छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली:ADG-IG को मिलेगी कमान, 62 अफसरों का सेटअप, कलेक्टर जैसे अधिकार, रायपुर से शुरुआत
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर कमिश्नर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया। घोषणा के बाद पुलिस महकमें के अधिकारी जल्द ही इस निर्देश का क्रियान्वयन करेंगे। सबसे पहले रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इसके लिए सेटअप लगभग तैयार हो चुका है।
प्रदेश में लंबे समय से कमिश्नर प्रणाली लागू करने की चर्चा चल रही थी। अब इसे लागू करने का निर्देश सार्वजनिक कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर किसे बनाया जाएगा? कमिश्नर की टीम में कितने लोग रहेंगे? पहले चरण में ये कहां लागू होगी?

रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में सीएम विष्णुदेव साय ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली की घोषणा।
कमिश्नर प्रणाली की शुरुआत रायपुर से होगी
10 लाख से ज्यादा आबादी वाले जिले में कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी। साय सरकार में सत्ता आते ही कैबिनेट बैठक के बाद इस चर्चा का दौर शुरू हो गया था। इस योजना से पुलिस के अधिकारों की संख्या में इजाफा होगा।
साय सरकार कमिश्नर प्रणाली सबसे पहले रायपुर में शुरू करेगी। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। रायपुर के बाद बिलासपुर, दुर्ग, समेत अन्य जिलों में इसे शुरू किया जाएगा।
पुलिस को स्वतंत्र फैसले लेने की शक्तियां मिलेगी
इस व्यवस्था में सीनियर पुलिस अधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सीधे कार्रवाई के अधिकार मिलते हैं। इससे अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई और रोकथाम संभव होगी। प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने से लेकर अपराध नियंत्रण तक, फैसले लेने में पुलिस स्वतंत्र होगी।

रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू करने के लिए कैबिनेट मीटिंग में चर्चा हुई थी। (फाइल फोटो)

कमिश्नर को मिलेगी स्वतंत्र निर्णय क्षमता
कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर पुलिस के अधिकार बढ़ेंगे। कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकांश मामलों में पुलिस कमिश्नर खुद निर्णय ले सकेंगे। इससे वे फाइलें, जो अब तक कलेक्टर के पास लंबित रहती थीं, सीधे पुलिस स्तर पर निपटाई जा सकेगी।
इस व्यवस्था के तहत एसडीएम और एडीएम के पास मौजूद कार्यकारी मजिस्ट्रेट शक्तियां भी पुलिस को मिल जाएगी। इससे पुलिस बिना कलेक्टर की अनुमति के शांति भंग की आशंका में हिरासत, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसी धाराएं लागू कर सकेगी।
अब जानिए क्या होंगे प्रमुख फायदे
इस प्रणाली में पुलिस को आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई की शक्ति मिलती है। होटल, बार और हथियारों के लाइसेंस जारी करने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, दंगे में बल प्रयोग और जमीन विवाद सुलझाने तक के निर्णय पुलिस स्तर पर लिए जा सकते हैं।
मजिस्ट्रेट और न्यायिक अधिकार
कमिश्नर को कलेक्टर के कई अधिकार मिलते हैं और वे मजिस्ट्रेट की तरह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकते हैं। कानून के नियमों के तहत दिए गए अधिकार उन्हें और भी प्रभावी बनाते हैं।

कमिश्नर प्रणाली लागू होने से पुलिस को स्वतंत्र फैसले लेने की शक्तियां मिलेगी (फाइल फोटो)
जानिए कैसे होगा काम
पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से कमिश्नर का मुख्यालय बनाया जाता है। एडीजी स्तर के सीनियर आईपीएस को पुलिस कमिश्नर बनाकर तैनात किया जाता है। महानगर को कई जोन में विभाजित किया जाता है।
हर जोन में डीसीपी की तैनाती होती है। जो एसएसपी की तरह उस जोन में काम करता है, वो उस पूरे जोन के लिए जिम्मेदार होता है। सीओ की तरह एसीपी तैनात होते हैं। ये 2 से 4 थानों को देखते हैं।
इसलिए लागू करने की आवश्यकता
रायपुर जिले में अपराध की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। जिले में जनवरी से लेकर अब तक लगभग 6 हजार से ज्यादा केस दर्ज हुए है। जनवरी 2025 से अब तक 50 से ज्यादा मर्डर हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें 95 फीसदी मामलों में आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। चाकूबाजी के 65 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं।

रायपुर में जनवरी 2025 से अब तक 50 से ज्यादा मर्डर हुए है। (फाइल फोटो)
लूट चोरी के मामले भी बढ़े
इसके अलावा नशीली सामग्रियों के बिक्री, मारपीट, चोरी और लूट की घटनाएं भी बढ़ी है। पिछले 6 महीने में रायपुर में धार्मिक विवाद (मसीही–हिंदू संगठन) के बीच भी इजाफा हुआ है। इन सब स्थिति को देखते हुए कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा सीएम साय ने की है।
पुलिस-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी- CM
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘रायपुर में जल्द ही पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पुलिस-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।’

