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छत्तीसगढ़

जेल में बंद छात्र भी देगा री-NEET एग्जाम:हाईकोर्ट बोला- पुलिस सुरक्षा दिलाई जाए, स्टूडेंट्स के लिए 10 ट्रेनों में लगेंगे 40 एक्स्ट्रा कोच

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अर्जेंट हियरिंग के मामले की सुनवाई के बाद रायपुर सेंट्रल जेल में बंद छात्र को NEET-2026 परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने रायपुर पुलिस कमिश्नर और जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि छात्र को पुलिस सुरक्षा में परीक्षा केंद्र ले जाकर परीक्षा दिलाई जाए।

वहीं, NEET परीक्षा को देखते हुए ट्रेनों में छात्रों की बढ़ती भीड़ को संभालने और उन्हें बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे ने एक्स्ट्रा कोच लगाने का फैसला किया है। बता दें कि री-NEET परीक्षा 21 जून, रविवार को होगी।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अर्जेंट हियरिंग के मामले की सुनवाई की।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अर्जेंट हियरिंग के मामले की सुनवाई की।

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज एक आपराधिक मामले में छात्र वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। छात्र ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अंतरिम जमानत की मांग की थी।

याचिका में कहा गया था कि वह NEET परीक्षा में शामिल होना चाहता है। इसके लिए एडमिट कार्ड की कॉपी भी कोर्ट में पेश की गई। छात्र के वकील ने जेल में पढ़ाई के लिए जरूरी अध्ययन सामग्री मुहैया कराने का भी रिक्वेस्ट किया।

मामले की तत्काल सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि छात्र को पुलिस कस्टडी में परीक्षा दिलाई जाए और परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे तुरंत वापस जेल लाया जाए।

साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जेल नियमों के अनुसार छात्र को आवश्यक अध्ययन सामग्री मुहैया कराई जाए, ताकि वह परीक्षा की तैयारी कर सके।

आपराधिक मामले में छात्र वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

आपराधिक मामले में छात्र वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

बिलासपुर में 19 परीक्षा केंद्र, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जिले में NEET परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने शहर के 19 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस बीच, सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने परीक्षार्थियों के लिए 24 घंटे की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू की है।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। NEET पेपर लीक की घटना को ध्यान में रखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही, बारिश की संभावना को देखते हुए आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं, ताकि कैंडिडेट्स को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सिम्स ने शुरू की 24 घंटे हेल्पलाइन

कैंडिडेट्स की मदद के लिए सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने 24 घंटे की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू की है। इससे परीक्षा को लेकर तनाव या घबराहट महसूस करने वाले छात्रों को विशेषज्ञों से सलाह और सहायता मिल सकेगी।

रेलवे का विशेष इंतजाम

NEET परीक्षा के दौरान छात्रों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 10 ट्रेनों में 40 एक्स्ट्रा जनरल कोच लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही छात्रों की सुविधा के लिए विशेष मेमू ट्रेनों का भी संचालन किया जाएगा।

रेलवे की अपील

NEET-2026 परीक्षा को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने छात्रों से स्पेशल ट्रेनों का फायदा उठाने की अपील की है। रेलवे ने कहा है कि कैंडिडेट्स समय पर अपने परीक्षा केंद्र पहुंचें और यात्रा की योजना पहले से बनाएं।

रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों से रिक्वेस्ट है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और स्टॉपेज की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।

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कोरबा

बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि और बदहाल व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल

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प्रदेश की जनता, मीडिया प्रतिनिधियों और बिजली उपभोक्ताओं का ध्यान भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई अनुचित वृद्धि की ओर आकर्षित करना
कोरबा। यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं: कांग्रेस स्पष्ट करती है कि यह निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी, किसान-विरोधी और मध्यम वर्ग-विरोधी है। यह सिर्फ बिजली बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिक की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर विषय है।

बिजली दर वृद्धि पर मुख्य आरोप
भाजपा सरकार ने एक बार फिर घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी, जिसका सीधा असर जुलाई के बिजली बिलों में दिखाई देगा।
महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए यह निर्णय अत्यंत कष्टदायक साबित होगा। सरकार जनता की आय बढ़ाने में तो विफल रही है, लेकिन लगातार खर्च बढ़ा रही है।
कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की तुलना
कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली** की योजना लागू की थी, जिससे लाखों परिवारों को सीधी राहत मिली थी।
भाजपा सरकार ने आते ही इस लाभ को सीमित कर दिया है। आज केवल सीमित संख्या में उपभोक्ताओं को ही छूट का लाभ मिल पा रहा है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय सुविधाएं कम करने में लगी है।
महंगाई और बिजली दर वृद्धि का सीधा संबंध
पहले ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हो चुकी है।
परिवहन लागत बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं।
अब बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर दूध, सब्जी, किराना, छोटे उद्योग, होटल और दुकान जैसी अन्य सेवाओं पर पड़ेगा। अंततः आम जनता को हर छोटी-बड़ी चीज़ महंगी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कोरबा एवं प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल
ऊर्जाधानी में बिजली कटौती: कोरबा को ‘ऊर्जा राजधानी’ कहा जाता है, फिर भी यहाँ के लोग अघोषित बिजली कटौती झेल रहे हैं।
वोल्टेज की समस्या: ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है।
खराब ट्रांसफार्मर: कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने पर कई-कई दिनों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहती है।
अधिक शुल्क, खराब सेवा: उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल रही, फिर भी उनसे अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।
कांग्रेस का सवाल: जब सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ, तो इस दर वृद्धि का औचित्य क्या है?
महतारी वंदन योजना पर राजनीतिक हमला
एक हाथ से देना, दूसरे से लेना: भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को ₹1000 प्रति माह देने का जोर-शोर से प्रचार करती है। दूसरी ओर बिजली, गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि कर परिवारों पर उससे कहीं ज्यादा आर्थिक बोझ डाल रही है।
सरकार जवाब दे: सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनता को दी गई राहत से अधिक राशि महंगाई के माध्यम से वापस क्यों वसूली जा रही है?
जनता के हक में सरकार से सीधे प्रश्न

