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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय में खनिक दिवस का आयोजन संपन्न

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हमारे श्रमिक हैं राष्ट्र के ऊर्जा प्रहरी : हरीश दुहन

बिलासपुर/कोरबा। अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मुख्य आतिथ्य, निदेशक तकनीकी संचालन एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (योजना-परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, पूर्व निदेशक (एच आर) आर. एस. सिंह, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) के विशिष्ट आतिथ्य, एसईसीएल कल्याण मंडल के महेंद्र पाल सिंह (बीएमएस), बजरंगी शाही (एचएमएस), अमृत लाल विश्वकर्मा (सीटू) एसईसीएल सुरक्षा समिति के संजय सिंह (बीएमएस), आनंद मिश्रा (एचएमएस), बी. धर्माराव (एटक), इंद्रदेव चौहान (सीटू), जीएस प्रसाद (सीएमओएआई), सिस्टा अध्यक्ष एआर सिदार, सिस्टा महासचिव आर.पी. खाण्डे, ओपी नवरंग कौंसिल अध्यक्ष, ए विश्वास महासचिव कौंसिल, श्रद्धा महिला मण्डल उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीथा फ्रेंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती विनीता जैन, श्रीमती शुभश्री महापात्र एवं अन्य सम्माननीय सदस्याओं, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधकों/महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में दिनांक 01-05-2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर स्थित आडिटोरियम में खनिक दिवस का आयोजन किया गया ।

प्रारंभ में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया उपरांत इसके पश्चात कोलइण्डिया कारपोरेट गीत बजाया गया। मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गयी उपरान्त वन्दे मातरम गान बजाया गया । कार्यक्रम में शहीद श्रमवीरों के सम्मान में समस्त उपस्थितों द्वारा दो मिनट का मौन रखा गया । संकल्प का पठन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन द्वारा किया गया जिसे समस्त उपस्थितों ने दोहराया उपरांत मंचस्थ अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, कल्याण मण्डल, त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति, सिस्टा के सदस्यों का पुष्पहार, शाल, श्रीफल से सम्मान किया गया । स्वागत उद्बोधन संजीव एम सिंह महाप्रबंधक (उत्पादन) ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में माननीय केन्द्रीय कोयला मंत्री के सन्देश का पठन डा. सनीश चन्द्र जनसंपर्क अधिकारी ने किया । इस अवसर पर खनिको को समर्पित विशेष टेबलाय का विमोचन मंचस्थ अतिथियों दवारा किया गया

इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को खनिक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारे श्रमिक हैं राष्ट्र के ऊर्जा प्रहरी । उन्होंने कहा आज का दिन केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है वरन उस हाथ को प्रणाम करने का दिन है जो धरती के भीतर से ऊर्जा निकालकर देश को रौशन करता है । एसईसीएल की असली पहचान मशीन, माइंस, उत्पादन या आंकड़े नहीं है, एसईसीएल की असली पहचान हमारा कामगार, हमारा माइनर, हमारा सुपरवाइजर, हमारा कांट्रेक्ट वर्कर, हमारी महिला शक्ति, और हर वह परिवार है जो इस कठिन सेवा के पीछे खडा है । उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा होता है तब हमारे खदानों में शिफ्ट बदलती है, जब शहरों में रोशनी जलती है तब कहीं कोई कामगार पसीना बहा रहा होता है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एसईसीएल की हर उपलब्धि के पीछे किसी कामगार की मेहनत, किसी परिवार का त्याग और किसी टीम का अनुशासन है ।

श्रमवीर पुरस्कृत हुए

इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना-परियोजना एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (योजना-परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, पूर्व निदेशक (एच आर) आर. एस. सिंह, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) के करकमलों से निम्न को पुरस्कृत किया गया:-
एरिया परफारमेन्स-ग्रुप-ए-प्रथम-दीपका एरिया, द्वितीय-रायगढ़ एरिया, तृतीय-कुसमुंडा एरिया रहा। ग्रुप-बी-प्रथम- जमुना कोतमा एरिया, द्वितीय- भटगांव एरिया, तृतीय- कोरबा एरिया रहा। ग्रुप-सी-प्रथम-हसदेव एरिया, द्वितीय-चिरमिरी एरिया, तृतीय-बैकुंठपुर एरिया रहा।

