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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़-BJP बैठक की इनसाइड स्टोरी:शिवप्रकाश बोले- जीत के उत्साह में डूबिए मत, नेताओं से कहा- मीडिया में नहीं फील्ड पर एक्टिव रहे

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 2 दिनों तक चली बीजेपी की मैराथन बैठकों में मंच पर जितनी औपचारिक बातें हुईं, उससे कहीं ज्यादा चर्चा बंद कमरों में हुई।

12 मई को प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक हुई, जबकि अगले दिन प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। नई प्रदेश कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी, इसलिए संगठन के अंदर इसे सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं बल्कि नई दिशा तय करने वाली मीटिंग माना जा रहा था।

बैठक के दौरान सबसे ज्यादा जिस बयान की चर्चा रही, वह बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का था। उन्होंने नेताओं और पदाधिकारियों को साफ कहा कि पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में मिले ‘विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, अब संगठन को और ज्यादा मेहनत करनी है।’

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा- विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, मेहनत करिए।

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा- विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, मेहनत करिए।

बंगाल जीत के बाद छत्तीसगढ़ मॉडल पर फोकस

बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल चुनाव की जीत का जिक्र कई बार हुआ। नेताओं ने इसे संगठनात्मक मॉडल की सफलता बताया। चर्चा यह रही कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत किया गया, उसी मॉडल को अब छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में लागू किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों से आए पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सिर्फ सोशल मीडिया और बयानबाजी से संगठन मजबूत नहीं होगा। बूथ स्तर पर नियमित संपर्क, कार्यकर्ता बैठक और फील्ड एक्टिविटी बढ़ानी होगी।

‘बंगाल की जीत, पार्टी विचारधारा की जीत’

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने पश्चिम बंगाल की जीत को सिर्फ चुनावी सफलता नहीं बल्कि वैचारिक जीत बताया। कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कर्मभूमि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पार्टी की विचारधारा की जीत है।

साथ ही उन्होंने असम समेत दूसरे राज्यों में मिली सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी विकसित भारत और समरस समाज के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।

बीजेपी में दो दिनों तक लगातार बड़ी बैठकें चली।

बीजेपी में दो दिनों तक लगातार बड़ी बैठकें चली।

नई कार्यकारिणी को पहला संदेश ‘संगठन चुनावी मोड में रहे’

बैठक में बार-बार एक ही बात दोहराई गई कि संगठन अब लगातार चुनावी मोड में रहेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी अब पंचायत और निकाय चुनावों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में एक नया संगठनात्मक कैलेंडर तय किया गया।

इसके तहत हर महीने 4 स्तरों पर बैठकें होंगी। पहले हफ्ते में मंडल पदाधिकारी और कार्यसमिति की बैठक, दूसरे सप्ताह में जिले की बैठक, तीसरे सप्ताह में शक्ति केंद्र बैठक और चौथे सप्ताह में बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी और इसी दिन पीएम मोदी की मन की बात कार्यकर्ता एक साथ बैठकर करेंगे।।

पार्टी का मानना है कि लगातार समीक्षा और जमीनी फीडबैक के जरिए संगठन को एक्टिव रखा जा सकता है। बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, इस बार सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि हर स्तर के पदाधिकारियों को ‘माइक्रो मॉनिटरिंग’ का संदेश दिया गया।

बूथ स्तर तक रिपोर्टिंग, कार्यक्रमों की समीक्षा और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी सीधे ऊपर तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

प्रदेश प्रभारी के बिना हुई बैठक

नई प्रदेश कार्यकारिणी, पदाधिकारी और कोर कमेटी की बैठक में पहली बार ऐसा हुआ जब प्रदेश प्रभारी मौजूद नहीं रहे। छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी नितिन नबीन इस समय राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

20 जनवरी को उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद से यह चर्चा लगातार चल रही है कि छत्तीसगढ़ को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है।

बैठक के दौरान भी कई नेताओं के बीच यही चर्चा रही कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद छत्तीसगढ़ संगठन में भी नए समीकरण दिखाई दे सकते हैं। पार्टी के अंदरखाने यह माना जा रहा है कि जून तक नए प्रभारी को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

बैठक में नेताओं के लिए टारगेट तय किए गए।

बैठक में नेताओं के लिए टारगेट तय किए गए।

कोर कमेटी में बदलाव ने बढ़ाई हलचल

2 दिनों की बैठकों में सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा कोर कमेटी में हुए बदलाव को लेकर रही। बीजेपी की कोर कमेटी से कई बड़े और पुराने चेहरों को बाहर कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री पुत्रूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मंत्री रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे नेताओं को कमेटी से बाहर किया गया है।

वहीं नई सूची में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी और शिवरतन शर्मा को जगह दी गई है।

हालांकि पार्टी इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बता रही है, लेकिन गलियारों में यही चर्चा रही कि बीजेपी अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी और एक्टिव फील्ड नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है।

