देश
Gold Price Today: दिल्ली, मुंबई, पुणे समेत अलग-अलग शहरों में 24K और 22K के ताजा रेट देखें
मुंबई, एजेंसी। बुधवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। कमजोर अमेरिकी आर्थिक डेटा के चलते अगले महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजारों पर दिखा।
MCX पर सोना–चांदी में उछाल (Gold-silver rise on MCX)
- MCX पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 475 रुपए (0.38%) चढ़कर 1,25,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स 1,388 रुपए (0.89%) बढ़कर 1,57,709 रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रहे हैं।
मेहता इक्विटीज़ के कमोडिटीज़ वाइस-प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री ने बताया कि अमेरिकी आर्थिक डेटा में कमजोरी से दिसंबर में रेट कट की उम्मीद मजबूत हुई है, जिससे सोने–चांदी में तेजी आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
- Comex पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 28.20 डॉलर (0.68%) बढ़कर 4,193.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
- सिल्वर भी 1.03% की बढ़त के साथ 51.61 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
रिलायंस सिक्योरिटीज़ के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा कि सोना दो हफ्ते के हाई के करीब पहुंच गया है। अमेरिकी रिटेल सेल्स सिर्फ 0.2% बढ़ीं और महंगाई डेटा भी उम्मीद के अनुरूप रहा, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी है। मार्केट अब दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट रेट कट की 80% से ज्यादा संभावना जता रहा है। हालांकि, यूक्रेन–रूस शांति योजना से जुड़ी खबरों के कारण सोने की तेजी सीमित रही है।
आज के शहरों के हिसाब से सोने की कीमत (24K, 22K, 18K प्रति ग्राम)
1. दिल्ली
- 24K: 12,806 रुपए
- 22K: 11,740 रुपए
- 18K: 9,608 रुपए
2. मुंबई
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
3. बेंगलुरु
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
4. चेन्नई
- 24K: 12,873 रुपए
- 22K: 11,800 रुपए
- 18K: 9,845 रुपए
5. कोलकाता
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
6. हैदराबाद
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
7. अहमदाबाद
- 24K: 12,796 रुपए
- 22K: 11,730 रुपए
- 18K: 9,598 रुपए
8. जयपुर
- 24K: 12,806 रुपए
- 22K: 11,740 रुपए
- 18K: 9,608 रुपए
9. भुवनेश्वर
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
10. पुणे
- 24K: 12,791 रुपए
- 22K: 11,725 रुपए
- 18K: 9,593 रुपए
11. कानपुर
- 24K: 12,806 रुपए
- 22K: 11,740 रुपए
- 18K: 9,608 रुपए
देश
ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमला; भारत ने जताई कड़ी नाराजगी, दिया सख्त संदेश
नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए समुद्री व्यापार और नागरिक नाविकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिक चालक दल को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है।उन्होंने कहा, “ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला अस्वीकार्य है। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।” विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं। भारत ने बचाव अभियान चलाने के लिए ओमान की सरकार और अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।

‘Unacceptable’: India condemns attack on Indian-flagged ship off Oman coast
The Ministry of External Affairs (MEA) on Thursday strongly condemned the attack on an Indian-flagged cargo vessel off the coast of Oman, describing the incident as “unacceptable” and expressing concern… pic.twitter.com/o1uIt5CGVc
— IANS (@ians_india) May 14, 2026
बयान में कहा गया, “सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं और हम उनके बचाव के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।” भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि “व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार को बाधित करना टाला जाना चाहिए।” इससे पहले ब्रिटेन के समुद्री सुरक्षा संगठन United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने खाड़ी क्षेत्र में एक गंभीर समुद्री सुरक्षा घटना की जानकारी दी थी। यूकेएमटीओ के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तट से लगभग 38 नॉटिकल मील दूर एक जहाज पर “अनधिकृत लोगों” ने कब्जा कर लिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज लंगर डाले हुए था और बाद में उसे ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा था।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और तेल आपूर्ति मार्गों पर खतरा बढ़ रहा है। यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में मौजूद जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।
देश
भारत विरोधी बयानों पर बांग्लादेश सरकार का ब्रेक; कहा-“भाजपा राज में मुस्लिमों पर जुल्म के आरोप झूठे, जमात सबूत तो दे”
ढाका/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत को लेकर बांग्लादेश में फैलाए जा रहे कथित “मुस्लिम उत्पीड़न” के नैरेटिव पर अब खुद ढाका सरकार ने बड़ा बयान दिया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने साफ शब्दों में कहा है कि पश्चिम बंगाल और असम में मुसलमानों पर अत्याचार किए जाने का कोई प्रमाण सरकार के पास नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश की प्रमुख इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी (JeI) और उसके सहयोगी दल लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि भारत में भाजपा सरकार आने के बाद मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ी है।

