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कोरबा

स्मृति शेष : स्व. श्री रामगोपाल पांडेय: जी भर जीये… जी भर माँ भारती की सेवा की और उज्ज्वल विरासत छोड़ गए पं. राम गोपाल पाण्डेय

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जन्म: 15.09.1934 निधन: 01.03. 2025

कोरबा ।जीवन अनंत है। एक आता है, तो एक जाता है। ईश्वर को भी इहलोक गमन कर जाना पड़ा था, लेकिन उसी का जीवन सार्थक होता है, जो परिवार के साथ अपनी माटी का भी कर्ज चुकाए और समाज को कुछ देकर जाए। कोरबा के मूर्धन्य समाज सेवी और माँ भारती को समर्पित जीवन जीने वाले पंडित रामगोपाल पाण्डेय का जीवन कोरबा के लिए सेवा की एक पूरी किताब था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के रूप में काम करने वाले स्व. श्री पाण्डेय ने कोरबा को अपनी कर्मभूमि बनाया और वनवासियों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को मुख्य धारा में लाने के लिए आरएसएस के माध्यम से नशा से दूर रहने के लिए जागरूकता फैलाने के साथ-साथ उनके बीच जाकर जीवन का लक्ष्य समझाते थे।
हिन्दुत्व विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आरएसएस, जनसंघ, जनता पार्टी और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले जिले के अंतिम छोर तक पहुंचे। तब आदिवासियों को बर्गलाकर धर्मांतरण कराया जाता रहा, ऐसे धर्म से बड़ा कुछ नहीं… की सीख आदिवासियों को देते रहे और उनका जीवन स्तर सुधारने के लिए शासन-प्रशासन तक बातें पहुंचाना, इनकी दिनचर्या में शामिल था। माँ भारती के सपूतों की एक ऐसी टीम थी, जो क्षमता के अनुसार और आरएसएस के राष्ट्रीय स्वयं सेवकों के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश के अनुसार आदिवासी गरीब परिवारों तक दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी पहुंचाया करते थे। विश्व हिन्दू परिषद, बीएमएस जैसे संगठनों के लिए काम किया और विश्व की सबसे बड़ी गैर शासकीय शैक्षणिक संस्थान विद्या भारती के लिए उन्होंने जो काम किया, वह कोरबा के लिए अमिट हस्ताक्षर है।
कोरबा जिले में सरस्वती शिशु मंदिर /हॉयर सेकेण्डरी स्कूल का जाल जो बिछा है, वह रामगोपाल पाण्डेय एवं तत्समय की उनकी टीम का ही योगदान है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों को श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कार की पाठशाला सिर्फ सरस्वती शिशु मंदिर/ हायर सेकेण्डरी स्कूलों में ही संभव है। बेहतर शिक्षा के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ नागरिक बनाना विद्या भारती का सबसे बड़ा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्व. रामगोपाल पाण्डेय के योगदान को कोरबा नहीं भूल सकता। सरस्वती शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं व्यवस्थापक के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सरस्वती शिशु मंदिर की विभिन्न शाखाओं का शुभारंभ किया और विद्या भारती के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षा को जन सुलभ बनाया और जिले में अधिक से अधिक लोगों तक, यहां तक बीहड़ वनांचल क्षेत्रों तक एकल विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, वनवासी आश्रम, जैसे प्रकल्पों को धरातल पर उतारा।
उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में प्रवास कर प्रचारक की भूमिका में कई ऐतिहासिक कार्य किए। खासकर आदिवासियों को नशा मुक्ति अभियान से जोडक़र उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए जो प्रयास किया, वह अतुलनीय और ऐतिहासिक है।
भारतीय जनता पार्टी को कोरबा में स्थाापित करने के लिए स्व. श्री रामगोपाल पाण्डेय, स्व. बंशीलाल महतो, बनवारी लाल अग्रवाल और ऐसे कई दिग्गजों ने जमीनी स्तर पर काम किया और कोरबा जिले में भाजपा का जो विराट स्वरूप दिख रहा है, यह सब ऐसे महामनिषियों की कर्मठता और कर्तव्य परायणता का प्रतिफल है। स्व. श्री पाण्डेय एकीकृत बिलासपुर जिला के समय कोरबा मण्डल अध्यक्ष का भी जिम्मा निभाया।
एक नजर : जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठ भूमि पर
हरदा (म.प्र.) की खिड़किया तहसील के दूरस्थ ग्राम पॅडवा- तारापुर में 15 सितंबर 1934 को जन्मे स्व. श्री रामगोपाल जी पाण्डेय के पिता स्व. भिखाजी पांडेय एक साधारण कृषक थे। स्व. श्री रामगोपाल पाण्डेय ने छिपावड़ जैसी छोटी सी जगह के सरकारी स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर 1955 में हाईस्कूल (मेट्रिक) की परीक्षा हाईस्कूल हरदा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। बचपन से ही मेधावी रहे स्व. श्री रामगोपाल जी ने संसाधनों के अभावों में भी मेट्रिक की परीक्षा गणित, विज्ञान एवं संस्कृत विषयों में विशेेष योग्यता प्राप्त कर पास की, जिसके सुखद परिणामस्वरूप आपकी नियुक्ति डाकतार विभाग के धमतरी (छतीसगढ़) आफिस में सन् 1956 में हुई। 1958 में रायपुर में पदस्थ रहते हुए आपका विवाह 1958 में ही सौ.का. रूक्मिणी पाण्डेय से हुआ जो पांजरा निवासी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाज संगठन के सक्रिय हस्ताक्षर स्व. श्री अमृतलाल मालवीय (ए.डी.आई.एस.) की छोटी बहिन हंै।
सन 1956 से सन 1963 तक डाकतार विभाग में कर्मठ कर्मचारी के रूप में कार्य करते हुए स्व. श्री रामगोपाल पाण्डेय जी ने कुछ नया कर गुजरने की सोच को लेकर शासकीय सेवाओं से त्यागपत्र देकर स्वयं का व्यवसाय शुरू किया तथा आर.एस.एस. से जुडक़र एक सक्रिय स्वयंसेवक के रूप में अपने शेष जीवन को समर्पित किया। इस दौरान आप कई राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर के राजनेताओं के सम्पर्क में आये, जिनमें से श्री कैलाश जोशी (पूर्व मुख्य मंत्री म.प्र.), श्री प्यारेलाल खंडेलवाल, श्री मुरली मनोहर जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे प्रमुख हैं। हिन्दुस्तान समाचार सहित कोरबा के कई ख्यातिलब्ध अखबारों के लिए कार्य करते हुए, संपादक का भी दायित्व निभाया और आपने एक निष्पक्ष एवं निर्विवाद संवाददाता के रूप में अपनी छवि बनाई। कर्मठ जीवन, लोगों के लिए संघर्ष करना, माँ भारती के लिए जेल की हवा खाना और कष्ट सहना, अति पिछड़े हुए एवं जनजाति समुदाय के लिए कार्य करना, हिन्दुत्व की परिभाषा समझाकर समाज में सद्भाव व एकता का पाठ पढ़ाना जैसे सुकृत्य से स्व. श्री रामगोपाल पाण्डेय का जीवन आबाद रहा और वे जी भरकर जिये और जी भर कर माँ भारती की सेवा की। वे कहा करते थे – पुरूषार्थ से धन कमाओ और उसका कुछ अंश समाज को समर्पित करो। यही सीख वे अपने परिवार के साथ समाज को दी और उनका सपना था समृद्ध भारत… समृद्ध कोरबा… समृद्ध वनवासी।
उत्तम से सर्वोत्तम बनने की सीख देते रहे स्व. राम गोपाल पाण्डेय


