विदेश
बांग्लादेश में हिंदू नेता के चुनाव लड़ने पर रोक
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1 month agoon
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Divya Akashशेख हसीना की सीट पर RSS से जुड़े गोबिंद का नामांकन खारिज, बोले- BNP की साजिश
ढाका,एजेंसी। बांग्लादेश में एक हिंदू नेता को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। गोबिंद चंद्र प्रमाणिक ने संसदीय चुनावों के लिए गोपालगंज-3 सीट से पर्चा दाखिल किया था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने शनिवार को उनका नामांकन वापस कर दिया।
पूर्व PM शेख हसीना गोपालगंज-3 से सांसद थीं। यहां 50% से ज्यादा हिंदू वोटर्स हैं। गोबिंद निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहते थे। वह पेशे से वकील हैं और बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत (BJHM) नामक संगठन के महासचिव भी हैं। BJHM कुल 23 संगठनों का हिंदुत्ववादी गठबंधन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा है।

पेशे से वकील गोबिंद चंद्र प्रमाणिक बांग्लादेश के प्रमुख हिंदुवादी नेताओं में से एक माने जाते हैं। फोटो- फाइल
खालिदा जिया की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोबिंद ने कहा कि बांग्लादेश में एक प्रावधान है जिसके हिसाब से एक निर्दलीय उम्मीदवार को अपने इलाके के 1% वोटरों के साइन लाने होते हैं।
वह नियम का पालन करते हुए 1% वोटरों के हस्ताक्षर लेकर आए थे, लेकिन बाद में उन वोटरों ने रिटर्निंग ऑफिसर से आकर कहा कि उनके साइन लिए ही नहीं गए थे।
गोबिंद का आरोप है कि खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकर्ताओं ने वोटरों पर ऐसा करने का दबाव बनाया। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी हस्ताक्षरों को अमान्य घोषित करते हुए नामांकन रद्द कर दिया।
प्रमाणिक की सीट पर 51% वोटर हिंदू
गोबिंद ने दावा किया है कि वो निर्दलीय चुनाव इसलिए लड़ना चाहते थे, क्योंकि उन्हें अपनी जीत पर भरोसा था। उनका कहना है कि गोपालगंज के 3 लाख मतदाताओं में से 51% हिंदू हैं।
BNP ने उन्हें रास्ते से हटाया क्योंकि यहां उसके जीतने की संभावना बिल्कुल भी नहीं थी। उन्होंने कहा, मैं चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करूंगा। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं कोर्ट भी जाऊंगा।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, गोबिंद ने 28 दिसंबर को अपना चुनावी नामांकन दाखिल किया था। तब गोबिंद ने कहा था कि न तो उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध है और न ही वे कभी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

बांग्लादेश में 24 नवंबर को हुए सिख समाज के एक कार्यक्रम में गोबिंद चंद्र प्रमाणिक।
बांग्लादेश में 350+ वेदिक स्कूल चलाता है BJHM
बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत (BJHM) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन से जुड़ा है और बांग्लादेश में हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार करता है। यह संगठन बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों में 350 से ज्यादा वैदिक स्कूल चलाता है, जहां बच्चों को भगवद गीता समेत कई हिंदू ग्रंथों की शिक्षा दी जाती है।
गोबिंद चंद्र प्रमाणिक BJHM के महासचिव हैं। गोबिंद ने वैदिक विद्यालयों के बारे में 2023 में कहा था कि ‘हमारा लक्ष्य बचपन से ही बच्चों में हिंदू गौरव की भावना पैदा करना है ताकि हमारे धर्म को बढ़ावा मिल सके और उसकी रक्षा की जा सके। हिंदू धर्म बांग्लादेश में इस समय अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है।’

बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में वैदिक स्कूल। BJHM देशभर में ऐसे 350 से ज्यादा स्कूल चलाता है।
एक और हिंदू प्रत्याशी का नामांकन वापस
गोबिंद चंद्र प्रामाणिक की तरह एक और हिंदू उम्मीदवार, दुलाल बिसवास का भी नामांकन वापस कर दिया गया है। दुलाल को एक रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी गोनो फोरम ने टिकट दिया था। इसलिए उन पर 1% मतदाताओं के हस्ताक्षर का नियम लागू नहीं हुआ, लेकिन दस्तावेजों की कमी का हवाला देकर उनका नामांकन वापस कर दिया गया। अब वे नए सिरे से दस्तावेज जमा करने वाले हैं।
गोपालगंज 2 सीट से एक और निर्दलीय हिंदू उम्मीदवार उत्पल बिस्वास चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से कभी हसीना के चचेरे भाई शेख सलीम चुनाव लड़ते थे। बिस्वास का कहना है कि ‘मैं किसानों और वंचितों के बीच काम करता हूं। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे वोट देंगे।’
हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद चुनाव
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार 5 अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद गिर गई, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और भारत भाग आईं। 8 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ।
अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में 6 महीने के भीतर चुनाव कराने का वादा किया। हालांकि बाद में समय सीमा बढ़ा दी गई और अब आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को होने वाले हैं।
खालिदा जिया की पार्टी सबसे ताकतवर
शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP को बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी कहा जा रहा है। 30 दिसंबर को खालिदा जिया की लंबी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई।
अब BNP की कमान खालिदा के बेटे तारिक रहमान के हाथ में है। तारिक 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे हैं। ढाका एयरपोर्ट पर उनका स्वागत BNP के करीब 1 लाख कार्यकर्ताओं ने किया।
रहमान ने 29 दिसंबर को ढाका-17 और बोगुरा-6 सीट से नामांकन दाखिल किया। बोगुरा-6 रहमान की मां खालिदा जिया की पारंपरिक सीट रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तारिक रहमान BNP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं।
बांग्लादेश में 15 दिन के भीतर 4 हिंदुओं की हत्या
भारत विरोधी नेता उस्मान हादी की 18 दिसंबर को हुई मौत के बाद बांग्लादेश में इस्लामिक संगठनों ने हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना शुरू किया। बांग्लादेश में 15 दिन के भीतर 4 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के झूठे आरोप में हुई दीपू चंद्र की हत्या के बाद 24 दिसंबर को भीड़ ने 29 साल अमृत मंडल उर्फ सम्राट की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद 29 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में 42 साल के कपड़ा फैक्ट्री कर्मचारी बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने इस दौरान कई हिंदुओं के घरों में आगजनी भी की।
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खेल
ICC ने पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज कीं:फाइनल अल्टीमेटम दिया, PCB यू-टर्न लेगा, भारत से वर्ल्ड कप मुकाबला खेलना लगभग तय
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15 hours agoon
February 9, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच ना खेलने पर अड़े पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ हुई मीटिंग के बाद उसे फाइनल अल्टीमेटम दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब PCB यू-टर्न लेगा और उनकी टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत का सामना भी करेगी।
पाकिस्तान ने भारत से प्रस्तावित मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया था। इसी सिलसिले में ICC के दो प्रतिनिधि इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी रविवार सुबह लाहौर पहुंचे, जहां उन्होंने PCB अधिकारियों के साथ चर्चा की।
दैनिक भास्कर को भी ICC में मौजूद सूत्रों ने बताया कि सभी मसले सुलझा लिए जाएंगे। श्रीलंका बोर्ड मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है और मुकाबला तय शेड्यूल पर ही खेला जाएगा।
पाकिस्तानी PM को लेना है अंतिम फैसला
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे। यह बैठक करीब पांच घंटे तक चली।
बैठक के बाद अब अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार के स्तर पर होना है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को देंगे, जिसके बाद बोर्ड अगले 24 घंटे में अपना फैसला सुना सकता है।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।
पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखीं
बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।
दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।
हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC
7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाक मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।
मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।
पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।
सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

ICC बोला- पाकिस्तान अपने फैसले पर विचार करे
ICC ने एक फरवरी को ही देर रात 11 बजे मीडिया रिलीज में कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। ICC सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।
ICC उम्मीद कर रहा है कि PCB अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद ICC का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।
भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी
टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

