छत्तीसगढ़
मिशनरी-सिस्टर्स गिरफ्तारी केस…संसद भवन में कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रियंका गांधी बोलीं- सरकार को सिर्फ चुनाव प्रचार की चिंता, विजय बघेल बोले-भ्रम फैला रही कांग्रेस
दुर्ग,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से केरल की 2 मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने संसद भवन में प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी के साथ कई कांग्रेसी प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी ने हाथों में ‘ननों को रिहा करो, गुंडों को गिरफ्तार करो’ लिखा स्लोगन रखा था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ननों के साथ बदसलूकी की, उनपर झूठा आरोप लगाया। प्रियंका ने कहा कि, राज्य सरकार को केवल चुनाव प्रचार की चिंता रहती है, जबकि वे अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

वहीं माकपा नेता वृंदा करात और CPI नेता एनी राजा ने भी बुधवार को दुर्ग जेल पहुंचकर दोनों ननों से मुलाकात की। इस दौरान वृंदा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में गुंडाराज चल रहा है। बीजेपी सरकार ईसाई समुदाय को टारगेट कर रही है। पुलिस ने बजरंग दल के लोगों को फोन कर रेलवे स्टेशन में बेवजह हंगामा कराया। धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे केस में फंसाया।
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि दोहरापन नहीं चलेगा विष्णु देव साय जी और विजय शर्मा जी!। भाजपा केरल के अध्यक्ष कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन का धर्मांतरण से कोई लेना देना नहीं है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन धर्मांतरण में लिप्त हैं। आप अपना मत स्पष्ट कीजिए। प्रदेश जानना चाहता है।
इन आरोपों पर दुर्ग से बीजेपी के सांसद विजय बघेल ने संसद में कहा कि क्या हम अपनी आदिवासी बेटियों की रक्षा नहीं करेंगे? कांग्रेस के जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों ने भ्रम फैलाया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग रेलवे स्टेशन में मानव तस्करी और धर्मांतरण कर दो नन द्वारा बस्तर की भोली-भाली आदिवासी बेटियों को आगरा ले जाया जा रहा था।
बघेल ने कहा कि दुर्ग जिले के जागरूक नागरिकों ने युवतियों को बचाया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करना चाह रही है। कानून अपना काम कर रहा है।
रायपुर से बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में लालच देकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। दोनों नन केरल की रहने वाली हैं तो छत्तीसगढ़ में क्या कर रहीं थी। कांग्रेस साफ करे कि वे धर्मान्तरण के समर्थन में हैं या खिलाफ हैं।
वहीं बजरंग दल के प्रांत संयोजक ऋषि मिश्रा ने कहा कि दुर्ग में नन गिरफ्तारी मामले में सरकार लीपापोती की तो बजरंग प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा। कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में चक्काजाम और छत्तीसगढ़ बंद कराएंगे।
दुर्ग जेल में बंद ननों से नेताओं ने की थी मुलाकात

बुधवार को माकपा नेता और सीपीआई नेता एनी राजा ने भी दुर्ग जेल में ननों से मुलाकात की थी।

मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ सांसद प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दुर्ग जेल पहुंचा था।

मिशनरी सिस्टर्स मिलने के लिए मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि मंडल दुर्ग जेल पहुंचा था।

मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ दुर्ग जेल जा रहे सांसद प्रतिनिधि मंडल को मिलने से पुलिस ने रोका था।

