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सैफ अली खान पर घर में घुसकर हमला:रीढ़ की हड्डी में फंसा था चाकू का टुकड़ा, हाथ-कंधे की भी सर्जरी हुई; संदिग्ध की तस्वीर सामने आई

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मुंबई,एजेंसी। बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर हमला करने वाले संदिग्ध शख्स की पहली तस्वीर सामने आई है। वह रात ढाई बजे छठी फ्लोर पर नीचे उतरता दिखा।

एक्टर पर उनके घर में घुसकर चाकू से हमला किया था। घटना मुंबई के खार स्थित गुरु शरण अपार्टमेंट के 12वें फ्लोर पर बुधवार देर रात करीब 2.30 बजे हुई।

इस हमले में एक्टर को गले, पीठ, हाथ और सिर समेत 6 जगह चाकू लगा था। घायल सैफ को रात में ही लीलावती हॉस्पिटल ले जाया गया था।

लीलावती अस्पताल के COO डॉ. नीरज उत्तमानी ने बताया कि सैफ की रीढ़ की हड्डी में चाकू का टुकड़ा फंसा था और फ्लूड भी लीक हो रहा था। सर्जरी करके इसे निकाला गया है।

एक्टर के बाएं हाथ पर दो गहरे घाव थे और गर्दन पर भी गहरी चोट थी। इनकी प्लास्टिक सर्जरी की गई है। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

मुंबई पुलिस के DCP गेदाम दीक्षित ने बताया कि एक हमलावर की पहचान कर ली गई है। वह चोरी के इरादे से घर में घुसा था। हमलावर सीढ़ियों से अपार्टमेंट में दाखिल हुआ और हमले के बाद सीढ़ियों से ही भागा।

जानकारी के मुताबिक हमलावर CCTV फुटेज में दिखाई दिया है। उसे बिल्डिंग की छठी मंजिल पर देखा गया था। पुलिस ने जबरन घर में घुसने और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

यह मुंबई के खार इलाके में बना सतगुरु शरण अपार्टमेंट है, इसके 12वें फ्लोर पर सैफ अली खान अपने परिवार के साथ रहते हैं।

यह मुंबई के खार इलाके में बना सतगुरु शरण अपार्टमेंट है, इसके 12वें फ्लोर पर सैफ अली खान अपने परिवार के साथ रहते हैं।

एक्टर की मेड समेत 3 को पूछताछ के लिए ले जाया गया पुलिस ने बताया कि सैफ के घर से 3 लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। इनमें हमले में घायल हुई हाउसकीपर भी शामिल है। शुरुआती जांच में पता चला कि घर के अंदर मौजूद किसी शख्स ने ही हमलावर को एंट्री दी। घर में कोई जबरदस्ती नहीं घुसा।

सैफ-करीना की मेड को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। पुलिस स्टेशन ले जाने से पहले उसे अस्पताल ले जाया गया था।

सैफ-करीना की मेड को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। पुलिस स्टेशन ले जाने से पहले उसे अस्पताल ले जाया गया था।

घटना सैफ-करीना के बच्चों तैमूर-जेह के कमरे में हुई

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना सैफ-करीना के बच्चों तैमूर-जेह के कमरे की है। कमरे में उनकी हाउसकीपर अरियामा फिलिप उर्फ लीमा मौजूद थी, जिसे एक अज्ञात शख्स ने पकड़ लिया। उनकी चीखने की आवाज सुनकर सैफ बच्चों के कमरे में पहुंचे थे। सैफ को देखते ही अज्ञात शख्स ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान घायल हुई हाउसकीपर को भी लीलावती अस्पताल ले जाया गया है।

पुलिस और क्राइम ब्रांच की 18 टीमें जांच कर रहीं

बांद्रा पुलिस स्टेशन ने हमलावरों की तलाश के लिए 10 टीमें बनाई हैं। वहीं क्राइम ब्रांच ने भी केस के इन्वेस्टिगेशन के लिए 8 टीमें गठित कर दी हैं। क्राइम ब्रांच जांच के लिए सैफ के घर भी पहुंच चुकी है। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक भी टीम का हिस्सा हैं।

