छत्तीसगढ़
ठंड से ठिठुरन…5 जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद
मैनपाट में 1.6° पारा, ओस की बूंदें जमकर बर्फ बनीं, 17 जिलों में शीतलहर चलेगी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अधिकांश जिलों में रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। प्रदेश में मैनपाट सबसे ठंडा बना हुआ है, यहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री पहुंच गया है। यहां ओंस की बूंदें जमने लगी हैं।
अंबिकापुर में रात का पारा 3.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मैदानी इलाकों में रायपुर सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 7°C तक गिर गया। दुर्ग में 7 डिग्री और पेंड्रा रोड में 7.2 डिग्री रहा।
इस बीच मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट और 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। दोनों अलर्ट के साथ हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में अधिकतम तापमान 29.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 3.8°C रहा।
ठंड के कारण सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। 2 पालियों के स्कूल भी 9.30 बजे से लगेंगे।

सरगुजा में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिन में लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े।

सरगुजा में सुबह और शाम के वक्त अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

मैनपाट में पौधों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई थी।

सरगुजा संभाग में भी खुले मैदान में घास पर लगी ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

मैनपाट में सुबह ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।

सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी जमकर पाले पड़े।

पेंड्रा के कई इलाकों में कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है।
4 जिलों में प्राइमरी स्कूल बंद
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड को देखते हुए चार जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। सरगुजा और बलरामपुर जिलों के बाद मंगलवार देर शाम कोरिया और सूरजपुर जिलों में भी प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी हो गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
ठंड के कारण दो पालियों में संचालित होने वाली कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। अब दो पालियों में चलने वाले स्कूल सुबह 8.30 बजे के बजाय 9.30 बजे से 12.30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई थी। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।
अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।
बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।
नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।
NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले
डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।
OPD में मरीजों की भीड़
ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।

GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।

पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
क्या है हाइपोथर्मिया?
हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया
रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।
रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।
मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है।
वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े।
डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…
- शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
- स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
- घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सके
पानी जमा न होने दें
- कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, बर्तन आदि में पानी जमा न रहने दें।
- सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें साफ और सूखा करें।
- नाली व ड्रेनेज सिस्टम खुला और साफ रखें।
शरीर को ढककर रखें
- खासकर शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और फुल पैंट पहनें।
- बच्चों को भी हल्के लेकिन ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
समय पर जांच और इलाज कराएं
- यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
- मलेरिया फैलने का आधार
- तापमान 33-39°C (दिन में)
- तापमान 14-19°C (रात में)
ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।
2 तरह के मलेरिया का खतरा
- प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
- प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।
इन राज्यों में भी जोखिम
- पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
- गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले
कोरबा
राजस्व अनुविभाग स्तर पर 18 से 20 जून तक आयोजित होंगे 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर
कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में संपूर्ण प्रदेश में ‘‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के‘‘ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक राजस्व अनुविभाग (सब-डिवीजन) स्तर पर 18 से 20 जून 2026 तक 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य रूप से पात्र नागरिकों के नए पंजीकरण, त्रुटि सुधार और समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निवारण किया जाएगा।
इसी कड़ी में कोरबा अनुविभाग अंतर्गत शिविर नगर निगम पं. जवाहर लाल नेहरू सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है।
कोरबा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने पर कोरबा में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ
सुश्री लखनी साहू, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी सहित जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से किया गया है प्रदर्शित
सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों की झलक से रूबरू हो रहे नागरिक

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा 17, 18 एवं 19 जून 2026 तक तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी कोरबा शहर के घंटाघर स्थित स्मृति उद्यान के समीप आयोजित की गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से देश में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा विकसित भारत-2047 की संकल्पना को आकर्षक छायाचित्रों एवं जानकारीपरक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित सुश्री लखनी साहू के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, गोपाल मोदी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

प्रदर्षनी का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इसमें गरीब कल्याण, किसान हितैषी योजनाएं, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, बुनियादी अधोसंरचना, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत-2047 जैसे विषयों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है, जो आमजन के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

मुख्य अतिथि सुश्री लखनी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। इन वर्षों में देश ने विकास और प्रगति के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, जिन्हें आज प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में अनुभव कर रहा है।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके 12 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए गौरव का विषय है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचा है तथा विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य संपादित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

महापौर श्रीमती राजपूत ने भी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए आमजनों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने का आग्रह किया।

अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता, कृषि क्षेत्र में सुधार, ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि विपणन को बढ़ावा, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, डिजिटल इंडिया अभियान, लखपति दीदी योजना तथा विकसित भारत संकल्प अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी पहलों पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

फोटो प्रदर्शनी में देश की आधारभूत संरचना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कार्यों को भी विशेष स्थान दिया गया है। इसमें विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज, समुद्र पर निर्मित अटल सेतु, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, वंदे भारत ट्रेनों, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल क्रांति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों को भी दर्शाया गया है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में हुए नवाचारों की जानकारी आमजन को दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा हितग्राहियों की प्रेरक सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। रंगीन छायाचित्रों, आंकड़ों, ग्राफिक्स और सूचना पटलों के माध्यम से योजनाओं के प्रभाव और उपलब्धियों को सरल एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विकास परियोजनाओं और जनहितकारी योजनाओं पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया गया है। जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
युवा, बच्चे, बड़े बुजुर्ग, महिलाएं, सभी आयु वर्ग के लोगो ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की ।
जनसंपर्क विभाग द्वारा इस अवसर पर ‘जनमन’ पत्रिका, ‘सुशासन के नवीन आयाम’ सहित विभिन्न प्रचार-प्रसार सामग्री का भी निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की विशेष भागीदारी देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा देश की उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करें और इस जनजागरूकता अभियान का हिस्सा बनें।
कोरबा
राज्य सरकार की बेहतर व्यवस्था से किसानों को समय पर मिल रहे कृषि आदान सामग्री
खाद-बीज की सहज उपलब्धता से बढ़ा किसानों का भरोसा, शीला टोप्पो ने जताई खुशी
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका लाभ जिले के किसानों को सहजता से मिल रहा है, जिससे उनमें उत्साह और संतोष का वातावरण है।
कोरबा जिले के देलवाड़ीह की कृषक श्रीमती शीला टोप्पो भी उन किसानों में शामिल हैं जिन्हें समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध होने से खेती की तैयारियों में बड़ी सुविधा मिली है। लगभग तीन एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाली श्रीमती टोप्पो इन दिनों खरीफ फसल की तैयारियों में जुटी हुई हैं। उनकी कृषि भूमि भालुसटका क्षेत्र में स्थित है और वे स्वयं खेती का पूरा कार्य संभालती हैं।
खेती की तैयारियों के तहत वे जामबहार सोनपुरी सहकारी समिति पहुंचीं, जहां से उन्होंने यूरिया, सुपर फॉस्फेट एवं बीज प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आसानी से सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो गई।
श्रीमती टोप्पो ने कहा कि समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो जाना किसानों के लिए बहुत बड़ी सहायता है। इससे खेती की तैयारियां सुचारू रूप से हो पाती हैं और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