जेल में बंद कैथोलिक नन वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी पर कार्रवाई के खिलाफ 28 जुलाई को सांसदों ने प्रदर्शन किया था।
सरकार की दोहरी नीति नहीं चलेगी
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ और केरल भाजपा में विरोधाभास क्यों है? लड़कियां बालिग हैं, वे अपना फैसला खुद ले सकती हैं। केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि नन धर्म परिवर्तन में शामिल नहीं थीं। यह गिरफ्तारी गलत है।
दीपक बैज ने कहा कि केरल बीजेपी के मुताबिक ननों को गलत तरीके से फंसाया गया है। वह मानव तस्करी में शामिल नहीं थीं। छत्तीसगढ़ सरकार गलत है या केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। यह दोहरी नीति नहीं चलेगी।
कोर्ट में याचिका खारिज, जेल में रहेंगी नन
दुर्ग में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी मामले में लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। सेशन कोर्ट के जज अनीश दुबे ने कहा हमें यह प्रकरण सुनने का अधिकार नहीं है। यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला था, जिसमें बिलासपुर NIA कोर्ट को सुनवाई का अधिकार है।
वहीं थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि, मानव तस्करी मामले में केंद्रीय एजेंसी को जानकारी दें। कोर्ट में अपील के बाद सुनवाई होगी, तब तक ननों को जेल में रखा जाएगा। वहीं अब ननों के वकील राजकुमार तिवारी NIA कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
29 जुलाई को सांसदों ने ननों से की थी मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुर्ग जेल में कैथोलिक नन वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी से मुलाकात की। इस दौरान सांसद सप्तगिरि उल्का ने कहा कि सत्यता जानने के लिए आए थे। सिस्टर्स को झूठे केस में फंसाया गया।
वहीं माकपा नेता वृंदा करात ने कहा कि मुख्यमंत्री का काम लॉ एंड ऑर्डर का है, लेकिन धर्मांतरण और मानव तस्करी पर झूठ बोल रहे हैं। गरीब आदिवासी लड़के को पीटा गया, उसे पीटने वालों को जेल में डालना चाहिए था, लेकिन ननों को जेल में डाल दिया। एक नर्स और एक फार्मासिस्ट है। ये देश की आदिवासी महिलाओं की बेइज्जती है।
पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि सांसद प्रतिनिधिमंडल संसद सत्र छोड़कर मिलने आए थे, लेकिन मिलने से रोका गया। यह बीजेपी की अल्पसंख्यकों के खिलाफ रणनीति है। अल्पसंख्यकों को टारगेट करो, ताकि वह संख्या वोट को केंद्रीकरण किया जा सके। ननों को जबरन फंसाया गया है।
अब जानिए किस सांसद ने क्या क्या कहा ?
सांसद बेनी बेहनन ने कहा कि हमने जेल में बंद दोनों सिस्टर्स से विस्तार से चर्चा की। वे युवतियों को नौकरी के लिए आगरा, शहडोल और एक अन्य स्थान पर ले जा रही थीं, लेकिन गलतफहमी पैदाकर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दबाव बनाया।
उन्होंने कहा कि यह सब पुलिस ने नहीं किया, बल्कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया है। क्या यही लॉ एंड ऑर्डर है। पुलिस के संरक्षण में बजरंग दल ने सब किया है। हम सब यह मुद्दा संसद में उठाने जा रहे हैं। सिस्टर्स के साथ बहुत गलत हुआ है। सरकार ने गलत कार्रवाई की है।
सांसद प्रतिनिधिमंडल बोला- केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही
जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है। बिना वजह जेल भेजा जा रहा है। दोनों नन निर्दोष हैं और उनके साथ अन्याय हो रहा है। ये सरकार की गलत कार्रवाई है। बिना जांच के सिस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बता दें कि प्रतिनिधिमंडल में सांसद के. फ्रांसिस जॉर्ज, बेनी बेहनन, सप्तगिरी उल्का, एन. के. प्रेमचंद्रन, इंग्रिड मैकलोड, अनिल थॉमस के साथ कांग्रेस की महासचिव जरिता लैतफलॉन्ग और सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर शामिल थीं।
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों महिलाओं की सार्वजनिक बदनामी हुई- वृंदा करात
माकपा वृंदा करात ने कहा कि क्रिश्चन के साथ बहुत गलत हो रहा है। देश की महिलाओं की बेइज्जती हुई है। दोनों ननों की सार्वजनिक बदनामी की गई है। कौन होते हैं, ये बजरंग दल वाले। इनको संविधान भी पता है।
यहां की भाजपा सरकार नौकरी नहीं दे पा रही है। आदिवासी युवतियों को नौकरी के लिए ले जाया जा रहा था। युवतियों का अधिकार है, कहीं भी जाकर नौकरी कर सकती हैं।
28 जुलाई को दिल्ली में संसद के बाहर सांसदों का प्रदर्शन
28 जुलाई को केरल की 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली में संसद के बाहर प्रदर्शन हुआ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा था कि छत्तीसगढ़ में 2 कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया। यह न्याय नहीं, बल्कि भाजपा-RSS का भीड़तंत्र है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है। ये बीजेपी के शासन में अल्पसंख्यकों का सिस्टेमैटिक उत्पीड़न है। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। हम ननों की तत्काल रिहाई और इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।

ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने सोमवार को प्रदर्शन किया।
सरकार ने मानव तस्करी का आरोप लगाकर जेल में डाला- केसी वेणुगोपाल
वहीं सोमवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि हमने ननों की हिरासत के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। वे केरल की रहने वाली हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में काम कर रही हैं। सरकार ने मानव तस्करी का आरोप लगाकर जेल में डाल दिया। धर्मांतरण का आरोप पूरी तरह से झूठ है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि ननों ने पुलिस को बताया कि हम उन्हें कानूनी तौर पर ले जा रहे हैं और हमारे पास उनके माता-पिता की अनुमति है, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।

अल्पसंख्यकों को बदनाम किया जा रहा- प्रियंका गांधी
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था कि मैं 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुई घटना की निंदा करती हूं। ननों पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे आरोप लगाए गए हैं। ये अल्पसंख्यक अधिकारों पर एक गंभीर हमला है।
प्रियंका गांधी ने कहा था कि यह केवल एक मामला नहीं है। भाजपा शासन में अल्पसंख्यकों को सिस्टेमैटिक रूप से परेशान और बदनाम किया जा रहा है। भीड़ द्वारा न्याय और सांप्रदायिक निशाना बनाने का हमारे लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। कानून का शासन कायम रहना चाहिए।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने किया प्रदर्शन।
कानून अपने हिसाब से काम करेगा- CM साय
CM विष्णुदेव साय ने कहा था कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय प्रदेश है, जहां सभी धर्म-समुदाय के लोग सद्भाव से रहते हैं। हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना बेहद दुर्भाग्यजनक है। प्रकरण कोर्ट में है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा।
साय ने कहा था कि नारायणपुर की तीन बेटियों को नर्सिंग की ट्रेनिंग दिलाने और जॉब दिलाने का वादा किया गया था। नारायणपुर के एक व्यक्ति ने दुर्ग स्टेशन पर दो ननों को सौंपा था। वह उन बेटियों को आगरा ले जा रही थी। इसमें प्रलोभन के माध्यम से ह्यूमन ट्रैफिकिंग कर मतांतरण किए जाने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में अभी जांच जारी है।

अब जानिए 25 जुलाई को क्या-क्या हुआ था ?
दरअसल, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन में धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर जमकर बवाल हुआ। बजरंग दल ने 2 मिशनरी सिस्टर (नन) और एक युवक पर 3 आदिवासी युवतियों को UP के आगरा में काम दिलाने के बहाने बेचने ले जाने का आरोप लगाया।
बजरंग दल ने आरोप लगाया था कि दोनों मिशनरी सिस्टर्स नारायणपुर की कमलेश्वरी, ललिता और सुखमति को आगरा लेकर जा रहे थे, जिन्हें पकड़ा गया। बवाल के बाद दुर्ग GRP ने मानव तस्करी के आरोप में FIR दर्ज की। केरल की वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी को गिरफ्तार कर लिया।
ये तस्वीरें देखिए…

भिलाई थाना-3 के दुर्ग जीआरपी चौकी में बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे।

