कोरबा
पाली के ग्राम पंचायत धौराभांठा में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन
146 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण, आमजनो को शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी, किया गया लाभांवित
कोरबा। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आमजनो की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत धौराभांठा में जनसमस्या निवारण शिविर का पाली–तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम के मुख्य आतिथ्य में आयोजन किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत डॉ पवन सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती संगीता कोराम, अंशुल पैंकरा, मनोज कुमार, दिलीप कंवर एवं सत्यनारायण पैंकरा, छत्रपाल सिंह राज, एसडीएम रोहित सिंह तथा ग्राम पंचायत धौराभांठा के सरपंच श्रीमती सुशीला जगत सिंह उपस्थित रहे। साथ ही क्लस्टर अंतर्गत माखनपुर, रंगोले, सेन्द्रीपाली, बाँधाखार, पोटापानी, अलगीडांड़, करतला, डुमरकछार एवं नुनेरा पंचायत के सरपंच सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को स्टॉल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी एवं विभागीय योजनाओं से लाभ प्रदान किया गया। जिसमें जनपद पंचायत पाली अंतर्गत 2 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 3 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश, 01 दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र एवं 01 हितग्राही को वाकिंग स्टीक प्रदान किया गया।

इसी प्रकार कृषि विभाग की शाकाम्भरी योजना के अंतर्गत ग्राम धौराभांठा के किसान श्री पंच राम को 3 एचपी के पेट्रोल पंप एवं 5 हितग्राहियों को ढेंचा बीज खाद वितरित किए गए।
सहकारिता विभाग द्वारा 11 हितग्राहियों को क्रेडिट कार्ड प्रदान किए गए।
राजस्व विभाग द्वारा 03 हितग्राहियों को डिजिटल किसान किताब और 02 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 03 बच्चों का अन्न प्राशन कराया गया।

शिविर में विभिन्न विभाग अंतर्गत मांग व शिकायत से सम्बंधित कुल 986 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 146 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। शेष आवेंदनो का परीक्षण कर शीघ्रता से निराकरण किया जाएगा। इस शिविर में क्लस्टर अंतर्गत शामिल सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। इस दौरान जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम शिविर के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

मंचस्थ अतिथियों ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचाना तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हैं, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। अतिथियों ने ग्रामीणों से अपील की कि अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर में सुधार करें।
कोरबा
कोरबा में मिली लाश का खुलासा:पुलिस हत्या मान रही थी, फोरेंसिक जांच में आत्महत्या निकली, मानसिक रूप से परेशान था मृतक
कोरबा। कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र स्थित कोहड़िया में 10 मई को सड़क किनारे मिली खून से सनी लाश के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जिस मामले की जांच हत्या मानकर कर रही थी, वह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद आत्महत्या निकला।

बसंत पटेल (37) की रक्तरंजित लाश सड़क किनारे झाड़ियों में मिली थी। घटनास्थल पर खून के धब्बे और शव घसीटने जैसे निशान मिलने से हत्या की आशंका जताई गई थी।

लाश मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी
टूटी बीयर बोतल से खुद पर किया हमला
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम को मौके पर बुलाया था। घटनास्थल से एक टूटी हुई बीयर की बोतल भी बरामद हुई थी।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच में हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच में सामने आया कि मृतक ने टूटी बीयर बोतल के धारदार कांच से खुद पर हमला किया था।
डॉक्टरों और फोरेंसिक टीम ने चोटों की जांच के बाद पुष्टि की कि सभी घाव स्वयं पहुंचाए गए थे।

आवश्यक कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी
मानसिक रूप से परेशान था मृतक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बसंत पटेल मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, लेकिन किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी नहीं मिली। इससे आत्महत्या की आशंका और मजबूत हुई।
फैक्ट्री कर्मचारी था मृतक
बसंत पटेल मूल रूप से मस्तूरी के सोनसरी गांव के निवासी थे। पिछले तीन वर्षों से वे सर्वमंगला बरमपुर में किराए के मकान में रह रहे थे और इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में काम करते थे।
9 मई की सुबह वे काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। अगले दिन 10 मई की सुबह उनकी लाश कोहड़िया इलाके में मिली थी।
मृतक शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि घटना से दो दिन पहले ही वे अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होकर गांव से कोरबा लौटे थे।
कोरबा
हिरबाश छत्तीसगढ़ पुरुष बास्केटबॉल टीम में कोच
कोरबा। जिले के हिरबाश साहू को छत्तीसगढ़ पुरुष बास्केटबॉल टीम का नया कोच नियुक्त किया है। वे आगामी 76वीं जूनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में टीम का नेतृत्व और मार्गदर्शन करेंगे। यह प्रतियोगिता पुडुचेरी में 22 मई से 29 मई तक होगी। इस नेशनल स्पर्धा में हिस्सा लेने कोच हिरबाश अपनी टीम के साथ पुडुचेरी के लिए रवाना हो गए हैं।

लंबे समय से हिरबाश बास्केटबॉल खेल और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से जुड़े हुए हैं और उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी इस नियुक्ति से कोरबा समेत पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
कोरबा
तथ्यात्मक रिपोर्टिंग से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव
कोरबा। एमसीसीआर ट्रस्ट व यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से क्षेत्रीय संवाद और उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग और मातृ व शिशु स्वास्थ्य जैसे विषयों पर मीडिया की भूमिका को और अधिक प्रभावी व संवेदनशील बनाना था।

कार्यक्रम में संवाद व प्रशिक्षण सत्रों के दौरान डॉ. गजेंद्र सिंह ने बच्चों में बढ़ते गैर-संचारी रोगों की चुनौती, उनकी जल्द पहचान, समय पर उपचार व उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी साझा की। साथ ही समुदाय आधारित स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों व जनसहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। विशेषज्ञों ने कहा मीडिया केवल सूचना प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। तथ्यात्मक, संवेदनशील व जनहितकारी रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है और लोगों को समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित किया जा सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से सिकल सेल के जिला सलाहकार अरविंद भारती, यूनिसेफ की स्वास्थ्य विभाग से डॉ. गजेन्द्र सिंह व उनकी टीम, एमसीसीआर ट्रस्ट से डॉ. डीश्याम कुमार आदि उपस्थित रहे।
सामुदायिक सहभागिता पर जोर सिकल सेल रोग की समय पर जांच व नियमित उपचार, बच्चों में टाइप-1 मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान, जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के जल्द रेफरल व उपचार और मातृ व शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, सामुदायिक सहयोग व बहु-विभागीय समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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