ओपनकास्ट माइन्सवाइज परफार्मेन्स-ग्रुप-ए-प्रथम-जगन्नाथपुर एवम आमाडांड ओसी, द्वितीय-दीपका ओसी, तृतीय-छाल ओसी रहा। ग्रुप बी-प्रथम-जामपाली ओसी, द्वितीय-बिजारी ओसी, तृतीय-रामपुर बटुरा ओसी रहा। ग्रुप सी-प्रथम-राजनगर ओसी, द्वितीय-कंचन ओसी, तृतीय-आमगाव ओसी रहा।
अंडरग्राउंड माइन्सवाइज परफार्मेन्स ग्रुप-ए-प्रथम-कुरजा यूजी, द्वितीय-बेहराबांध यूजी, तृतीय-बंगवार यूजी रहा। ग्रुप-बी-प्रथम-कटकोना 1/2 यूजी, द्वितीय-बगदेवा यूजी, तृतीय-राजेंद्रा यूजी रहा। ग्रुप-सी में प्रथम- जमुना 9/10 यूजी, द्वितीय- सिंघाली यूजी, तृतीय-भद्रा यूजी रहा।

बेस्ट एसडीएल आपरेटर-प्रथम-चरन सिंह उमरिया यूजी जोहिला, द्वितीय-रामबहादुर राजनगर आरओ यूजी हसदेव, तृतीय-अशोक कुमार कटकोना 1/2 बैकुंठपुर रहे। बेस्ट एलएचडी आपरेटर-प्रथम-गोपाल झिरिया यूजी हसदेव, द्वितीय-इन्दल लाल बगदेवा यूजी कोरबा, तृतीय-अहिबरन रेहर यूजी बिश्रामपुर रहे। बेस्ट ड्रिलर-प्रथम-रामप्रवेश झिरिया यूजी हसदेव, द्वितीय-नथू लाल पाली यूजी जोहिला, तृतीय-मोहर साय भटगांव यूजी भटगांव रहे। बेस्ट यूडीएम आपरेटर-प्रथम-अजेश कुरासिया यूजी चिरमिरी , द्वितीय-आदित्य गोंड पांडवपारा यूजी बैकुंठपुर, तृतीय-ब्रिजबिलाश भटगांव यूजी भटगांव रहे। बेस्ट अण्डरग्राऊंड वर्कर-प्रथम-मुखदेव सिंह भटगांव यूजी भटगांव, द्वितीय-कुंदनलाल साहू खैरहा यूजी सोहागपुर, तृतीय-खेलावन बरतराई यूजी जमुना कोतमा रहे।
बेस्ट शावेल आपरेटर-प्रथम-छत्रपाल कौशिक कुसुमुंडा ओसी कुसमुंडा, द्वितीय-एन अजीत कुमार गेवरा ओसी गेवरा, तृतीय-अशोक कुमार दीपका ओसी दीपका रहे। बेस्ट डम्पर आपरेटर-प्रथम-सत्यनारायण दीपका ओसी दीपका, द्वितीय-सूरज सिंह रामपुर बटुरा ओसी सोहागपुर, तृतीय-शिवदयाल बीपी गेवरा ओसी गेवरा रहे। बेस्ट ड्रिल आपरेटर-प्रथम-रमजान खान गेवरा ओसी गेवरा, द्वितीय-राधेलाल देवांगन दीपका ओसी दीपका, तृतीय-रामकृष्ण तिवारी कुसमुंडा ओसी कुसमुंडा रहे। बेस्ट डोजर आपरेटर-प्रथम-राजकुमार गेवरा ओसी गेवरा, द्वितीय-पवन कुमार जगन्नाथपुर ओसी भटगांव, तृतीय-अर्जुन कुमार साहू बरौद ओसी रायगढ़ रहे।