स्व. श्री राम गोपाल पाण्डेय विद्या भारती के सदस्य एवं सरस्वती शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं व्यवस्थापक का दायित्व वर्षों तक निभाते रहे। वे बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आजीवन सीख देते रहे और कहते रहे- उत्तम से सर्वोत्तम बनने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए और आजीवन जिसे भी सीख मिले… सीखते रहना चाहिए। उन्होंने पुस्तक को मित्र बनाने की सीख भी देते रहे।
मां भारती के लिए जेल गए, पदलोलुपता से रहे कोसों दूर


हिन्दुवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने वाली संस्था आर.एस.एस. के सक्रिय सदस्य होने के कारण आपने सन 1971 में बांगलादेश आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आपको जेल जाना पड़ा। सन 1975 के आपातकाल के दौरान भूमिगत रहते हुए भी आपके अंदर छुपा हिन्दुवादी प्रेम आपको जनसंघ, विश्व हिन्दू परिषद, कल्याण आश्रम, कुष्ठ निवारण संघ जैसे सामाजिक व राजनैतिक संगठनों के बैनर तले सामाजिक उत्थान के प्रति सक्रियता कायम रखने में रोक नहीं सका। आपके इस राष्ट्रवादी प्रेम को देख आपातकाल के दौरान जनता पार्टी से विधायक के रूप चुनाव लडऩे हेतू आपके पास प्रस्ताव आया, जिसे आपने यह कहकर ठुकरा दिया कि मंै एक समर्पित कार्यकर्ता हूॅं और अपने वर्तमान कार्य से संतुष्ट हूॅं। आपकी इस निस्वार्थ सेवा भावना को देख सन 1978 में बाबाराव पौराणिक ने आपको तहसील कार्यवाहक बनाया।