कोरबा
भाजपा के पक्ष में उमड़ा जनसमर्थन, कांग्रेस की पार्षदों ने थामा कमल
दीपका उपचुनाव में भाजपा का दमदार जनसंपर्क अभियान, कांग्रेस को बड़ा झटका
कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 15 के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के पक्ष में व्यापक घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने वार्डवासियों से संपर्क कर भाजपा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। जनसंपर्क अभियान के दौरान वार्ड में भाजपा के पक्ष में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। नागरिकों ने केंद्र की मोदी सरकार एवं प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के कार्यों पर भरोसा जताते हुए भाजपा को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।

पूर्व एवं वर्तमान कांग्रेस के पार्षदों ने थामा कमल

इस बीच कांग्रेस को बड़ा झटका तब लगा, जब पूर्व कांग्रेस पार्षद श्रीदेवी नायर एवं वर्तमान पार्षद श्रीमती शांति देवी राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरीब कल्याणकारी योजनाओं तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के सुशासन से प्रभावित होकर भाजपा परिवार की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा नेताओं ने दोनों जनप्रतिनिधियों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके भाजपा प्रवेश से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। जनसंपर्क अभियान में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, वरिष्ठ नेता एवं उपचुनाव प्रभारी ज्योतिनंद दुबे, जिला संगठन सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष व दीपका मंडल के प्रभारी योगेश जैन, लकी नंदा, मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान, एमआईसी सदस्य अजय चंद्रा, जिला मंत्री अजय दुबे, जिला कार्यसमिति सदस्य, मंडल पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्षगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वार्ड के सम्मानित मतदाताओं का उत्साह और भाजपा के प्रति बढ़ता विश्वास निश्चित रूप से पार्टी की विजय का मार्ग प्रशस्त करेगा।
छत्तीसगढ़
कवर्धा : धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में 37 लाख रुपए की अवैध धान खरीदी का खुलासा
धान की फर्जी खरीदी मामले में समिति प्रबंधक व ऑपरेटर पर थ्प्त् की तैयारी
कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में जांच तेज

कवर्धा। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था की सघन जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में खाद्य विभाग द्वारा धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 1200 क्विंटल धान, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपए है, का कागजों में अवैध खरीदी किया जाना पाया गया है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि शासन की खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान समिति प्रबंधक ललित सेंगर एवं ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की उपस्थिति में धान के बोरे का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान एक बोरे का वजन मात्र 24.800 किलोग्राम पाया गया, जबकि निर्धारित मानक के अनुसार वजन अधिक होना चाहिए था। इससे धान खरीदी, तौल एवं भंडारण प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
जांच टीम द्वारा रिकॉर्ड एवं भौतिक भंडारण का मिलान करने पर दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया है। मामले में समिति प्रबंधक ललित सेंगर तथा ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। जांच दल में खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी, अनामिका ठाकुर, निधि वर्मा, सहकारिता निरीक्षक प्रवेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन द्वारा जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी जांच अभियान जारी रखने की बात कही गई है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : श्रमिकों के बच्चों के लिए डॉक्टर बनने का सुनहरा मौका
ESIC मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटें आरक्षित
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 तक
नीट यूजी (NEET UG) के जरिए मिलेगा प्रवेश, श्रम विभाग ने पात्र छात्रों से की आवेदन की अपील
रायपुर। छत्तीसगढ़ के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा (MBBS/ BDS) के क्षेत्र में करियर बनाने का एक बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के अपने 20 प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीटें आरक्षित की हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई थी , जिसे बढ़ाकर 21 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।

NEET UG के माध्यम से मिलेगा प्रवेश
श्रमायुक्त कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन नीट यूजी (NEET) परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है। जो भी विद्यार्थी इस पात्रता के दायरे में आते हैं, वे बिना देरी किए कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट ESIC Official Website पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष आरक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र के श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर देना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर या सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी बिना किसी वित्तीय बाधा के डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण जानकारियां
कुल आरक्षित सीटें 700 (देशभर के 20 ESIC मेडिकल कॉलेजों में), चयन का आधार नीट यूजी (NEET UG) मेरिट के आधार पर, आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट esic.nic.inका अवलोकन किया जा सकता है।
टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर
किसी भी प्रकार की शंका या विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी और अभिभावक टोल फ्री नंबर 1800-11-2526 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी ESIC शाखा या राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है। श्रमायुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी श्रमिक साथियों से विशेष अपील की है कि वे समय रहते इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी अपने योग्य व इच्छुक बच्चों तक पहुंचाएं और अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक आवेदन करवाकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।
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