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कोरबा

गायत्री मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ पाली में किसान उत्पाद डेयरी का भव्य शुभारंभ

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जैविक सुगंधित चावल आटा से बना चीला लोगों के मन मस्तिष्क को भी महका रहा

लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती की ओर लौटना आज की आवश्यकता- विधायक पटेल

कोरबा/पाली। 14 जनवरी मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पाली बस स्टैंड में गायत्री मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ किसान उत्पाद डेयरी का भव्य शुभारंभ किया गया। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल एवं प्रगतिशील किसान दुकाल सिंह आरमोर एवं अन्य अतिथियों के हाथों फीता काटकर इसका शुभारंभ किया गया। पर्यावरण प्रेमी एवं जैविक खेती की ओर लौटने के लिए सैकड़ों किसानों को प्रोत्साहित करने वाले एवं किसान उत्पाद डेयरी के संचालक रामफल पटेल एवं अन्य गायत्री परिवार के सदस्यों ने सनातन धर्म के अनुसार पूजा पाठ किया और दिव्य मंत्रोच्चार एवं शंखनाद से दुकान का शुभारंभ किया। शंख की नाद एवं मंत्रोच्चार से घंटों तक परिसर गूंजता रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के नागरिक काफी संख्या में उपस्थित थे। पूर्व विधायक रामदयाल उइके, भाजपा नेता कौशल सिंह राज, शिव चौहान, वरिष्ठ पत्रकार कमल वैष्णव सहित पाली क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं नेता भी विशेष रूप से उपस्थित होकर रामफल पटेल की इस पहल को सराहा और सभी ने कहा कि रामफल पटेल ने जैविक खेती के लिए किसानों के बीच जो जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया है वह स्वर्णीम भविष्य के लिए काफी सुखद परिणाम देगा। किसान उत्पाद डेयरी का संचालन महिला समूहों द्वारा किया जाएगा।

जैविक खेती आज की जरूरत- प्रेमचंद पटेल

बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने रामफल पटेल की पहल को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पहले ही अपील कर चुके हैं कि रासायनिक खाद का उपयोग धीरे-धीरे बंद कर किसान जैविक खेती को अपनाएं, इसी से ही हमारा और विश्व का कल्याण होगा। रासायनिक खेती से हर जीव में जहर फैल रहा है और इस जहर से हमें सिर्फ जैविक और प्राकृतिक उत्पाद ही बचा सकते हैं। श्री पटेल ने आम किसानों से भी अपील करते हुए कहा कि जैविक खाद का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें और अति आवश्यक होने पर ही कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव उसमें भी कम मात्रा में खेतों में करें।

अधिक से अधिक किसान फसल चक्रों को अपनाएं-रामदयाल उइके

पाली तानाखार के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रामदयाल उइके ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान धान के अलावा गेहूं, मोटा अनाज सहित अधिक से अधिक सब्जियों के फसलों का उत्पादन करें और अधिक से अधिक खाद का ही उपयोग करें। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने वाले रामफल पटेल की दूरदर्शिता की उन्होंने सराहना की और कहा कि किसानों को जागरूक करना और जैविक उत्पाद के लिए महिलाओं को जोड़कर उन्हें स्वावलंबन बनाने का प्रयास काफी सराहनीय है और इस कार्य के लिए रामफल पटेल की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। हम सब को मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाना आज की आवश्यकता है।

किसान धीरे-धीरे जागेंगे-दुकाल सिंह आरमोर

शुभारंभ अवसर पर बतौर अतिथि उपस्थित प्रगतिशील किसान दुकाल सिंह आरमोर ने कहा कि रामफल पटेल उम्र में मुझसे काफी छोटे हैं, लेकिन उनकी सोच और कार्य काफी बड़े हैं। उनके प्रोत्साहन से ही मैं और मेरे साथ 500 किसान जैविक खेती के लिए लौटे हैं और हम प्रकृति से जुड़ रहे हैं। जैविक खाद के उपयोग से ही हमारी महतारी समान जमीन उपजाऊ बनेगी और मानव जीवन का संकट दूर होगा और मानव जीवन जहर से बचेगा, साथ ही रसायन के कम उपयोग से हमारा पर्यावरण भी सुधरेगा, जल निर्मल बनेगा और छत्तीसगढ़ सहित पूरा भारत फिर से विशुद्ध भोजन प्राप्त करेगा और मेडिकल खर्च में कटौती होगी।

