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कोरबा

सीएसपीजीसीएल कोरबा वेस्ट-1 और एकलव्य सुपर-50 ने जीता कोरबा बैडमिंटन लीग-2024 के पहले सीजन के चैंपियन का खिताब

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महिला वर्ग में स्वाति सिंह व डॉ ज्योति श्रीवास्तव विजेता तो अशोक शर्मा व डॉ शिरीन लाखे की जोड़ी बनी 65 प्लस की चैंपियन

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कोरबा। एकलव्य स्पोट्र्स एरिना के बैनर तले आयोजित कोरबा बैडमिंटन लीग-2024 के रोमांचक मुकाबलों में पहले सीजन के विजेताओं का फैसला हो गया। फाइनल में धुआंधार प्रदर्शन करते हुए 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग पुरुष में सीएसपीजीसीएल कोरबा वेस्ट-1 और 50 वर्ष से अधिक आयु पुरुष वर्ग में एकलव्य सुपर-50 की टीम ने कोर्ट में अपना दबदबा साबित करते हुए चैम्पियन के खिताब पर कब्जा कर लिया। इसी कड़ी में 30 प्लस महिला वर्ग में स्वाति सिंह, 50 प्लस महिला वर्ग में डॉ ज्योति श्रीवास्तव और 65 प्लस पुरुष वर्ग में अशोक शर्मा व डॉ शिरीन लाखे की जोड़ी ने विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। सभी विजेता टीमों और खिलाडिय़ों को पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि रहे श्रम, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री एवं पार्षद नरेंद्र देवांगन भी मौजूद रहे, जिन्होंने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की।

नगर निगम कॉलोनी निहारिका के मनोरंजन क्लब स्थित एकलव्य स्पोट्र्स एरिना में कॉर्पोरेट प्रीमियर लीग सीजन-1 (कोरबा बैडमिंटन लीग-2024) का तीन दिवसीय टूर्नामेंट आयोजित किया गया। रविवार 30 सितंबर की सुबह फाइनल मुकाबले खेले गए और शाम 7 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे श्रम-उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने एकलव्य स्पोट्र्स एरिना की इस पहल की सराहना करते हुए सीजन-1 के सफलतम आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रदान की। इसके साथ ही मंत्री श्री देवांगन ने केबीएल- 2024 के विजेताओं को पुरस्कृत किया। टूर्नामेंट में 30 प्लस पुरुष वर्ग जीतने वाली टीम सीएसपीजीसीएल कोरबा वेस्ट-1 का प्रतिनिधित्व कर रहे बैडमिंटन खिलाड़ी अविनेश पाठक, नरेंद्र कुमार उइके व सीमांत मिंज ने ट्रॉफी पर कब्जा किया। इस ईवेंट में एकलव्य सुपरकिंग्स से अनुराग डे, जगदेव सिंह व ओमप्रकाश साहू की टीम रनरअप रही। 50 वर्ष से अधिक आयु पुरुष वर्ग में विजेता रहे एकलव्य सुपर-50 के खिलाडिय़ों डॉ संजय अग्रवाल, मनीष कुमार, भूषण राम उरांव व दलजीत सिंह भाटिया ने विजेता का पुरस्कार प्राप्त किया। इस ईवेंट में सीएम एंड एचओ की टीम रनर अप रही, जिसका प्रतिनिधित्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सूर्यनारायण केशरी व डॉ प्रभात पाणिग्रही ने किया।

65 व 50 प्लस में इस जोडिय़ों ने कोर्ट में ढाया कहर

65 प्लस पुरुष वर्ग से वरिष्ठ बैडमिंटन खिलाडिय़ों अशोक शर्मा व डॉ शिरीन लाखे की जोड़ी ने चैम्पियनशिप जीता और इस ईवेंट में सुधीर रेगे व जागेश सामंता की जोड़ी उपविजेता रही। 30 प्लस महिला वर्ग में श्रीमती स्वाति सिंह विजेता और श्रीमती भावना देशमुख उपविजेता रहीं। 50 प्लस महिला वर्ग में डॉ ज्योति श्रीवास्तव विजेता और श्रीमती स्वाति रेगे उपविजेता रहीं।

अन्नू थॉमस ने सुझाया था केबीएल-1 के इस यादगार ईवेंट का कांसेप्ट

विशेष उल्लेखनीय होगा कि अन्नू थॉमस ने केबीएल-1 के इस यादगार ईवेंट का कांसेप्ट पेश किया था। एकलव्य स्पोट्र्स एरिना के अध्यक्ष डॉ संजय अग्रवाल की अगुवाई में आयोजित इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट को सफल बनाने कोरबा जिला बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा, सचिव गोपाल शर्मा व कोषाध्यक्ष डॉ शिरीन लाखे का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन, एकलव्य स्पोट्र्स एरिना के सचिव मनीष कुमार, कोषाध्यक्ष सोनल फेलिक्स, भूषणराम उरांव, डॉ दिनेश सोनी, अनुराग डे, नितिन गुप्ता, दलजीत सिंह भाटिया, जगदेव, ओम प्रकाश साहू, देव पैकरा, सुधीर रेगे, स्वाति रेगे, चीफ रेफरी सूर्यकांत ठाकुर, चेयर अंपायर अमरजीत व कुणाल राजवाड़े का अमूल्य योगदान रहा।

डॉ संजय अग्रवाल ने जताया आभार

एकलव्य स्पोट्र्स एरिना कोरबा के अध्यक्ष डॉ संजय अग्रवाल ने आयोजन सफल बनाने अपनी पूरी टीम के अथक परिश्रम व टूर्नामेंट में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने स्पर्धा के खिलाडिय़ों, केबीएल में हिस्सा लेने वाली टीमें प्रशासन-पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, कोरबा प्रेस क्लब, कॉर्पोट्र्स में सीएसपीजीसीएल, बालको, एनटीपीसी, एसईसीएल, स्वयंसेवी संस्था रोटरी क्लब समेत सभी को आयोजन का हिस्सा बनने पर आभार व्यक्त किया है।

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कोरबा

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित

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कोरबा। कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 की कार्रवाई में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को 29 मई 2026 को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा द्वारा यह माना गया कि उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
फलस्वरूप, प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कोरबा

अगले तीन घंटे में तूफानी बारिश के आसार

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कोरबा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन घंटों में कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सक्ती और सरगुजा के कुछ इलाकों में तूफानी बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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