कोरबा
कोरबा में कृषक उत्पादक समूह हेतु निर्यात क्षमता निर्माण प्रशिक्षण संपन्न
कोरबा। जिला प्रशासन कोरबा एवं द एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स् एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीईडीए) रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में भारत सरकार द्वारा चयनित आकांक्षी जिले यथा कोरबा के किसान उत्पादक संगठन हेतु एक्स्पोर्ट सेंसेटाइजेशन एवं कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित, ग्राम-नावापारा, विकासखण्ड-करतला में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के किसान उत्पादक संगठनों को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं, प्रक्रियाओं एवं आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करना तथा उनकी क्षमता का निर्माण करना रहा।

कार्यक्रम के शुरूवात में एपीईडीए के प्रतिनिधि अशोक कुमार द्वारा उपस्थित किसान उत्पादक संगठन के संगठन प्रमुख एवं उनके सदस्यों से बारी-बारी उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली गई एवं निर्यात हेतु न्यूनतम मात्रा जो कि 01 कन्टेनर 26 मिट्रिक टन होती है की जानकारी दी गई व विभिन्न उत्पादों हेतु विभिन्न निर्यात काउंसिल के बारे में बताया गया। छत्तीसगढ के विभिन्न जिलों से कौन-कौन से वेरायटी के उत्पादों की विशेष मांग विदेशों में है व निर्यात किये जा रहे हैं, की जानकारी दी गई एवं किन किन कारणों से उत्पाद निर्यात हेतु निरस्त हो जाते है के बारे में अवगत कराया गया। अंत में सभी उपस्थित किसान उत्पादक संगठन को एपीईडीए के किसान कनेक्ट पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया जो कि निशुल्क है। प्रशिक्षण में एपीइडीए के प्रतिनिधि द्वारा निर्यात नीति, गुणवत्ता मानक, पैकेजिंग, विपणन रणनीति एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पर विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कृषि विभाग के अधिकारी एवं एपीइडीए के प्रतिनिधियों ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में सहायक होंगे और जिले के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की ओर एक महत्तवपूर्ण कदम होगा।
उक्त कार्यक्रम में एपीइडीए रायपुर के दिनेश कुमार, बिजनेस डेव्हलप्मेंट मैनेजर उपस्थित हुये, कृषि विभाग कोरबा के के.के.कुशवाहा, कृषि विकास अधिकारी, निर्मल एक्का, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, विषाल चंद्रा, देसी फैसिलिटेटर, उद्यान विभाग के हीरा देवांगन, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, हेतराम कश्यप, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, ग्राम बरतोरी विकास शिक्षण समिति के डालेश्वर कश्यप, कोओरडिनेटर, महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के ईतवारी बंजारे, सी.ई.ओ, जय गुरूदेव बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के दिनेश तिवारी एवं अन्य 07 कृषक उत्पादक संगठन के संगठन प्रमुख एवं सदस्यों द्वारा उक्त कार्यक्रम में उपस्थित थे।
कोरबा
विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रद्धा महिला मंडल द्वारा वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
बिलासपुर/कोरबा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्साह, उमंग एवं संकल्प के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वसंत क्लब परिसर में श्रद्धा महिला मंडल की माननीय अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन द्वारा गत 4 जून को पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल की उपाध्यक्षगण एवं अन्य सदस्याओं ने भी पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों एवं कर्मचारियों को फलदार पौधे तथा पर्यावरण अनुकूल जूट के थैले वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
अपने संबोधन में श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने सभी से अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।
उन्होंने श्रद्धा महिला मंडल की सभी क्षेत्रों में संचालित समितियों को आगामी मानसून सत्र के दौरान कम से कम 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया तथा इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक रूप देने पर बल दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल की पदाधिकारीगण, सदस्याएं एवं एसईसीएल के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कोरबा
बाड़ी में किसान ने लगाए चंदन के 1 हजार पौधे
कोरबा। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ही पेड़, पौधों से भी आय बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। वन विभाग किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत चंदन की खेती को बढ़ावा दे रहा है। ग्राम धौराभाठा के किसान अर्जुन सिंह कंवर की बाड़ी में लगाए गए करीब 1 हजार चंदन पौधे लहलहा रहे हैं। इसकी खुशबू दूर तक बिखरने लगी है। इस वजह से और भी किसान चंदन के पौधे लगाने आगे आ रहे हैं।

वन परिक्षेत्र पाली के धौराभाठा निवासी अर्जुन सिंह कंवर ने अगस्त 2024 में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत चंदन पौधों का रोपण किया था। वर्तमान में पौधों की उत्कृष्ट वृद्धि और जीवितता दर यह साबित कर रही है कि उन्होंने संरक्षण, सिंचाई और नियमित देखरेख पर विशेष ध्यान दिया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अर्जुन की मेहनत और समर्पण के कारण चंदन की खेती का यह माडल अन्य किसानों के लिए भी उदाहरण बन गया है। चंदन की खेती के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। चंदन देश की सबसे मूल्यवान लकड़ी में शामिल है।
इसकी फसल तैयार होने में लगभग 12 से 15 वर्ष का समय लगता है, इसकी लकड़ी और तेल का बाजार मूल्य काफी अधिक होता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार भी सफेद चंदन की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। कटघोरा वनमंडल की ओर से इस वर्ष मानसून सत्र में 2500 से अधिक चंदन पौधों के रोपण की तैयारी की गई है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस लाभकारी खेती से जोड़ा जा सके। इस वर्ष भी विभाग की ओर से पाली के हाईटेक नर्सरी में पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिसे किसानो को प्रदाय किया जाएगा।
किसानों को किसान वृक्ष योजना के तहत व्यवसायिक रूप से चंदन, सागौन की खेती से जोड़ा जा रहा है। दीर्घकालिक आय के विकल्प वाले इन पौधों से किसान आगामी समय में लाभांवित होंगे।
– कुमार निशांत, डीएफओ वन मंडल कटघोरा
कोरबा
कोरबा के मड़वारानी पहाड़ पर युवक ने लगाई फांसी:पत्नी से विवाद के बाद में तनाव था, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित मड़वारानी पहाड़ पर एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। बताया जा रहा है कि पत्नी से विवाद के बाद युवक मानसिक तनाव में था।
मृतक की पहचान ग्राम जर्वे निवासी 32 वर्षीय सिमरन कुमार सांडे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह शनिवार शाम करीब 7 बजे अपनी बाइक लेकर घर से निकला था, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटा।

श्रद्धालुओं ने देखा शव, पुलिस को दी सूचना
रविवार (7 जून) सुबह मड़वारानी पहाड़ स्थित मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक पेड़ पर युवक का शव फंदे से लटका देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल के पास ही मृतक की बाइक भी खड़ी मिली।
सूचना मिलने पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पत्नी के मायके जाने से था परेशान
परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले सिमरन का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद के बाद पत्नी अपने चार वर्षीय बेटे को लेकर मायके चली गई थी। इसी बात को लेकर सिमरन काफी परेशान और मानसिक तनाव में था।
परिवार ने भी पुलिस के समक्ष पारिवारिक कलह की बात स्वीकार की है। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
सुसाइड नोट नहीं मिला
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
गांव में शोक का माहौल
युवक की मौत के बाद जर्वे गांव में शोक का माहौल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के चार साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं परिजन घटना से सदमे में हैं।
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