कोरबा
भीषण गर्मी में अखबार वितरक संघ ने वाटर पार्क में उठाया पारिवारिक पिकनिक का आनंद
कोरबा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ द्वारा रविवार को कोरबा स्थित अप्पू गार्डन वाटर पार्क में पारिवारिक मिलन एवं मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच संघ के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं उनके परिवारों ने वाटर पार्क में स्विमिंग और विभिन्न वाटर एक्टिविटीज का भरपूर आनंद उठाया।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति अग्रवाल, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर एवं सहसचिव रायसिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रामा, कृष्ण निर्मलकर, तपेश्वर राठौर, राजकुमार पटेल, दिलीप यादव, हर्ष नेताम, राहुल, पप्पू, अनिल गिरी, विजय, ओमकार, दीपक सहित बड़ी संख्या में संघ के सदस्य एवं उनके परिवारजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने आपसी सौहार्द, भाईचारे और पारिवारिक माहौल में समय बिताया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से सदस्यों के बीच आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता मजबूत होती है।
कोरबा
अनुभव और आधुनिक तकनीक का संगम – कृषक मान सिंह कंवर ने सराही नई तकनीकें, बेहतर सुविधाओं से सशक्त हो रहे किसान
समय पर खाद-बीज और उर्वरकों की उपलब्धता से खेती हुई आसान, नैनो उर्वरकों को बताया लाभकारी
कोरबा। कोरबा जिले के ग्राम नवापारा निवासी अनुभवी कृषक मान सिंह कंवर वर्षों से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि में खेती करने वाले श्री कंवर के लिए कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक और सामाजिक मजबूती का आधार भी रही है। लंबे अनुभव के आधार पर वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं।

उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधनों, खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब शासन की किसान हितैषी योजनाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण स्थिति काफी बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती की तैयारी सुगमता से हो रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों को खाद, बीज एवं उर्वरक सरल प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
श्री कंवर ने कहा कि वर्तमान में खेती की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उनके बच्चों द्वारा संभाली जा रही है, लेकिन बढ़ती उम्र के बावजूद उनका खेती के प्रति उत्साह और लगाव आज भी बना हुआ है। वे नियमित रूप से खेती-किसानी से जुड़े विषयों पर जानकारी लेते हैं और नई तकनीकों को अपनाने के लिए परिवार को प्रेरित करते हैं।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि समय के साथ बदलती तकनीकों को स्वीकार करना आवश्यक है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है। नैनो उर्वरकों के संबंध में उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। इनके उपयोग से कम लागत में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं, फसलों की वृद्धि में सहायता मिलती है तथा पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनका उपयोग अधिक सुविधाजनक और प्रभावी है। साथ ही नैनो उर्वरक मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक हैं।
कुसमुंडा
विशाल मजदूर एवं भू-विस्थापित महासभा 12 जून को कुसमुंडा में, समान काम-समान वेतन की उठेगी बुलंद आवाज
RCWF के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के नेतृत्व में कोयला खदानों के 12 जोनों से जुटेंगे हजारों ठेका श्रमिक और भू-विस्थापित
अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी ने गांवों में पहुंचकर भरी हुंकार, एकजुटता की अपील
कोरबा/कुसमुंडा। कोयलांचल क्षेत्र के ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 12 जून 2026 (शुक्रवार) को कुसमुंडा के महतरी अंगना में एक विशाल महासभा का आयोजन होने जा रहा है। इस महासभा का मुख्य एजेंडा समान काम समान वेतन और स्थानीय भू-विस्थापितों को उनका वाजिब हक दिलाना है ।

इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। इन नेताओं ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और आउटसोर्सिंग कंपनियों में ठेका श्रमिकों व भू-विस्थापितों के बीच पहुंचकर सघन जनसंपर्क किया और चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया ।
शोषक ताकतों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

इस विशाल महासभा का नेतृत्व राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे कर रहे हैं। महासभा की तैयारियों को लेकर प्रोफेसर दुबे ने सभी ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों से एकजुट होने की भावुक और पुरजोर अपील की है ।
दुबे ने कहा मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ लंबे समय से हो रहे शोषण के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का वक्त आ गया है। हमें आज संघर्ष की राह चुननी होगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्जवल, सुरक्षित और बेहतर बन सके। यह महासभा केवल एक बैठक नहीं बल्कि हमारे हक की क्रांति की शुरुआत है ।
12 जोनों से उमड़ेगा जनसैलाब

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस महासभा में पूरे कोयला खदान क्षेत्र के सभी 12 जोनों के ठेका मजदूर और भू-विस्थापित हजारों की संख्या में शामिल होने जा रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मजदूर और विस्थापित अपनी सामूहिक ताकत और एकजुटता का पुरजोर इजहार करेंगे, जिससे प्रबंधन और शोषक ताकतों को उनकी मांगें मानने पर मजबूर होना पड़े ।
प्रमुख मांगें जिन पर होगी चर्चा

समान काम के लिए समान वेतन का नियम सख्ती से लागू हो भू-विस्थापितों को रोजगार उचित मुआवजा और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं मिलें ठेका श्रमिकों का आर्थिक व मानसिक शोषण तुरंत बंद हो ।
आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त प्रबुद्ध नागरिकों श्रमिक भाइयों और विस्थापित परिवारों से अपील की है कि वे 12 जून को शनिवार के दिन ठीक 3:00 बजे समय पर कुसमुंडा महतरी अंगना पहुंचकर इस महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं ।
कोरबा
विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रद्धा महिला मंडल द्वारा वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
बिलासपुर/कोरबा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्साह, उमंग एवं संकल्प के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वसंत क्लब परिसर में श्रद्धा महिला मंडल की माननीय अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन द्वारा गत 4 जून को पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल की उपाध्यक्षगण एवं अन्य सदस्याओं ने भी पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों एवं कर्मचारियों को फलदार पौधे तथा पर्यावरण अनुकूल जूट के थैले वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
अपने संबोधन में श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने सभी से अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।
उन्होंने श्रद्धा महिला मंडल की सभी क्षेत्रों में संचालित समितियों को आगामी मानसून सत्र के दौरान कम से कम 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया तथा इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक रूप देने पर बल दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल की पदाधिकारीगण, सदस्याएं एवं एसईसीएल के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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