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कल से बदल जाएंगे कई नियम, जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए 1 मई से होने वाले बदलावों के बारे में

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नई दिल्ली, एजेंसी। मई 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। इस बार सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर, बैंकिंग सेवाओं और गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में देखने को मिल रहा है।

ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त नियम लागू

1 मई 2026 से Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 के तहत नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू हो गया है। इसके अंतर्गत Online Gaming Authority of India (OGAI) का गठन किया गया है, जो ऑनलाइन गेम्स को रेगुलेट और मॉनिटर करेगा।

नए नियमों के अनुसार गेम्स को तीन श्रेणियों—ऑनलाइन मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स—में बांटा गया है। हाई-रिस्क प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। साथ ही, यूजर सुरक्षा के लिए उम्र सीमा, पैरेंटल कंट्रोल और खेलने के समय जैसी सुविधाएं भी लागू की गई हैं। विदेशी गेमिंग कंपनियों को भी अब भारतीय नियमों का पालन करना होगा।

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ATM से कैश निकालना हुआ महंगा

आरबीआई ने ATM इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। फ्री लिमिट खत्म होने के बाद अब हर ट्रांजैक्शन पर 21 रुपये की जगह 23 रुपये शुल्क देना होगा।

नियमों के मुताबिक, ग्राहक अपने बैंक के ATM पर हर महीने 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। अन्य बैंकों के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलेगी।

‘वन स्टेट-वन RRB’ योजना लागू

वित्त मंत्रालय ने 11 राज्यों में ‘वन स्टेट-वन RRB’ योजना लागू की है, जिसके तहत 15 रीजनल रूरल बैंकों को मिलाकर एक बैंक बनाया जाएगा। इस कंसोलिडेशन के बाद RRB की कुल संख्या 43 से घटकर 28 रह जाएगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना है।

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FD और सेविंग अकाउंट के नियम बदले

RBL Bank ने सेविंग अकाउंट पर ब्याज भुगतान का तरीका बदल दिया है। अब ग्राहकों को ब्याज हर तिमाही के बजाय हर महीने मिलेगा।

वहीं Shriram Finance Limited ने FD की ब्याज दरों में बदलाव किया है। वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त और महिला निवेशकों को 0.10% अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।

LPG सिलेंडर और बुकिंग नियमों में बदलाव

1 मई से LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव है। साथ ही बुकिंग नियम भी सख्त किए गए हैं। शहरों में एक सिलेंडर के बाद दूसरा बुक करने के लिए 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का इंतजार करना होगा।

डिलीवरी के लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है, जिससे गलत इस्तेमाल और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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Exit Poll 2026: असम में NDA 100 सीटों के पार, केरल में दिखी कांटे की टक्कर, जानें क्या कहते हैं नए आंकड़े?

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के 5 बड़े राज्यों में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।अब सबकी निगाहें नतीजों पर टिकी हुई हैं। हाल ही में Today’s Chanakya ने अपने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, असम में NDA भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करता दिख रहा है, जबकि केरल में मुकाबला बेहद दिलचस्प और बराबरी का बना हुआ है।

1. असम में NDA की जीत का अनुमान

असम की 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए चाणक्य के आंकड़े एकतरफा जीत की ओर इशारा कर रहे हैं।

  • NDA को102 सीटें मिलने का अनुमान (± 9 सीटों के मार्जिन के साथ)। यानी यह आंकड़ा 93 से 111 सीटों के बीच रह सकता है।
  • कांग्रेस गठबंधन पिछड़ता हुआ दिख रहा है, जिसे केवल 14 से 32 सीटें मिलने का अनुमान है।
  • AIUDF+ और अन्य: अन्य दलों का अकाउंट खुलना मुश्किल दिख रहा है, उन्हें 0 से 2 सीटें मिल सकती हैं।

2. केरल में UDF और LDF के बीच मुकाबला

केरल में सत्ता किसके हाथ जाएगी, फिलहाल यह कहना मुश्किल है क्योंकि दोनों बड़े गठबंधनों के बीच अंतर बहुत कम है:

  • UDF (कांग्रेस गठबंधन): 40% वोट शेयर के साथ 69 ± 9 सीटें मिलने की उम्मीद है, जिससे उसे मामूली बढ़त मिलती दिख रही है।
  • LDF (वामपंथी गठबंधन): 38% वोट शेयर के साथ 64 ± 9 सीटें मिलने का अनुमान है।
  • भाजपा+: केरल में भाजपा अपनी पैठ बढ़ाती दिख रही है, जिसे 20% वोट शेयर के साथ 7 ± 4 सीटें मिल सकती हैं।