खेल
टी-20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान मैच की उम्मीद जगी:श्रीलंका क्रिकेट ने कहा- हमें रेवेन्यू में नुकसान होगा, PCB ने भरोसा दिलाया- सरकार से बात करेंगे
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3 days agoon
February 7, 2026By
Divya Akashकोलंबो/नई दिल्ली,एजेंसी। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर उम्मीद जगी है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की है। PCB 15 फरवरी को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के बहिष्कार के फैसले पर सरकार से बातचीत करेगा।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा ने कहा, ‘हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।”
दरअसल पाकिस्तान सरकार ने एक फरवरी को PCB को टूर्नामेंट में टीम भेजने की मंजूरी तो दे दी थी, लेकिन भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था। भारत-PAK मैच ICC और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सबसे बड़ा कमर्शियल मुकाबला माना जाता है, ऐसे में अब इस पर दोबारा बातचीत की संभावना बन गई है।
श्रीलंका ने PCB से कहा- इमेज को नुकसान होगा
इस मुद्दे को लेकर श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा है। इसमें कहा गया है कि भारत-पाक मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा। श्रीलंका इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत के साथ मिलकर कर रहा है।
पाकिस्तान-श्रीलंका के रिश्ते अच्छे
पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच सरकार और क्रिकेट स्तर पर हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं, इसलिए PCB इस अपील को नजरअंदाज नहीं कर सकता। PCB चीफ मोहसिन नकवी से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शमी सिल्वा ने संपर्क किया। उन्होंने कहा- भारत-PAK मैच नहीं होने पर टिकट बिक्री और हॉस्पिटैलिटी से होने वाली अतिरिक्त कमाई भी खत्म हो जाएगी।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोहसिन नकवी ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मुद्दे पर सरकार से बात करेंगे। मीडिया में आई यह खबर भी गलत बताई गई है कि पाकिस्तान ने श्रीलंका की अपील खारिज कर दी है। मोहसिन नकवी फिलहाल देश से बाहर हैं और आज लौट रहे हैं। इस मामले पर सोमवार तक फैसला हो सकता है।
श्रीलंकाई टीम सिक्योरिटी प्रॉब्लम के बावजूद पाकिस्तान गई थी
पिछले साल नवंबर में सुरक्षा चिंताओं के बावजूद श्रीलंकाई सरकार ने अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान दौरा पूरा करने का निर्देश दिया था और उस वक्त श्रीलंका ने पाकिस्तान का मजबूती से साथ दिया था। इस वनडे सीरीज को पाकिस्तान ने 3-0 से जीता था।

श्रीलंका ने 2025 में पाकिस्तान के दौरा किया था। हरी जर्सी में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा और नीली में श्रीलंका के दसुन शनाका।
पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।
सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

ICC बोला- पाकिस्तान अपने फैसले पर विचार करे
ICC ने एक फरवरी को ही देर रात 11 बजे मीडिया रिलीज में कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। ICC सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।
ICC उम्मीद कर रहा है कि PCB अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद ICC का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।
भारत तय समय पर श्रीलंका जाएगी
टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी को श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।
ग्रुप स्टेज में 3 ही मैच खेलेगा पाकिस्तान
बॉयकॉट के बाद पाकिस्तान और भारत की टीमें ग्रुप स्टेज में 3-3 मैच ही खेलेगी। पाकिस्तान 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ 3 विकेट से मैच जीत चुका है, 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं टीम इंडिया 7 फरवरी को अमेरिका, 12 फरवरी को नामीबिया और 18 फरवरी को नीदरलैंड से भिड़ने वाली है।
देश
अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया:ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया, सोशल मीडिया पर वायरल
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3 days agoon
February 7, 2026By
Divya Akashवॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने इंडियन मैप शेयर किया।
इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) हैं, उन्हें भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
यह नक्शा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अमेरिका पहले के नक्शों में PoK को अलग से दिखाता था। अंतरराष्ट्रीय मंचों और पश्चिमी देशों के सरकारी नक्शों में भी विवादित हिस्सों को अलग रंग या ‘डॉटेड लाइन्स’ से दिखाया जाता है।
इस बार ट्रम्प प्रशासन ने जानबूझकर या अनजाने में एक ऐसा नक्शा शेयर किया जो भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता देता है। भारत हमेशा से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता आया है।
अमेरिका ने यह इंडियन मैप शेयर किया है…

अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने यह इंडियन मैप अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ पोस्ट किया।
PoK को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच PoK विवाद जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़ा सबसे पुराना विवाद है। यह 1947 से चला आ रहा है और दोनों देशों के बीच युद्ध, तनाव और कूटनीतिक लड़ाई का कारण बना हुआ है।
विवाद की शुरुआत
- 1947: भारत-पाकिस्तान विभाजन- भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत (प्रिंसली स्टेट) थी, जिसके महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, लेकिन आबादी में मुस्लिम बहुमत में थे। विभाजन के नियम के अनुसार, रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती थीं या स्वतंत्र रह सकती थीं।
- 1947-48: पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध- पाकिस्तान से आए मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया। महाराजा हरि सिंह ने मदद के लिए भारत से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सैन्य मदद भेजी।युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने क्षेत्र के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे अब PoK कहा जाता है। 1949 में UN की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन (बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल – LoC) बनाई गई, जो दोनों देशों के नियंत्रण को अलग करती है।
- भारत का दावा- भारत कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने भारत में विलय किया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। भारत PoK को अवैध कब्जा मानता है और इसे वापस लेने की बात करता है।
- पाकिस्तान का दावा- पाकिस्तान कहता है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, इसलिए वह पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। पाकिस्तान PoK को आजाद कश्मीर कहता है और वहां अपनी तरह की सरकार चलाता है। पाकिस्तान UN के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है, जिसमें कश्मीरियों को जनमत संग्रह का अधिकार देने की बात थी।
पाकिस्तानी PM बोले थे- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा
अमेरिका ने यह मैप शेयर कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 5 फरवरी को बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू-कश्मीर विवाद का हल कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। शहबाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों को लागू करने से ही हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तानी लोगों और पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से कश्मीर के अपने भाइयों के साथ एकजुटता दिखाने आया हूं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने इस क्षेत्र को पाकिस्तान की लाइफ लाइन बताया था।
शहबाज बोले- कश्मीर का मुद्दा हमारी फॉरेन पॉलिसी की नींव है
शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी का आधार है। शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद कश्मीर मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी ताकत के साथ उठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब प्रॉक्सी के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान, मिलिटेंट ग्रुप बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन मिलने का दावा करता है, जबकि भारत ऐसे आरोपों को हमेशा खारिज करता रहा है।
1962 की जंग के बाद अक्साई चिन पर चीन का कब्जा
अक्साई चिन विवाद भारत और चीन के बीच सबसे पुराने और सबसे संवेदनशील सीमा विवादों में से एक है। यह क्षेत्र लद्दाख के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित एक ऊंचा, बंजर और ठंडा रेगिस्तानी इलाका है, जो लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
अक्साई चिन तिब्बत को शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख रास्ता प्रदान करता है। चीन ने यहां काराकोरम हाईवे (G219) बनाया है, जो उसकी सैन्य और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी है। भारत इसे लद्दाख का अभिन्न हिस्सा मानता है और इस पर चीन का अवैध कब्जा मानता है।
इस क्षेत्र को जॉनसन लाइन (1865) के तहत भारत में दिखाया था, लेकिन बाद में मैकार्टनी-मैकडोनाल्ड लाइन (1899) ने इसे चीन के करीब दिखाया। 1947 में भारत के आजाद होने के बाद, जम्मू-कश्मीर के विलय के साथ भारत ने अक्साई चिन को अपना हिस्सा माना।
1950 के दशक में चीन ने चुपके से तिब्बत-शिनजियांग को जोड़ने वाली सड़क बनानी शुरू की, जिसकी जानकारी भारत को 1957-58 में मिली। भारत ने इसका विरोध किया, लेकिन चीन ने इसे अपना क्षेत्र बताया।
यह विवाद 1962 के भारत-चीन युद्ध का मुख्य कारण बना। युद्ध के बाद चीन ने लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के रूप में वर्तमान सीमा बनाई गई। 1962 के युद्ध के बाद अक्साई चिन पर चीन का कब्जा बना रहा।
भारत-अमेरिका ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई भारत-अमेरिका BTA वार्ता को आगे बढ़ाएगा।
इस समझौते में आगे चलकर बाजार पहुंच, सप्लाई चेन को मजबूत करने और ट्रेड बैरियर कम करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर सभी टैरिफ खत्म या कम करेगा। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा।
उनके मुताबिक MSME, किसान और मछुआरे सबसे बड़े लाभार्थी होंगे और इससे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है।
भारत को इस समझौते से मिलने वाले लाभ
- अमेरिकी टैरिफ में कमी: भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाया गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
- चुनिंदा उत्पादों पर जीरो टैरिफ: जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और विमान पार्ट्स पर पूरी तरह टैरिफ खत्म किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंच: भारतीय MSME, किसान, मछुआरे, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए अमेरिकी बाजार में विस्तारित प्रवेश।
- निर्यात क्षेत्रों में बढ़ावा: टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी में नए अवसर।
- सेक्शन 232 छूट: विमान पार्ट्स पर अमेरिकी सेक्शन 232 के तहत छूट मिलेगी।
- ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा: कुछ ऑटो कंपोनेंट्स के लिए अमेरिका में विशेष पहुंच मिलेगी।
- जेनेरिक दवाओं पर बेहतर शर्तें: भारतीय जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स के लिए टैरिफ और नियामक नियमों में सुधार।

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