हमले को लेकर 2 थ्योरी, वजह साफ नहीं

  1. हमलावर चोरी की नीयत से घुसा: सैफ की टीम के ऑफिशियल बयान में बताया गया कि सैफ अली खान के घर पर चोरी की कोशिश की गई। हमले में सैफ के घर की एक मेड (काम करने वाली) अरियामा फिलिप उर्फ लीमा भी जख्मी हुई है। हम मीडिया और प्रशंसकों से अनुरोध करते हैं कि वह ऐसी सिचुएशन में हमें सपोर्ट करें। यह पुलिस का मामला है। हम आपको अपडेट करते रहेंगे।
  2. घर में एक व्यक्ति घुसा, मेड से उसकी बहस हुई: डीसीपी गेदाम दीक्षित ने बताया कि सैफ अली खान खार के फॉर्च्यून हाईट्स में रहते हैं। कल देर रात एक व्यक्ति सैफ के घर में घुसा और मेड से बहस की। जब एक्टर ने उस व्यक्ति को शांत करने की कोशिश की तो उसने सैफ पर हमला किया और इस हमले में वे घायल हो गए।

हमले की थ्योरीज से जुड़े 3 सवाल

  1. हाई सिक्योरिटी सोसाइटी में हमलावर कैसे घुसा? हमला करने के बाद शोर-शराबे के बीच वह भागने में कामयाब कैसे हुआ?
  2. मेड क्या रात में घर पर ही रुकती थी? हमलावर की उससे बहस क्यों हो रही थी?
  3. क्या हमलावर मेड का परिचित था? क्या उसी ने हमलावर को घर में एंट्री दी थी?

करीना कपूर लीलावती अस्पताल पहुंचीं

करीना कपूर गुरुवार को करीब 1 बजे लीलावती अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान उनका स्टाफ भी साथ था।

करीना कपूर गुरुवार को करीब 1 बजे लीलावती अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान उनका स्टाफ भी साथ था।

सारा अली और इब्राहिम भी पिता से मिलने पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही सारा अली खान अपने भाई इब्राहिम के साथ लीलावती अस्पताल पहुंचीं। दोनों अस्पताल में दाखिल होते नजर आए। डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद भी अस्पताल पहुंचे।

यह लीलावती अस्पताल के बाहर की तस्वीर है। कार से उतरकर इब्राहिम और सारा अली अंदर जा रहे हैं।

यह लीलावती अस्पताल के बाहर की तस्वीर है। कार से उतरकर इब्राहिम और सारा अली अंदर जा रहे हैं।

करिश्मा कपूर भी सैफ अली खान से मिलने लीलावती हॉस्पिटल पहुंचीं।

करिश्मा कपूर भी सैफ अली खान से मिलने लीलावती हॉस्पिटल पहुंचीं।

सैफ अली खान की बहन सोहा, पति कुणाल खेमू के साथ हॉस्पिटल पहुंचीं।

सैफ अली खान की बहन सोहा, पति कुणाल खेमू के साथ हॉस्पिटल पहुंचीं।

रात के वीडियो में घर के बाहर नजर आई थीं करीना

अपार्टमेंट के बाहर से देर रात का करीना कपूर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे स्टाफ से बात करते हुए घबराई नजर आ रही हैं। उनके साथ 3 फीमेल और 1 मेल स्टाफ था। करीना के पास एक ऑटो भी खड़ा हुआ है।

यह वीडियो बुधवार देर रात का बताया जा रहा है। इसमें करीना घर के बाहर नाइट सूट में नजर आ रही हैं।

यह वीडियो बुधवार देर रात का बताया जा रहा है। इसमें करीना घर के बाहर नाइट सूट में नजर आ रही हैं।