सन 1984 से 1994 तक आपने आर.एस.एस. के तहसील संघचालक के पद पर रहते हुए कार्यकत्र्ताओं का कुशल मार्ग दर्शन किया। सरस्वती शिशु मंदिर कोरबा के संस्थापक एवं सन 1969 से लेकर सन 1992 तक व्यवस्थापक के पद पर रहते हुए, आपने सरस्वती शिशु मंदिर का निर्माण करवाया। आपकी हिन्दुवादी विचारधारा ने आपको बाबरी मस्जिद ढांचा ढ़हाने में सहभागिता हेतु प्रेरित किया। जिसके फलस्वरूप दिनांक 06.11.1992 को आपको गिरफ्तार किया गया। ठीक इसी तरह सन 1993 में भी दिल्ली में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में जाते समय आपको गिरफ्तार किया गया। चूंकि निस्वार्थ सेवाभावना आपके अंदर कूट-कूट कर भरी हुई थी। अत: आपने सन 1990 में साडा (विषेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के चेयरमेन के प्रस्ताव को ठुकराते हुए, उसका संचालक सदस्य बनना स्वीकार किया। लंबे समय तक आप 37 ग्रामीण विद्यालयों में अध्यक्ष रहे और निधन तक इसका निर्वहन किया। कोरबा में सर्वब्राहमण समाज के संरक्षक सदस्य रहे। आपका कुशल मार्गदर्शन पाकर रायपुर, जबलपुर, दुर्ग, भोपाल, इटारसी, होशंगाबाद आदि स्थानों में आयोजित स्थानीय श्री गौड़ मालवीय समाज के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न होते आये हैं।
आप कोरबा (छत्तीसगढ़) में ही अपनी धर्म पत्नी श्रीमती रूक्मिणी पांडेय एवं तीन सुपुत्रों सुनील पाण्डेय, सुबोध पाण्डेय एवं पंकज पाण्डेय के साथ सामाजिक, राजनैतिक एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आपने सुपुत्रों द्वारा संचालित किराना दुकान एवं निर्माण कार्यो में मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। आपकी एक मात्र सुपुत्री श्रीमती सुधा पुरूषोत्तम पारे जी (बी.एच.ई.एल.भोपाल से सेवानिवृत्त ) के संग एक कुशल गृहणी के रूप में भोपाल में सुखमय जीवन निर्वहन कर रही हैं। स्व. श्री रामगोपाल पांडेय एक अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी रहे। वे शिक्षा के साथ संस्कार की अनिवार्यता को जन-जन तक पहुंचाया और सुखद-समृद्ध भारत का सपना देखा।
सामाजिक सरोकार
स्व. श्री रामगोपाल पांडेय ब्राम्हण समाज के गौरव थे। उन्होंने सामाजिक कुरूतियों के खिलाफ थे और शादी विवाह में फिजूल खर्ची को रोकने के लिए सामुहिक विवाह को बढ़ावा दिया। वे स्थानीय ब्राह्मण समाज ( श्री गौड़) के सक्रिय सदस्य ही नहीं थे अपितु एक सफल राजनीतिज्ञ एवं सफल व्यवसायी भी रहे। कोरबा में रहते हुए भी आप होशंगाबाद, भोपाल, हरदा, इंदौर, इटारसी जैसे सभी स्थानों पर आयोजित समाज के हर कार्यक्रम में न केवल सम्मलित हुए अपितु सक्रिय भूमिका भी निभाते रहे है। भोपाल में निर्मित सत्कार भवन निर्माण में हर संभव सहयोग प्रदान करने वाले रामगोपाल पाण्डेय जी का सामूहिक विवाहों के आयोजनो में भी भरपूर सहयोग रहा। श्री गौड़ मालवीय ब्राहम्णोंत्पत्ति पत्रिका के प्रकाशक की भूमिका निभाई। आपके सामाजिक सरोकार से कोरबा को सेवा की नई परिभाषा मिली।
शिक्षा और संस्कार से समृद्ध और खुशहाल भारत का सपना


