Connect with us

कोरबा

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) अजगरबहार  को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र

Published

on

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए कोरबा  विकासखण्ड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर)  अजगरबहार  को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र (एनक्यूएएस) प्राप्त हुआ है।
भारत सरकार राष्ट्रीय गुणवत्ता टीम के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) अजगरबहार में  दिनांक 11 एवं 12 अगस्त  को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अजगरबहार के 6 विभागों में दी रही सुविधाओं तथा उनके रखरखाव की गुणवत्ता का मानकों पर निरीक्षण किया गया जिसमें समस्त मानदंडों पर 92.04 प्रतिशत अंकों के साथ संस्था द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप घोषित कर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक  प्रमाण पत्र  दिया गया।


कलेक्टर अजीत वसंत, तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर) अजगरबहार को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर  कोरबा विकासखण्ड के खण्ड चिकित्सा अधिकारी,  अजगरबहार के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों तथा जिला स्तरीय टीम को बधाई दी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

मुआवजे और भेदभाव के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे अमगांव के ग्रामीण, मृत मवेशियों के साथ SECL कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी

Published

on

कोरबा/गेवरा। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमगांव के रोहिदास मोहल्ला के दलित परिवारों ने प्रबंधन पर गंभीर भेदभाव और हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पिछले 3 वर्षों से लंबित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आज मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को ज्ञापन सौंपकर सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है ।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि और संपत्तियों का अर्जन वर्ष 2004 में ही किया जा चुका है। वर्ष 2023 में मूल्यांकन और नापी की प्रक्रिया पूरी कर पावती भी दी जा चुकी है, लेकिन प्रबंधन द्वारा जानबूझकर भुगतान रोका गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले के अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को मुआवजा और बसाहट की सुविधा मिल चुकी है, लेकिन रोहिदास समुदाय (दलित वर्ग) के परिवारों को इससे वंचित रखा गया है। यह सीधे तौर पर जातिगत आधार पर शोषण का मामला है। उन्होंने बताया है कि इससे पहले भी इस ग्राम पंचायत के 124 परिवारों को भी अपात्र बताकर मुआवजा से वंचित करने का प्रयास किया जा चुका है ।

उन्होंने बताया कि एसईसीएल के अधिकारी बता रहे हैं कि वर्ष 2023 में मूल्यांकन टीम ने नापी सर्वे किया था, जिसमे 30 परिवार के मकान शामिल था और यह मुहल्ला अमगांव का है या हरदीबाजार का इसकी जांच के लिए राजस्व विभाग के पास लंबित है। जब तक तहसील कार्यालय से आदेश जारी नही किया जाता, आगे की प्रक्रिया पूरी नही किया जा सकता, इस तरह से एसईसीएल और एसडीएम कार्यालय के बीच एक दूसरे के पाले में गेंद खेली जा रही है और उनका समस्या का समाधान नही हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल हम दलितों के साथ ही ये भेदभाव किया जा रहा, बाकी अन्य लोंगो को उनका मुआवजा और पुनर्वास प्रदान कर दिया गया है ।

प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन यह नही चाहती कि हम अपने परम्परागत कार्य से ऊपर उठकर कुछ कार्य सकें, इसलिए हम अब आंदोलन की राह में जाने के लिए मजबूर हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो ग्रामीण अपने पैतृक व्यवसाय (चर्म कार्य) के प्रतीक स्वरूप मृत मवेशियों के साथ SECL गेवरा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे ।

ग्रामीणों ने इस आंदोलन की सूचना जिला कलेक्टर (कोरबा), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व पाली) और थाना प्रभारी (दीपका) को भी प्रेषित कर दी है ।

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति स्वास्थ्य संबंधी समस्या या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संपूर्ण जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी ।

Continue Reading

कोरबा

11 और 12 अप्रैल 2026 को NKH कोरबा में मेदांता के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. त्यागी रहेंगे उपलब्ध…

Published

on

कोरबा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) एक बार फिर जिले के मरीजों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है। अब घुटने और कूल्हे के जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं होगी। NKH सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद त्यागी अपनी सेवाएं देंगे।

डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी कर चुके हैं और आर्थोप्लास्टी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं।
डॉ. त्यागी 11 और 12 अप्रैल 2026 को विशेष परामर्श एवं सर्जरी के लिए NKH में उपलब्ध रहेंगे।
इस दौरान मरीजों को घुटना, कूल्हा प्रत्यारोपण, जटिल एवं रिविजन आर्थोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्जरी को सुरक्षित और सफल बनाया जाएगा।
अब तक इस तरह के ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली, रायपुर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। NKH में यह सुविधा शुरू होने से कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिल सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सीमित स्लॉट होने के कारण मरीजों को पहले से पंजीयन कराना आवश्यक है और जरूरत मंद लोग इस सुविधा का लाभ उठाएं।

Continue Reading

कोरबा

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” से आईआईएम रायपुर में निःशुल्क एमबीए, 50 हजार मासिक छात्रवृत्ति का मिलेगा लाभ

Published

on

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कोरबा के कॉलेजों में पहुंची आईआईएम टीम, युवाओं को फेलोशिप के लिए किया गया प्रेरित

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर से जोड़ने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत एक विशेष पहल की जा रही है।  इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कोर्स करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आईआईएम रायपुर के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।

इसी क्रम में  संस्थान के  प्रतिनिधि बिनॉय और एस.एन. मंडल ने कोरबा जिले के प्रमुख महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कोर्स के सम्बंध में बताते हुए  पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई है। टीम द्वारा कोरबा के ई. विश्वेश्वरैया पीजी कॉलेज, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय तथा कमला नेहरू कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें योजना के लाभ बताए गए। साथ ही फेलोशिप की व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु पाम्पलेट भी वितरित किए गए। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं तक योजना की जानकारी प्रदान करने हेतु छात्रों को प्रेरित किया, जिससे अधिक से अधिक युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें।

इस फेलोशिप की प्रमुख विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों की पूरी फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को प्रति माह 50,000 की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। कोर्स के दौरान छात्रों को आईआईएम रायपुर में उच्चस्तरीय शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण  का अवसर मिलेगा।
यह योजना केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए लागू है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आईआईएम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को न केवल उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, साथ ही वे सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में भविष्य भी संवार सकेंगे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677