सीएसआर अवार्ड-प्रथम-एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर, द्वितीय-बैकुंठपुर क्षेत्र, तृतीय-गेवरा क्षेत्र रहा।
क्वालिटी आफ लाईफ अवार्ड-प्रथम दीपका क्षेत्र, द्वितीय-सोहागपुर क्षेत्र, तृतीय-बिश्रामपुर क्षेत्र रहा। इन्वायरमेंट मैनेजमेंट अवार्ड-प्रथम-दीपका क्षेत्र, द्वितीय-सोहागपुर क्षेत्र, तृतीय-रायगढ़ क्षेत्र रहा। प्रोजेक्ट डेव्हलपमेंट माईलस्टोन एचीवमेन्ट अवार्ड-प्रथम-रायगढ़ क्षेत्र, द्वितीय-जमुना कोतमा क्षेत्र, तृतीय-दीपका क्षेत्र, चतुर्थ-सोहागपुर क्षेत्र, पंचम-जोहिला क्षेत्र रहा। सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड-प्रथम-जमुना कोतमा क्षेत्र, द्वितीय-जोहिला क्षेत्र, तृतीय-बिश्रामपुर क्षेत्र रहा। एचआरडी अवार्ड-प्रथम- सोहागपुर क्षेत्र, द्वितीय- हसदेव क्षेत्र, तृतीय-जोहिला क्षेत्र रहा। पब्लिक रिलेशन्स अवार्ड-प्रथम-बैकुंठपुर क्षेत्र, द्वितीय-गेवरा क्षेत्र, तृतीय-सोहागपुर क्षेत्र रहा। राजभाषा अवार्ड- प्रथम-कोरबा क्षेत्र, द्वितीय-भटगांव क्षेत्र, तृतीय-दीपका क्षेत्र रहा। इण्डस्ट्रियल रिलेशन्स अवार्ड-प्रथम- मुख्यालय बिलासपुर, द्वितीय- दीपका क्षेत्र, तृतीय- कोरबा क्षेत्र रहा। समन्वय पुरस्कार-श्रद्धा महिला मण्डल बिलासपुर को प्राप्त हुआ । महिला मंडल में प्रथम-सृष्टि महिला समिति कोरबा, द्वितीय-जागृति महिला समिति हसदेव एवम सम्पदा महिला समिति चिरमिरी, तृतीय-उर्जा महिला समिति कुसमुंडा एवम शिवानी महिला समिति बिश्रामपुर रही। इनोवेशन अवार्ड- हसदेव क्षेत्र, दीपका क्षेत्र, सीडब्ल्यूएस कोरबा, सीईडब्ल्यूएस गेवरा, सतर्कता विभाग मुख्यालय बिलासपुर को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर निदेशक मण्डल द्वारा सर्वोत्कृष्ठ खनिक सम्मान से एसईसीएल के प्रथम पुरूष हरीश दुहन को शाल, श्रीफल, पुष्प प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पूर्व निदेशक (एचआर) आर. एस. सिंह ने अपने सम्बोधन में इस कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर घन्यवाद देते हुए कहा कि यहाँ के श्रेष्ठ नेतृत्व व कर्मठ कर्मवीरों के बलबूते निश्चय ही अपने गौरवशाली सफलता के इतिहास को दोहराएगा। उन्होंने एसईसीएल एवं इसमें कार्यरत कर्मियों को सपरिवार उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की।
एसईसीएल संचालन समिति के एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) ने अपने उद्बोधन में श्रमिक दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कंपनी की प्रगति में यथोचित सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

इसके पूर्व एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में मुख्य अतिथि एवम विशिष्ट अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए उपरांत अंबेडकर प्रतिमा व खनिक प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित किए ।
कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व वरुण शर्मा, प्रबन्धक (एचआर) एवं मिताली तिवारी मुख्य प्रबन्धक (ईएंडएम) ने निभाया। कार्यक्रम के अंत में मंचस्थ अतिथियों के करकमलों से विभिन्न केटेगरी के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (एचआर-श्रमशक्ति) एस. परीदा द्वारा दिया गया।

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कोरबा

हत्या के प्रकरणों के अनुसंधान पर पुलिस अधिकारियों का हुआ प्रशिक्षण, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने दिया प्रशिक्षण

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  • Asp से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी हुए सम्मिलित
  • हत्या के प्रकरणों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि (Conviction) सुनिश्चित करने हेतु आईजी बिलासपुर ने जारी किए ‘स्मार्ट विवेचना’ निर्देश

कोरबा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के द्वारा हत्या (Homicide) के गंभीर मामलों में विवेचना के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधारने और न्यायालयों में सजा की दर बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत कार्ययोजना और दिशा-निर्देश जारी करते हुए आज दिनांक 28/4/26 को रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों का एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है।
इस नई रणनीति के तहत बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें एक चेकलिस्ट को जारी किया गया है। अब से हत्या के हर प्रकरण के चालान (Charge-sheet) में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य होगा।