स्व.श्रीरामगोपाल पांडेय का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को कोई नहीं भूल सकता। वे शिक्षा और संस्कार के माध्यम से समाज में सत्व का प्रकाश फैलाने के लिए विद्या भारती के बैनर तले अभूत पूर्व कार्य किये। उनका कहना था कि शिक्षा से लोगों में जागरूकता आती है और संस्कार ही एक ऐसा उपाय है, जिसके जरिये समाज को आदर्श बनाया जा सकता है। संस्कार से ही आपराधिक गतिविधियों में कमी आएगी।

रामगोपाल पाण्डेय का पूरा जीवन एक रोशनी थी

उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, आरएसएस के सर संघ चालक रज्जू भईया, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर जैसे व्यक्तित्वों के साथ काम किया और समाज सेवा के चरम को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। आज स्व. रामगोपाल पाण्डेय समाज सेवा के एक अमिट हस्ताक्षर बन गए।
कोरबा के लिए प्रेरणा थे रामगोपाल जी
शिक्षाविद सूर्य कुमार पांडेय ने कहा कि स्व. पांडेय जी मां भारती के ऐसे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र जागरण के लिए काम किया। जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि विद्याभारती का जो विराट स्वरूप कोरबा में दिख रहा है, वह पांडेय जी की ही देन है।

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कोरबा

मंदाकिनी के कोरबा आगमन को लेकर कोरबा आतूर

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19 को आ रहीं कोरबा:नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा (मड़वारानी) के स्थापना दिवस में होंगी शामिल
कोरबा/मड़वारानी। बालीवूड की जानीमानी फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी 19 अप्रैल को कोरबा आ रही हैं। कभी राम तेरी गंगा मैली को लेकर भारत ही नहीं वर्ल्ड वाईड फेमस मंदाकिनी को मिलने फैंस लालायित रहते थे, कोरबा के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उनके फैंस अब मंदाकिनी को आमने-सामने देख सकेंगे। मंदाकिनी के कोरबा आगमन को लेकर कोरबा काफी आतुर दिखाई दे रहा है।
19 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की 7 स्टार रैटिंग प्राप्त कोरबा का उत्कृष्ट सीबीएसई विद्यालय नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा मड़वारानी के 10वें स्थापना दिवस समारोह में वे शामिल होंगी। वे विद्यालय के बच्चों का हौसला भी बढ़ाएंगी और सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगी।

1980 के दशक की सफल अभिनेत्री मंदाकिनी

जब मंदाकिनी ने तहलका मचा दिया

1985 में जब सिनेमा घरों में राम तेरी गंगा मैली आई, तो टिकटों की कालाबाजारी में भी दर्शकों को सिनेमा घरों में जाने के लिए दो-दो दिन, तीन-तीन दिन लाईन में लगनी पड़ती थी। 1980 के दशक में मंदाकिनी फिल्म जगत का वह चेहरा बन गई, और आज की स्थिति रहती, तो यूं कहें बालीवूड में सबसे ज्यादा फालोअर्स मंदाकिनी के रहते। राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी ने जो किरदार निभाया, उसमें समाज के ठेकेदारों की काली करतूत को उजागर किया और परदे के पीछे चरित्रहीन समाज के ठेकेदारों को मंदाकिनी के किरदार ने पर्दाफाश किया।
गंगा को समाज के ठेकेदारों ने अपनी करतूत से मैली कर देते हैं। गंगा कभी मैली नहीं होती, उन ठेकेदारों की सोच मैली होती है, जो नारी को पैर की जूती समझते हैं। गंगा तो हमेशा से निर्मल है और नारी शक्ति की प्रतीक है।
भोली-भाली सी गंगा ने दर्शकों को खूब रिझाया, दर्शकों को सिनेमा घरों तक खींचने में अपार सफलता प्राप्त की और राजकपूर की यह फिल्म शायद सबसे सफल फिल्म रही। समय गुजरता गया और मंदाकिनी फिल्मी दुनिया से अलग हो गई, लेकिन आज भी मंदाकिनी के चाहने वालों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने राम तेरी गंगा मैली की अलावा कई सुपरहीट फिल्म दिए और दशकों तक मनोरंजन जगत को अपनी अभिनय कला से सिंचती रहीं, पल्लवित करती रहीं।
19 अप्रैल को उनका कोरबा आगमन नए उत्साह का संचार करेगा और फैंस उन्हें रू ब रू देख पाएंगे।
07 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा राम तेरी गंगा मैली… के गाने
आज भी राम तेरी गंगा मैली फेम मंदाकिनी को फैंस यू ट्यूब में सर्च करते हैं। उनकी फिल्म राम तेरी गंगा मैली के गाने को 07 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा। इस तरह आज भी मंदाकिनी के फैंस कम नहीं हो रहे हैं।
उनकी शानदार फिल्मों में राम तेरी गंगा मैली के अलावा जीवा, जाल, लोहा, डांस-डांस, जीते हैं शान से, जंगबाज, दुश्मन जैसी कई हीट फिल्में शामिल हैं।
राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी के शानदार किरदार ने सबको लुभाया। हिमालय की वादियों में भोली-भाली गंगा अपने निश्चल प्रेम से सबको आकर्षित किया। 16 अगस्त 1985 को राम तेरी गंगा मैली सिनेमा घरों में पहुंची और यह फिल्म उस वर्ष की सबसे सुपरहीट फिल्म रही और सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। राम तेरी गंगा मैली बाक्स आफीस इंडिया ने इसे आलटाईम ब्लाकबस्टर के रूप में वर्गीकृत किया।
इस फिल्म ने 5 फिल्म फेयर पुरस्कार जीते और तब मंदाकिनी की प्रसिद्धि आसमान पर पहुंच गई थी और कई डायरेक्टर-प्रोड्यसर उन्हें अपनी ओर खींचने के लिए एड़ी-चोटी की जोर लगाते रहे।

