Connect with us

छत्तीसगढ़

पुलिस ने 4KM पीछा कर पकड़ा यूपी का अवैध धान…:पहले दिन सिर्फ 10% केंद्रों में धान खरीदी, धमतरी में लटका ताला, 10 कर्मचारी बर्खास्त

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। पूरे प्रदेश में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी पहले दिन मात्र 10 प्रतिशत यानि 195 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हुई। इन केंद्रों के माध्यम से 19,464 क्विंटल धान खरीदा गया है।

धान खरीदी के पहले दिन प्रदेश भर से अलग-अलग तस्वीरें सामने आई है। कहीं धान खरीदी केंद्रों में ताले लटके रहे। कहीं अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचे। इन सबके बीच कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से टोकन नहीं मिलने पर किसान परेशान नजर आए। कहीं उत्तरप्रदेश से लाया हुआ अवैध धान भी पकड़ाया।

बलरामपुर जिले में पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी रुकवाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। दोनों वाहनों से लगभग 200 बोरी अवैध धान बरामद हुआ है। वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लापरवाही के कारण 4 समितियों के प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त कर दी गई है।

इसके अलावा हड़ताल पर गए सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। आरोपों की जांच के बाद सहकारिता विभाग ने कुल 6 पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

धमतरी में तौल मशीन खराब। औपचारिकता निभाई गई।

धमतरी में तौल मशीन खराब। औपचारिकता निभाई गई।

पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा।

पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा।

लापरवाही किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी- रायपुर कलेक्टर

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली। जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों में हर संभव व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन ने एस्मा लागू किया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली।

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली।

धमतरी में धान खरीदी केंद्र पर लटका ताला

धमतरी जिले में धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को मिली। माकरदोना सोसाइटी में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र पर ताला लगा मिला, जिसे किसानों को तोड़ना पड़ा। इस दौरान किसानों ने ही खुद इलेक्ट्रॉनिक कांटे से खरीदी की और औपचारिकता निभाई।

माकरदोना सोसाइटी के गेट और प्रबंधक कक्ष में 15 नवंबर को ताला लटका हुआ था। कई किसान केंद्र पहुंचे लेकिन ताला देखकर लौट गए। तहसीलदार, पटवारी, सरपंच और नोडल अधिकारी बाहर खड़े थे। पूछने पर बताया गया कि चौकीदार चाबी लेकर कहीं चला गया है।

किसानों ने ताला तोड़ा। फिर खरीदी केंद्र में धान बेचने आए।

किसानों ने ताला तोड़ा। फिर खरीदी केंद्र में धान बेचने आए।

राजनांदगांव में धीमी गति से खरीदी हुई

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन कर्मचारियों की हड़ताल और टोकन न मिलने के कारण शुरुआत धीमी रही। जिले के उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्था चरमरा गई, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए कम संख्या में पहुंचे।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते धान खरीदी केंद्रों पर कामकाज प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने राजस्व अमले को खरीदी केंद्रों पर तैनात किया है, लेकिन प्रभारी कर्मचारियों को प्रक्रिया समझने में दिक्कतें आ रही हैं।

कई केंद्रों पर किसानों को टोकन ही नहीं मिल पाए, और जहां टोकन मिले, वहां कर्मचारी गैरहाजिर थे। पहले दिन यहां दो किसानों से 152 कट्टा धान की खरीदी की जा सकी।

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र में सन्नाटा रहा।

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र में सन्नाटा रहा।

दुर्ग संभाग में 7 कर्मचारी बर्खास्त

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से पहले सहकारी समितियों के कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिससे प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो रही है। दुर्ग संभाग सहित सात जिलों से रोजाना लगभग ढाई हजार कर्मचारी दुर्ग के मानस भवन के पास धरना स्थल पर एकत्र हो रहे हैं।

इसी बीच, जिला प्रशासन ने धान खरीदी में गायब कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिसके तहत 7 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस कार्रवाई से आंदोलन और आक्रामक हो गया है।

दुर्ग संभाग में हड़ताल पर गए 7 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।

दुर्ग संभाग में हड़ताल पर गए 7 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।

बलरामपुर में उत्तरप्रदेश से लाया अवैध धान जब्त

बलरामपुर जिले में पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा है। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई है। इस दौरान उत्तरप्रदेश से 2 पिकअप गाड़ी में कुछ लोग अवैध धान लेकर पहुंचे थे।

सूचना मिलने पर 15 नवंबर की सुबह साढ़े 3 बजे पुलिस की टीम पीछा करते हुए 2 पिकअप वाहनों को रोका और तलाशी ली। जांच में दोनों वाहनों से लगभग 200 बोरी अवैध धान बरामद हुआ। वाहन चालकों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। जिसके बाद दोनों गाड़ियों को जब्त कर थाने में सुपुर्द कर दिया गया है। जिले में 2 दिनों में 410 बोरी अवैध धान पकड़ाया है।

अवैध धान परिवहन के खिलाफ बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई।

अवैध धान परिवहन के खिलाफ बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई।

सारंगढ़ में 4 प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पहले दिन धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जिले की 4 समितियों के प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। यह आदेश 15 नवंबर को प्राधिकृत अधिकारी ने जारी किया है।

जिन प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त की गई है, उनमें प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मर्यादित पवनी के रामेश्वर साहू, समिति भटगांव के राजेश कुमार आदित्य, समिति धनगांव के दयाराम यादव और समिति जोरा के गिरजा शंकर साहू शामिल हैं।

2 हजार आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था

कई जिलों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी की शुरुआत की गई। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की आंशिक हड़ताल के बावजूद शासन ने तेजी से कदम उठाते हुए 2,739 आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था की, जिससे खरीदी प्रभावित नहीं हुई।

सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्य को निरंतर जारी रखा। उपार्जन से जुड़े कर्मचारियों को ESMA के तहत अधिसूचित कर खरीदी को निर्बाध रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में जनप्रतिनिधी मौजूद रहे।

धान खरीदी केंद्रों में जनप्रतिनिधी मौजूद रहे।

ऑनलाइन टोकन दे रही सरकार

इस साल खरीदी को अधिक पारदर्शी बनाने ऑनलाइन टोकन और तुंहर टोकन प्रणाली लागू है। 15 नवंबर को जारी 2,029 टोकन में से 1,912 तुंहर टोकन से लिए गए। किसानों की सुविधाओं के लिए केन्द्रों में पानी, छाया, शौचालय और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।

बिलासपुर के धान खरीदी केंद्र में डिप्टी सीएम अरुण साव मौजूद रहे।

बिलासपुर के धान खरीदी केंद्र में डिप्टी सीएम अरुण साव मौजूद रहे।

सरकार ने जारी किया टोलफ्री नंबर

नोडल अधिकारियों और हेल्पलाइन 1800-233-3663 को भी सक्रिय रखा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खरीदी कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए।

प्रदेश में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए

छत्तीसगढ़ में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां से किसानों से धान खरीदी की जाएगी। यह प्रक्रिया 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। एक एकड़ खेत से अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी की जाएगी। केंद्रों में मापक यंत्र, तौल कांटा, बारदाने, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

Published

on

समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

Published

on

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

Published

on

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677