कोरबा
डीएमएफ से शिक्षा,स्वास्थ्य सहित आमनागरिको से जुड़ी समस्याओं के लिए किए जाएंगे विकास के कार्य
कलेक्टर ने सभी विभागों से एक सप्ताह के भीतर मांगे प्रस्ताव
राजस्व सहित आमनागरिको कई समस्याओं को निराकरण के दिए निर्देश
पटवारी, सचिव सहित सभी मैदानी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश
शिविर लगाकर आधार अपडेट कराने, जाति प्रमाणपत्र बनाने के दिए निर्देश
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास से शिक्षा,स्वास्थ्य सहित बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति, आमनागरिको से संबंधित आवश्यकताओं एवं मानव संसाधनों की पूर्ति के लिए सभी महत्वपूर्ण विभागों को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त पत्रों और टीएल के लिए चिन्हांकित पत्रों का समय सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को जनपद स्तर पर जनपद सीईओ,बीईओ, बीएमओ सहित ब्लॉक लेवल अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने और मैदानी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन करने और अपने स्तर पर स्थानीय समस्याओं का निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पेंशन, मनरेगा भुगतान, सीमांकन, त्रुटि सुधार, अविवादित नामांतरण सहित अन्य समस्याओं का निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने टीएल के चिन्हांकित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने आयुष्मान, वय वंदना योजना और स्कूली विद्यार्थियों का जाति प्रमाणपत्र पत्र की समीक्षा करते हुए एसडीएम को निर्देशित किया कि वे आधार अपडेशन के लिए शिविर लगवाएं। उन्होंने मार्च माह तक नगरीय निकायों में आधार अपडेशन के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र पत्रों के कार्य भी शिविर लगाकर शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने 100 ऐसे ग्राम पंचायतों का चयन करने के निर्देश दिए जहाँ डीएमएफ से विगत तीन वर्षों में काम नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने एक जनवरी 2024 से पूर्व डीएमएफ के स्वीकृत कार्यों में प्रगति लाते हुए पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार ई-आफ़िस संचालन की तैयारी प्रारंभ करें। उन्होंने जिला सूचना अधिकारी को एक कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यालय में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का नेम प्लेट उनके बैठने वाले स्थान पर लगवाएं। उन्होंने कार्यालय में सभी फाइल अपडेट रखने, कार्यालयीन समय पर सभी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और समय-समय पर उनके कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विगत दिवस बिलासपुर संभागायुक्त द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों पर की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने पीएम जनमन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने, अंत्यावसायी अंतर्गत स्व रोजगार के लिए ऋण प्राप्त कर राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों से वसूली करने, डीएमएफ सहित अन्य योजनाओं में सामग्री सप्लाई जैसे कार्यों के एवज में भुगतान करने के दौरान सामग्री का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने चिर्रा-श्यांग मार्ग, सुनालिया अंडर पास निर्माण, पेंशन के हितग्राहियों के पोर्टल में आधार अपडेशन,वृद्धाश्रम, आरबीसी 6-4,सड़क दुर्घटना में मुआवजा, लम्बे समय से अनुपस्थित शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों पर कार्यवाही सहित अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला अर्बन सोसायटी अंतर्गत विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर डीएफओ श्री अरविंद पीएम, श्री निशांत कुमार, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश कुमार नाग,अपर कलेक्टर श्री मनोज कुमार बंजारे आदि उपस्थित थे।
15 मई से पूर्व पीएम आवास के हितग्राहियों के घर पूर्ण कराएं-कलेक्टर
जनपद सीईओ से पीएम आवास के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने किया निर्देशित
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले में प्रधानमंत्री आवास निर्माण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि हितग्राहियों के आवास स्वीकृति के पश्चात उसे पूर्ण कराने की दिशा में कार्य करें। 15 मई से पूर्व हितग्राहियों के मकान पूर्ण हो जाये इसके लिए लगातार फील्ड में विजिट करें और हितग्राहियों, आवास मित्र से भेंट कर कार्यों का अवलोकन करें। उन्होंने नवनिर्वाचित सरपंचों और सचिवों के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास निर्माण के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने जनपद अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, सांसद-विधायक मद, समग्र विकास,डीएमएफ अंतर्गत कार्यों की जानकारी भी अवश्य रखे। फील्ड में जाने के दौरान ऐसे कार्यों की प्रगति की जानकारी लें। कलेक्टर ने पीएम आवास सहित अन्य कार्यों के आधार पर ही जनपद सीईओ के कार्यों का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को भी जनपद सीईओ के कार्यों के मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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