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कोरबा

निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर में 18 अप्रैल को, न्यूरो-साइकेट्रिक व त्वचा रोग विशेषज्ञ देंगे सेवाएं

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कोरबा। शहर के निहारिका क्षेत्र स्थित एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर में शनिवार 18 अप्रैल को एक दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अहमदाबाद की प्रख्यात न्यूरो-साइकेट्रिक विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा एवं त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जय बावने अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

शिविर में मानसिक एवं तंत्रिका संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। डॉ. रजनी वर्मा ने बताया कि चिंता, डर, घबराहट, नशे की लत, डिप्रेशन, मिर्गी, तनाव, अनिद्रा (नींद की कमी) तथा बच्चों में व्यवहार संबंधी विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ परामर्श इस कैंप में निशुल्क दिया जाएगा।
वहीं त्वचा एवं कॉस्मेटिक समस्याओं के लिए भी यह शिविर उपयोगी रहेगा। डॉ. जय बावने द्वारा रेडियोफ्रिक्वेंसी/इलेक्ट्रोकॉटरी, केमिकल पीलिंग, फोटोथेरेपी, माइक्रोडर्माब्रेशन (स्किन पॉलिशिंग), लेजर द्वारा अनचाहे बाल हटाना, प्री-ब्राइडल स्किन ट्रीटमेंट (शादी से पूर्व मुंहासों के दाग हटाना, हाइड्रेशन बढ़ाना और तुरंत निखार लाना), झाइयों का उपचार, चेहरे के काले दाग-धब्बे, टैटू हटाना, सफेद दाग (विटिलिगो) तथा आंखों के आसपास कालापन जैसी समस्याओं पर विस्तृत जानकारी एवं परामर्श दिया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि शिविर में आने वाले सभी मरीजों की गोपनीयता (प्राइवेसी) का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि लोग बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
यह शिविर निहारिका स्थित एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, नगर निगम जोन कार्यालय के पास आयोजित होगा। मरीजों की सुविधा के लिए पूर्व पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 7879165185 भी जारी किया गया है। गौरतलब है कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और “बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर जीवन” का उद्देश्य साकार हो सके।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने किया प्रसाद वितरण, महापौर ने सराहा धार्मिक आयोजन को

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कोरबा। शहर के राम सागर पारा क्षेत्र में केसरवानी परिवार द्वारा आयोजित नव दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। इस धार्मिक आयोजन में कथा वाचक पंडित श्रीकांत दुबे द्वारा भक्तों को कथा का रसपान कराया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ द्वारा श्रद्धालुओं के बीच हलवा प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में कोरबा नगर पालिका निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत एवं पार्षद ईश्वर पटेल, युगल केवट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत साईं सेवा महिला समिति द्वारा किया गया।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ जैसे धार्मिक आयोजनों से मोहल्ले का वातावरण सकारात्मक और आध्यात्मिक बनता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रत्येक मोहल्ले में होने चाहिए, जिससे समाज में सद्भाव और संस्कारों का प्रसार हो। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें भी कथा श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ, यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला अध्यक्ष विपेंद्र कुमार साहू, जिला सचिव जय कुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, राय सिंह, अनिल गिरी, राजकुमार पटेल, तपेश्वर राठौर एवं रामायण सिंह सहित गौ सेवा समिति व अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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