वीडियो में करीना के साथ एक मेल और दो फीमेल स्टाफ मौजूद है। सभी परेशान नजर आ रहे हैं।

वीडियो में करीना के साथ एक मेल और दो फीमेल स्टाफ मौजूद है। सभी परेशान नजर आ रहे हैं।

हमले से पहले करिश्मा ने करीना और सोनम कपूर के साथ पार्टी की

हमले से पहले करिश्मा कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें उन्होंने बहन करीना, दोस्त रिया और सोनम कपूर के साथ पार्टी और डिनर की जानकारी दी थी। करीना ने बहन करिश्मा की इस पोस्ट को री-पोस्ट किया था।

जहां हमला हुआ, वह सैफ और करीना का नया घर

सैफ और करीना दोनों बेटों के साथ मुंबई के बांद्रा स्थित सतगुरु शरण अपार्टमेंट में रहते हैं। सैफ की दोस्त और फेमस इंटीरियर डिजाइनर दर्शिनी शाह ने इसे डिजाइन किया है। पुराने घर की तरह सैफ के नए घर में भी लाइब्रेरी, आर्ट वर्क, खूबसूरत छत और स्विमिंग पूल है। शाही लुक देने के लिए इस अपार्टमेंट को वाइट और ब्राउन कलर से सजाया गया है। बच्चों के लिए नर्सरी और एक थिएटर स्पेस भी है।

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नेपाल सीमा से गिरफ्तार हुए TMC के पूर्व विधायक जहांगीर खान, STF की बड़ी कार्रवाई

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कोलकाता, एजेंसी। तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को ‘जबरन वसूली’ के आरोप में सोमवार को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खान को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली थी। खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा थाने में सात प्राथमिकी दर्ज हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”खान को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।” हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। खान 21 मई को फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन नाम वापस लेने की अवधि समाप्त हो चुकी थी इसीलिए उनका नाम ईवीएम में दर्ज रहा।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ली
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान के खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामलों में पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई से उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी। कोर्ट ने 18 मई को खान को सख्त कार्रवाई से राहत दी थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। जजों ने कहा कि राज्य में राजनीतिक स्थिति में बदलाव और याचिकाकर्ता द्वारा राजनीतिक बदले की भावना के दावों के कारण ऐसी सुरक्षा जारी रखना उचित नहीं होगा।

खान के वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उनके मुवक्किल के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि ये मामले राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा थे और कहा कि सुरक्षा न केवल चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी थी, बल्कि खान को कथित उत्पीड़न से बचाने के लिए भी थी। दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले दी गई सुरक्षा केवल खान को 21 मई को फाल्टा में हुए दोबारा मतदान (रीपोल) में भाग लेने में सक्षम बनाने के लिए थी, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए गए थे।

 पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव (रीपोल) के बीच एक बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम में, जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि दौड़ से हटने का फैसला फाल्टा के लोगों की भलाई के लिए लिया गया था। खान ने कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि फाल्टा शांतिपूर्ण रहे और तरक्की करे। हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैंने निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है।”

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भाजपा की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी, क्रॉस वोटिंग की आशंका पर दिग्विजय सिंह का तीखा हमला

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भोपाल, एजेंसी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामाकंन दाखिल किया। उनका मुकाबले में भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है। ऐसे में मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। वहीं कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। हालांकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की गलतफहमी बताया है।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है, “बीजेपी को गलतफहमी है कि वे पार्टी में फूट डाल सकते हैं। कांग्रेस पूरी तरह से संगठित और एकजुट है; सभी कांग्रेस विधायक पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को मजबूती से अपना पूरा समर्थन देंगे और बीजेपी की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी। मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और हम कांग्रेस में एकजुट हैं।”

