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कोरबा

रेल के लोकोपायलट से सौर ऊर्जा के रोल मॉडल बने शुकलाल सूर्यवंशी

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सूरज बना साथी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से घर हुआ रोशन, जीवन हुआ सरल

कोरबा। हर सुबह जब सूरज उगता है, तो उसके साथ नई उम्मीदें भी जन्म लेती हैं। आज वही सूरज देश के हर घर में आत्मनिर्भरता की नई किरण बनकर चमक रहा है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई “प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” के रूप में। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक “ऊर्जा क्रांति” है, जो भारत को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है। इस योजना ने आम नागरिक के जीवन में बदलाव की वह कहानी लिखी है, जिसकी शुरुआत छत से होती है और जिसका उजाला पूरे घर को प्रकाशित कर देता है। अब हर घर की छत बिजली उत्पादन का केंद्र बन रही है, और लोग न केवल अपने घरों को रोशन कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत दोनों में योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ इस उजाले की यात्रा में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से कदम बढ़ा रहा है और यही कारण है कि आज हजारों परिवार बिजली बिल से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहे हैं। राज्य सरकार ने राज्य में इस योजना को गति देने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई है। पात्र परिवारों को आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक पूर्ण मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके साथ ही, सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित हुआ है। राज्य में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक योजना से वंचित न रहे। डिजिटल पोर्टल, हेल्पडेस्क और जनसहयोग केंद्रों के माध्यम से लोगों को समयबद्ध सहायता प्रदान की जा रही है।

इन्हीं प्रेरणादायक कहानियों में से एक है कोरबा जिले के खरमोरा निवासी सुकलाल सूर्यवंशी की। जो भारतीय रेल में लोकोपायलट के रूप में कार्यरत सूर्यवंशी ने जब टीवी विज्ञापन के माध्यम से इस योजना के बारे में जाना, तो उन्होंने बिना देर किए इसे अपनाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उन्हें रू.78,000 की केंद्रीय सब्सिडी प्राप्त हुई और उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया।

सूर्यवंशी का कहना है कि अब उनका घर पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर निर्भर है। पंखे, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, वाटर पंप, कूलर सभी उपकरण सौर ऊर्जा से सहज रूप से चल रहे हैं। उन्होंने कहा  “अब मेरे घर की छत ही मेरी ऊर्जा का स्रोत बन गई है। सूरज की किरणों से मिलने वाली यह स्वच्छ ऊर्जा न केवल बचत का माध्यम है, बल्कि आत्मनिर्भरता और गर्व का प्रतीक भी है।“

उन्होंने यह भी बताया कि योजना की जानकारी और सहायता उन्हें जिला प्रशासन और स्थानीय विद्युत एजेंसी से सहज रूप में मिली। अब उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि बिजली बिल भुगतान की चिंता भी समाप्त हो गई है।

सुकलाल सूर्यवंशी जैसे लाभार्थी आज देश के उन नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को अपनाकर अपने जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। यह केवल बिजली की बचत नहीं, बल्कि एक नई सोच का प्रतीक है “अपनी ऊर्जा, अपने घर से।” उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जब नागरिक योजनाओं को अपनाने की पहल करते हैं, तो विकास के लक्ष्य सहज ही साकार हो जाते हैं। आज उनका घर आत्मनिर्भर है, पर्यावरण सुरक्षित है, और परिवार में स्थायी खुशहाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी नीतियों और जनहितैषी योजनाओं से आज आम नागरिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आज भारत के ऊर्जा परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह न केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ा रही है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक भी बना रही है।

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कोरबा

KORBA : 15 वें वित्त की राशि के बंदरबांट की शिकायती जांच में असहयोग पड़ा भारी, 23 पंचायत सचिवों पर लटकी निलंबन की तलवार !

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जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प

कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।

यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी।
ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।

उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने
आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है।
अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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कोरबा

कोरबा के होटल में 40 लोगों के ठहरने पर विवाद:धर्मांतरण की आशंका पर बजरंग दल का हंगामा, कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप

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कोरबा। कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित होटल स्टार इन में शनिवार शाम कथित धर्मांतरण और प्रार्थना सभा को लेकर हंगामा हो गया। होटल में ठहरे 10 हिंदू परिवारों के धर्मांतरण की आशंका जताते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ता होटल पहुंचे और विरोध जताया।

इस दौरान होटल परिसर में विवाद और मारपीट हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति शांत कराई। फिलहाल धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

15 कमरे बुक कराकर ठहरे थे करीब 40 लोग

जानकारी के अनुसार, जॉन मसीह ने होटल के 15 कमरे बुक कराए थे। इनमें लाफा, पाली, कटघोरा समेत अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 40 लोग ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि इनमें सतनामी और गोंड़ समुदाय के परिवारों की संख्या अधिक थी।

शनिवार शाम प्रार्थना सभा की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता होटल पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और सीएसईबी चौकी प्रभारी भी पहुंचे।

बजरंग दल ने लगाया प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का आरोप

बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी हिंदू परिवारों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रचार सामग्री के साथ पहुंची टीम ने शहरी क्षेत्र को निशाना बनाया था।

मुखर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि एसईसीएल के मानिकपुर क्षेत्र में एक मकान को चर्च के रूप में विकसित किया गया है। इसका नाम इंडियन प्रेयर चर्च (आईपीसी) रखा गया है। उनके अनुसार, इसी चर्च के माध्यम से लोगों का मतांतरण कराने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

पुलिस से की शिकायत, दस्तावेज नहीं लेने का भी आरोप

राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल में ठहरे लोगों से आधार कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं लिए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि और होटल में ठहरे लोगों के दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

होटल परिसर में विवाद के दौरान कुछ लोगों के साथ हाथापाई हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ता कुछ लोगों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति शांत कराई। फिलहाल कथित धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

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कोरबा

कोरबा-चांपा हाईवे पर दो हादसे:बाइक-टक्कर में युवक की मौत, भीड़ में घुसी कार, आरक्षक समेत 6 लोग घायल

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कोरबा। कोरबा-चांपा हाईवे पर उरगा थाना क्षेत्र के नवलपुर के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में धनेश्वर श्रीवास की मौके पर ही मौत हो गई। सिर में गंभीर चोट लगने से उसने दम तोड़ दिया। हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर भीड़ में जा घुसी। इसकी चपेट में आने से छह लोग घायल हो गए। कार राष्ट्रीय राजमार्ग की गश्ती गाड़ी से टकराने के बाद रुकी। बताया जा रहा है कि यदि कार गश्ती वाहन से नहीं टकराती, तो हादसा और भी भीषण हो सकता था।

जानकारी के अनुसार, कार ठठारी गांव के एक व्यक्ति की है। कार चला रहा व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंचा पुलिस विभाग का एक आरक्षक भी हादसे में घायल हो गया।

युवक की मौत के बाद मारपीट

धनेश्वर की मौत के बाद घटनास्थल पर लोगों में आक्रोश फैल गया। इसी बीच कुछ लोगों ने दूसरी बाइक पर सवार युवक को पकड़कर पीट दिया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लगातार हुए हादसों और मारपीट के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

दशहरा पर्व के आयोजनों के कारण इन दिनों क्षेत्र में देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

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