Connect with us

कोरबा

जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों में आयुर्वेदिक पंचकर्म से नई उम्मीद

Published

on

कोरबा। आयुष विभाग अंतर्गत स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर, सह संस्था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राष्ट्रीय संधिवात कार्यक्रम के अंतर्गत संधिवात, अस्थिगतवात, वातरक्त, अवबाहुक जैसे जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों का आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा पद्धति द्वारा प्रभावी उपचार किया जा रहा है। आधुनिक जीवनशैली, खान-पान की अनियमितता और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण कम आयु में भी अस्थि-संधिगतवात रोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र में पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से जनकल्याणकारी पहल संचालित की जा रही है।
इस प्रयास का मूल उद्देश्य आमजन को आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा पद्धति की सुरक्षित और प्रभावी भूमिका से अवगत कराना है। अस्थि-संधिगतवात रोगों की प्रारंभिक जांच के माध्यम से इनकी समय पर पहचान सुनिश्चित की जा रही है तथा पंचकर्म चिकित्सा के क्षेत्र में आयुष प्रणाली की क्षमता को जनसामान्य के समक्ष दृढ़ता से स्थापित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का स्वरूप
स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में रोगियों की विस्तृत जांच, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत स्नेहन, स्वेदन, कटिबस्ती, जानूबस्ती, मात्रावस्ति, नस्य, विरेचन और शिरोधारा जैसी पारंपरिक प्रक्रियाओं के माध्यम से अनेक जीर्ण एवं कष्टसाध्य रोगों का सफल उपचार किया गया। उपचार प्रक्रियाओं में रोगियों को राहत, सहजता और दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हुए।
पंचकर्म चिकित्सा अंतर्गत विगत वर्ष कुल 5399 पंचकर्म प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों में पंचकर्म उपरांत शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, पुनरावृत्ति में कमी और उच्च संतुष्टि देखने को मिली। क्षेत्र में आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा के प्रति जनविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लोग इसका लाभ लेने के लिए अधिक संख्या में केंद्र पहुंच रहे हैं। उपचार से लाभ हासिल करने वाली
शुकवारा बाई, उम्र 52 वर्ष ने बताया कि वह दोनों घुटनों में अत्यधिक दर्द से पीड़ित थीं और चिकित्सकों द्वारा उन्हें ऑपरेशन की सलाह तक दे दी गई थी। स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में उन्होंने पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत अभ्यंग, नाड़ी स्वेदन और जानूबस्ती की प्रक्रियाएं लीं। लगभग एक माह के उपचार के बाद उन्हें आशातीत राहत मिली। घुटनों के दर्द में भारी कमी आई, चलने-फिरने में सहजता बढ़ी और उन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं रह गई। आज वे सामान्य जीवनशैली के साथ अपनी दैनिक गतिविधियों को आरामपूर्वक पूरा कर पा रही हैं और पंचकर्म चिकित्सा को अपने लिए जीवनदायी मानती हैं।

स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर कटघोरा में आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा जीर्ण और कष्टसाध्य रोगों में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। इस चिकित्सा पद्धति ने अनेक रोगियों को राहत प्रदान की है और कई मामलों में शल्य क्रिया की आवश्यकता भी समाप्त कर दी है। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य लाभ बढ़ा है, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास भी उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया जाएगा आवास दिवस

Published

on

प्रत्येक माह की 07 तारीख को होगा आयोजन

क्यू आर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से मिलेगी नए प्रावधानों की जानकारी

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को चावल उत्सव एवं महात्मा गांधी नरेगा के रोजगार दिवस के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा।

आवास दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जन-जागरूकता लाना तथा निर्माण में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।

जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।

आवास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों के आवास निर्माण को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने हेतु विशेष चर्चा एवं प्रेरणा दी जाएगी। आवास दिवस में जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों,ग्रामीण हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रावधानों एवं विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी क्यू आर कोड प्रणाली के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही क्यू आर कोड प्रणाली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किए जाएगा।

योजना के अंतर्गत समय-समय पर जारी शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी जाएगी।

