छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की ऑनलाइन-बुकिंग बंद,सर्वर-डाउन:10-12 दिनों में डिलीवरी, मिस्ड-कॉल सर्विस ठप, एजेंसी-गोदामों के बाहर लाइनें, इंडक्शन प्राइज 10-20% बढ़े, 450+ सिलेंडर जब्त
रायपुर,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर सहित छत्तीसगढ़ में LPG गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा, रायगढ़ समेत अन्य जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। उपभोक्ता धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सर्वर भी ठप हो जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर बुकिंग भी बंद कर दी गई है। वहीं बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को करीब 10-12 दिनों बाद सिलेंडर की डिलीवरी मिलने की बात कही जा रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच राजधानी रायपुर में एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों में घरेलू (डोमेस्टिक) और कॉमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर शामिल हैं।
इधर, बिलासपुर में भी किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। जांच के दौरान गैस निकालने के उपकरण भी मिले। इससे पहले बुधवार को हुई कार्रवाई में 75 गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे।
गैस सिलेंडर किल्लत के बीच इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन की भी बिक्री में बढ़ गई है। व्यापारियों को कहना है कि इंडक्शन की बिक्री में 10 से 20% तक इजाफा हुआ है। वही पुराना स्टॉक होने की वजह से रेट में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं है।
रायपुर के मालवीय रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक बाजार के व्यापारी अनिल शर्मा का कहना है कि इंडक्शन के साथ उसके बर्तनों की डिमांड भी बड़ी है। वहीं इंडक्शन का रेट 2000 रुपए से 4500 रुपए तक है। लोग ब्रांडेड कंपनी के इंडक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
रायपुर में 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त
रायुपर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने गुरुवार को अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।
इसी तरह अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ी गई। यहां से 14.2 किलोग्राम क्षमता के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए।
मामले में एलपीजी (वितरण और विनियमन) आदेश 2000 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गैस एजेंसी की जांच में स्टॉक में बड़ा अंतर
इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने कोरासी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी की भी जांच की, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम क्षमता के 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम क्षमता के 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम पाए गए।
इस अनियमितता के चलते एजेंसी के गोदाम में उपलब्ध कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में एलपीजी (वितरण और विनियमन) आदेश 2000 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया।
बिलासपुर में किल्लत के बीच ब्लैकमार्केटिंग-जमाखोरी
बिलासपुर में कलेक्टर की सख्त चेतावनी के बावजूद गैस सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैकमार्केटिंग हो रही है। शहर से लगे कोनी और सिरगिट्टी क्षेत्र में किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। मौके से सिलेंडरों से गैस निकालने के उपकरण भी मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोनी क्षेत्र में एक मकान से 55 खाली गैस सिलेंडर मिले। यह मकान आरक्षक अजय सोनवानी के भाई सुनील सोनवानी का बताया गया है। जांच में सामने आया कि इस मकान को किराए पर लेकर शुभम किचन केयर के संचालक श्रवण साहू गैस सिलेंडरों का अवैध कारोबार कर रहा था।
वहीं सिरगिट्टी स्थित प्रीति किचन केयर में भी जांच के दौरान सिलेंडरों से गैस निकालने का उपकरण और वजन करने की मशीन बरामद की गई। इसके अलावा सिरगिट्टी में ही एक बंद दुकान से 61 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 21 घरेलू, 7 कमर्शियल और 33 छोटे सिलेंडर शामिल हैं।
किचन केयर और किराना स्टोर में छापेमारी कर 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
स्कूल के पास सिलेंडर मिलने पर दुकान सील
अधिकारियों के अनुसार, जिस दुकान से सिलेंडर मिले उसके पीछे एक प्राइमरी स्कूल है। ऐसे में यहां गैस सिलेंडरों का भंडारण होने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। टीम ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर दुकान को सील कर दिया है और संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
72 सिलेंडर जब्ती के बाद भी जारी कार्रवाई
मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इससे पहले बुधवार को भी 72 गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। लगातार हो रही कार्रवाई से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है।
सर्वर डाउन से गैस एजेंसियों में लंबी कतार
इधर, सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन गैस बुकिंग बंद है। इसके चलते शहर की गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोग एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। नतीजतन गैस लेने के लिए एजेंसियों में लंबी कतार लग रही है।
