छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की ऑनलाइन-बुकिंग बंद,सर्वर-डाउन:10-12 दिनों में डिलीवरी, मिस्ड-कॉल सर्विस ठप, एजेंसी-गोदामों के बाहर लाइनें, इंडक्शन प्राइज 10-20% बढ़े, 450+ सिलेंडर जब्त
रायपुर,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर सहित छत्तीसगढ़ में LPG गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा, रायगढ़ समेत अन्य जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। उपभोक्ता धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सर्वर भी ठप हो जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर बुकिंग भी बंद कर दी गई है। वहीं बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को करीब 10-12 दिनों बाद सिलेंडर की डिलीवरी मिलने की बात कही जा रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच राजधानी रायपुर में एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों में घरेलू (डोमेस्टिक) और कॉमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर शामिल हैं।
इधर, बिलासपुर में भी किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। जांच के दौरान गैस निकालने के उपकरण भी मिले। इससे पहले बुधवार को हुई कार्रवाई में 75 गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे।
गैस सिलेंडर किल्लत के बीच इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन की भी बिक्री में बढ़ गई है। व्यापारियों को कहना है कि इंडक्शन की बिक्री में 10 से 20% तक इजाफा हुआ है। वही पुराना स्टॉक होने की वजह से रेट में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं है।
रायपुर के मालवीय रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक बाजार के व्यापारी अनिल शर्मा का कहना है कि इंडक्शन के साथ उसके बर्तनों की डिमांड भी बड़ी है। वहीं इंडक्शन का रेट 2000 रुपए से 4500 रुपए तक है। लोग ब्रांडेड कंपनी के इंडक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
रायपुर में 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त
रायुपर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने गुरुवार को अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।
इसी तरह अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ी गई। यहां से 14.2 किलोग्राम क्षमता के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए।

मामले में एलपीजी (वितरण और विनियमन) आदेश 2000 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गैस एजेंसी की जांच में स्टॉक में बड़ा अंतर
इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने कोरासी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी की भी जांच की, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम क्षमता के 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम क्षमता के 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम पाए गए।
इस अनियमितता के चलते एजेंसी के गोदाम में उपलब्ध कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में एलपीजी (वितरण और विनियमन) आदेश 2000 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया।
बिलासपुर में किल्लत के बीच ब्लैकमार्केटिंग-जमाखोरी
बिलासपुर में कलेक्टर की सख्त चेतावनी के बावजूद गैस सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैकमार्केटिंग हो रही है। शहर से लगे कोनी और सिरगिट्टी क्षेत्र में किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। मौके से सिलेंडरों से गैस निकालने के उपकरण भी मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोनी क्षेत्र में एक मकान से 55 खाली गैस सिलेंडर मिले। यह मकान आरक्षक अजय सोनवानी के भाई सुनील सोनवानी का बताया गया है। जांच में सामने आया कि इस मकान को किराए पर लेकर शुभम किचन केयर के संचालक श्रवण साहू गैस सिलेंडरों का अवैध कारोबार कर रहा था।
वहीं सिरगिट्टी स्थित प्रीति किचन केयर में भी जांच के दौरान सिलेंडरों से गैस निकालने का उपकरण और वजन करने की मशीन बरामद की गई। इसके अलावा सिरगिट्टी में ही एक बंद दुकान से 61 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 21 घरेलू, 7 कमर्शियल और 33 छोटे सिलेंडर शामिल हैं।

किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
स्कूल के पास सिलेंडर मिलने पर दुकान सील
अधिकारियों के अनुसार, जिस दुकान से सिलेंडर मिले उसके पीछे एक प्राइमरी स्कूल है। ऐसे में यहां गैस सिलेंडरों का भंडारण होने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। टीम ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर दुकान को सील कर दिया है और संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
72 सिलेंडर जब्ती के बाद भी जारी कार्रवाई
मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इससे पहले बुधवार को भी 72 गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। लगातार हो रही कार्रवाई से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है।
सर्वर डाउन से गैस एजेंसियों में लंबी कतार
इधर, सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन गैस बुकिंग बंद है। इसके चलते शहर की गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोग एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। नतीजतन गैस लेने के लिए एजेंसियों में लंबी कतार लग रही है।
जांजगीर-चांपा में कई होटलों पर छापेमारी
जांजगीर-चांपा जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। खाद्य विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में छापामार कार्रवाई कर जांच की।
इस दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया, जिस पर विभाग ने गैस सिलेंडर और संबंधित उपकरण जब्त किए। जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर आम उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित होते हैं और उनका व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है।
विभाग को कई स्थानों से शिकायतें मिल रही थीं कि होटल और भोजनालयों में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर भोजन तैयार किया जा रहा है। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर खाद्य विभाग की टीम ने चांपा और जांजगीर क्षेत्र के कई होटलों और प्रतिष्ठानों में अचानक छापेमारी की।

कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया।
होटलों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपयोग की जांच
कार्रवाई के दौरान, चांपा स्थित करणी भोजनालय, पंजाब हवेली रेस्टोरेंट, जलाराम भोजनालय और होटल सुमित इन की जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग पाया गया और संबंधित संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
होटल श्री गणेश में घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल, सामान जब्त
वहीं, स्टेशन रोड चांपा स्थित होटल श्री गणेश में ग्राहकों के लिए भोजन तैयार करने में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। जांच के दौरान होटल के संचालक राजेश तिवारी के कब्जे से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया गया।
जांजगीर में पराठा हाउस से गैस सिलेंडर-उपकरण जब्त
इसी तरह रेलवे स्टेशन चांपा के पास स्थित होटल सोना में भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए नाश्ता तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग की टीम ने यहां से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया। होटल की संचालक प्रेमलता यादव के खिलाफ भी नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
जांजगीर शहर में भी जांच अभियान चलाया गया। यहां पराठा हाउस नामक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। जांच के दौरान, इस प्रतिष्ठान से दो गैस सिलेंडर, दो गैस चूल्हे, दो प्रेशर रेगुलेटर और दो गैस पाइप जब्त किए गए।
धमतरी में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग
धमतरी में खाद्य विभाग ने घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की। कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के होटल और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान बस स्टैंड स्थित ओम डेयरी के संचालक ललित गोस्वामी और अर्जुनी चौक स्थित राजलक्ष्मी होटल-भोजनालय के संचालक हेमंत दास सिन्हा को घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पकड़ा गया।
कार्रवाई में दोनों प्रतिष्ठानों से चार घरेलू गैस सिलेंडर (दो खाली, एक आधा भरा) जब्त किए गए। साथ ही 14.2 किलो के इंडेन व एचपी सिलेंडर, 9 किलो का सिलेंडर, सिंगल-डबल बर्नर चूल्हे, पाइप और रेगुलेटर भी बरामद किए गए।

घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस
संबंधित संचालकों के खिलाफ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियम) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केस दर्ज किया गया है। खाद्य विभाग ने कहा कि घरेलू सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए हैं। व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है, इसलिए जिले में आगे भी नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ
‘सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर
अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं
ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।
‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।
वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।
‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।
नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यसचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं
विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कोरबा
कोरबा प्रेस क्लब द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृति रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर संपन्न: शहरवासियों ने निभाई सहभागिता
कोरबा। सेवा ही परमो धर्म के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए कोरबा प्रेस क्लब द्वारा तिलक भवन, टी.पी. नगर में भव्य रक्तदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय विजय सिंह और स्वर्गीय रमेश पासवान की पावन स्मृति में किया गया, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों और उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों के रूप में सीएमएचओ डॉ. एस. एन. केसरी, रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन रामसिंह अग्रवाल, वाइस चेयरमैन राजेन्द्र तिवारी, चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष योगेश जैन, महिला नेत्री अंजना सिंह, दीपक सिंह, एमजेएम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. प्रिंस जैन, स्व. विजय सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती मीना सिंह, उनके पुत्र सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अनिल सिंह, सुनील सिंह, स्व. रमेश पासवान के छोटे भाई रामप्रसाद पासवान व उनके पुत्र अनुप पासवान शामिल हुए। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामसिंह अग्रवाल ने कोरबा प्रेस क्लब के इस कार्यक्रम की सराहना की, उन्होंने कहा कि पत्रकारों की स्मृति में इस तरह का सेवा कार्य समाज के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही स्व. विजय सिंह व स्व. रमेश पासवान के पुराने दिनों के कार्यो को याद किया। इसी तरह सीएमएचओ डॉ. केसरी ने कहा कि कोरबा प्रेस क्लब कई वर्षो से जन सरोकार के तहत रक्तदान शिविर व स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन करता आ रहा है। ऐसे आयोजन होना चाहिए इससे सीधे जनता को लाभ मिलता है। निश्चित तौर पर कोरबा प्रेस क्लब बधाई का पात्र है।

शिविर में स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी सेवाएँ दीं। जिसमें मुख्य रूप से डॉ. नितिन तोषनीवाल, डॉ. प्रितेश मसीह, डॉ. लिजो टी. जॉन और डॉ. ईशान शामिल थे। इन चिकित्सकों द्वारा बड़ी संख्या में आए लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श व दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसी तरह स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय के ब्लड बैंक से प्रदर्शक डॉ. राजेश कुमार, सीनियर लैब टेक्नीशियन संतोष सिंह, सीनियर लैब टेक्नीशियन कुमारी उमा कर्ष, कंप्यूटर ऑपरेटर रोहित कश्यप, स्वच्छक सूरज सिदार ने ड्यूटी पर उपस्थित रहकर ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपादित किया। इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में कोरबा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रेस क्लब के समस्त सदस्यों और उनके परिजनों ने भी इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिससे आयोजन एक पारिवारिक और सामाजिक उत्सव के रूप में नजर आया। सुबह 10:00 बजे से शुरू हुए इस शिविर में लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक मनोज शर्मा, अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल और सचिव नागेंद्र श्रीवास, कोषाध्यक्ष ई. जयंत, कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार शाह समेत अन्य पदाधिकारियों ने इस सफल आयोजन के लिए जिले के सभी डॉक्टरों, रेडक्रॉस सोसायटी की टीम, प्रेस क्लब के साथियों और समस्त नगरवासियों का आभार व्यक्त किया है।





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