जमात-ए-इस्लामी का आरोप
जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी दलों ने हाल ही में दावा किया था कि पश्चिम बंगाल और असम में मुसलमान “लगातार उत्पीड़न” का सामना कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत में “सांप्रदायिक माहौल” बनाया जा रहा है और “भारत विरोधी ताकतें” क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में किसी प्रकार का आधिकारिक दस्तावेज, रिपोर्ट या ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।
ढाका सरकार का जवाब
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार ने इन दावों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार को भारत में मुसलमानों पर अत्याचार से जुड़ी कोई आधिकारिक शिकायत या विश्वसनीय रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना प्रमाण के ऐसे संवेदनशील आरोप लगाना उचित नहीं है और इससे दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अहम है यह बयान
बांग्लादेश सरकार का यह रुख इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, व्यापार और आतंकवाद विरोधी सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ढाका सरकार नहीं चाहती कि धार्मिक या राजनीतिक मुद्दों के जरिए दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो। खासकर तब, जब दक्षिण एशिया पहले से कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक राजनीतिक पार्टियों में से एक है। पार्टी लंबे समय से भारत और भाजपा सरकार की आलोचना करती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत में मुसलमानों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाकर पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार के इस बयान के बाद जमात के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, ढाका का यह बयान भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर राहत देने वाला माना जा सकता है। इससे यह संकेत गया है कि बांग्लादेश सरकार आधिकारिक स्तर पर भारत विरोधी आरोपों को बढ़ावा नहीं देना चाहती।दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में कई बड़े समझौते हुए हैं, जिनमें ऊर्जा, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और व्यापार प्रमुख हैं। ऐसे में दोनों सरकारें क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर दे रही हैं।
देश
ब्रिटेन का दावाः होर्मुज के पास जहाज हाईजैक ! UAE के फुजैरा से ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा पोत
लंदन, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब समुद्र में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ब्रिटेन की सेना ने दावा किया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्वी तट के पास लंगर डाले एक जहाज पर “अनधिकृत लोगों” ने कब्जा कर लिया है और उसे ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है। इस घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ (UKMTO) ने बृहस्पतिवार को जारी अलर्ट में कहा कि उसे सूचना मिली है कि फुजैरा बंदरगाह के पास एक जहाज पर कुछ अज्ञात लोगों ने नियंत्रण कर लिया।

एजेंसी के मुताबिक यह जहाज यूएई के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 38 नॉटिकल मील (करीब 70 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व दिशा में लंगर डाले हुए था। हालांकि, UKMTO ने जहाज का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। ब्रिटिश सेना ने दावा किया कि जहाज अब ईरानी जलक्षेत्र की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर कब्जा करने वाले लोग कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच ऐसी घटनाएं वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
क्यों अहम है फुजैरा बंदरगाह?
फुजैरा बंदरगाह यूएई का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र माना जाता है। यह फारस की खाड़ी के बाहर स्थित यूएई का प्रमुख बंदरगाह और बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है। रणनीतिक रूप से इसकी अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग का इस्तेमाल करता है। यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो इसका सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है।
पहले भी हो चुके हमले
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने के दौरान फुजैरा क्षेत्र पहले भी कई हमलों और संदिग्ध घटनाओं का केंद्र रहा है। पिछले वर्षों में तेल टैंकरों पर हमले, ड्रोन गतिविधियां और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई मामलों ने इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में शामिल कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर जहाज पर कब्जे की घटना की पुष्टि होती है, तो इससे अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों की सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
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