देश
महाराष्ट्र में सेना की हथियार फैक्ट्री में धमाका, 8 मौतें:7 गंभीर घायल; 5 का रेस्क्यू, 13-14 लोग अब भी फंसे; 5KM तक आवाज सुनाई दी
भंडारा,एजेंसी। महाराष्ट्र के भंडारा में सेना की हथियार फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह 10:30 बजे धमाका हुआ। हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, 7 गंभीर घायल हैं।
भंडारा कलेक्टर संजय कोलते ने बताया कि धमाके से फैक्ट्री की छत गिर गई, जिसमें 13 से 14 लोगों के फंसे होने की आशंका है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाके के बाद लोहे और पत्थर के टुकड़े दूर-दूर बिखरे हुए दिखाई दिए।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विस्फोट जवाहर नगर इलाके में स्थित फैक्ट्री के LTP (लॉन्ग टर्म प्लानिंग) सेक्शन में हुआ।
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री और नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने भी हादसे में गिरी छत के नीचे 13-14 लोगों के फंसे होने की जानकारी दी।
धमाके के बाद के हालात, तस्वीरों में…

भंडारा ओर्डनेंस फैक्ट्री अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ और कंट्रोल करती पुलिस।

घायलों और जान गंवाने वाले लोगों को ऑर्डनेंस फैक्ट्री अस्पताल ले जाती रेस्क्यू टीम।

ब्लास्ट के बाद कई किलोमीटर दूर तक फैक्ट्री से निकलता धुआं दिखाई दे रहा है।

ब्लास्ट से लोहे का बड़ा सा टुकड़ा भी फैक्ट्री के आसपास के इलाके में उड़ कर पहुंचा।

ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री के आसपास के रास्ते से गुजर रहे लोग वहीं खड़े हो गए।

ब्लास्ट के बाद पत्थर के टुकड़े कई मीटर दूर तक उड़ कर आए।

भंडारा स्थित सेना के हथियार निर्माण फैक्ट्री का एंट्री और एग्जिट गेट।
RDX बनाने वाली ब्रांच में हुआ धमाका जवाहरनगर स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री की RKR की ब्रांच सेक्शन में यह ब्लास्ट हुआ है। यहां RDX बनाने के लिए किया जाता है। इसी में यह विस्फोट हुआ। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जिस इमारत में विस्फोट हुआ, वह पूरी तरह नष्ट हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने हादसे को मोदी सरकार की विफलता बताया है।
टेस्टिंग फैसिलिटीज और लेबोरेटरीज भी
भंडारा की इस फैक्ट्री में सेना के लिए एसिड से लेकर कई तरह के विस्फोटक बनाए जाते हैं। यहां टेस्टिंग फैसिलिटीज और अत्याधुनिक लेबोरेटरीज भी हैं। छोटे हथियारों में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक स्पेरिकल पाउडर भी यहीं बनाया जाता है। इस पाउडर का इस्तेमाल पहली बार दूसरे विश्व युद्ध में किया गया था। 1960 से इसे सिविलियंस को दिया जाना शुरू किया गया था।
रक्षा मंत्री बोले- राहत के प्रयास जारी
घटना को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- महाराष्ट्र के भंडारा में आयुध कारखाने में हुए विस्फोट के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। बचाव दल घटनास्थल पर तैनात हैं। प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
2024 में भी ऐसी ही घटना हुई थी
जनवरी 2024 में भी भंडारा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के सीएक्स डिपार्टमेंट में विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उससे पहले भंडारा के पास सनफ्लैग कंपनी में विस्फोट हुआ था, जिसमें तीन कर्मचारी झुलस गए थे। आज की घटना इस साल की पहली ऐसी घटना है।

देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

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