देश
काशी में देव दिवाली…84 घाट 25 लाख दीयों से जगमगाए:60 मिनट आतिशबाजी, लेजर शो से सजा आसमान; एक लाख लोगों ने की महाआरती
वाराणसी, एजेंसी। वाराणसी में देव दिवाली मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं ने मां गंगा किनारे 84 घाटों और 700 मठों-मंदिरों में 25 लाख दीये जलाए। 8 घाटों पर करीब 60 मिनट तक ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी हुई। आसमान सतरंगी नजर आया। लेजर शो ने सबका मन मोह लिया।
इससे पहले 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की। आरती में रिकॉर्ड एक लाख लोग शामिल हुए। लोग इस पल को अपने कैमरे में कैद करते नजर आए। दशाश्वमेध, अस्सी घाट पर टूरिस्ट की जबरदस्त भीड़ रही। चलना मुश्किल हो रहा था। देव दिवाली देखने इंडोनेशिया, वियतनाम और फ्रांस समेत 40 देशों के मेहमान आए। अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर से 15 लाख लोग काशी पहुंचे।
3 तस्वीरें…

काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने गंगा उस पार आतिशबाजी हुई।

घाटों पर 60 मिनट आतिशबाजी की गई।

लेजर शो ने टूरिस्ट को सबसे ज्यादा आकर्षित किया।
देश
बिंदी-तिलक विवाद में Lenskart को झटका, डूबे 4500 करोड़!
मुंबई, एजेंसी। देश की बड़ी आईवियर कंपनी में से एक Lenskart को बिंदी, तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ गया। सोमवार को कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट आई है, जिससे इसकी मार्केट वैल्यूएशन में करीब 4,500 करोड़ रुपए की कमी आ गई।
विवाद की वजह कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी बनी, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस पॉलिसी में कथित तौर पर कर्मचारियों को बिंदी, तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने की बात कही गई थी। इसके बाद ऑनलाइन विरोध तेज हो गया और कंपनी के बहिष्कार की मांग भी उठने लगी।

शेयर में गिरावट
BSE पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 5% तक गिरकर 508.70 रुपए के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई और यह 533.70 रुपए के आसपास बंद हुआ।
गिरावट के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन घटकर लगभग 88,331 करोड़ रुपए रह गई, जो पहले करीब 92,872 करोड़ रुपए थी यानी एक ही सत्र में करीब 4,540 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बाद में आंशिक सुधार के साथ वैल्यूएशन में कुछ बढ़त भी दर्ज की गई।
कंपनि ने दी थी सफाई
इस विवाद पर कंपनी के फाउंडर Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और मौजूदा पॉलिसी को नहीं दर्शाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी में किसी भी धार्मिक पहनावे या प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और इस गलतफहमी के लिए माफी भी मांगी।
देश
बंगाल की पहचान बचाने की लड़ाई है यह विधानसभा चुनाव, PM मोदी का बड़ा दावा
झाड़ग्राम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को राज्य की पहचान बचाने की लड़ाई बताते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर मूल निवासियों के बजाय ‘घुसपैठियों’ के पक्ष में राजनीति करने का आरोप रविवार को लगाया। मोदी ने आदिवासी बहुल झाड़ग्राम जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ”घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की सरकार’ बनाना चाहती है और मतदाताओं से इसे सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ”यह चुनाव इस भूमि की समृद्ध विरासत को बचाने के लिए है। यह बंगाल की पहचान को बचाने के लिए है। आज बंगाल को अपनी पहचान खोने का डर है।” उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल जिस रास्ते पर चल रही है वह बहुत खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस ‘घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की और सरकार बनाना चाहती है। एक ऐसी सरकार जो बंगाल की जनता के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करने के बजाय केवल घुसपैठियों के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करेगी।”
मोदी ने दावा किया कि ऐसी सरकार के लिए सबसे बड़ी बाधा पश्चिम बंगाल के आम लोग होंगे। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस की घुसपैठियों वाली सरकार के लिए, अगर कोई शत्रु है, तो वे यहीं बैठे भाई-बहन होंगे, जो घुसपैठियों के शत्रु होंगे।” प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ असंतोष राज्य के सभी समुदायों और क्षेत्रों में फैल गया है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बंगाल के हर समुदाय, हर वर्ग, हर क्षेत्र ने इस बार ठान लिया है और तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है।”
मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार व जबरन वसूली की व्यवस्था चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर किसी को घर बनाना है, तो उसे तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट पर निर्भर रहना पड़ता है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और विधायक आपकी समस्याओं की परवाह नहीं करते। वे अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता राज्य के कई हिस्सों में आदिवासियों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कब्जा कर लिया है।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। झाड़ग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होगा।
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बंगाल चुनाव से पहले 7 लाख नए मतदाता जुड़े, EC ने दी विस्तृत जानकारी
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में लगभग सात लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं। निर्वाचन आयोग ने हालांकि नए जोड़े गए मतदाताओं की आयु या उनके संबंध में कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की है।अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इन नए मतदाताओं में से लगभग 3.22 लाख मतदाता पहले चरण में मतदान करेंगे, जबकि शेष लगभग 3.88 लाख मतदाता दूसरे चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन नए मतदाताओं में से कितने ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे और जिनकी आयु अभी 18 वर्ष हुई है, और न ही इन मतदाताओं के संबंध में कोई अन्य विवरण दिया।
निर्वाचन आयोग ने यह भी नहीं बताया कि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए कितने फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त हुए या उनमें से कितने आवेदन अस्वीकृत किए गए। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”कुल आंकड़े मानदंडों के अनुरूप जारी किए गए हैं। विस्तृत आंकड़े तैयार हैं और आवश्यकता पड़ने पर बाद में साझा जाएंगे।” आयोग ने बताया कि राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 6,82,51,008 है, जो न्यायाधिकरण के आदेशों के बाद नाम जोड़े जाने पर बढ़ सकती है।
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