  1. बिजली दर वृद्धि की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी?
  2. बिजली उत्पादन करने वाले स्वयं के राज्य में बिजली इतनी महंगी क्यों हो रही है?
  3. उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध सेवा कब मिलेगी?
  4. बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा?
  5. गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार की क्या योजना है?
    कांग्रेस की प्रमुख मांगें
    0 वृद्धि वापस हो: बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
    0 विशेष सब्सिडी: घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए विशेष सब्सिडी दी जाए।
    0 किसानों को राहत: किसानों के लिए सस्ती एवं निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए।
    0 कटौती पर रोक: अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
    0 लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।
    0 बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना (Timeline) जारी की जाए।
    जनता के पक्ष में कांग्रेस का संकल्प संदेश
    0 कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।
    0 बिजली दर वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं और आम जनता के हित में है।
    0 इस अनुचित वृद्धि से प्रदेश का हर वर्ग—किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, गृहिणी, युवा और वरिष्ठ नागरिक समेत हर वर्ग वृद्धि से प्रभावित होगा। कांग्रेस जनता की मजबूत आवाज़ बनकर इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
    0 जब तक बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। हम सरकार से आग्रह नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांग रहे हैं।
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कोरबा

कोरबा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:5 तस्करों के ठिकानों पर दबिश, 5 लाख से अधिक की अवैध लकड़ी जब्त

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कोरबा। कोरबा वनमंडल के लेमरू वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच कथित लकड़ी तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी की। लेमरू और कुदुरुवा गांवों में की गई इस कार्रवाई के दौरान 306 अवैध काष्ठ चिरान जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव एवं दक्षिण कोरबा उपवनमंडलाधिकारी सुरकांत सोनी के निर्देशन में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व लेमरू वनपरिक्षेत्राधिकारी जयंत सरकार, बालको परिक्षेत्राधिकारी देवव्रत खाण्डे तथा परसखेत परिक्षेत्राधिकारी विक्रांत सिंह कंवर ने किया।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

वन विभाग को मुखबिर से अवैध लकड़ी भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद नियमानुसार सर्च वारंट जारी कर वन विभाग की टीम ने लेमरू और कुदुरुवा गांव के पांच घरों में एक साथ दबिश दी। अभियान में परिक्षेत्र सहायक श्रवण कुमार गायकी और रामेश्वर सिंह सिदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

घरों से बरामद हुई बड़ी मात्रा में लकड़ी

छापेमारी के दौरान बीजा, साल और अन्य मूल्यवान प्रजातियों की लकड़ी बड़ी मात्रा में बरामद हुई। ग्राम लेमरू निवासी दिनेश कुमार तंवर के घर से 2 नग साल चिरान (0.122 घन मीटर) जब्त किए गए।

वहीं सुरेश कुमार सिंह के घर से 68 नग साल प्रजाति के चिरान (1.272 घन मीटर) तथा 2 नग कलमी प्रजाति के चिरान (0.123 घन मीटर) बरामद हुए।

ग्राम कुदुरुवा निवासी शिशुपाल के घर से 231 नग साल प्रजाति के चिरान (3.975 घन मीटर) और 3 नग बीजा प्रजाति के चिरान (0.042 घन मीटर) जब्त किए गए।

306 नग चिरान जब्त, कीमत 5 लाख से अधिक

वन विभाग के अनुसार कुल 5.534 घन मीटर लकड़ी के 306 नग चिरान जब्त किए गए हैं। बरामद लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

पुलिस और वन अमले की संयुक्त कार्रवाई

यह कार्रवाई थाना लेमरू पुलिस और वन विभाग के लगभग 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान में लेमरू, बालको और परसखेत वन परिक्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

वन विभाग ने बताया कि जब्त लकड़ी के संबंध में वन अधिनियम एवं प्रासंगिक नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रखने की बात कही है।

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छत्तीसगढ़

23 जून को होगी साय कैबिनेट बैठक:वित्त-स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के बिंदुओं पर होगी चर्चा, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 23 जून को आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह अहम बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी।

बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में राज्य सरकार के कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

माना जा रहा है कि इस दौरान प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रिपरिषद की मुहर लग सकती है। बैठक में वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी और नए प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

महत्वपूर्ण माना जा रहा बैठक

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई नई योजनाओं की घोषणा या पहले से चल रही योजनाओं में संशोधन से जुड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक सरकार की आगामी रणनीति और प्राथमिकताओं की दिशा भी तय कर सकती है।

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