रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। योजना का सामाजिक प्रभाव यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है।
महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
कोरबा। कोरबा में 15 और 16 फरवरी को होने वाले दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला प्रशासन महोत्सव को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पाली के केराझरिया स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर दुदावत ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, वीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, पार्किंग और बेरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी विभाग की टीमों को मुस्तैद रहने को कहा। उन्होंने पेयजल, शौचालय और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की सुबह होने वाली साइकिल रेस प्रतियोगिता और शाम को शिव मंदिर घाट पर आयोजित होने वाली शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव, एसडीएम पाली रोहित कुमार सहित शिक्षा, पीडब्ल्यूडी और खाद्य जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा। दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 (15 एवं 16 फरवरी) के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न कराने हेतु व्यापक एवं समन्वित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पाली के केराझरिया स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, व्हीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, पार्किंग एवं बेरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए मंच पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था, आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम को मुस्तैद रहने हेतु निर्देशित किया साथ ही पेयजल, शौचालय, कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की प्रातः साइकिल रेस प्रतियोगिता एवं संध्या को शिव मंदिर घाट पर आयोजित होने वाले भव्य शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव , एसडीएम पाली रोहित कुमार, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, खाद्य, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 18 फरवरी को जनपद पंचायत करतला के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करतला, विकासखंड करतला अंतर्गत समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए प्रशिक्षण का आयोजन प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक किया जायेगा। इसी तरह जनपद पंचायत करतला अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक किया जायेगा।