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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर पलटी स्कूल बस…5 की मौत:इनमें 4 महिलाएं और एक पुरुष

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82 लोग घायल, ब्रेक फेल था, सड़क पर बिखरी रहीं लाशें

बलरामपुर/लातेहार,एजेंसी। छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर तेज रफ्तार स्कूल बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 लोग घायल हो गए हैं। इनमें 30 से ज्यादा की हालत गंभीर है। बताया जा जा रहा है कि बस का ब्रेक फेल हो गया था। मामला महुआडांड थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक लातेहार जिले में हादसे में 4 महिलाएं और एक पुरुष की जान गई है। इनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मरने वाले सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रहने वाले थे। स्थानीय और राहगीरों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। बस में 87 लोग सवार थे।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें ….

तेज रफ्तार स्कूल बस बेकाबू होकर पलट गई गई। सड़क किनारे घायल पड़े हैं।

तेज रफ्तार स्कूल बस बेकाबू होकर पलट गई गई। सड़क किनारे घायल पड़े हैं।

हादसे के बाद सड़क किनारे घायलों पड़े नजर आ रहे हैं। लोग मदद की गुहार लगा रहे थे।

हादसे के बाद सड़क किनारे घायलों पड़े नजर आ रहे हैं। लोग मदद की गुहार लगा रहे थे।

घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

हादसा कैसे और कहां हुआ ?

दरअसल, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के 87 लोग ज्ञान गंगा स्कूल की बस में सवार होकर झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के लोध गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे। ओरसा बंगलादारा घाटी में उतरते समय बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया।

इस दौरान तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकराकर करीब 20 फीट खाई में जाकर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई।

घायलों को एंबुलेंस की मदद से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया।

घायलों को एंबुलेंस की मदद से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया।

बस का ब्रेक हो गया था फेल, नहीं हुई कंट्रोल

वहीं बस ड्राइवर विकास पाठक ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही ब्रेक नहीं लगने का अहसास हुआ। स्थिति को संभालने के लिए हैंड ब्रेक का उपयोग किया। इसके बाद इंजन भी बंद कर दिया, लेकिन ढलान होने के कारण बस पर बेकाबू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना गंभीर था कि कई यात्री बस के भीतर ही दब गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर सड़क किनारे जा गिरे। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। महुआडांड़ पुलिस मौके पर पहुंची।

भीषण बस हादसे के बाद लोगों की चीख-पुकार मच गई। कई जगह चोटें आई हैं। लोगों को अस्पताल लाया जा रहा।

भीषण बस हादसे के बाद लोगों की चीख-पुकार मच गई। कई जगह चोटें आई हैं। लोगों को अस्पताल लाया जा रहा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कार्मेल अस्पताल में घायल भर्ती

महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से लोगों को बस से बाहर निकाला गया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कार्मेल अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कई घायलों की हालत गंभीर है।

वहीं बलरामपुर के सामरी के थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया है। घायलों को महुआडांड स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घायलों को स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घायलों को स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घायलों को रांची रेफर किया जा रहा

सामरी के थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक है, जिन्हें रांची रेफर किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अमित के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मी पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

पुलिस के मुताबिक घायलों में 60 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 22 को कार्मेल हॉस्पिटल में दाखिल किया गया है। वहीं हॉस्पिटल पहुंचने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं हॉस्पिटल पहुंचने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

भीषण सड़क हादसे में मौत के बाद ग्रामीणों के शवों को मॉर्च्युरी में रखा गया है।

भीषण सड़क हादसे में मौत के बाद ग्रामीणों के शवों को मॉर्च्युरी में रखा गया है।

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छत्तीसगढ़

महासमुन्द : बारनावापारा अभयाण्य में “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन,200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज

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देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महासमुन्द। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों  में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा,  मोहित साहू एवं सोनू अरोरा की सहभागिता रही।

सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।

बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील  ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी योजना से करमरी में आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा

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डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़। आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की ग्राम पंचायत करमरी में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव-विकसित भारत” का संदेश भी दिया गया। 

कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्य योजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, और  वीबी-जीराम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम के दौरान हितग्राही विनोद कुमार एवं दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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खेल

केंद्रीय खेल मंत्री से मिले ओलिंपिक संघ के सचिव सिसोदिया:40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में किए जाने का किया आग्रह

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।

बैठक में डॉ. सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में चल रही खेल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, लगातार खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयासरत हैं।

महासचिव ने केंद्रीय खेल मंत्री से आग्रह किया कि मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के बाद 40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन फरवरी 2028 में छत्तीसगढ़ को सौंपा जाए। इससे राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच मिलेगा।

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