किसानों को जैविक खेती की ओर लौटने रामफल पटेल की अपील

पाली-कोरबा फार्मर उत्पादक संगठन डोंगानाला के अध्यक्ष रामफल पटेल ने क्षेत्र के किसानों सहित पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों से सादर अपील करते हुए कहा है कि किसान जैविक खेती की ओर लौटे और समाज को स्वस्थ और शुद्ध उत्पाद परोसें। इससे मानव जीवन में खुशहाली आएगी और रसायनिक खेती के जहर से उत्पन्न हो रही बीमारियां कम होंगी और लोगों के ईलाज में हो रहा अतिरिक्त खर्च कम होगा, साथ ही मानव जीवन सहित पशुधन भी स्वस्थ जीवन जी सकेगा। उन्होंने दिव्य आकाश प्रतिनिधि चर्चा करते हुए कहा कि पाली-कोरबा फार्मर उत्पादक संगठन डोंगानाला के बैनर तले किसानों को जोड़ा जा रहा है, ताकि किसान जैविक खेती की ओर लौट सकें। अब तक 450 से अधिक किसान इस संगठन से जुड़ चुके हैं और जैविक खेती को अपना रहे हैं। इस लक्ष्य को और आगे बढ़ाया जा रहा है और संख्या असिमित है।

मोटे अनाज का भी उत्पादन बढ़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिलेट को बढ़ावा देने के लिए देश भर में मिलेट कैफे खोलने के लिए सरकारों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। पिछले कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी प्रदेश में मिलेट कैफे खोलने के लिए कहा था, जिसके बाद प्रदेश भर में मिलेट कैफे हजारों की संख्या में खोले गए। रामफल पटेल ने बताया कि मोटे अनाज को अब पीडीएस प्रणाली में भी जोड़ा गया है, ताकि कुपोषण मुक्त भारत बन सके। मिलेट में पौष्टिकता भरपूर रहती है और मोटे अनाज से ही बच्चों में कुपोषण खत्म होगा। उन्होंने पशुपालकों से भी अनुरोध किया है कि पशु हमारे देवतुल्य हैं और उन्हें इंजेक्शन देने की प्रथा बंद करें और प्राकृतिक रूप से जितना दूग्ध उत्पादन हमारी गाय माता देती है, उतना ही दोहन हो। इससे मानव जीवन को जहर के सेवन से बचाया जा सकता है।

पशुधन के विकास के लिए सब किसान आगे आएं

गौशाला डोंगानाला के संचालक रामफल पटेल ने कहा कि पशुधन जितना बढ़ेगा, उतनी ही समृद्धि किसानों की बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पशुधन विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, इसका लाभ लेकर किसान आगे बढ़ सकते हैं। गांव-गांव में चारागाह का विस्तार होना चाहिए, इसके लिए ग्रामीण खुद जागरूक हों और चारागाह पर बेजा कब्जा न हो। देखने में आ रहा है कि चारागाहों मेें बेजा कब्जा के कारण पशुधन के लिए जगह ही नहीं बची, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में पशुधन का विस्तार होने के बजाय कम हो रहा है। शासन -प्रशासन को भी इस ओर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।

किसान उत्पाद डेयरी में महकने लगा सुगंधित चीला और चटनी

पाली में 14 जनवरी से किसान उत्पाद डेयरी प्रारंभ हो चुकी है और इस संस्थान में जवाफूल, तुलसीमंजरी, दुबराज सहित अन्य सुगंधित चावल से बना चीला इस संस्थान की पहचान बनेगा। चीला के साथ टमाटर की चटनी से स्वाद ऐसा कि जीभ के साथ मनमस्तिष्क भी कह बैठेगा-वाह! क्या स्वाद है! क्या सुगंध है। चीला के अलावा गरम-गरम स्वादिष्ट दूध का भी मजा यहां लोग ले रहे हैं। ठंडी और जायकेदार लाजवाब लस्सी, पनीर, रबड़ी, पनीर चीला, जैविक गेहंू के आटे से बनी गरम-गरम पुड़ी, हर्बल चाय, काफी, उत्तपम, सहित सभी दूध उत्पादित सामान घी, खोवा को भी अपने घर ले जाएं और परिवार के साथ प्राकृतिक चीज खाएं।

बिक्री के लिए ये सामान भी उपलब्ध

महिला समूह द्वारा उत्पादित हर्बल सामानों की बिक्री के लिए इस संस्थान में उपलब्ध हैं। यहां से सामान खरीदकर महिला स्वावलंबन में अपना योगदान दे सकते हैं। सुगंधित जैविक चावल, सुगंधित काला-भूरा चावल, सुगंधित चावल आटा, गेहूं आटा, गेहूं, कोदो, हल्दी, मिर्च मसाला, कुमकुम, रोली, दोना-पत्तल सहित अन्य सामान उपलब्ध हैं। इन जैविक उत्पादों को आप ऑनलाईन बुक कर घर तक मंगवा सकते हैं। इसके लिए संचालक रामफल पटेल ने मोबाईल एप भी लॉच किया है।

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श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

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बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।

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क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा

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कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्‌टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।

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कोरबा

लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल

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कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।

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