दुर्ग GRP चौकी में धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया।

नारायणपुर की इन 3 युवतियों को दुर्ग रेलवे स्टेशन से छुड़ाया गया है।
अब जानिए क्यों और कैसे हुई गिरफ्तारी ?
बजरंग दल की प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा के मुताबिक शुक्रवार सुबह 8:30 बजे यानी 25 जुलाई को 2 मिशनरी सिस्टर और एक युवक 3 लड़कियों के साथ रेलवे स्टेशन में घूम रहे थे। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक लड़की को रोते हुए देखा। उसके साथ मौजूद युवक लड़की से कह रहा था कि तुम इतनी दूर आ गई हो, इसलिए तुम्हें जाना होगा।
ज्योति शर्मा के मुताबिक इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता युवक की बातचीत सुन रहे थे। ऐसे में उन्हें मिशनरी सिस्टर और युवक पर शक हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीनों से पूछताछ की। पता चला कि मिशनरी सिस्टर और युवक तीनों लड़कियों को आगरा ले जा रहे थे।
मिशनरी सिस्टर और युवक के बीच बातचीत पर शक होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे के बीच तीनों लड़कियों, 2 ननों और उनके साथ एक युवक को जीआरपी ने पकड़ लिया और थाने ले आई और पूछताछ की।
छत्तीसगढ़
तकनीकी नवाचार की उड़ान “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का सफल आयोजन
एचडी शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
AI, पायथन और वेब डिज़ाइन का क्रियाशील प्रशिक्षण; 13 से 68 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने सीखी आधुनिक तकनीक की बारीकियाँ
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का आज विधिवत एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ। सीओसीएमआई कैम्पस, ककुदंड, बिलासपुर में 11 मई से 27 मई 2026 तक आयोजित इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं से लेकर कार्यरत पेशेवरों एवं सेवानिवृत्त व्यक्तियों तक — 13 वर्ष से 68 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, पायथन प्रोग्रामिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग, उद्यमिता कौशल, एक्सेल तथा व्यक्तित्व विकास का व्यावहारिक एवं हस्तप्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण हेतु किसी पूर्व तकनीकी ज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी गई, जिससे तकनीक के क्षेत्र में नए प्रतिभागियों को भी सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों ने तैयार किए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो वेबसाइट्स, AI आधारित प्रोफेशनल हेडशॉट्स, पोस्टर एवं निमंत्रण-पत्र डिज़ाइन, पायथन आधारित BMI कैलकुलेटर तथा विभिन्न मिनी प्रोजेक्ट्स तैयार किए।
विशेष रूप से 15 वर्षीय बेनहुर एवं 17 वर्षीय एंजेल लहरे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से दो संपूर्ण कम्प्यूटर गेम्स विकसित कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
“तकनीक साधन है, साध्य नहीं” — संजय विल्सन
समापन समारोह की अध्यक्षता एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सार्थक है जब उसे मानवीय विवेक, नैतिकता और कौशल के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीक का उपयोग समाजहित एवं आत्मविकास के लिए करने की प्रेरणा दी।
समारोह में आकांक्षा नाथानियल, एंजेल लहरे, बेनहुर, डेफनी, मेर्लिन, राजेश मकबूल एवं विस्मय सहित सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आलोक विल्सन, विनय जेम्स एवं के० एम० के० पॉल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षकों एवं आयोजकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सॉफ्टवेयर इंजीनियर अप्रतिम सैमुएल एवं डेटा साइंटिस्ट कपिल वर्मा ने प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं एवं व्यावहारिक प्रयोगों से परिचित कराया।
इस सम्पूर्ण आयोजन के सफल संयोजन का श्रेय रेव० निखिल पॉल को जाता है, जिनके समर्पण, कुशल प्रबंधन एवं सतत प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
तकनीकी शिक्षा को जनसामान्य तक पहुँचाने की पहल
“लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” इस तथ्य का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया कि तकनीकी शिक्षा केवल इंजीनियरिंग अथवा विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक आयु का व्यक्ति आधुनिक तकनीक सीखकर आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
कोरबा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ
जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला
कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।
कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
कोरबा
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना
कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।
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