर्ग जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत एवं नवीन रूप से जुड़े आचार्यों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक दृष्टि से दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे आचार्य अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकें और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
न्यास के पदाधिकारियों के अनुसार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत करने, भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से युक्त शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे आचार्यों को नई ऊर्जा, नई दृष्टि और नवीन प्रेरणा प्रदान करेगा।
प्रशिक्षण वर्ग के सफल संचालन की जिम्मेदारी वर्ग प्रमुख नरेश जायसवाल, वर्गाधिकारी सुरेश गुप्ता एवं प्रांतीय सचिव चंद्र किशोर श्रीवास्तव और विद्याभारती कोरबा के विभाग प्रमुख तथा इस वर्ग के सर्व व्यवस्था प्रमुख कीर्ति कुमार अग्रवाल सहित वनांचल शिक्षा सेवा न्यास के कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जा रही है और वे कार्यक्रम को सफल बनाने में जोर-शोर से जुटे हुए हैं।
आयोजकों ने शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सभी नागरिकों से 3 जून को आयोजित उद्घाटन समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने तथा जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा के इस महत्वपूर्ण अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
कोरबा
40 वर्ष की सेवा के बाद सहायक ग्रेड-2 एस के पाण्डेय सेवानिवृत्त
जनपद पंचायत कोरबा की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीईओ सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी भावभिनी विदाई
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 सुरेश कुमार पाण्डेय अपनी सेवा के 40 साल पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। आज 01 जून 2026 को जनपद पंचायत कोरबा के सभागार में श्री पाण्डेय को सम्मान समारोह आयोजित कर भावभिनी विदाई दे कर उन्हें सम्मानित किया गया और सेवानिवृत्ति पर उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की गई।

जनपद पंचायत अध्यक्ष बीजमोती राठिया के मुख्य आतिथ्य, उपाध्यक्ष कौशिल्या कंवर एवं सीईओ खगेश निर्मलकर के विशिष्ट आतिथ्य में बाबू सुरेश कुमार पाण्डेय के लिए सम्मान समारोह/विदाई समारोह का आयोजन जनपद पंचायत कोरबा के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जनपद सदस्य उषा दिनेश कुर्रे, चंद्रकांता कृष्णा राजपूत, किशन कोशले, रफीक मेमन (पप्पु), लेखाधिकारी गंगा प्रसाद वर्मा, सहायक लेखाधिकारी जयश्री अग्रवाल, महेश्वरी साव, सहायक ग्रेड-2 आर एस कंवर, सरिता सूर्यवंशी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने सुरेश कुमार पाण्डेय को सेवानिवृत्ति पर बधाई दी और उनके स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
सुरेश कुमार पाण्डेय का सम्मान

अतिथियों ने सुरेश कुमार पाण्डेय को मंचस्थ कराया और उन्हें फूल मालाओं एवं बुके, शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में श्री पाण्डेय ने कहा कि जनपद पंचायत कोरबा से मुझे अपार स्नेह एवं अधिकारियों का भरपूर समर्थन मिला और मैंने यहां पूरे मनोवेग से अपना शानदार सेवा के 40 साल पूर्ण हंसी-खुशी के साथ पूर्ण किया। आज सेवानिवृत्ति पर मन बोझिल है, लेकिन यह शासन की सतत प्रवृत्ति है, 62 साल में सेवानिवृत्त होना ही पड़ता है, लेकिन जनपद पंचायत कोरबा को जब भी मेरी आवश्यकता होगी, मैं सेवा के लिए सदैव तत्पर रहूंगा। उद्बोधन देते श्री पाण्डेय का गला रूंध गया और उन्होंने सभी का आभार जताया।
श्री पाण्डेय का अनुभव और कार्य करने की क्षमता हमें प्रेरणा देता है-सीईओ निर्मलकर

जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी खगेश निर्मलकर ने कहा कि सुरेश कुमार पाण्डेय के कार्य करने की जीजिविषा और क्षमता को हमने परखा और देखा है। श्री पाण्डेय का कार्य करने का अनुभव और उनकी क्षमता हमेशा हमें प्रेरणा देती रहेगी। मैं पूरे जनपद पंचायत कोरबा की ओर से श्री पाण्डेय को उनके स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
जनपद अध्यक्ष बीजमोती राठिया ने कहा कि श्री पाण्डेय हमेशा लोगों की सेवा और समय पर काम निपटाने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उपाध्यक्ष कौशिल्या कंवर ने कहा कि पाण्डेय जी से जब भी काम पड़ा वे समय से पहले काम पूर्ण कर देते थे। ऐसे कर्मचारियों से जनपद पंचायत की छवि सुधरती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के कामों को भी वे गंभीरता से समय पर पूर्ण करते थे। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित जनपद सदस्यों ने उनकी सेवानिवृत्ति पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
पेंशनर्स संघ एवं पत्रकारों ने भी दी बधाई

पेंशनर्स संघ के अध्यक्ष एस के शर्मा, पूर्व अध्यक्ष श्री पाण्डेय सहित पत्रकार रामेश्वर ठाकुर, श्रीमती रेणु जायसवाल, हीरा राठौर, प्रीतम जायसवाल सहित अन्य पत्रकारों ने भी श्री पाण्डेय को बुके देकर बधाई दी और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की।





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