बता दें कि 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रभावी वोट संख्या 228 है। इनमें से BJP के पास 164 और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। बीना की विधायक निर्मला सप्रे के वोट की स्थिति साफ न होने (जो BJP की तरफ झुकती दिख रही है) और विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​के वोटिंग पर रोक के कारण, कांग्रेस की प्रभावी संख्या घटकर 62 रह गई है।

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 58 वोटों की ज़रूरत होती है। इस तरह, BJP को दो सीटें जीतने के लिए 116 वोटों की ज़रूरत है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुल 164 वोटों में से 116 वोट डालने के बाद BJP के पास 48 वोट बचेंगे, जबकि तीसरी सीट पक्की करने के लिए उसे 10 और वोटों की ज़रूरत होगी। कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए ज़रूरी संख्या तो है, लेकिन BJP द्वारा तीसरे उम्मीदवार के ऐलान ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और नटराजन के चुनाव जीतने की राह मुश्किल कर दी है।

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क्या शिवसेना की तहर दो गुटों में बंट जाएगी TMC?, सांसद के इस्तीफे से बंगल में गरमाई सियासत

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कोलकाता, एजेंसी। बंगाल चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत की पूरे देश में चर्चा है तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बीच अंदरूनी कलह भी सामने आने लगी है इसे लेकर अब पार्टी के भविष्य की रणनीति पर लोग चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में भी Shiv Sena की तरह अंदरूनी खींचतान बढ़ेगी या पार्टी नेतृत्व समय रहते हालात संभाल लेगा। विपक्ष लगातार TMC में असंतोष और गुटबाजी के आरोप लगा रहा है, जबकि पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम बता रहा है।

अगल गुट बनाने को लेकर चर्चा तेज इस्तीफा 
दरअसल, अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के सांसदों के एक समूह ने भविष्य की रणनीति और पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बनाने की संभावना पर चर्चा करने के लिए सोमवार को यहां बैठक की। बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर राय भी शामिल थे, जिन्होंने सोमवार को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी। उनके अलावा तृणमूल के लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, जगदीश चंद्र बसुनिया, कालीपद सरन खेरवाल और अरूप चक्रवर्ती भी बैठक में मौजूद थे। 

ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप पर भेजा 
मीडिया से बातचीत में राय ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा, ”मैंने पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिये अवगत करा दिया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 60 विधायकों द्वारा एक अलग गुट बनाने के बाद सामने आया है, जहां रिताब्रता बनर्जी ने ममता बनर्जी के नामित उम्मीदवार के बजाय नेता प्रतिपक्ष का कार्यभार संभाल लिया है।

इस्तीफे को लेकर दिया ये बयान 
राय ने कहा, “विधानसभा में जो कुछ भी हुआ, क्या कोई यह बता सकता है कि राज्यसभा या लोकसभा में वैसी ही स्थिति पैदा नहीं होगी?” हालांकि, राय ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा और पार्टी से उनका इस्तीफा राज्य विधानसभा में हुए घटनाक्रम से अलग है, क्योंकि वहां के विधायकों ने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ”उनके कदम और मेरे कदम के बीच कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से अलग है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दिया है, उन्होंने नहीं। राज्यसभा में मेरा कार्यकाल 2029 में समाप्त होना था, लेकिन मैंने सैद्धांतिक तौर पर इस्तीफा दे दिया, क्योंकि मेरे लिए (पार्टी में) बने रहना मुश्किल हो गया था।”

‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल हुए अभिषेक बनर्जी
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी यहां ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में गठबंधन के भीतर एकजुटता पर जोर दिया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा जनता की आजीविका से जुड़े मुद्दों को उठाने की आवश्यकता बताई गई।

तृणमूल के इन दोनों नेताओं के अलावा बैठक में कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ वामपंथी नेता भी मौजूद थे। हालांकि ममता से नाराज विधायकों ने अभी तक अलग पार्टी बनाए जाने को लेकर कोई भी अधिकारिक ऐलान नहीं किया। 

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