देश
पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच जून में प्रतिदिन 49.3 लाख बैरल (बीपीडी) कच्चे तेल का आयात किया, जो उस महीने के लिए अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। ऊर्जा खुफिया कंपनी केप्लर के आंकड़ों और विश्लेषण से यह जानकारी मिली। केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने बताया कि इस दौरान रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़कर लगभग 26 लाख बैरल प्रति दिन हो गया, जिससे रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा।

रूस से आयात जून में भारत के कुल तेल आयात का आधे से अधिक रहा, जबकि मई में यह 36.5 प्रतिशत था। भारत ने रूस से 21.3 लाख बैरल प्रति दिन आयात किया था। रूस 2022-23 से भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, क्योंकि यूरोपीय देशों द्वारा रूस से आयात घटाने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रियायती रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी थी। यह रिकॉर्ड आयात मात्रा दिखाती है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बावजूद भारत विविध स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने में सक्षम रहा है।
रितोलिया ने कहा, ”पिछले 100 दिन में भारत के कच्चे तेल आयात ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। भारत प्रमुख आयातकों में सबसे बेहतर स्थिति में रहा है, जिसने सक्रिय विविधीकरण और खरीद रणनीति के माध्यम से आपूर्ति को बनाए रखा है।” उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियों ने अगस्त के पहले हिस्से तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली है, क्योंकि सामान्यतः तेल की खरीद एक-दो महीने पहले कर ली जाती है।”
मौजूदा भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है जिसमें अफ्रीका, रूस और वेनेजुएला से बढ़ते निर्यात, ओपेक+ उत्पादन में वृद्धि और होर्मुज जलडमरूमध्य से निरंतर तेल प्रवाह शामिल है। रितोलिया ने कहा कि निकट भविष्य में ईरान के कच्चे तेल का आयात बढ़ने के आसार नहीं है, हालांकि जुलाई या अगस्त में कुछ सीमित अवसरवादी खेपें आ सकती हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है।
देश अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा करता है और 2022 के बाद से रियायती रूसी तेल की खरीद में काफी वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल आयात स्थिति फिलहाल संतोषजनक दिखती है और रिफाइनरियां समय रहते आपूर्ति सुरक्षित कर रही हैं। कुल मिलाकर, भारत का कच्चा तेल आयात खंड विविध, संतुलित और पर्याप्त रूप से सुरक्षित स्थिति में है।
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Rupee drop: 67 पैसे टूटा रुपया, लगातार तीसरे दिन आई गिरावट
मुंबई, एजेंसी। रुपया बुधवार को 67 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.23 (अस्थायी) पर रहा। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी के कारण डॉलर-रुपए की विनिमय दर पर दबाव देखा गया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर सूचकांक के 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद बाजार धारणा और अधिक सतर्क हो गई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.67 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.60 से 95.29 के दायरे में रहा। अंत में रुपया 95.23 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 67 पैसे कम है। रुपया मंगलवार को पांच पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.56 पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, “रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और सौदे को पूरा करने के लिए की गई लिवाली के कारण रुपए पर दबाव बना। इसके अलावा, एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी ने भी रुपए पर अतिरिक्त दबाव डाला।” परमार ने कहा कि निकट अवधि में डॉलर-रुपए का हाजिर भाव 95.80 से 94.60 के दायरे में रह सकता है। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.42 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.31 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 अंक पर जबकि निफ्टी 140.10 अंक की बढ़त के साथ 24,005.85 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,556.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
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Why Stock Market Rising: शेयर बाजार में दो दिन की गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा
मुंबई, एजेंसी। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 631.41 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77,110.08 अंक तक पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,005.85 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही। वहीं एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील और इन्फोसिस के शेयर गिरावट में रहे।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट में रहा। हांगकांग के बाजार बंद थे। यूरोप के अधिकतर बाजार दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत सकारात्मक माहौल में की है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है।”
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.17 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,556.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 249.70 अंक और एनएसई निफ्टी 80.50 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
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LPG ग्राहकों के लिए अहम खबर, आज से बदल गए कई नियम, सिलेंडर बुकिंग से पहले जान लें नए बदलाव
मुंबई, एजेंसी। आज से कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में एलपीजी से जुड़े नए नियम भी शामिल है। सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडेन, भारत गैस और HP गैस ने ग्राहकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी प्रक्रिया और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

सिलेंडर डिलीवरी के लिए OTP और DAC जरूरी
अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए वेरिफिकेशन कराना होगा। सही वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी बुकिंग, कालाबाजारी और गैस की गलत डिलीवरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। डिलीवरी पूरी होने के बाद ग्राहक के मोबाइल नंबर पर कैश मेमो भेजा जाएगा, जिसमें भुगतान, डिलीवरी तारीख और सिलेंडर से जुड़ी जानकारी होगी।
e-KYC नहीं कराने पर सब्सिडी पर असर
एलपीजी सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के लिए e-KYC जरूरी कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने तय समय सीमा तक e-KYC पूरी नहीं कराई है, उनकी सब्सिडी रुक सकती है। सब्सिडी की राशि ग्राहक के e-KYC से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।
PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम
जिन ग्राहकों के घर में PNG कनेक्शन है और वे अभी भी एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं, उन्हें अपना PNG कनेक्शन सक्रिय करना होगा। इसके बाद तय समय में एलपीजी सिलेंडर जमा करना होगा। इसके बदले ग्राहक को ट्रांसफर वाउचर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल भविष्य में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए किया जा सकेगा।
PNG बिल नहीं भरने पर कनेक्शन कट सकता है
अगर PNG ग्राहक लगातार दो महीने तक बिल जमा नहीं करता है, तो उसका कनेक्शन बंद किया जा सकता है। दोबारा कनेक्शन शुरू कराने के लिए पहले बकाया बिल का भुगतान करना होगा। पाइपलाइन या वाल्व को नुकसान पहुंचने पर मरम्मत का खर्च भी ग्राहक को उठाना पड़ सकता है।
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