प्रमुख दिशा-निर्देश और नई कार्यप्रणाली
‘ई-साक्ष्य’ (e-Sakshya) और नए कानूनों का अनुपालन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी प्रकार की जप्ती ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकर जाने (Hostile) की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य प्रभावी रहेंगे।
क्राइम सीन का वैज्ञानिक प्रबंधन: घटनास्थल पर ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझते हुए क्षेत्र को तत्काल टेप लगाकर सील किया जाएगा। फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही साक्ष्य संकलन होगा। किसी भी साक्ष्य को बिना दस्ताने (Gloves) के छूना प्रतिबंधित रहेगा।
चेकलिस्ट के आधार पर समीक्षा: विवेचना में मानवीय त्रुटि को शून्य करने के लिए 124 बिंदुओं का एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक की हर प्रक्रिया का प्रलेखन (Documentation) शामिल है, ताकि बचाव पक्ष को तकनीकी खामियों का लाभ न मिल सके।
उन्नत डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक: विवेचक अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स जैसे गूगल टेकआउट (Google Takeout), इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की बारीकी से जांच करेंगे। घटनास्थल के आसपास के 100 किमी के दायरे*में लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप के जरिए मैपिंग की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को सीधे डीवीआर (DVR) से जप्त कर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4)(c) के प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
DNA एवं जैविक साक्ष्यों से लिंक स्थापित करना: मृतक के नाखूनों में फंसे आरोपी की स्किन, संघर्ष के दौरान टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए (DNA) ट्रेस करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वैज्ञानिक रूप से आरोपी की उपस्थिति घटनास्थल पर सिद्ध की जा सके।
रात्रिकालीन पोस्टमार्टम एवं वीडियोग्राफी: संवेदनशील मामलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त रोशनी में रात में भी पोस्टमार्टम कराया जा सकेगा, जिसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। पीएम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने पर डॉक्टरों से अनिवार्य रूप से एफएसएल (FSL) क्वेरी कराई जाएगी।
साक्ष्यों की अटूट श्रृंखला (Chain of Custody): साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें थाने के मालखाने और फिर एफएसएल (FSL) तक भेजने का पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
लक्ष्य: त्रुटिहीन विवेचना
आईजी बिलासपुर ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद होने वाले सभी हत्या के प्रकरणों की विवेचना इन नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के माध्यम से की जाए। बिलासपुर रेंज पुलिस अब सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि से लेकर साइबर साक्ष्यों (CDR, IPDR, IMEI) के संकलन तक पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएगी, ताकि अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दिलाई जा सके।आज के प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के अलावा रेंज के सभी जिलों के एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक तक के अधिकारी सम्मिलित हुए।इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन virtual mode पर किया गया। आईजीपी श्री गर्ग ने स्वयं पुलिस अधिकारियों को हत्या के प्रकरणों की विवेचना के लिए प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन देते हुए, पीपीटी के माध्यम से विवेचना के की-पॉइंट्स और अमल में लाने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी। रामगोपाल गर्ग ने जानकारी दी है, की ऐसे प्रशिक्षण के सत्र प्रति सप्ताह, अलग अलग विषयों पर रेंज के पुलिस अधिकारियों केलिए आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नवीनतम अनुसंधान तकनीकों से खुद को अपग्रेड कर , कमियों को दूर कर सकें।

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कटघोरा

10वीं बोर्ड में छात्र ऋतू राज यादव ने लहराया परचम

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कोरबा/कटघोरा। आत्मानंद विद्यालय के होनहार छात्र ऋतू राज यादव ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 79% अंकों के साथ प्रवीणता प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों, नाना-नानी, मामा कोमल, प्रियंका छाबड़ा, मौसी निशु एवं अपने मित्रों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से वे इस मुकाम तक पहुँचे। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं कि वे आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूते रहें।

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कटघोरा

नदी में छोड़ा जा रहा दूषित पानी, ग्रामीणों में आक्रोश

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कोरबा/कटघोरा। कटघोरा जनपद पंचायत कटघोरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धवाईपुर के आश्रित ग्राम डूडगा में इन दिनों गंभीर जल प्रदूषण की समस्या सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कटघोरा नगर पालिका द्वारा दूषित पानी को नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जल पूरी तरह प्रदूषित हो गया है।

इस मामले में भाजपा प्रदेश सहसंयोजक राजेश यादव (झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ) ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नदी के प्रदूषित होने से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इसी नदी के पानी का उपयोग झिरिया खोदकर पीने एवं दैनिक कार्यों के लिए करते आ रहे हैं, लेकिन अब पानी अत्यधिक दूषित हो चुका है। इसके सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने लगी हैं।

गंदे पानी से फैलने से ग्रामीणों में

डायरिया (दस्त), हैजा, टायफाइड (मियादी बुखार), पीलिया (जॉन्डिस), त्वचा रोग (खुजली, एलर्जी, फोड़े-फुंसी), पेट संक्रमण, उल्टी-दस्त, तथा बच्चों में कुपोषण एवं कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में पानी टंकी और पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन योजना का लाभ अब तक लोगों तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे यह योजना “सफेद हाथी” साबित हो रही है।

साथ ही, आसपास के कुछ कारखानों द्वारा भी प्रदूषित पानी नदी में छोड़े जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि इस पानी का उपयोग पशुओं के लिए भी सुरक्षित नहीं रह गया है।

वहीं, एक कटघोरा के स्थानीय कांग्रेस नेता ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि इस समस्या की शुरुआत पूर्व में नगर पालिका के अध्यक्ष भाजपा का तथा डूडगा के बेटी नेतृत्व के दौरान हुई थी। जिन्होंने नाला बनवा कर पुरे ग्रामीणों को प्रदूषण युक्त जहरिले पानी से कहर मचाई है.हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

भाजपा नेता राजेश यादव सहित ग्रामवासियों ने शासन से मांग की है कि नदी को जल्द से जल्द प्रदूषण मुक्त कर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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