जांजगीर-चांपा में कई होटलों पर छापेमारी
जांजगीर-चांपा जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। खाद्य विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में छापामार कार्रवाई कर जांच की।
इस दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया, जिस पर विभाग ने गैस सिलेंडर और संबंधित उपकरण जब्त किए। जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर आम उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित होते हैं और उनका व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है।
विभाग को कई स्थानों से शिकायतें मिल रही थीं कि होटल और भोजनालयों में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर भोजन तैयार किया जा रहा है। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर खाद्य विभाग की टीम ने चांपा और जांजगीर क्षेत्र के कई होटलों और प्रतिष्ठानों में अचानक छापेमारी की।
कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया।
होटलों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपयोग की जांच
कार्रवाई के दौरान, चांपा स्थित करणी भोजनालय, पंजाब हवेली रेस्टोरेंट, जलाराम भोजनालय और होटल सुमित इन की जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग पाया गया और संबंधित संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
होटल श्री गणेश में घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल, सामान जब्त
वहीं, स्टेशन रोड चांपा स्थित होटल श्री गणेश में ग्राहकों के लिए भोजन तैयार करने में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। जांच के दौरान होटल के संचालक राजेश तिवारी के कब्जे से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया गया।
जांजगीर में पराठा हाउस से गैस सिलेंडर-उपकरण जब्त
इसी तरह रेलवे स्टेशन चांपा के पास स्थित होटल सोना में भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए नाश्ता तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग की टीम ने यहां से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया। होटल की संचालक प्रेमलता यादव के खिलाफ भी नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
जांजगीर शहर में भी जांच अभियान चलाया गया। यहां पराठा हाउस नामक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। जांच के दौरान, इस प्रतिष्ठान से दो गैस सिलेंडर, दो गैस चूल्हे, दो प्रेशर रेगुलेटर और दो गैस पाइप जब्त किए गए।
धमतरी में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग
धमतरी में खाद्य विभाग ने घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की। कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के होटल और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान बस स्टैंड स्थित ओम डेयरी के संचालक ललित गोस्वामी और अर्जुनी चौक स्थित राजलक्ष्मी होटल-भोजनालय के संचालक हेमंत दास सिन्हा को घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पकड़ा गया।
कार्रवाई में दोनों प्रतिष्ठानों से चार घरेलू गैस सिलेंडर (दो खाली, एक आधा भरा) जब्त किए गए। साथ ही 14.2 किलो के इंडेन व एचपी सिलेंडर, 9 किलो का सिलेंडर, सिंगल-डबल बर्नर चूल्हे, पाइप और रेगुलेटर भी बरामद किए गए।
घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस
संबंधित संचालकों के खिलाफ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियम) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केस दर्ज किया गया है। खाद्य विभाग ने कहा कि घरेलू सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए हैं। व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है, इसलिए जिले में आगे भी नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
40 वर्षों बाद भी रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीण
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले संपन्न हुआ महासम्मेलन
कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL और स्थानीय प्रशासन की तानाशाहीपूर्ण नीतियों के कारण दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों का जीवन संकट में आ पड़ा है भूमि अर्जन और विस्थापन के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापितों की समस्याओं का अंत नहीं हो सका है और रोजगार व पुनर्वास की मांगें आज भी अधर में लटकी हुई हैं एसईसीएल प्रबंधन की इस वादाखिलाफी और उपेक्षा के विरोध में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में आज 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिकिया स्थान पर एक विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया गया ।
इस महासम्मेलन में दीपका क्षेत्र के अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण युवा बुजुर्ग और महिलाएं एकजुट होकर एसईसीएल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरें ।
महासम्मेलन के मुख्य मुद्दे
ग्राम सुवाभोड़ी की प्रमुख मांगें पर लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों का अविलंब भुगतान 5 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बसाहट पात्रता दस्तावेजों में व्याप्त नाम व जाति संबंधी त्रुटियों का तत्काल सुधार स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अधिकार के विषयों पर विशेष चर्चा पर प्रस्ताव पारित किया गया !