 इस दिन आएंगे नतीजे

असल परिणाम क्या फिलहाल यह देखना बाकी है। एग्जिट पोल के नतीजों को असल नहीं माना जा सकता। जानकारी के लिए बता दें कि 5 राज्यों-पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम 4 मई, 2026 (सोमवार) को घोषित किए जाएंगे।

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एग्जिट पोल के अनुमान TMC कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए है, ममता बनर्जी का बड़ा दावा

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए “भाजपा के निर्देश पर” एग्जिट पोल के पूर्वानुमान प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सत्तारूढ़ पार्टी राज्य चुनावों में 294 विधानसभा सीटों में से 226 से अधिक सीटें जीतेगी।

चार मई को होने वाली मतगणना से पहले ‘एक्स’ पर पोस्ट एक वीडियो संदेश में, बनर्जी ने दावा किया कि टेलीविजन चैनल ”भाजपा कार्यालय से प्रसारित” चुनावी परिणामों के अनुमानों को प्रसारित कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया, ”टेलीविजन पर जो दिखाया जा रहा है, उसे दोपहर एक बजकर आठ मिनट पर भाजपा कार्यालय से प्रसारित किया गया था। इसे प्रसारित करवाने के लिए पैसे दिए गए थे। मेरे पास इसकी पुख्ता जानकारी है।”

अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 294 सदस्यीय विधानसभा में आराम से दो-तिहाई का आंकड़ा पार कर लेगी। उन्होंने कहा, “हम 226 सीटों का आंकड़ा पार कर लेंगे। हम शायद 230 सीटें भी पार कर लें। मुझे भारी जनादेश पर पूरा भरोसा है।”

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरी मतदान प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल ”भाजपा के एजेंट” के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया, “अमित शाह के सीधे निर्देशों पर, चुनाव प्रक्रिया में केंद्रीय बल पश्चिम बंगाल में भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।”

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जंग के बीच रुपए पर दबाव: फिर भी RBI की रणनीति से बची 14,000 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है। रुपए की कीमत में गिरावट आई है और डॉलर के मुकाबले यह 95 के पार पहुंच गया। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) के हस्तक्षेप से स्थिति और बिगड़ने से बच गई। 

आर.बी.आई. की 2022 में शुरू की गई एक दीर्घकालिक रणनीति अब असर दिखाने लगी है। इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में रुपए के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया। इसी का नतीजा है कि फरवरी 2026 में भारत ने 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के आयात का भुगतान रुपए में किया।

फरवरी में 1.5 अरब डॉलर की बचत

रुपए में व्यापार से फरवरी महीने में ही करीब 1.5 अरब डॉलर (करीब 14,057 करोड़ रुपए) की विदेशी मुद्रा बची। ऐसे समय में जब विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं, यह राहत बेहद अहम मानी जा रही है। 

आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 के पहले 11 महीनों में 1.39 लाख करोड़ रुपए के आयात रुपए में किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, कुल आयात में इसकी हिस्सेदारी अभी भी सिर्फ 2.35 प्रतिशत ही है, यानी इस दिशा में अभी काफी काम बाकी है।

30 देशों से जुड़ा भारत का नैटवर्क

दिलचस्प बात यह है कि निर्यात का भुगतान भी तेजी से रुपए में हो रहा है। पहले जहां आयात और निर्यात के बीच बड़ा अंतर था, अब यह अंतर काफी कम हो गया है, जिससे रुपए की स्थिति मजबूत हो रही है। भारत ने जर्मनी, रूस, यू.के., सिंगापुर समेत 30 देशों के बैंकों को भारतीय बैंकों में खाते खोलने की अनुमति दी है। इसके अलावा यू.ए.ई., इंडोनेशिया और मालदीव के साथ स्थानीय मुद्रा में व्यापार के लिए समझौते भी किए गए हैं।

ट्रेड डैफिसिट पर पड़ेगा असर

भारत एक बड़ा आयातक देश है और 2025-26 में उसका व्यापार घाटा 119 अरब डॉलर रहा। ऐसे में अगर आयात रुपए में होता है तो डॉलर की मांग घटेगी और इससे चालू खाते के घाटे पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

दुनिया के कई देश अब डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे ‘डी-डॉलराइजेशन’ कहा जा रहा है। चीन इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि भारत का फोकस सिर्फ जोखिम कम करने पर है, न कि रुपए को वैश्विक रिजर्व करंसी बनाने पर।

क्या है आगे की राह

विशेषज्ञों के मुताबिक रुपए में व्यापार भारत के लिए एक मजबूत रणनीति साबित हो सकता है लेकिन इसे बड़े स्तर पर लागू करने के लिए और देशों को इस सिस्टम से जोड़ना होगा। रुपए में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अभी शुरूआती दौर में है लेकिन इससे मिलने वाले फायदे साफ दिखने लगे हैं। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह रणनीति भारत को आर्थिक स्थिरता देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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