बड़ी गाड़ियों के कारवां पर भी चर्चा

बैठक के दौरान एक और दिलचस्प चर्चा नेताओं के काफिलों को लेकर रही। पेट्रोल-डीजल बचाने और कारकेड कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपील करते रहे हैं। कई राज्यों में मंत्री और नेता अपने काफिले कम भी कर रहे हैं।

लेकिन बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे। कई पदाधिकारी दो-दो और तीन-तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे। पार्किंग से लेकर मुख्य गेट तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं।

हालांकि कुछ बीजेपी प्रवक्ता ई-रिक्शा से भी पहुंचे, जिसकी चर्चा पार्टी दफ्तर में होती रही। लेकिन कई नेताओं के बीच यह सवाल भी उठा कि जब डिजिटल दौर में अधिकांश बैठकें वर्चुअल हो सकती हैं, तब इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के साथ बैठक आयोजित करना क्या जरूरी था?

सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर

बैठक के दौरान सरकार और संगठन के बीच तालमेल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं और फैसलों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन की होगी।

अंदरखाने क्या है सबसे बड़ा संदेश?

बैठकों के बाद बीजेपी के अंदर सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि पार्टी अब सिर्फ सत्ता चलाने के बजाय संगठन को लगातार एक्टिव रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

शिवप्रकाश का ‘विजय के उत्साह में मत डूबिए’ वाला संदेश भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व यह संकेत देना चाहता है कि बंगाल और दूसरे राज्यों की जीत के बाद भी संगठन को ढील नहीं दी जाएगी।

नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में जिस तरह बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक हर महीने बैठकें तय की गईं, कोर कमेटी में बदलाव हुआ और पंचायत-निकाय चुनावों पर फोकस बढ़ाया गया, उससे साफ है कि बीजेपी ने अगले राजनीतिक चरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।

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छत्तीसगढ़

जगदलपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

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दुगनपाल में घर-घर जाकर देखी जल की आपूर्ति, पिछले पांच महीनों से गांव के हर घर में नल से आ रहा जल

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

जगदलपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। श्री साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। श्री साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा।

दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की।

दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।

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कोरबा

युवा कांग्रेस का चुनाव:वर्तमान कमेटी भंग, आचार संहिता लागू, कोरबा शहर अध्यक्ष के लिए एसटी आरक्षित

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कोरबा। 03 जून को जिला कांग्रेस कार्यालय कोरबा में युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर जोनल रिजनल आफिसर अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार ने प्रेसवार्ता ली और युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर बताया। उन्होंने कहा कि 29 मई से नामांकन प्रारंभ हो गया है और आचार संहिता लागू हो चुकी है। प्रदेश भर में युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी को निरस्त कर दिया गया है और नए सिरे से चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

कोरबा युवा कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष एसटी और ग्रामीण के लिए सामान्य आरक्षित
ZRO अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार ने बताया कि कोरबा जिला की दो सीटों पर जिला अध्यक्ष का चुनाव होगा, जिसमें कोरबा शहर को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, वहीं कोरबा ग्रामीण जिला अध्यक्ष का पद सामान्य है। मेंबरशीप के लिए 75 रूपए की फीस रखी गई है।
18 से 35 वर्ष के युवा ले सकेंगे भाग
नरेन्द्र कुमार ने बताया कि 18 से 35 वर्ष के युवा ही नामांकन दाखिल कर सकेंगे और जो सिर्फ कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता ही चुनाव में भाग ले सकेंगे। 28.05.1990 से 29.05.2008 के बीच जन्म लेने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव में भाग ले सकते हैं। युवा कांग्रेस का चुनाव के लिए 06 पद प्रदेश स्तर पर सृजित हैं। प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लाक अध्यक्ष के लिए वोटिंग होगी।
नरेन्द्र कुमार ने बताया 29 मई से नामांकन प्रारंभ हो चुका है और 13 जून तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। उसके बाद मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
IYC एप के माध्यम से होगा चुनाव
नरेन्द्र कुमार ने बताया कि कांग्रेस संगठन ने प्रदेश में 41 जिला संगठन बनाया है, जिसमें जिला अध्यक्षों के लिए IYC एप के माध्यम से नामांकन से लेकर चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 41 जिला अध्यक्षों (शहर एवं ग्रामीण) के साथ 90 विधानसभा अध्यक्षों एवं 307 ब्लाक अध्यक्षों का भी चुनाव IYC एप के माध्यम से सम्पन्न कराया जाएगा। नरेन्द्र कुमार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया डेढ़ महीने के अंदर पूरी कर ली जाएगी और प्रदेश में लोकतांत्रिक ढंग से युवा कांग्रेस का नया संगठन तैयार होगा। चुनाव में सक्रिय कार्यकर्ता छंटकर आएंगे और संगठन को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्षद्वय मुकेश राठौर, मनोज चौहान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्षद्वय राकेश पंकज एवं विजय सिंह, जिला प्रवक्ता एवं कार्यालय मंत्री सुरेश अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, कोरबा ब्लाक अध्यक्ष पालूराम साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

सक्ती : बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

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सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

सक्ती। सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।

सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।

जनचौपाल में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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