इसके साथ ही पुनर्वासित क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर बेलटिकरी ग्रामीणों को भूमि पट्टे का आवंटन पक्की सड़कें नाली पुल-पुलिया गार्डन सामुदायिक भवन मुक्तिधाम तालाब और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लंबित मुआवजा व पुनर्वास नीति के तहत सभी पात्रताओं का पारदर्शी निपटारा भू-विस्थापित कोटा टेंडर व स्वरोजगार अधिकार वैकल्पिक स्वरोजगार हेतु निर्धारित 5 लाख की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख स्थानीय भू-विस्थापित ठेकेदारों के साथ किए जा रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त के संबंध में भी निर्णय व प्रस्ताव पारित किये गये !
संगठन का आह्वान
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के समस्त प्रभावित ग्रामों के निवासियों माताओं-बहनों बुजुर्गों और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस निर्णायक लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा वर्षों से अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने ही हक के लिए तरस रहे हैं एसईसीएल की इस तानाशाही रवैये को अब बर्दाश्त नहीं की जायेगा और महासम्मेलन में अन्य समस्याओं का भी ऐतिहासिक निर्णय व प्रस्ताव लिया गया तथा इसी मंच से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी लड़ाई व संघर्ष की तैयारी की जाएगी !
कोरबा। कांग्रेस संगठन द्वारा जिले में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर 23 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 3 बजे टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, कोरबा में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। बैठक को छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल संबोधित करेंगे। बैठक में जिले में संगठन की गतिविधियों, सेक्टर, मंडल, वार्ड एवं बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय एवं मजबूत बनाने तथा आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी मंडल अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों, वार्ड अध्यक्षों, बूथ पदाधिकारियों सहित कांग्रेस के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस संगठन द्वारा विभिन्न वार्डों में सेक्टर स्तर की बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अक्टूबर को अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर बैठकों के पश्चात जिला स्तर पर यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होकर संगठनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है। दिनांक 29 अक्टूबर को AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक नवज्योत पटनायक और पी.सी.सी. पर्यवेक्षक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री व् खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वरा कोरबा जिला के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कांग्रेस पार्टी के संगठन एवं मोर्चा से सम्बंधित समस्त पधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा.
शिवहर, सीतामढ़ी एवं मधुबनी पूर्व-पश्चिम जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ करेंगे संगठनात्मक बैठक कोरबा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा चलाए जा रहे दो माह के राष्ट्रव्यापी “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी तथा मधुबनी पूर्व एवं मधुबनी पश्चिम संगठनात्मक जिलों का केंद्रीय पर्यवेक्षक (AICC Observer) नियुक्त किया गया है। AICC के निर्देशानुसार श्री अग्रवाल शीघ्र ही बिहार के इन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे प्रत्येक जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, बूथ लेवल एजेंटों (BLA), फ्रंटल संगठनों एवं अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय करेंगे। बैठकों में विशेष रूप से मतदाता सूची के सत्यापन, SIR के माध्यम से हटाए गए या प्रभावित मतदाताओं की पहचान, “Vote Rakshak” पोर्टल के उपयोग, बूथ स्तर पर सत्यापन, ग्राम स्तरीय चौपालों तथा जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी। श्री अग्रवाल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि AICC द्वारा निर्धारित कार्यक्रम प्रत्येक जिले में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ संचालित हों। अभियान के आगामी चरण में 25 अक्टूबर से “वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल” का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रेस वार्ता, ब्लॉक स्तर की बैठकें, बूथ लेवल एजेंटों एवं “Vote Rakshak” कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण तथा बूथवार मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद गांव-गांव चौपाल आयोजित कर प्रभावित एवं हटाए गए मतदाताओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची केवल कागज का दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के अधिकार और उसकी राजनीतिक भागीदारी का आधार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है अथवा चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि AICC द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे तथा बिहार के संबंधित जिलों में कांग्रेस संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को बूथ और गांव के स्तर तक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी समन्वय, अनुशासन और पूरी सक्रियता के साथ अभियान में जुटें तथा हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा को अपना संगठनात्मक दायित्व समझकर कार्य करें।