Continue Reading

कोरबा

इंदिरा विहार कालोनी ने जमकर खेली होली:अबीर-गुलाल से होली में दिखा उल्लास

Published

on

कोरबा। 04 मार्च को रंगों का महापर्व-होलिकोत्सव पर पूरे कोरबा में उल्लास और उमंग चरमोत्कर्ष पर था। हर वर्ग के लोग एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल के बहाने प्रेम और स्नेह उड़ेल रहे थे। इंदिरा विहार विकास समिति, महिला मण्डल एवं पूरी कालोनी की होली भी रंगों से सराबोर रही। कालोनी के लोग प्रात: 09.00 बजे टैगोर उद्यान में एकत्रित हुए और रंगोत्सव को मस्ती के साथ-साथ उल्लास और उमंग के साथ मनाया।

इस अवसर पर महिला मण्डल की अध्यक्ष कुमोद राठौर, सचिव मुक्ता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती डॉ. मनीषा सिंह, रश्मि सरावगी, मंजू गोयल, रश्मि श्रीवास सहित बड़ी संख्या में महिलाएं टैगोर उद्यान में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया, स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया, मिठाईयां, शरबत आदि मिठाईयां भी एक-दूसरे को खिलाकर कुछ घंटों के लिए जीवन की खुशियां बांटी।


इस अवसर पर इंदिरा विहार विकास समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुरूष वर्ग एवं युवा, बच्चों ने भी जमकर रंग-गुलाल उड़ेला और रंगोत्सव की खुशियां मनाई।
एक-दूसरे ने दी होली की बधाई


यहां उपस्थित समिति के सदस्यों, महिला मंडल के सदस्यों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर होली की बधाईयां दी। महिला मण्डल की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंह ने सभी को रंगोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली स्नेह, विश्वास एवं सद्भाव का संदेश देता है और विभिन्न रंगों में सभी जाति, धर्म के लोग एक रंग में रंग जाते हैं, यही सद्भाव और स्नेह की अटूट परंपरा है। डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि सभी आत्मीय भाव से एक-दूसरे से मिले, रंग-गुलाल लगाया, जिससे नई ऊर्जा का संचार हुआ। डॉ. मनीषा सिंह ने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उल्लास और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

होलिका दहन में शामिल हुए डॉ. मनीषा-इ. कन्हैया सिंह


होलिका दहन 02 मार्च को इंदिरा विहार कालोनी में पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ डा. मनीषा सिंह, इंजीनियर कन्हैया सिंह परिवार सहित शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर सभी के लिए धन-धान्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की और भभूत से तिलक लगाया। डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि होलिका दहन के भभूत का पौराणिक महत्व है और इसे लगाने से कई प्रकार से लाभ होते हैं।

Continue Reading

कोरबा

हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचला, मौके पर मौत:पत्नी ने भागकर बचाई जान, वन अमला ने हाथी को खदेड़ा

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले के कोरकोमा क्षेत्र स्थित कुदमुरा उपार्जन केंद्र में बुधवार देर रात एक जंगली हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचल दिया। इस हमले में 42 वर्षीय राजेश कुमार सिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। राजेश रजगामार का निवासी था।

यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे हुई, जब राजेश अपनी पत्नी के साथ मंडी में सो रहे थे। अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंचा और राजेश पर हमला कर दिया। पत्नी की चीख-पुकार के बावजूद रात के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था।

बाद में ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी गई और वन विभाग को भी सूचित किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। हालांकि, बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

चोरी होने के कारण झोपड़ी बनाकर रह रहे थे

वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुदमुरा उपार्जन केंद्र में धान चोरी की लगातार घटनाओं के कारण राजेश और उनकी पत्नी अस्थायी रूप से एक झोपड़ी बनाकर केंद्र की देखरेख कर रहे थे।

बता दें कि कि हाथी अक्सर धान मंडियों में धान खाने के लिए पहुंच जाते हैं। वन अमला और ग्रामीण इन हाथियों को खदेड़ने के लिए लगातार मशक्कत करते रहते हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677